चेतावनी : इस वेब साइट पर सभी कहानियां पाठको द्वारा भेजी गयी है। कहानियां सिर्फ आप के मनोरंजन के लिए है, कहानियां काल्पनिक हो सकती है। कहानियां पढ़ कर इसे वास्तविक जीवन में आजमाने की कोशिस ना करें। सेक्स हमेशा आपसी सहमति से करें।

चुदवाकर दुकान वाले से फ्री में कपड़े ले आई

loading...

Hindi Sex Kahani मेरा नाम नैना तिवारी है। दिल्ली में रहती हूँ। मेरे शादी हो चुकी है। मैं खूबसूरत और जवान 26 साल की औरत हूँ। मैं हरदम सजधज के रहती हूँ। मेरा जिस्म भी बहुत सुंदर और सेक्सी है। मेरे ओठ सेक्सी है और गुलाब की पंखुड़ी की तरह दिखते है। मुझे देखकर लोगो के लंड खड़े हो जाते है। जब भी मैं शोपिंग करने जाती हूँ लोग मुझे बार बार पलटकर देखते है। उनके तो लंड ही खड़े हो जाते है। सब मुझे चोदने के सपने देखते है।
मेरा जिस्म भी काफी सेक्सी, पतला है। मेरे मम्मे 34” के रसीले है और मेरा फिगर 34 28 30 का है। मैं देखने में गुलाब का फूल लगती हूँ। जो मुझे एक बार देख लेता है हमेशा याद रखता है। मैं अपने मम्मे आगे की तरह निकाल और अपनी गांड कसी जींस में पीछे की ओर चलती हूँ। मेरे टॉप में मेरी चूचियां किसी गेंद की तरह उपर नीचे उछलकर डांस करती है। जिसे देखकर लोगो को मजा मजा आता है। मुझे एक नजर देखने के लिए लड़के रोड पर मेरा इन्तजार कई कई घंटे करते रहते है। मैं बहुत ही सेक्सी औरत हूँ।
पति बहुत कंजूस है। हजारो महिना कमाते है पर जब भी मैं शोपिंग जाना चाहती हूँ अपना रोना लग जाते है की एक पैसा नही बचता है। शोपिंग के लिए कहाँ से तुमको दो। अपने पति के रोज रोज के नाटक से मैं तंग आ गयी थी। मैंने अब सोच लिया था की कैसे भी खुद कपड़े खरीदूंगी। किसी से एक पैसा नही मागूंगी।
एक दिन मेरी सहेली नीना ने बताया की पास के मार्किट में कुछ कपड़े के अच्छे दुकानदार है जिनके पास नई नई डिजाइन के हर तरह के कपड़े है और वो चूत के प्यासे होते है। जो लड़कियाँ चुदवाना चाहती है उनको चोद लेते है और फ्री में नये कपड़े दे देते है। पैसे नही लेते। ये बात सुनकर मैं बहुत खुश हो गयी थी। मैंने नीना से उस दूकान वाले का पता लिया और अगले दिन सुबह की दूकान पर पहुच गयी। दूकान का मालिक एक 40 साल का आदमी था बिलकुल मोटा । आप यह स्टोरी इंडियन सेक्स कहानी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है।

loading...

“क्या दिखाऊ बहन जी???” वो बोला
“क्या सब आपकी बहन की लगती है???” मैंने उसे हंसकर पलके झपकाकर कहा
वो हँसने लगा। मैं आज एक लाल टॉप और जींस पहनकर इस दूकान पर आई थी। आज मुझे किसी तरह इस दुकानमालिक से चुदवाकर फ्री में एक सलवार सूट और 2 मैक्सी लेनी थी। अब पति तो पैसे देते है इसलिए मुझे ये मजबूरी में करना पड़ रहा था। मैंने बेहद चुस्त और कसा टॉप पहना था। मेरी दोनों 34” की गोल गोल चूचियां साफ़ साफ़ दुकान मालिक को दिख रही थी। वो बार बार उसकी तरफ ताड़ रहा था। जींस में मेरी गांड भी मस्त लग रही थी। मेरी बात सुनकर वो हंसने लगा।शायद वो समझ गया की मैं अल्टर औरत हूँ तो किसी से भी चुदवा लेती हूँ।
“आप मुझे नैना कहकर बुला सकते है” मैंने उससे कहा
“नैना जी! आप तो बहुत सुंदर है। आप कहाँ रहती है?? वो बोला
“अजी!! वैसे तो मेरा घर गुरुद्वारे के बायीं तरह पड़ता है। पर आज मुझे अपनी दिल में रहेंगे तो वहां तो रह लूंगी” मैंने अपना सीना फुलाकर कहा
वो हैरान था। वो सोच नही पा रहा था की क्या करे। मैं उसके ठीक सामने खड़ी हुई थी। काउंटर के दूसरी तरह वो था। मैंने धीरे से उसके हाथ पर हाथ रख लिया और सहलाने लगी। वो समझ गया की मैं चुदासी हूँ।
“बोलिए क्या दिखाऊ?? इसे आप अपनी दूकान सी समझिये। आपको जो जो पसंद है ले लीजिये नैना जी” वो हकलाकर हडबड़ाकर बोला
“ले तो मैं लूँ पर पैसे वैसे नही है मेरे पास” मैंने उसे किसी चालाक औरत की तरह आँख मारी
वो समझ गया।
“कोई बात नही नैना जी” वो बोला
उसके अपने नौकर को बाहर भेज दिया और दूकान का शटर गिरा दिया। फिर आकर उसने मुझे पकड़ लिया। मेरे हाथ को किस करने लगा यही तो मैं चाहती थी।

