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आंटी की ट्यूशन और चुदाई दोनों साथ साथ

हेलो दोस्तों, मेरा नाम शान है और मैं कानपुर का रहने वाला हूं. मेरी उम्र २० साल है मैं दिल्ली एनसीआर मे बी टेक कर रहा हूं. मेरी हाइट ५ फुट ८ इंच है और रंग गोरा हे. मेरे लंड का साइज़ ७ इंच है.

अब मैं अपनी कहानी पर आता हूं, बात ठीक आज से एक साल पहले की है जब मैं कानपुर में था और कॉलेज के लिए ट्राय कर रहा था. मेरे पास तीन चार महीने थे तो सोचा क्यों ना मैं होम ट्यूशन देने लगु.

बगल वाले घर में एक नई फैमिली शिफ्ट हुई थी. जिनका बच्चा था वह पांचवी क्लास में था, वह लोग नये थे और उनके पति दिल्ली में नौकरी के सिलसिले में ११ महीने के लिए चले गए थे.

आंटी की उम्र २६ साल की होगी पर क्या फिगर था उसका ३६-३०-३८. उसको कोई देख ले तो वही खड़े खड़े मुठ मार ले. वह गोरी थी और मुझे लड़कियों औरतों में पैर सबसे ज्यादा अच्छे लगते हैं, वह अक्सर लेगिंग और शॉर्ट कुर्ती पहनती थी.

और साइड से उसकी गांड दिख जाती.  मां कसम नहीं चोद देने का मन करने लगता. एक दिन मैं छत पर था वह अपनी छत पर अपने बच्चे को पढ़ा रही थी पर वो समझ नहीं रहा था. मैं थोड़ा खुले दिल का हूं तो आंटी से कहा कि बबली आंटी में समझा दू आपके बेटे को?

तो वह मान गई, उनके बेटे को खूब अच्छी तरह से समझ में आया गया. अगले दिन बबली आंटी मेरे घर आई और मुझे उनके बेटे को पढ़ाने के लिए कहने लगी, पर हम पड़ोसी थे तो मेरी मां ने फीस लेने से मना कर दिया.

और मैं उनके बेटे को बढ़ाने के लिए जाने लगा, २-३ हफ्ते बाद अंकलआए वह नया कंप्यूटर खरीद कर लाए थे, इन दिनों में मै आंटी से काफी घुल मिल गया था, तो मैंने कहा आंटी को तो चलाना आता नहीं है तो अंकल कहने लगे कि मेरे बेटे को सिखा रहे हो तो मेरी बीवी को भी सिखा दो.

मैं मान गया, अंकल के जाने के बाद मैंने आंटी को कंप्यूटर काफी हद तक चलाना सिखा दिया था, एक रोज दोपहर में जब आंटी के यहां गया तो दिखा बेटा घर पर सो रहा था. आंटी ने बताया कि उसे बुखार है और उसे दवाई दी है तो वह देर में उठेगा.

मैं वापस जाने लगा तो आंटी ने कहा कि मैं उनको इंटरनेट चलाना सिखा दूं, मैं उनको डाउनलोडिंग करना सिखा रहा था तो आंटी ने मुझे सॉन्ग डाउनलोड करने को कहा मैंने उनको सोंग्स.पीके वेबसाइट बता दी, लेकिन गलती से उन्होंने सोंग्सपीके.कोम खोल दी जो कि एक पोर्न साइट थी.

वेब पेज जैसे ही ओपन हुआ तो आंटी लड हडबड़ाने लगी और डायरेक्ट कंप्यूटर को ऑफ कर दिया. थोड़ी देर तक हम कुछ नहीं बोले, फिर वह कॉफी बनाने चली गई, आकर उन्होंने मुझे कहा कि तुमने तो सोंग्स की साईट कही थी पर मैंने उनको उनकी गलती समझाई.

थोड़ी देर बाद आंटी कहने लगी ना जाने किसी लड़कियां होती है जो यह सब करती है, मैंने तो आज तक ब्लू फिल्म नहीं देखी. मैंने कहा की आंटी आपको तो वैसे भी पता ही होगा इसमें कितना मजा आता है, इसलिए वह कर लेती है. और आपको ब्लू फिल्म देखने की क्या जरूरत है? आप तो ना जाने कितनी बार कर चुकी होगी.

