चेतावनी : इस वेब साइट पर सभी कहानियां पाठको द्वारा भेजी गयी है। कहानियां सिर्फ आप के मनोरंजन के लिए है, कहानियां काल्पनिक हो सकती है। कहानियां पढ़ कर इसे वास्तविक जीवन में आजमाने की कोशिस ना करें। सेक्स हमेशा आपसी सहमति से करें।

ऑफिस में बोस ने मुझे चोदकर रिशेपशनिस्ट की नौकरी दी

loading...

New Sex Stories मैं शालू हापुड़ की रहने वाली हूँ। मैं बहुत गोरी और जवान लड़की हूँ। मेरी उम्र 24 साल। मैं इकदम कच्ची कली हूँ। मेरा बदन बहुत गोरा और सुडौल है। कद 5’ 2” है। जिस्म चिकना और दुधिया है। मेरा फिगर कमाल का है। सेक्सी और बिलकुल फिट। 36, 30, 34 का फिगर है मेरा। मैं बहुत सुंदर लड़की हूँ। मुझे सेक्स करना बहुत पसंद है मेरी भरपूर जवानी देखकर लड़को के लंड खड़े हो जाते है। मेरे घर में पैसे की बड़ी कमी थी। मेरा बाप शराबी था और अपनी सारी तनखा शराब में उड़ा देता था।
मेरी माँ को पड़ोस के अंकल लोगो से चुदाकर पैसे कमाने पड़ते थे। कई बार सुबह शाम को खाना बनाने के लिए भी पैसे नही होते थे। मेरी माँ पड़ोस में अंकल लोगो से चुदवा लेती थी और इस तरह खाना बनाने के लिए पैसो का जुगाड़ हो जाता था। दोस्तों जब मेरी माँ पापा से शराब पीने को मना करती थी तो पापा माँ और मुझे दोनों को मारते थे और गंदी गंदी गालियां बकते थे। इन्ही सब मजबूरियों के चलते मुझे किसी नौकरी की सख्त जरूरत थी। एक दिन एक अख़बार में मैं एक नौकरी देखी। रिशेपशनिस्ट की नौकरी थी। सैलरी 12 हजार थी। सोमवार को सुबह 10 बजे इंटरव्यू था। पर बस में भीड़ के कारन जाते जाते मुझे देर हो गयी। 12 बजे मैं ऑफिस पहुची।

“मैडम!! इंटरव्यू तो खत्म हो चुका है। साहब चले गये है। अभी अभी गये है” चपरासी बोला
“प्लीस भैया मुझे अपने साहब से मिला दो” मैंने चपरासी से कहा
“ठीक है। कल आप सुबह 10 बजे आ जाना” चपरासी बोला
मैं खुद को कोस रही थी। पैसे की इतनी जरूरत है। फिर भी मैं देर में ऑफिस पहुची। अगले दिन मैं ठीक 10 आ गयी थी। बोस ने मुझे अंदर बुलाया। मैंने उनको हंसकर गुडमोर्निंग कहा। मैंने उनको अपना रेस्यूम दिया। मैं सुंदर और सेक्सी लग रही थी। अपने बाल मैंने जानबुझकर खोल रखे थे जिससे बोस पट जाए। कान तक बॉयकट बाल थे मेरे। वो मुझे घूर घूर पर देखने लगा। मैं खुश थी।
“वेकैनसी तो भर चुकी है. वैसे क्या क्या कर सकती हो इस नौकरी के लिए??” बोस बोला। वो मुझे नीचे से उपर तक बार बार घूर कर देख रहा था। उसकी नजर गंदी थी।
“क्या मतलब सर?? मैं कुछ समझी नही” मैंने कहा
“मेरा साथ सो सकती हो??? जितनी रिशेपशनिस्ट ने यहाँ नौकरी की है सब मेरे साथ सोती थी।
“मुझे मंजूर है” मैंने कहा
“आओ मेरी गोद में आकर बैठो। मुझे खुश करके दिखाओ” बोस बोला।
वो बहुत ठरकी आदमी था। वो मेरी चूत का प्यासा था। मुझे समझ में आ रहा था। पर नौकरी पाने के लिए ऐसा करना जरूरी था। इसलिए मैं उसकी गोद में जाकर बैठ गयी। मैंने सफ़ेद शर्ट और मिनी स्कर्ट पहन रखी थी। मेरे बाल कान तक बॉयकट स्टाइल में कटे हुए थे। मैं हॉट और सेक्सी लड़की लग रही थी। बोंस ने मेरे जांघो को सहलाना शुरू कर दिया। मेरी मिनी स्कर्ट सिर्फ जांघो तक थी। बोस मेरे पैरों, घुटनों और जांघो को सहलाने लगा। ये कहानी आप इंडियन सेक्स कहानी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है।
“तुम समझदार लड़की लगती हो। आओ मुझे किस दो” बोस बोला
मैं उसे किस करने लगी। वो मेरे होठ चूस रहा था। उसने रजनीगंधा खाया हुआ था। वो मेरे रसीले होठो को चूसने लगा। धीरे धीरे मैं गर्म होने लगी। उसने मेरी सफ़ेद शर्ट पर मेरे बूब्स को हाथ से सहलाना शुरू कर दिया।

