चेतावनी : इस वेब साइट पर सभी कहानियां पाठको द्वारा भेजी गयी है। कहानियां सिर्फ आप के मनोरंजन के लिए है, कहानियां काल्पनिक हो सकती है। कहानियां पढ़ कर इसे वास्तविक जीवन में आजमाने की कोशिस ना करें। सेक्स हमेशा आपसी सहमति से करें।

कर्जदार की बीबी की चूत चोदकर कर्ज वसूल किया

sex stories मेरा नाम राजेश है। मैं गोरखपुर के एक गाँव में रहता हूँ। indiansexkahani.com मैं सूद पर पैसा देता हूँ। यही मेरा धंधा है। जब किसी को बहुत अधिक पैसे की जरूरत होती है मैं उसे उससे 30% ब्याज में पैसा दे देता हूँ। मेरे गाँव में मैं ही सबसे अमीर आदमी हूँ। गाँव के एक आदमी ब्रिजमोहन ने मुझसे 3 लाख रूपए ब्याज पर लिए थे पर अब 2 साल से अधिक हो गये थे। वो पैसे नही दे रहा था। मैंने उससे कई बार प्यार से बात की और कर्ज चुकाने को कहा। पर ब्रिजमोहन हर बार कोई न कोई बहाना मार देता। अब मेरा पारा हाई हो रहा था। अगली रात को मैं उसके घर पर पहुच गया। मुझे देखते ही वो पीछे वाले दरवाजे से भागने की कोशिश करने लगा पर मेरे आदमियों से उसे पकड़ लिया और खूब पिटाई की उसकी। उसके चेहरे पर कई जगह मार के निशान बन गये।
“बता रे ब्रिजमोहन!! कब देगा मेरा पैसा। मुझे वसूलने के और भी तरीके आते है” मैंने उसका कलर पकड़कर कहा
“पैसा नही है। पूरे 3 लाख रुपए धंधे में डूब गये। पैसा नही है” ब्रिजमोहन बोला
ये सुनते ही मुझे फिर से गुस्सा आ गया। उसे मैंने कई चांटे खीच कर मारे। इतने में उसकी बीबी शामली आ गयी।
“राजेश बाबू!! मेरे पति को छोड़ दो। मेरे पास कुछ जेवर है उसे ले लो” शामली बोली
मैंने उसे देखा तो देखता ही रह गया। क्या सामान थी दोस्तों। गोरा रंग, चौड़ी छाती, लम्बी चौड़ी कद वाली औरत थी। जिस्म भरा। दोनों गाल इलाबादी अमरुद की तरह लाल लाल। उसे देखकर मेरी नियत खराब हो गयी। काश…इसकी चूत मिल जाए, मैं सोचने लगा। ब्रिजमोहन की बीबी शामली अंदर गयी और सोने के जेवर ले आई।
“लो ले लो राजेश बाबू” वो बोली
“ये तो सिर्फ 2 लाख के है। बाकी का 1 लाख का माल कहाँ है???” मैंने अपनी भव उचकाटे हुए कहा।
मेरे आदमियों से बिजमोहन को एक खम्बे से रस्सी से बाँध दिया था।
“राजेश बाबू!! बस इतने ही जेवर है। आप मेरे पति को छोड़ दो। मैं खेतों में काम करके आपकी 1 -1 पायी चुका दूंगी” शामली बोली
मैं उसे बार बार गंदी नजरो से ताड़ रहा था। मैंने उसका हाथ पकड़ लिया। indiansexkahani.com

“जान!! तुम चाहो तो 2 घंटे में अपने पति का कर्जा उतार सकती हूँ। बस मेरा बिस्तर गर्म कर दो” मैंन कमीने पन से हँसते हुए कहा। शामली बिगड़ गयी। मेरे गाल पर एक जोर का तमाचा उसने मार दिया। मेरे आदमी मुझपर हंस पड़े। सबके सामने मेरी बेइज्जती हो गयी। मेरा दिमाग गर्म हो गया। 
“साली !! मैं तो तेरे फायदे की बात कर रहा था। अब तेरे पति को मैं अपनी हवेली पर ले जा रहा हूँ। हमारे खेतों में ये सूअर अब काम करेगा। जब तू 1 लाख रूपये ब्याज के साथ लेकर आएगी तब ये मैं इस सुअर को आजाद कर दूंगा।
“डाल दो इसे सुअर को जीप में!” मैंने अपने आदमियों से कहा
वो ब्रिजमोहन को रस्सी से खोलकर जीभ में डालने लगी। अब उसकी बीबी शामली का दिमाग ठिकाने आ गया। रोती हुई मेरे पैर में गिर गयी।
“भगवान के लिए मेरे पति को छोड़ दो।
“मेरा बिस्तर गर्म करेगी?? तेरे जैसा फूल तो पूरे गाँव में नही है रे। तेरा सारा कर्ज माफ कर दूंगा” मैंने कहा
शामली ने हाँ में सर हिला दिया। वो मुझे खुद ही कमरे में ले गयी।
“इस पिल्ले को देखते रहना। मैं इसकी छमिया का रस चूसके आता हूँ” मैंने अपने आदमियों से कहा
सब हँसने लगी। मैं उसके कमरे में चला गया। अंदर जाते ही मैंने शामली को पकड़ लिया। उसकी उम्र 30 की थी। 2 बच्चे थे पर क्या सेक्सी माल थी। मैं उसे किस करने लगा। उसका चुदाने का कुछ ख़ास मन नही था पर मजबूरी में वो ऐसा कर रही थी। उसे मैंने बिस्तर पर लिटा दिया। धीरे धीरे उसकी साड़ी उतार दी। अब ब्रिजमोहन की बीबी ब्लाउस पेटीकोट में मुझपर कहरढा रही थी। 36” की फूली फूली चूचियां कसी कसी और बेहद सेक्सी दिख रही थी। मैंने उसके मम्मो पर हाथ रख दिया और सहलाने लगा। क्या मस्त आइटम थी वो जवाब नही। चेहरा तो किसी 16 साल की लौंडिया जैसा था। मैं उसे प्यार करने लगा।

