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जब बेवफाई मिली तो बॉयफ्रेंड के भाई से अपनी चूत चुदवाई

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जब बेवफाई मिली तो बॉयफ्रेंड के भाई से अपनी चूत चुदवाई Sex Stories

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मेरा नाम पूनम शर्मा है। मैं मथुरा की रहने वाली हूँ। नानबाबू मेरे घर के पास ही रहता था। वो देखने में हॉट और सेक्सी लड़का था। वो पिछले 6 महीने से मेरे आगे पीछे घूम रहा था।  “पूनम!! यू आर सो हॉट!! मैं तुमसे बहुत प्यार करता हूँ। प्लीस मेरी गर्लफ्रेंड बन जाओ। मैं सिर्फ तुमने ही प्यार करता हूँ”  इस तरह से नानबाबू रोज मेरे आगे पीछे चक्कर काटता रहा। जब सुबह मैं मंदिर पूजा करने जाती थी वो मेरे पीछे पीछे साईकिल से आता था। कॉलेज और कोचिंग में भी वो मेरे आगे पीछे दौड़ता था। मेरी सारी सहेलियां कहती थी की नानबाबू एक कासानोवा(चूत का आशिक) है। वो तरह तरह से मीठी मीठी बाते करके लड़कियों को पटाकर चोदता है। और फिर काम निकल जाने के बाद उनको डिच कर देता रहा। इसलिए मैं उसकी लाइन नही ले रही थी।
धीरे धीरे मुझे वो प्यार भरी शेरो शायरी मोबाईल और फेसबुक पर भेजने लगा। एक दिन जब मैं अपनी स्कूटी से कोचिंग जा रही थी एक बाइक वाले ने मुझे पीछे से ठोंक दिया। मेरी स्कूटी पलट गयी। मैं ट्रक के नीचे आते आते बची। नानबाबू मेरे पीछे ही था। उसने जल्दी से मुझे उठाया। स्कूटी उठाई। जिस बाइक वाले ने मुझे ठोंक दिया था उसका कॉलर पकड़कर नानबाबू ने उसे खूब पीटा। फिर वो मुझे डॉक्टर के पास ले गया। मेरी दाई कोहनी छिल गयी थी। खून निकल रहा था। डॉक्टर ने मेरी मरहमपट्टी कर दी। धीरे धीरे मुझे नानबाबू अच्छा लगने लगा। कुछ दिनों बाद उसका भाई रामबाबू मुझे लाइन मारने लगा। वो भी काफी हैंडसम लड़का था।
“मैं तुम्हारे भाई नानबाबू से प्यार करती हूँ” मैंने रामबाबू से कहा
“वो सिर्फ चूत का पुजारी है। 30 से भी अधिक लड़कियों को वो चोद चुका है। उसका विश्वास मत करना। वो बहुत बहरूपिया आदमी है। बहुत फ्रॉड है नानबाबू” रामबाबू बोला
पर दोस्तों मैंने रामबाबू की चेतावनी को नही सूना और धीरे धीरे मैं नानबाबू से पट गयी। अगले रविवार को वो मुझे चिड़ियाघर ले गया। हम दोनों साथ में हाथ में हाथ डाल के टहल रहे थे। वहाँ पर कई जोड़े किस कर रहे थे। कुछ तो झाड़ियों और पेड़ों के पीछे चुदाई कर रहे थे। धीरे धीरे हम दोनों एक पेड़ के पीछे झाडी में चले गये। धीरे धीरे नानबाबू मुझे किस करने लगा। मैंने सफेद रंग की टी शर्ट और नीली जींस पहन रखी थी। मैं सेक्सी और हॉट लड़की दिख रही थी। धीरे धीरे नानबाबू ने मुझे बाहों में कस लिया। मुझे किस करने लगे। नानबाबू का हाथ धीरे धीरे मेरे 36” के दूध पर आ गया। मेरी चूचियां गोल गोल और बेहद ठोस थी। सेक्सी दूध थे मेरे। वो कब मेरे दूध दबाने लगा मुझे मालुम ही नही पड़ा। नानबाबू मुझको चोदना चाहता था।