“शालू! अगर आज तुमने कुछ खुश कर दिया तो तुम्हारी नौकरी पक्की” बोस बोला
वो मेरे दूध को उपर से दबाने लगा। मैं जान गयी की आज वो मुझे ऑफिस में ही चोदना चाहता है। मैंने अपनी शर्ट की शुरू की 2 बटन खोल दी। बोस ने अपना हाथ अंदर डाल दिया। अंदर मैंने ब्रेसीयर्स पहन रखे थे। बोस के हाथ मेरी जवानी को सहलाने लगे। वो मेरी मुसम्मी को सहलाने लगा। मैं “ओह्ह माँ….ओह्ह माँ…उ उ उ उ उ……अअअअअ आआआआ….” करने लगी। बोस का ऑफिस शानदार था। ac कमरे को बहुत ठंडा कर रहा था। वो मेरी रसीली चूचियों को सहला रहा था। उसे मजा आ रहा था।
“शालू क्या तुम कुवारी हो???” अचानक वो बोला
मैं चुप थी।
“ओह्ह तो तुम चुदी चुदाई और खाई खिलाई हो। वैसे किसने तुम्हारी रसीली बुर में लंड डाला था???” बोस बोला।
उसके बात करने का स्टाइल किसी दलाल की तरह था। वो शातिर था। किसी बनिए की तरह।
“मेरे बॉयफ्रेंड से मुझे चोदा था” मैंने धीरी आवाज में कहा।
वो हँसने लगा।
“मुझे कोई फर्क नही पड़ता। तुम गुलाब की तरह ताज़ी और हंसीन हो” बोस बोला
फिर उसने एक एक करके मेरी सफेड शर्ट के सारे बटन खोल दिए। मेरी ब्रा भी उसने खोल दी। मैं उसकी गोद में थी और उपर से पूरी तरह नंगी। बोस ने एक रिमोट उठाया और बटन दबाई। उसके ऑफिस पर इलेक्ट्रॉनिक पर्दे बंद हो गये। अब मुझे चुदते हुए कोई नही देख सकता था। मेरे गुलाबी गोरे जिस्म को देखकर बोस की आँखों में वासना की चमक आ गयी। वो मेरी नंगी रसीली चूचियों को मसलने लगा।
“तुम सुंदर हो….बेहद सुंदर” बोस बोला
“बोस आप मुझे चोद लो पर मुझे नौकरी दे दो और सैलरी भी बढ़ा दो. 12 हजार तो बहुत कम है” मैंने कहा
“जरुर” वो बोला
फिर वो मेरे नंगी चूचियों को सहलाने लगा। मैं “ओहह्ह्ह…ओह्ह्ह्ह…अह्हह्हह…अई..अई. .अई… उ उ उ उ उ…” करने लगी। मुझे कुछ हो रहा था। अच्छा लग रहा था। बोस मेरी चूचियों को मसलने लगा और मजा लेने लगा। शायद मेरे जैसी हसीन लड़की उसने आजतक नही देखी थी। फिर वो मेरे दूध मुंह में लेकर चूसने लगा। मैं तडप रही थी। आज नौकरी पाने के लिए मुझे चुदाना पड़ रहा था। दोस्तों कुछ देर बाद तो बोस पूरी तरह से पागल हो गया। वो जल्दी जल्दी मेरी बायीं चूची को पी रहा था। मेरी चूत तर हो रही थी। अब मैं चुदना चाहती थी। हाँ अब मैं बोस का मोटा लंड खाना चाहती थी। वो मेरे सुंदर सेक्सी कंधों को सहला रहा था। मेरी नंगी पीठ पर इधर उधर हाथ दौड़ा रहा था। मुझे अच्छा लग रहा था। कुछ देर बाद मैंने अपनी मिनी स्कर्ट को उपर की तरफ उठा दिया और गुलाबी रंग की कसी पेंटी में मैंने हाथ अंदर डाल दिया और चूत को गोल गोल सहलाने लगा।
मेरा बोस मुझे अपनी गोद में बिठाए हुए था। मेरे दूध पी रहा था। हम दोनों को मजा आ रहा था। बोस अपने हाथ से मेरी दाई चूची को बार बार मन मर्जी तरीके से दबा रहा था। मेरी बायीं चूची उसके मुंह में थी। फिर मैं जल्दी जल्दी अपनी चूत को सहलाने लगी। 10 मिनट तक बोस ने मेरी बायीं चूची चूसी। फिर बायीं को मुंह में ले लिया। वो चूसने लगा। मेरे जिस्म में गर्मी आने लगी। मैं चुदाई के वास्ते गर्म हो रही थी। मेरे बोस से आधे घंटे मेरे मम्मो को पिया और मजा लिया। मैं किसी बिच की तरह बर्ताव करने लगी।

loading...