मेने शुरू में कहा था ना कि मे आंटी से काफी खुल गया था तो बिना जिकजीक मैंने यह सब उन से कह दिया. आंटी मुझे अपने दोस्त की तरह मानती थी उन्होंने मुझसे कहा कि तुम्हे एक बात बताऊं? किसी से कहना मत.

फिर उन्होंने बताया कि उनके पति नामर्द है और यह बच्चा उनके देवर से है. यह सुनते ही मैं समझ गया कि यह आंटी नहीं एक प्यास है जिसे मै बूजाऊंगा.

मैंने आंटी के कंधे पर हाथ रखते कहा कि आपने सेक्स नहीं किया तो उन्होंने बताया कि वह ४ सालों से अपनी उंगलियों से ही काम चला रही है. इसके बाद हम कुछ नहीं बोले सिर्फ एक दूसरे को देखते रहे, उसकी आंखें मुझे मन ही मन अपने आप को चुदवाने का इशारा कर रही थी.

हम दोनों ने आंखें बंद कर दी और अपनी होंठो को एक दूसरे को होंठों से मिला कर चूमने लगे. में उनके लिप को प्यार से चूस रहा था. फिर उस ने अपनी कुर्ती उतार दी अंदर उन्होंने पतली स्ट्रिप वाली ब्रा पहन रखी थी क्या दूध थे उनके एकदम कडक ज्युसी आह्ह.

सच में भगवान ने चुदाई के लिए ही उसको बनाया था, मैं उनके कंधे पर अपनी जीभ से सहलाने लगा और स्मूच करने लगा. आंटी आःह मेरी जान उम्मम्म की आवाजें निकाल रही थी, धीरे धीरे मैं उन के बूब्स पर आया. दोस्तों में उनके दूधों को मुंह में नहीं ले पा रहा था इतने बड़े बड़े थे,

मैंने कहा आंटी तो वह कहने लगी बबली बोल. फिर मैंने कहा बबली बहुत रसीले दूध है तेरे और उनके बूब्स पर बाईट लेने लगा. उन्होंने मेरी पेंट में हाथ डाला और मेरा लंड अपने मुह मैं रख कर चूसने लगी, मेरा लंड फूलने लगा था.

और ज्यादा तना लंड हो रहा था. मैंने कहा आंटी अपने दूधों को चोदो. आंटी ने मेरे लंड को अपने बूब्स के बीच में रखकर रगड़ने लगी. और बीच बीच में मुंह में लेने लगी. करीब १५  मिनट बाद मेरे लंड का पानी निकला, जो आंटी ने अपने दूधों पर मसल दिया, क्या चिकने दूध हो गए थे उनके..

मेरी अभी प्यास नहीं बूजी थी. मेरा लंड अब भी कराह रहा था. मैंने उन्हें उन की लेगिंग उतारने को कहा. वह तो पहले ही सेक्स नशे से मदहोश हो चुकी थी. मेरी बात उसने तुरंत मान ली और मेरे सामने नंगी खड़ी हो गई. मेरी जान क्या चूत थी एकदम चिकनी चूत गीली गीली..

जिसे देख कर मुझे रहा नहीं गया और मैंने अपना मुंह उसकी चूत पर घुसा दिया और चूसने लगा. वह पानी छोड़ रही थी. यह मेरा १५ वी बार था जब मैं किसी को चोद रहा था. उसकी चूत का पानी बस निकले ही जा रहा था वह लेटी हुई थी और अपनी कमर को उठा रही थी, मैंने अपने लंड को पकड़ कर उसकी चूत पर मसला वह इतना चिकना हो गया था कि तेल की जरूरत ही नहीं पड़ी, और धीरे धीरे मैं अपना लंड उसकी चूत में डाल दिया आःह औऊ अह्ह्ह मम्मी मर गई है वह ऐसे चिल्लाने लगी. मैंने उसको होंठो पर चूमना शुरू कर दिया. और हम ठुकाई का मजा लेने लगे. उस को चोदते वक्त में तीन बार झड़ गया और वो भी तीन बार झड़ गई थी. फिर उसने मुझे फ़ीस दी पहले मैंने मना कर दिया था पर वह नहीं मानी.

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