करीब 20 मिनट तक नानबाबू कुछ कुछ देर बाद किस कर रहा था। मेरे अनार को वो बार बार दबा दबाकर मुझे गर्म कर रहा था। जब जब वो मेरी रसीली चूचियां दबाता था मुझे मजा मिल जाता था। धीरे धीरे नानबाबू ने मुझे नर्म घास पर लिटा दिया। मेरे टॉप को उसने उपर उचका दिया। मेरी ब्रा को उचकाकर उसने मेरे बाये बूब्स को बाहर निकाल लिया और जल्दी जल्दी मुंह लगाकर चूसने लगा। मैं “ओह्ह माँ….ओह्ह माँ…उ उ उ उ उ……अअअअअ आआआआ….” की आवाजे निकालने लगी। नानबाबू जल्दी जल्दी मेरे दूध को चूस रहा था। दोस्तों मेरी चूचियां बड़ी नर्म नर्म और मुलायम थी। मेरे बॉयफ्रेंड को बड़ा मजा मिल रहा था। धीरे धीरे मुझे भी सेक्स का नशा चढ़ गया। नानबाबू ने 15 मिनट तक मेरी बायीं चूची के दर्शन किये और जी भरकर चूस लिया। ये कहानी आप इंडियन सेक्स कहानी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है।
“लो अब इसको भी पी लो जान!!” मैंने कहा और अपनी बायीं चूची को ब्रा उचकाकर निकाल दिया।
नानबाबू जल्दी जल्दी पीने लगा। मैं मस्त होने लगी। मेरी आँखें भारी हो गयी थी। धीरे धीरे नानबाबू ने मेरी चूची का सब रस पी लिया। मेरी जींस की बेल्ट वो खोलने लगा। मैंने कुछ नही कहा।
“पूनम!! आज तुम्हारी चूत लूँगा। देखो चिड़ियाघर में सब जोड़े चुदाई का मजा ले रहे है” नानबाबू बोला
“ठीक है। मेरे जानम!! चोद लो मुझे” मैंने कहा
धीरे धीरे मेरे बॉयफ्रेंड नानबाबू ने मेरी जींस उतार दी। फिर मेरी लाल रंग की सेक्सी पेंटी उतार दी। उसने मेरे पैर खोल दिए। दोस्तों मैं 24 साल की हॉट, जवान लड़की थी। मैं बहुत खूबसूरत लड़की थी। नानबाबू मेरे गोरे गोरे पैरों को किस कर रहा था। वो मेरी कामुक जांघो को सहला रहा था। धीरे धीरे उसने मेरी चूत में ऊँगली करना शुरू कर दिया। मैं “ओहह्ह्ह…ओह्ह्ह्ह…अह्हह्हह…अई..अई. .अई… उ उ उ उ उ…” की गर्म गर्म आवाजे निकालने लगी। नानबाबू धीरे धीरे मेरी चुद्दी में 2 ऊँगली एक साथ करने लगा। मैं मरी जा रही थी। मुझे बड़ा अच्छा लग रहा था। नानबाबू जल्दी जल्दी मुझे गर्म कर रहा था। कुछ देर बाद मेरी चिकनी चूत अपना सफ़ेद माल छोड़ने लगी।
नानबाबू जल्दी जल्दी पीने लगा। वो मेरी गुलाबी चूत को जल्दी जल्दी पी रहा था। मैं तडप रही थी। धीरे धीरे नानबाबू मेरी चूत को किसी कुत्ते की तरह चाटने लगा। अब मेरी चूत पूरी तरह से गर्म हो गयी थी। उसमे अब आग लग चुकी थी। नानबाबू तो बस चाटता ही जा रहा था। फिर उसने अपनी जींस उतार दी। अंडरवियर निकाल दिया। उसका लंड पूरी तरह से खड़ा हो गया था। नानबाबू का लंड 7” लम्बा था। उसने मेरी चूत में डाल दिया और मुझे जल्दी जल्दी चोदने लगा। मैं “आआआअह्हह्हह…..ईईईईईईई….ओह्ह्ह्….अई. .अई..अई…..अई..मम्मी….” की कामुक आवाजे निकाल रही थी। नानबाबू जल्दी जल्दी मुझे चोद रहा था। मुझे बड़ा नशा मिल रहा था। नानबाबू का लंड सच में बहुत मोटा ताजा था। वो जल्दी जल्दी मेरा गेम बजा रहा था।