“बोस!! लाओ मुझे अपना लंड चुसाओ” मैंने कहा
फिर मैं उसकी गोद से उतर गयी और फर्श पर बैठ गयी। बोस अपनी कुर्सी पर था। मैंने उसकी पेंट की बेल्ट खोल डी और चेन को नीचे खींचा। उसका लंड अब खड़ा हो खड़ा हो रहा था। मैंने उसे उसके अंडरवियर से बाहर निकाल लिया। फिर मैं जल्दी जल्दी उसका लंड हाथ में लेकर फेटने लगी। बोस का लंड बहुत मोटा और बहुत काला था। किसी भैसे के लंड की तरह दिख रहा था। मैं जल्दी जल्दी फेटने लगी। बोस आआआअह्हह्हह…..ईईईईईईई करने लगा। ये कहानी आप इंडियन सेक्स कहानी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है।
“तुम अच्छा कर रही हो। करती रहो। रुकना मत। तुम्हारी नौकरी पक्की है” बोस बोला
मैं मुंह में लेकर उसका लंड जल्दी जल्दी चूसने लगी। वो कुर्सी पर पसर गया और पीछे की तरफ झुक गया। मैं जल्दी जल्दी उसके काले नाग जैसे लंड को चूस रही थी। मैं उसे मजा देना चाहती थी। उसका लंड 7” से जादा लम्बा था। 2” मोटा था। मैं गले में अंदर तक लेकर चूस रही थी। कुछ देर बाद उसके लंड के छेद से माल निकलने लगा। मैं बार बार उसे चूस जाती। उसकी गोलियों को मैंने काफी देर तक चूसा। अब बोस पूरी तरह से गर्म था। उसने खूब मजा लिया।
“घूम जाओ और लंड पर बैठ जाओ” बोस ने किसी मंत्री की तरह आदेश किया। वो आराम से कुर्सी पर ही पीछे की तरफ झुककर बैठा रहा। जैसे वो लेटा हुआ है ऐसा दिख रहा था। मैं घूम गयी। बोस मेरी नंगी पीठ को ध्यान से देख रहा था। हाथ से उपर से नीचे तक सहला रहा था। मेरी पतली कमर को सहला रहा था। फिर उसने मेरी मिनी स्कर्ट को उसने खुद की नीचे की तरह उतार दिया। मैंने अपना एक पैर उपर उठा दिया। बोस ने मेरी स्कर्ट पेंटी के साथ ही उतार दी और अपनी मेज पर रख दी। उसकी ऑफिस टेबल बहुत बड़ी और आलिशान थी।  इंडियन सेक्स कहानी डॉट कॉम

loading...

“तुम अच्छा कर रही हो। तुम एक दिन बहुत पैसे कमाओगी” बोस बोला
उसने मुझे घुमा कर अपने लंड पर बिठा दिया। धीरे धीरे उसके 7” के लंड ने मेरी चूत को फाड़ दिया और अंदर तक घुस गया। “आआआअह्हह्हह…..ईईईईईईई….ओह्ह्ह्….अई. .अई..अई…..अई..मम्मी….” 
“चलो शुरू हो जाओ शालू!! चलो भी मुझे अपना हुनर दिखाओ” मेरा ठरकी बोस बोला
मैं जान गयी की वी किस तरह इशारा कर रहा था। वो चुदाई शुरू करने को कह रहा था। धीरे धीरे मैं बोस को लंड को चूत में लेकर उठना बैठना शुरू कर दिया। मैं चुदने लगी। बोस ने पीछे से हाथ डालकर मेरे रसीले बूब्स को हाथ में पकड़ लिया और मेरी काली काली निपल्स को मसलने लगा। मैं कराहने लगी। मैं चुदने लगी। बोस आराम से कुर्सी पर बैठकर मजा ले रहा था। वो बड़ा चोदू टाइप आदमी था। अब मैं जान गयी थी। मैं जल्दी जल्दी उठने बैठने लगी। बोस मुझे चोद रहा था। मेरे मम्मे उसके हाथ में थे। वो मेरी निपल्स को गोल गोल करके मसल रहा था। मैं “……मम्मी…मम्मी…..सी सी सी सी.. हा हा हा …..ऊऊऊ ….ऊँ. .ऊँ…ऊँ…उनहूँ उनहूँ..” बोलकर सिसकियाँ भर रही थी। मुझे भी अच्छा लग रहा था। मैं पूरी तरह से नंगी थी। मैं बोस के मोटे लंड की सवारी कर रही थी। वो मुझे ठोक रहा था।
“ओह्ह यस बेबी!! फक माई कॉक। यू आर द बेस्ट बिच आई फक्ड” बोला बोला उसने मुझे बिच [चुदासी कुतिया] कहा। वो मुझे गाली दे रहा था। मुझे अच्छा लग रहा था।
दोस्तों उसके बाद मैं बोस से पूरी तरह से खुल गयी और कम से कम 100. 150 बार मैं उसके लंड पर उठी बैठी। अंत में उसने माल मेरी रासिली चूत में ही छोड़ दिया। अब मैं अपने बोस की सेक्स बिच [चुदने वाली कुतिया] बन गयी हूँ। मुझे 40 हजार की मंथली सैलरी मिलती है। अब हर हफ्ते बोस मेरे साथ मजे लूटता है। 

DMCA.com Protection Status

कहानी शेयर करें :
loading...