“नैना जी !! आप मुझे अपने रूप का रस पिला दो। खुश कर दो मुझे और अपनी पसंद के कपड़े ले जाओ” वो बोला
मैंने उसे कसके पकड़ लिया और सीने से लगा लिया। वो पागल हो गया। आजतक उसने ऐसी फास्ट सुंदर औरत नही देखी होगी। वो मुझे दोनों हाथो से पकड़कर प्यार करने लगा। मैं उसका साथ निभा रही थी। उसने शुरुवात मेरे हाथो को किस करने से की। मैं करवाने लगी। धीरे धीरे वो उपर बढ़ने लगा। फिर मुझे बाहों में भर लिया। मैं काले घने बाल खुले हुए थे। जींस टॉप में मैं बहुत ही मॉडर्न जमाने की लड़की दिख रही थी। वो समझ गया की मैं चुदक्कड औरत हूँ। वो मेरे गले पर किस करने लगा। मैं भी करने लगी। फिर हम एक दूसरे को ताड़ने लगे। काफी देर तक वो मुझे नजरों ही नजरों में चोदता रहा। मेरी कमर में उसने हाथ डाल दिया और सहलाने लगा। धीरे धीरे उसने टॉप में उपर उठा दिया। अब मेरी नंगी गोरी चिकनी कमर पर जैसे ही उसने हाथ लगाया वो मुझसे पूरी तरह से पट गया।
“नैना जी!! माय नेम इस राजू!! आप तो बहुत ही खूबसूरत हो। आपके जैसे हसीन औरत मैंने आजतक नही देखी” वो बोला
अब मैं उसका नाम जान गई थी। वो मेरे गाल को अपने हाथ से सहलाने लगा। अभी वो मुझे बड़े पास से मेरी खूबसूरती को ताड़ रहा था।
“जी धन्यवाद!! राजू जी” मैंने कहा
“आगे भी आप मेरी दूकान में आती रहना” वो बोला
“जी जरूर आउंगी” मैंने हंसकर कहा
फिर उसने मुझे बाहों में भरकर खड़े खड़े ही मेरे सेक्सी होठो पर अपने होठ रख दिए और किस करने लगा। मैं उसका पूरा साथ निभा रही थी। मैंने भी उसे दोनों हाथो से पकड़ लिया था। मैं भी उसके होठ चूसने लगी। हमदोनो की चुम्मी चाटी होने लगी। मैं गर्म होने लगी। वो अपने दांत से मेरे होठ पकड़कर काट रहा था जिससे मैं और जादा गर्म हो रही थी। वो मुझे काट रहा था। मेरे गोरे गोरे गालों को काट काटकर किस कर रहा था। मैं जोश में आ रही थी। फिर दुकान मालिक ने मुझे अपने काउंटर पर झुका और गरमा गर्म चुम्बन लेने लगा। मैं भी सब भूल गयी और उसके हवाले हो गयी। आप यह स्टोरी इंडियन सेक्स कहानी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है।

