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चस्मिश लड़की की चुदाई 69 के पोज में

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Hindi Sex मेरा नाम योगेन्द्र है। मैं आगरा के बगल फिरोजाबाद का रहने वाला हूँ। अपनी फॅमिली के साथ रहता हूँ। stories मेरे पड़ोस में वृंदा नाम की लड़की रहती थी। वो मेरे कॉलेज में नही पढ़ती थी पर 12th क्लास की फिजिक्स, केमिस्ट्री, बायोलोजी की कोचिंग मैं उसके साथ में पढता था। आपको बता दूँ की वृंदा बहुत दुबली पतली लड़की थी। इसलिए उसके दूध सिर्फ 32” के थे। उसके गले की हड्डियाँ साफ़ साफ़ दिखती थी, हाथ भी पतले पतले थे और आँखों पर वो चश्मा पहनती थी। रोज मैं साईकिल पर उसके साथ ही कोचिंग जाता था। मेरा लंड कई दिन से परेशान था। कोई लौंडिया चोदने को नही मिल रही थी। वैसे तो मुझे भरे हुए जिस्म वाली लडकियाँ सेक्स करने के लिए पसंद थी पर जब भी मैं वृंदा को देखता था लंड खड़ा हो जाता था। इस चस्मिश लड़की को चोदने का मन था मेरा।
मैं अपने मिशन पर लग गया। जब भी वृंदा की साइकिल खराब हो जाती मैं ठीक करवा देता। मुझे वो अक्सर अपने घर बुलाती और अपने फोन में बैलेंस डालने के लिए बोलती। मैं दूकान पर जाकर बैलेंस पड़वा देता। धीरे धीरे मेरी उससे अच्छी जान पहचान हो गयी। वृंदा का रंग साफ़ था। बस एक ही कमी थी उसकी वो दुबली बहुत थी और आँखों पर बापू वाला चश्मा था। एक दिन हम कोचिंग में वक्त से पहले पहुच गए। हमारे सर भी नही आये थे। मौका देखकर मैंने उसका हाथ पकड़ लिया।
“वृंदा!! तुम बहुत सुंदर हो। आई लव यू” मैंने बोल दिया
वो बुरा मान गयी।
“क्या बेवकूफ बनाने को कोई और नही मिला। मैं जानती हूँ की मैं जरा भी सुंदर नही हूँ। चस्मिश हूँ, बहनजी जैसी दिखती हूँ। इसलिए हमदर्दी दिखाने की कोई जरूरत नही है” वृंदा बोली
“नहीं मैं सच बोल रहा हूँ। तुम मुझे पंसद हो। मुझे इससे कोई फर्क नही पड़ता की तुम चस्मिश हो। तुम जैसी हो मुझे पसंद हो” मैंने कहा
पर वो मानने को तैयार नही था। उसे लग रहा था की मैं अभी भी मजाक कर रहा हूँ। फिर मैंने जल्दी से उसके दोनों कंधे पकड़ लिया और उसके होठ पर अपने ओंठ रख दिए। जल्दी जल्दी मैं चूसने लगा। 2 मिनट बाद ही मैंने अपना मुंह उसके मुंह से हटाया। वो काँप गयी।
“अब बोलो बेबी” मैंने कहा

