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जीजा ने चोदकर मुझे दूसरी औरत बना दिया

New Sex Stories मेरा नाम नेहा गुप्ता है। मैं मुंबई में रहती हूँ। यहाँ पर मेरी पूरी फैमिली रह रही है। मेरी दीदी की शादी भी मुंबई में ही में हुई है। मैं अक्सर जीजा के घर आती रहती हूँ। मेरे जीजा बहुत ही हैंडसम मर्द है। वो पुलिस में है। बहुत जवान लगते थे। जब वो जींस टी शर्ट पहनकर अपनी बुलेट पर चलते थे तो अजय की तरह सिंघम दीखते थे। धीरे धीरे उन्होंने मुझे पटा लिया। जीजा ने एक दिन मुझे सोने का एक मस्त लोकेट गिफ्ट किया।
“नेहा!! ये ले” जीजा बोले
“ओह्ह कितना सुंदर लोकेट है ये। आई लव यू जीजा जी” मैंने कहा
“चल घूम जा। मैं तुझे अपने हाथो से लोकेट पहना देता हूँ” जीजा बोले
मैंने सलवार कुरता पहन रखा था। मेरे 36” के बड़े बड़े दूध मेरे कुर्ते के उपर से दिख रहे थे। जीजा मुझे बार बार ताड़ रहे थे जैसे चोद डालेंगे। मैं घूम गयी। जीजा ने खुद मेरे गले में लोकेट बाँध दिया।
“देखो शीशे में” जीजा बोले
मैं खुद को शीशे में देखती रह गयी। लोकेट मेरे गले में बहुत सुंदर लग रहा था। जंच रहा था।
“ओह्ह जीजा!! यू आर सो स्वीट! आई लव यू” मैंने कहा
“नेहा!! आई लव यू टू” जीजा बोले
मेरी दीदी बाथरूम में कपड़े धो रही थी। जीजा ने मौका देखकर मुझे पीछे से पकड़ लिया। मेरी कमर में हाथ डाल दिया और मेरे गले पर किस करने लगे। मैं शीशे के सामने खड़ी थी। खुद को देख रही थी। जीजा मेरे पीछे खड़े हुए थे। मुझसे चिपके थे।
“जीजा छोड़िये अगर दीदी ने देख लिया तो गजब हो जाएगा” मैंने घबराकर कहा
“नेहा, मैं तुझसे प्यार करता हूँ। असली वाला प्यार। तेरी दीदी तो तेरे सामने कुछ नही है। देखो कितनी काली कलूटी है। बात करने की तमीज नही। नेहा चल मुझे अपनी चूत के दर्शन दे। तुझे चोदकर मैं अपनी दूसरी बीवी बना लूँगा” जीजा बोले
“नही छोड़िये….प्लीस मुझे जाने दीजिये” मैंने कहा और अपने हाथ से जीजा के हाथ को छुड़ाने लगी
तभी जीजा ने मुझे अपनी ओर घुमा लिया और सीने से लगा लिया। मेरे होठ पर अपने होठ रख दिए और जल्दी जल्दी चूसने लगी। 15 मिनट तक उन्होंने छोड़ा ही नही। अब मैं गर्म हो चुकी थी।

जीजा से चुदने का मन था मेरा। मैं भी खड़े खड़े जीजा से चिपक गयी। उनसे 15 मिनट तक चिपकी रही। जीजा मुझे बार बार किस कर रहे थे। अचानक उन्होंने मुझे कसके पकड़ लिया और दबा दिया। मेरे पास दुप्पटा भी नही था। मेरे 38” की रसीली चूचियां जीजा के सीने से दब रही थी। जीजा को बहुत मजा आ रहा था। वो मुझे और अपने सीने से जानबूझकर दबा रहे थे। गेंद की तरह दिखने वाली मेरी रसीली चूचियां दब रही थी। जीजा बार बार मेरे स्तनों को ताड़ रहे थे। मजा ले रहे थे।
“जीजा क्या तुम मुझे अपनी दूसरी बीबी बनाना चाहते हो???” मैंने पूछा
“हाँ नेहा मैं तुमको अपनी दूसरी बीबी बनाना चाहता हूँ। मुझे इसी वक़्त अपनी चूत मारने को दे दो। मैं तुम्हारी जवानी का प्यासा हूँ। मेरी प्यास आज तुम बुझा दो” जीजा बोले
“पर दीदी आ गयी तो???” मैंने डरकर पूछा
“नेहा, तेरी दीदी अभी बाथरूम में कपड़े धो रही है। फिर अपने सिर के बाल धोएंगी। उसके बाद नहायेंगी। तब तब मैं तुमको चोद लूँगा” जीजा बोले
जीजा ने मुझे बिस्तर पर लिटा दिया। मेरे कुर्ते को उन्होंने निकाल दिया। मेरी ब्रा उतार कर फेक दी। अब मैं उपर से नंगी थी। जीजा मेरे 36” के दूध पर टूट पड़े। वो मेरी जवानी देखकर पागल हो गये थे। ये कहानी आप इंडियन सेक्स कहानी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है।
“नेहा तू तो असली माल है रे!! तेरी जवानी के तो क्या कहने” जीजा बोले
मेरे दूध बहुत ही कसे कसे और सुंदर थे। जीजा टूट पड़े। मेरे दोनों बूब्स पर उन्होंने अपने हाथ रख दिए और जोर जोर से दबाने लगे। मैं “..अहहह्ह्ह्हह स्सीईईईइ….अअअअअ….आहा …हा हा हा”
की सेक्सी आवाज निकाल रही थी। जीजा जोर जोर से अपने हाथो से मेरे मम्मे दबा रहे थे। बार बार गोल गोल करके हाथ घुमा रहे थे। खूब मजे ले रहे थे। मैं तडप रही थी। मचल रही थी। जीजा फिर मेरे उपर ही लेट गये और पीने लगे। वो मेरे दूध को मुंह चला चलाकर चूस रहे थे। मुझे भी मजा दे रहे थे, अपना भी ले रहे थे। उन्होंने आधे घंटे तक मेरे दूध को पिया। मैं पूरी तरह से गर्म हो गयी थी। मैंने जीजा के कपड़े उतार दिए। वो नंगे हो गये। मैं उनका लंड जल्दी जल्दी फेटने लगी।