उसके दूध को बार बार ब्लाउस के उपर से सहलाए जा रहा था और गालो पप्पी ले रहा हूँ। आज मुझे उसको चोद कर अपना 1 लाख रुपया वसूल करना था। कुछ देर बाद शामली भी गर्म गयी। ओंठो पर उसने लिपस्टिक लगाई हुई थी। लिप लाइनर भी लगाया हुआ था। मैं कुछ देर उसके रूप रंग को आँखों को पीता रहा। अंत में उसके उपर अपने होठ रख दिए। शामली के सेक्सी होठो को मैं चूसने लगा। “साला !! ब्रिजमोहन कितना किस्मत वाला है। कितनी मस्त औरत मिली है साले को। रोज इसकी रात रंगीन करती होगी। रोज चुदाती होगी” मैंने सोचने लगा। मैं जल्दी जल्दी चूस रहा था। शामली मस्त जवान माल थी। ऐसी औरत को देखकर किसी का भी लंड खड़ा हो गया। भरा हुआ बदन, गोरा रंग, सुंदर फेस कट। मैं बार बार होठो को चूस रहा था। दांत से लबो को काट काटकर उसे गर्म कर रहा था। कुछ समय बाद शामली खुद ही चुदासी हो गयी। वो खुद चुदना चाहती थी। मैंने उसके ब्लाउस के उपर से खूब स्तनों को दबाया।
शामली “…….उई. .उई..उई…….माँ….ओह्ह्ह्ह माँ……अहह्ह्ह्हह…” करने लगी। साफ़ था की उसे चुदाई का नशा चढ़ रहा था। मजा लूट रही थी वो भी। फिर खुद ही अपने ब्लाउस के बटन खोलने लगी। अंदर उसने ब्रा नही पहनी थी। जब 36” के कमाल के कबूतरों के दर्शन मुझे हुआ तो मैं देखता ही रह गये। क्या गोल गोल कसी कसी चूचियां थी दोस्ती। जितनी तारीफ़ करूं उतनी कम है। मैं अपना आपा खो गया था। सब कुछ भूल गया। ब्रिजमोहन की औरत के नंगे खूबसूरत कलश जैसे स्तन मेरे सामने थे। मैं ध्यान से देख रहा था, दर्शन कर रहा था। फिर अपने हाथों से सहलाने लगा। शामली सिसकने लगी। शायद आज पहली बार किसी गैर मर्द से चुदवा रही थी। “हूँउउउ हूँउउउ हूँउउउ ….ऊँ—ऊँ…ऊँ सी सी सी सी… हा हा हा.. ओ हो हो….” की आवाजे निकाल रही थी। मेरे मर्दाना हाथ के स्पर्श और सहलाने से शामली की चूचियां टनटना गयी थी। खड़ी हो गयी और काफी कड़ी कड़ी खूबसूरत हो गयी थी। निपल्स को मैं ऊँगली से मरोड़ने लगा। गोल गोल घुमा रहा था। इतने सुंदर दूध मैंने आजतक नही देखे थे। मैं हाथो से दबाने लगा।