फिर वो मुझसे पट गयी। तभी सर का नौकर आया और बोला की सर आज कोचिंग पढ़ाने नही आएँगे। आज उनकी तबियत खराब है। अब मेरे और वृंदा के पास 2 घंटे थे। इतनी टाइम में मैं उसे आराम से चोद सकता था। मैं वृंदा को लेकर अपने घर चला आया। मेरा हिटलर बाप घर पर नही था। सिर्फ मेरी मम्मी घर पर थी। मम्मी बहुत सीधी थी। कुछ नही बोलती थी। वृंदा को साथ पढने के बहाने से मैं उसे पहली मंजिल पर ले आया। मेरा कमरा यही पर था। दरवाजा मैंने बंद कर लिया। वृंदा को बाहों में भरकर किस करने लगा।
वो चश्मे में भी मुझे बेहद सुंदर लग रही थी। भोली और प्यारी दिखती थी। मुझे 100% विश्वास था की वृंदा सील बंद माल होगी। पूरी तरह से pure और अनचुदी लड़की होगी। हम आपस में किस करने लगे। वो भी मेरा साथ देने लगी। उसने जींस और एक ढीला टॉप पहना हुआ था वो दोनों कन्धो पर खुला था। मैंने उसकी कमर में हाथ डाल दिया और अपने करीब ही खींच लिया। मैं अब उसके होठ चूस रहा था। वो मेरा साथ दे रही थी।
“वृंदा!! चूत देगी आज बोल?? तेरा चुदने का मन है??” मैंने पूछा
वो झेंप गयी। दूसरी तरफ देखने लगी। मैंने उसे एक दीवाल से खड़ा कर दिया। उसके हाथ मैंने उपर कर दिए। अपने हाथ से टॉप उतार दिया। वो संकोच कर रही थी। आज उसका चुदाई का फर्स्ट टाइम था। वो अंदर समीज पहने थी। उसके दूध बहुत छोटे छोटे नीबू की तरह दिख रहे थे। मैं सफ़ेद समीज के उपर से उसके नीबू दबाने लगा। दुबली पतली होने के कारण उसके मम्मे नीबू के आकार के थे। अगर वो हट्टी कट्टी लड़की होती तो उसके मम्मे भी 36” के होते पर ऐसा नही था। पर फिर भी वृंदा मुझे सेक्सी दिख रही थी। वो मुझे अत्यंत सुंदर दिख रही थी। मैं समीज के उपर से उसके दूध दबा रहा था। नीबू को दबा दबाकर मजे ले रहा था। वृंदा “……मम्मी…मम्मी…..सी सी सी सी.. हा हा हा …..ऊऊऊ ….ऊँ. .ऊँ…ऊँ…उनहूँ उनहूँ..” की सेक्सी आवाजे निकाल रही थी। उसे भी उतेज्जना हो गयी थी। सेक्सी महसूस हो रहा था। मैं फिर से जोश में आ गया। उसे दीवाल से चिपकाकर मैंने खड़ा कर दिया। फिर से उसके रसीले मैं चूसने लगा। उसके बाल अपने आप खुल गये। काले लम्बे घने बाल में वो मुझे और सेक्सी माल लग रही थी। मैं उसके नीबू दबा दबाकर लिप लोक होकर किस करने लगा। कुछ देर में मेरी गर्लफ्रेंड वृंदा भी पूरी तरह से गर्म हो गयी। ओंठ से ओंठ मिलाकर मुझे चूसने लगी। इंडियन सेक्स कहानी डॉट कॉम

मैंने खूब मसला उसके निम्बू को। उसकी जींस की चेन मैंने अपनी हाथ से खोल दी। हाथ अंदर डाल दिया और उसकी चूत को पेंटी के उपर से सहलाने लगा जल्दी जल्दी। वृंदा खड़ी खड़ी सिसकने लगी। “…….उई. .उई..उई…….माँ….ओह्ह्ह्ह माँ……अहह्ह्ह्हह…”की कामुक आवाजे निकालने लगी। आज उसको चोदकर मैं अपनी अन्तर्वासना की आग को शांत कर लेना चाहता था। चस्मिश है तो क्या हुआ उसकी रसीली चूत मेरे लंड की प्यास को तो बुझा ही सकती है। मैं खड़े खड़े ही उसकी जींस में डाल रखा था और उसकी चुद्दी को पेंटी के उपर से सहला रहा था। जल्दी जल्दी घिस रहा था। वो सरेंडर होने लगी। वो पागल हुई जा रही थी। 5 मिनट तक मैं उसकी चूत को घिसता रहा। फिर उसकी समीज मैंने अपने हाथ से उतार दी। वृंदा के छोटे छोटे 32” के नीबू का दर्शन करने लगा। मैंने तो आजतक जितनी भी लड़कियां चोदी थी सब 36” के दूध वाली थी। आज पहली बार छोटे दूध वाली लड़की को चोदने जा रहा था।
मैं झुक गया और उसके बाए नीबू को हाथ से मसलने लगा। ओह्ह कितना मजा आया मुझे। मैंने उसकी बायीं चूची को मुंह में भर लिया और चूसने लगा। वृंदा “हूँउउउ हूँउउउ हूँउउउ ….ऊँ—ऊँ…ऊँ सी सी सी सी… हा हा हा.. ओ हो हो….”करने लगी। मैं मस्ती से चूस रहा था। दीवाल का सहारा लेकर वो खड़ी थी। अपनी आँख बंद किये थे। मैं हल्का सा झुककर चूस रहा था। खूब आनंद हुआ दोस्तों। 7 मिनट तक मैंने उसकी दाई चूची को चूस लिया। दबा दबाकर सारा रस पी गया। फिर बाई चूची चूसने लगा। अब वृंदा पूरी तरह से गरमा गयी। मुझे प्यार करने लगी। सीने से लगाने लगी। मैं उसकी उभरी निपल्स को दांत से उपर की तरह खींच खींचकर चूस रहा था। आप समझ सकते है कितना सेक्सी होगा वो सीन। वृंदा बेकाबू हुई जा रही थी। 15 मिनट तक हम दोनों खड़े होकर प्यार करने लगे। इंडियन सेक्स कहानी डॉट कॉम