“नेहा! आज मेरे लंड को चूस चूस कर खड़ा करने की जिम्मेदारी तुम्हारी है” जीजा बोले
उसके बाद वो बिस्तर पर आराम से लेट गये। मैं बैठ गयी और जीजा के लंड को जल्दी जल्दी फेटने लगी। कुछ ही देर में लंड किसी मोटे खीरे की तरह से दिख रहा था। मैं जल्दी जल्दी फेट रही थी। जीजा बहुत गोरे थे। उनका लंड भी खूब गोरा था। बिलकुल अंग्रेज के लंड की तरह दिख रहा था। मैं फेट फेटकर चूस रही थी। जीजा मेरी गांड सहला रहे थे। मेरे मुलायम पुट्ठो को वो बार बार दबा देते थे। मुझसे मजा लूट रहे थे। जीजा ने मुझे अपनी ओर झुका लिया और पीछे से मेरी चूत में ऊँगली डाल दी। जल्दी जल्दी फेटने लगे। इधर मैं उनका लंड फेट फेट रही थी। हम दोनों मजे लुट रहे थे। काफी देर तक ऐसा चलता रहा। मैं जीजा का लंड चूस चूसकर लाल कर दिया। उनकी गोलियों को अच्छे से चूस डाला।
“बहुत अच्छा किया तुमने नेहा। अब लेट जाओ” जीजा बोले
मैं लेट गयी। उन्होंने अपने हाथ से मेरी सलवार खोल दी। निकाल दी, फिर मेरी पेंटी उतार दी। मेरी चूत बहुत चिकनी चमेली थी। जीजा टच करने लगी। मैं “……अई…अई….अई……अई….इसस्स्स्स्स्…….उहह्ह्ह्ह…..ओह्ह्ह्हह्ह….”
की सेक्सी आवाजे निकाल रही थी। मुझे चूत में सनसनी महसूस हो रही थी। जीजा ने मेरे चूत के दाने पर ऊँगली रख दी और जल्दी जल्दी हिलाने लगे। आह कैसे बताऊं दोस्तों की कितनी मीठी छुअन थी वो। जीजा तो मेरी चूत में धमाल मचा रहे थे। मैं कसक रही थी। जीजा को बस मस्ती सूझ रही थी। मेरी गुलाबी चूत के दर्शन कर रहे थे और जल्दी जल्दी चूत के दाने को हिलाए जा रहे थे। मुझे बेचैनी हो रही थी। फिर वो लेटकर मेरी चूत जल्दी जल्दी छपर छपर करके किसी कुत्ते की तरह चाटने लगे। मुझे मजा आ रहा था। जीजा खूब चाट रहे थे। मेरे जिस्म के सबसे मस्त जगह वो चाट रहे थे। मेरी चूत अब गर्म हो रही थी। मैं भी गर्म हो रही थी। जीजा से चुदवाने का दिल था मेरा। वो बहुत देर तक मेरी चूत चाटते रहे। फिर ऊँगली करने लगे। मैं बार बार अपनी गांड हवा में उठा देती थी। जीजा जी जल्दी जल्दी चूत में ऊँगली करके मुझे मजा दे रहे थे।
काफी देर तक ऐसा होता था। मेरी चूत अब पानी पानी हो गयी थी। उसमे से रस निकल रहा था। जीजा सब रस चाट जाते थे। वो चाय की तरह मेरी चूत पी रहे थे। उन्होंने मुझे खूब तड़पाया। खूब मजा दिया मुझे। मेरे जिस्म से गर्मी निकल रही थी। मैं पागल हो रही थी। मेरे मत्थे पर पसीना आ गया था। जीजा मेरी खूबसूरत गोरी जाँघों को हाथ से सहला रहे थे। उन्होंने कुल 15 मिनट तक मेरी चूत चाटी और अच्छी तरह से पी ली। फिर जीजा ने मेरे पैर खोल दिए और अपने 8” के लंड को मेरी खूबसूरत चूत पर सेट कर दिया और फिर अंदर धक्का देकर पंहुचा दिया। अब जीजा ने मेरी चुदाई शुरू कर दी। धीरे धीरे वो मेरे जिस्म में समाते जा रहे थे। उनका लंड वाकई बहुत मोटा था। मेरी चूत में जाकर धमाल मचा रहा था। जीजा अपनी कमर हिला हिलाकर मेरे साथ सम्भोग कर रहे थे। मुझे मजा दे रहे थे। मैं “आऊ…..आऊ….हमममम अहह्ह्ह्हह…सी सी सी सी..हा हा हा..”
की सेक्सी आवाजे निकाल रही थी। मैं आज अपने सगे जीजा के साथ गुलछर्रे उड़ा रही थी। मेरी दीदी बाथरूम में कपड़े धो रही थी। मैं मौके का फायदा उठा रही थी। जीजा जी मेरी चूत का भर्ता बना रहे थे। मैं चुद रही थी। खूब मजा ले रही थी।    ये कहानी आप इंडियन सेक्स कहानी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है।