“राजेश बाबू!! आराम से दबाओ। कोई जल्दी नही है। जी भरकर मजा ले लो पर मेरे पति का कर्ज माफ़ कर देना” शामली बोली
अब मैं पूरी तरह से ठरकी हो गया। हाथो से तेज तेज उसके स्तनों को मसलने लगा, दबाने लगा। वो आह आह कर रही थी। मैंने उसकी बाई निपल को मुंह में भर लिया और पीने लगा। शामली मुझे अपने पति की तरह प्यार करने लगी। अब वो पूरी तरह से शांत होकर होकर चूसा रही थी। मैं उसके कबूतर हाथ से दबा दबाकर पी रहा था। जिन्दगी का असली रस आज मैं लूट रहा था। मैंने कई बार बदमाशी की और शामली के दूध पर दांत गडा दिए। “उ उ उ उ उ……अअअअअ आआआआ… सी सी सी सी….. ऊँ—ऊँ…ऊँ…. राजेश बाबू काटो मत!! निशान पढ़ जाएगा” शामली (ब्रिजमोहन की औरत) बोली
मैं पूरा मजा ले रहा था। दोनों स्तनों को मैं काफी देर तक दबाता और चूसता रहा। फाई हम दोनों से अपने अपने कपड़े खुद ही उतार दिए। शामली पूरी तरह से नंगी थी। अपनी चड्ढी उसने उतार दी। पैर खोल दिए। मैं उसकी बुर चाटने लगा। चूत पर हल्की हल्की झांटे थी। गाँव में औरते जादातर झाटो में ही रहती है। कम ही बाल बनाती है। मैं जल्दी जल्दी उसकी बुर का सेवन करने लगा। शामली कामुक आवाजे निकाल रही थी। उसकी चूत सच में बहुत सुंदर थी। मैं ब्रिजमोहन को कोष रहा था की उसे इतनी रूपवती औरत कैसे मिल गयी। मैं उसकी चूत पर बार बार चांटे मारने लगा। शामली गर्म होने लगी। उसके चूत के दाने को मैंने 19 मिनट तक चूसा। शामली अब पूरी तरह से गर्म हो गयी थी। उसकी चूत अपना माल छोड़ रही थी। मैं उसके चूत के नमकीन पानी को खूब पीया। खूब मजा दिया ब्रिजमोहन की औरत को।
“राजेश बाबू!! क्या चूत ही पियोगे। क्या चोदोगे नही। अपना कर्ज क्या नही वसूल करोगे???” शामली बड़े प्यार भरे अंदाज में बोली
मैंने अब देर करना सही नही समझा। मैंने अपने 6” के लंड पर मुठ मारने लगा। लंड खड़ा होने लगा। मैं जल्दी जल्दी मुठ मार रहा था। 5 -7 मिनट बाद मेरा लंड चैले की तरह सख्त हो गया। मैंने ब्रिजमोहन की बीबी की भरी हुई चूत पर लंड सेट कर दिया और धक्का दिया। लंड अंदर 5” घुस गया। शामली तडप गयी। मैं एक प्यार भरा धक्का और दिया। इस बार मेरा लंड पूरा 6” अंदर जड़ तक भीतर घुस गया। मैं उसे खाने लगा। शामली की ठुकाई शुरू कर दी। कमर उठा उठाकर उसे पेलने लगा। “….उंह उंह उंह हूँ.. हूँ… हूँ..हमममम अहह्ह्ह्हह..अई…अई…अई…..” की आवाजो के साथ शामली से अपने दोनों पैर किसी छिनाल की तरह उठा दिए। मैं जल्दी जल्दी उसे खाने लगा। आह कितनी कसी चूत थी उसकी। लग रहा था कई महीने से अनचुदी है। वो आँखें बंदकर मेरे साथ सम्भोग का मजा लूट रही थी। मैं धका धक उसे पेल रहा था। धीरे धीरे शामली की चूत अपना सफ़ेद मक्खन छोड़ रही थी। खूब मजा हुआ उस दिन।
“सरदार!! इसकी औरत को आराम से मजे देना। कोई जल्दी नही है” बाहर से मेरे आदमी बोले
वो भी मजे ले रहे थे। indiansexkahani.com

मैं अंदर कमरे में शामली की चूत का बाजा बजा रहा था। कितनी सेक्सी और मीठी चूत थी ब्रिजमोहन की औरत की। मैं बिना रुके उसे 16 -17 मिनट चोदा, फिर चूत में ही झड़ गया। शामली के उपर ही ढेर हो गया। वो भी मेरी तरह से गर्म हो गयी थी। मुझे चुम्मा लेने लगी। मेरा लंड झड़ गया था पर अब भी उसकी चूत के अंदर था। शामली मुझे बार बार होठो पर किस कर रही थी। 50 हजार समझो वसूल हो गया था। अब उसकी गांड लेनी थी। कुछ देर बाद मैंने उसकी गांड तेल लगाकर चोद ली और पूरा 1 लाख रुपया वसूल कर दिया। मैं कमरे के बाहर आ गया। ब्रिजमोहन के सामने ही मैंने अपनी पेंट की जीभ बंद की। मेरे मुंह में उसकी बीबी की लाल रंग की लिपस्टिक हर जगह लगी हुई थी। ब्रिजमोहन हक्का बक्का था। आज उसकी सुंदर सजीली बीबी मुझसे चुद गयी थी।
“छोड़ दो इस सूअर को!! जाने दो इसे। इसका कर्जा माफ़ हो गया” मैंने कहा और घर चला गया..   indiansexkahani.com DMCA.com Protection Status

कहानी शेयर करें :