दुकान मालिक ने मेरे टॉप के उपर से मेरे बूब्स पर हाथ रख दिया और सहलाने लगा। मैं “..अहहह्ह्ह्हह स्सीईईईइ….अअअअअ….आहा …हा हा हा” करने लगी। मुझे भी अच्छा लग रहा था। अब वो मुझे चोदने वाला था मैं जान गयी थी। मेरे बूब्स को वो बार दबा रहा था। मुझे भी बहुत अच्छा लग रहा था। अब वो मेरे कान को दांत से पकड़कर किस करने लगा। मुझे सेक्स का नशा तुरंत ही चढ़ गया। दुकान मालिक मेरी जवानी का दीवाना हो गया। मेरे दोनों दूध को वो टॉप के उपर से सहलाने लगा। आह!! कितना अच्छा लगा दोस्तों मैं आपको बता नही सकती।
“नैना जी!! अपना टॉप उतारो!! आपके मम्मे का दर्शन कर लूँ” वो बोला
मैं भी टॉप को पकड़कर दोनों हाथ उपर करके उतार दिया। अंदर मैंने काली रंग की ब्रा पहनी थी। मैं बहुत गोरी और चिकनी औरत थी। दूकान मालिक देखकर पागल हो गया। मेरे 34” के दूध बड़ी शान से काली ब्रा में कैद थे। जालीदार ब्रा में मेरे तिकोने बूब्स को देखकर वो सब कुछ भूल गया और हाथ लगाकर साइज पता करने लगा। मैं सिसक गयी। “……अई…अई….अई……अई….इसस्स्स्स्स्…….उहह्ह्ह्ह…..ओह्ह्ह्हह्ह….” की आवाजे निकालने लगी। मुझे भी काफी सेक्सी महसूस हो रहा था। दूकान मालिक मेरी ब्रा के उपर से मेरे कबूतर हाथ से मसलने लगा। मैं सुख सागर में डूब गयी। मेरी आँखें बंद हो गयी। अब उसकी दूकान के काउंटर पर मैं लेटी थी। वो कस कसके ताकत लगाकर दाब रहा था। मैं चिहुक रही थी। वो अपने हाथ को गोल गोल घुमाकर सहला भी रहा था। मुझे भी अच्छा लग रहा था। फिर दुकान मालिक ने मेरी ब्रा निकालकर साइड में रख दी। मेरी गोरी और बेहद चिकनी चूचियां के दर्शन करने लगा। उसकी तो नजरे ही फटी जा रही थी। वो मेरे रुप का प्यासा हो गया था। दोस्तों मेरे कबूतर बहुत ही सुंदर थे। गोरे गोरे गर्व से तने थे। और मेरी निपल्स खड़ी थी और उभरी हुई चूचक की तरह दिख रही थी। उसके आजू बाजू काले गोले तो मेरी जवानी में चार चाँद लगा रहे थे। आप यह स्टोरी इंडियन सेक्स कहानी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है।

दुकान मालिक ने अपने हाथ मेरे नंगे मम्मो पर रख दिए और सहलाने लगा। वो पूरे मजे लूट रहा था। आनन्द में डूब चुका था। उसने अपना सिर मेरे क्लीवेज [मम्मो के बीच की जगह] में रख दिया। मैं गर्म होकर सिसकियाँ लेने लगी और उसने सिर को अपने कबूतर के उपर ही दबाने लगी। दुकान मालिक ने अब मेरे मम्मे मुंह में लेकर चूसना शुरू कर दिया। मैं खुद नही कहा।
“पी लो राजू जी!! आराम से पी लो” मैंने कहा       आप यह स्टोरी इंडियन सेक्स कहानी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है।
काफी देर तक वो मेरे निपल्स चूसता रहा। मेरी उभरी चूचक को दांत से काट काटकर वो उपर खीचने लगा। मेरी तो चूत ही बहने लगी। अब मैं पूरी तरह से गर्म हो गयी थी। चुदने को तड़प रही थी। वो मुंह चला चलाकर मेरी दाई और बायीं चूची को पी रहा था। मेरी चूत किसी गर्म भट्टी की तरह जल रही थी। बार बार अपना रस छोड़ रही थी। खूब चूसा उसने दूकान में ही। मेरी जवानी का पूरा मजा दुकान मालिक लुट रहा था। मैं उसके काउंटर पर लेटी थी। हम दोनों को कोई नही देख सकता था क्यूंकि दूकान का शटर बंद था। उसने 20 मिनट मेरे दूध चूसे। फिर मेरी जींस की बटन अपने हाथ से खोल दी। उतार दी और फिर मेरी कालि पेंटी भी उसने उतार दी। हाय!! अब मैं उसकी दूकान में पूरी तरह से नंगी थी। दुकान मालिक से अपनी पेंट खोली। पेंट नीचे सरक गयी। उसने अपना कच्छा नीचे खिसका दिया। अपना 6” लंड मेरी चूत पर सेट किया और एक हल्का धक्का मारा। क्यूंकि मैं अपने पति से कई साल तक चुद चुकी थी इसलिए मेरी चूत पूरी तरह से खुली हुई थी। दुकान मालिक ने जल्दी जल्दी मुझे चोदना शुरू कर दिया। उसने मुझे 30 मिनट अपनी दुकान पर काउंटर पर लिटा कर चोदा, फिर चूत में ही झड़ गया। दोस्तों आपको जानकर खुसी होगी की 2 सलवार कुरता और 2 मैक्सी जिसका दाम करीब 2 हजार रुपया था दुकान मालिक ने मुझे फ्री में दे दिया और मैं घर चली आई। मैंने सलवार सूट और मैक्सी पसंद करने लगी। 2 जोड़ी सलवार सूट और 2 मैक्सी मैंने ले ली। DMCA.com Protection Status

कहानी शेयर करें :
loading...