“जीजा और जोर से पेलो…..और जोर से” मैं इस तरह चिल्ला रही थी। मेरी बाते सुनकर जीजा और अधिक जोश में आ गये और मेरी चूत का बाजा बजाने लगे। जीजा किसी घोड़े की तरह मुझे चोद रहे थे। मेरी चूत की सवारी कर रहे थे। उनके धक्के से मैं बिस्तर पर बार बार आगे को खिसक जाती थी। जीजा जी मुझे कंट्रोल करके चोद रहे थे। मेरी दोनों चूचियां उपर नीचे किसी गेंद की तरह हिल रही थी। बेहद सेक्सी लग रही थी। जीजा मेरे दूध को दबा दबाकर मुझे भांज रहे थे। दोस्तों मैं इस वक़्त जन्नत की सैर कर रही थी।
“उ उ उ उ उ……अअअअअ आआआआ… सी सी सी सी….. ऊँ—ऊँ…ऊँ….”की आवाजे मैं निकाल रही थी। मैं अब अपने बस में नही थी। जीजा के बस में आ गयी थी। जीजा जी मुझ पर अब पूरी तरह से हावी हो चुके थे। मेरी चूत में जोर जोर से झटके मारकर मसाला पीस रहे थे। मेरा बुरा हाल था। जीजा मेरी रसीली चूत का कचूमर निकाल रहे थे। फाड़ फाड़ मेरी भोली भाली चूत को चोद रहे थे। मेरी साँसे अब तन चुकी थी। जीजा तो रुकने का नाम ही नही ले रहे थे। बस जल्दी जल्दी मुझे ठोंक रहे थे। मैं हाफ हाफ कर उनके साथ सेक्स कर रही थी। मेरा दम निकल रहा था। अब 20 मिनट मेरी चुदाई के पूरे हो गये थे पर अभी तक जीजा ने अपना माल नही छोड़ा था।
“ऊँ—ऊँ…ऊँ सी सी सी सी… हा हा हा.. ओ हो हो…. जीजा मेरी चूत में ही अपना रस छोड़ना। देखो बाहर मत निकलना। मेरी रसीली चूत आपके रस की प्यासी है” मैंने जीजा से कहा

उसके बाद तो वो और अधिक मस्ती में आ गये। दनादन मेरा गेम बजाने लगे। मुझे और जीजा दोनों को अब पसीने छूट रहे थे। जीजा अब भी नही झड़ रहे थे। मेरी चूत को जल्दी जल्दी भोग रहे थे। मैं जीजा को प्यार कर रही थी। उनके गाल को हाथो से सहला रही थी। जब 40 मिनट हो गये तक जीजा का बदन किसी रस्सी की तरह मरोड़ खा रहा था। मैं समझ गयी की अब जो झड़ जाएंगे। मैंने उनको कसके पकड़ लिया और सीने से लगा लिया। तेज तेज धक्के मारते मारते जीजा अंत में मेरी चूत में झड़ गये। मेरी चूत में उन्होंने माल गिरा दिया। वो मुझे किस करने लगे। अब वो मुझे रोज पेलते है। मैं उनकी दूसरी औरत बन चुकी हूँ। कहानी आपको कैसे लगी  .  ये कहानी आप इंडियन सेक्स कहानी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है। DMCA.com Protection Status

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