दोस्तों धीरे धीरे नानबाबू का लंड लंड पूरा 7” अंदर जाकर मुझे चोदने लगा। मुझे अलग की उत्तेजना मिल रही थी। धीरे धीरे नानबाबू मुझे किसी गधे की तरह तेज रफ्तार होकर चोद रहा था। मेरी चूत की धज्जियां उड़ रही थी। नानबाबू जल्दी जल्दी मेरे साथ चुदाई कर रहा था। मेरी जवानी का पूरा मजा वो लूट रहा था। मेरी चूत की मखमली तहों में उनका लंड उसी तरह से फिसल रहा था जैसे कोई पिस्टन। मेरे बॉयफ्रेंड नानबाबू ने मुझे 25 मिनट जल्दी जल्दी चोदा। फिर हांफते हुए उसने चूत में ही माल निकाल दिया। आज मेरी पहली चुदाई हो गयी थी। चुदाई के बाद मैंने और नानबाबू ने अपने अपने कपड़े पहन लिए। हम दोनों चिड़िया घर से बाहर आ गये थे। दोस्तों धीरे धीरे नानबाबू ने मेरी चूत 8 -10 बार चोद ली। कुछ महीनो के लिए मैं अपनी बुआ के घर घुमने चली गयी थी। नानबाबू रोज मुझसे फोन पर मीठी मीठी बाते करता था। 2 महीने बाद मैं लौटकर आई तो नानबाबू फोन नही उठा रहा था। मैं परेशान हो रही थी। मैं उसके घर गयी तो देखा की नानबाबू अपने कमरे में था और किसी नंदिता नाम की लड़की को चोद रहा था।
“नानबाबू!! ये सब क्या है??” मैंने कहा
मुझे देखकर नानबाबू डर गया। उसने चुदाई बंद कर दी। उसकी लड़की से दूर हट गया और जल्दी जल्दी कपड़े पहनने लगा। मैंने उसके घर से बाहर आ गयी। मैं रो रही थी। मुझे झटका लगा था। नानबाबू के छोटे भाई रामबाबू ने मुझे बताया था की नानबाबू सिर्फ चूत का पुजारी आदमी है। पर मैंने सूना नही। मैं उसके प्यार में पूरी तरह से पागल हो गयी थी। अब मैं सब गयी थी। नानबाबू कभी किसी एक लड़की का नही हो सकता। उसको तो बस रोज नई नई चूत चोदना पसंद है। दोस्तों मैं घर पर आकर खूब रोयी। मैंने अब नानबाबू से सब रिश्ते खत्म कर दिए।
एक दिन मुझे उसका भाई रामबाबू मिला। मैं रोने लगी।
“रामबाबू ! तुम सही बताया था। तुम सच कर रहे थे” मैंने कहा
अब मुझे रामबाबू अच्छा लगने लगा था। वो शरीफ और ईमानदार लड़का था। वो सीटियाबाज लड़का नही था। वो सिर्फ एक लड़की से प्यार करने वाला आदमी था। धीरे धीरे मैंने रामबाबू को अपना बॉयफ्रेंड बना लिया। हम साथ में घुमने लगे। धीरे धीरे मेरा उससे चुदाने का मन करने लगा। एक दिन जब हम दोनों पार्क में बैठे थे रामबाबू का हाथ पकड़कर मैंने अपने 36” के बूब्स पर रख दिया। वो बहुत शर्मिला लड़का था।
“लो दबाओ इसे रामबाबू!! शरमाओ मत” मैंने कहा
दोस्तों जहाँ रामबाबू का भाई नानबाबू बहुत चोदू टाइप का आदमी था। वही रामबाबू बहुत शर्मिला था। वो लड़कियों से बात करने में बहुत शर्म करता था। धीरे धीरे रामबाबू मेरे बूब्स दबाने लगा। उस दिन मैंने काले रंग का सलवार सूट पहना हुआ था। धीरे धीरे पार्क में एक झाड़ी के पीछे हम दोनों चले गये। मैंने अपना सलवार सूट निकाल दिया। अपनी ब्रा के हुक मैंने खोल दिए। जबरदस्ती रामबाबू को मैं अपने उपर लिटा दिया। वो बड़ा संकोच कर रहा था।

“पीयो यार शर्मा क्यों रहे हो” मैंने अपने बॉयफ्रेंड से कहा
धीरे धीरे रामबाबू मेरे मस्त मस्त दूध मुंह में लेकर चूसने लगा। धीरे धीरे उसकी शर्म ह्या खत्म हो गयी। अब वो खुलकर मेरी छलकती चूचियां चूस रहा था। मैं “आआआअह्हह्हह…..ईईईईईईई….ओह्ह्ह्….अई. .अई..अई…..अई..मम्मी….” की सेक्सी आवाजे निकाल रही थी। धीरे धीरे मेरा नया बॉयफ्रेंड रामबाबू अब फ्रैंक हो गया। अब जो मेरे दूध मजे लेकर चूस रहा था। दोनों मैं बड़ी जवान और सेक्सी माल थी। मेरे दूध बड़े बड़े और बेहद गोल गोल थे। मेरे दूध को देखकर सबके लंड खड़े हो जाते थे। रामबाबू भी मेरे दूध जल्दी जल्दी चूस रहा था। कुछ देर बाद उसने अपनी पेंट खोल दी। अपना 8” का लंड बाहर निकाला और मेरी चूत में डाल दिया। फिर जल्दी जल्दी वो मुझे चोदने लगा।
कुछ देर बाद मैं उछल उछल कर चुदवा रही थी। मुझे चुदाई का नशा पूरी तरह से चढ़ चुका था। मेरी चूत अब किसी भट्टी की तरह तप रही थी। मेरा नया बॉयफ्रेंड रामबाबू मुझे जल्दी जल्दी चोद रहा था। दोस्तों उसने 30 मिनट मुझे पार्क में ही चोदा। फिर मेरी रसीली चूत में अपना माल छोड़ दिया। अब मैंने रामबाबू से शादी कर ली है। रोज वो मेरी चुद्दी लेता है। कहानी आपको कैसे लगी DMCA.com Protection Status

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