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“योगेन्द्र!! मेरे पैरों में दर्द हो रहा है। चलो बेड पर चलते है” वृंदा बोली
हम दोनों बेड पर लेट गये। मैं अपने कपड़े उतार दिए। नंगा हो गया। मेरा लंड 8” लम्बा था और 2” मोटा। खड़ा हो चुका था। मैं वृंदा के बगल में आकर ही लेट गया। फिर उससे प्यार करने लगा। उसकी जींस की बेल्ट मैंने खोल दी, जींस उतार दी। वृंदा ने जब अपनी दोनों टांग खोली तो नीली रंग की पेंटी उसकी चूत के रस में भीग गयी थी। वृंदा की चूत बहुत सुंदर थी। पेंटी के उपर से उसकी फूली फूली गद्देदार चूत मुझे दिख रही थी। चूत की दरारों, बीच की लाइन और उभार को मैं साफ़ साफ़ देख सकता था। मैं पेंटी के उपर से उसकी चूत पर हाथ रखकर सहलाने लगा। वो “उ उ उ उ उ……अअअअअ आआआआ… सी सी सी सी….. ऊँ—ऊँ…ऊँ….”की आवाज करने लगी।
मैं पेंटी पर मुंह लगा दिया और किसी कुत्ते की तरह उसकी चूत का रस चाटने लगा। वो पागल हुई जा रही थी। मैं उसकी चुद्दी का आशिक बन गया था। मैं सम्भोग को प्यासा था। तडप रहा था। जल्दी जल्दी वृंदा की चूत का रस चाट रहा था। कुछ देर बाद मैंने उसकी नीली खूबसूरत तिकोनी पेंटी को उतार दिया। अब मैं असली चूत को जल्दी जल्दी पीने लगा। मेरी जीभ वृंदा के भोसड़े के भीतर घुसी जा रही थी। उसे भी चूत में सनसनी हो रही थी। उसकी चूत किसी भट्टी की तरह जल रही थी। फाई मैंने अपना लंड सेट कर दिया और जोर का धक्का दिया। मेरा लंड 4” अंदर घुस गया। वृंदा को तेज दर्द हो रहा था।    इंडियन सेक्स कहानी डॉट कॉम
“योगेन्द्र आराम से प्लीससस… वो बोली

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मैंने एक धक्का और मारा और इस बार 7” अंदर। नीचे देखा तो कुवारी वृंदा की चूत की सील टूट गयी थी। खून बह रहा था। मैंने लंड बाहर निकाला तो मेरा टोपा वृंदा के खून से रंग गया था। अजीब दिख रहा था। मैंने फिर से लंड अंदर डाल दिया और उसे जल्दी जल्दी चोदने लगा। वो “….उंह उंह उंह हूँ.. हूँ… हूँ..हमममम अहह्ह्ह्हह..अई…अई…अई…..” की तेज आवाजे निकाल रही थी। मुंह खोलकर गर्म गर्म साँस छोड़ रही थी। अब मेरी जान वृंदा चुद रही थी। वो रुकने को बोल रही थी पर मैं नही रुका। जल्दी जल्दी उसका गेम बजाता रहा। दर्द में भी उसे पेलता रहा। वो दोनों आँखे बंद किये थे। खूब चोदा मैंने उसे। 15 -16 मिनट बाद उसकी चूत का रास्ता खुल गया। वो रन्वा हो गयी। अब मेरा लौड़ा बिना किसी दिक्कत के अंदर बाहर होने लगा। उसका दर्द अब कम हो गया।
“उहह्ह्ह्ह…..ओह्ह्ह्हह्ह….चोदोदोदो…मुझे और कसकर चोदोदो दो दो दो” वृंदा बोलने लगी. मैं जोश से भर गया। जब लौंडिया खूब ही कह रही है तो चोदो रंडी को। इसे किसी रंडी की तरह आज चोद डालो। मैं खुद से कहा और धकम पेल वाले धक्के देने लगा। वृंदा ने किसी छिनाल की तरह अपनी दोनों टांगो को उपर हवा में उठा दिया। मैं जल्दी जल्दी उसे पेलने लगा। खूब मजा आया मुझे। अब वो अपनी कमर उठा उठाकर चुदवा रही थी। आज जिन्दगी में पहली बार मैं किसी चस्मिश लड़की की चूत ले रहा था। 30 मिनट की चुदाई के बाद मैं वृंदा की चूत में ही झड़ गया। कुछ घंटे हम इसी तरह बिना कपड़े के लेते रहे। फिर मैंने इसे 69 के पोज में कर दिया। मैं उसकी चूत पी रहा था और वो मेरे लंड को मुंह में लेकर चूस रही थी। काफी देर तक चुसी चुसव्व्ल हुआ। अब मैंने अपनी गर्लफ्रेंड वृंदा को कुतिया बना दिया और पीछे से उसकी गांड में तेल लगाकर लंड डाल दिया। फिर मैंने बड़े आराम से धीरे धीरे उसकी गांड चोदी। अंत में फिर से उसकी गांड के छेद में माल गिरा दिया। कहानी आपको कैसे लगी… इंडियन सेक्स कहानी डॉट कॉमDMCA.com Protection Status

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