चेतावनी : इस वेब साइट पर सभी कहानियां पाठको द्वारा भेजी गयी है। कहानियां सिर्फ आप के मनोरंजन के लिए है, कहानियां काल्पनिक हो सकती है। कहानियां पढ़ कर इसे वास्तविक जीवन में आजमाने की कोशिस ना करें। सेक्स हमेशा आपसी सहमति से करें।

ट्युशन टीचर को फांस कर चुदाई के मजे लूटे

loading...

Hindi Sex मेरा नाम अंजना है। गोरखपुर में रहती हूँ। मेरी शादी हो चुकी है। मेरे हसबैंड रेलवे में इंजीनियर है। stories मेरी एक लड़की है रिया। वो अभी क्लास फर्स्ट में पढ़ रही है। मैं सेक्स की भूखी औरत हूँ। चुदवाना बहुत पसंद है मुझे। मेरे पति रोज रात में मेरी चूत बजाते है पर इसके बादजूद भी मैं संतुस्ट नही होती हूँ। दोस्तों मैं जितना जादा सेक्स करती हूँ, मेरी भूख उतनी जादा बढती जाती है। इसलिए मैंने अपनी बेटी रिया के ट्युशन वाले टीचर को अपने प्यार के जाल में फ़ांस कर चुदवा लिया। कैसे, कब, क्या हुआ आपको मैं पूरी बात विस्तार से बता रही हूँ। आप यह स्टोरी indiansexkahani.com पर पढ़ रहे है। 
सबसे पहले आपको अपने बारे में बता देती हूँ। मैं बहुत गोरी और सेक्सी जिस्म वाली औरत हूँ। मेरे होठ बहुत गुलाबी है पर मेरी रसीली चूत के होठ उससे जादा गुलाबी और रसीले है। जब मुझे लंड खाने को नही मिलता है मैं अपनी चूत में ऊँगली, या बैगन डाल कर जल्दी जल्दी फेट लेती हूँ। इस तरह मैं अपनी वासना की आग को शांत कर लेती हूँ। मुझे चूत में डिलडो डालकर अंदर बाहर करना भी बहुत पसंद है। मेरे दूध 34” के है। बड़े बड़े और सुंदर है। मेरे दूध कसे और गोल आकार के है। मेरी साडी के उपर से मेरे दूध साफ़ साफ़ सब लोगो को दिख जाते है क्यूंकि मैं गहरे गले वाला ब्लाउस पहनती हूँ। लोग मेरे मम्मो के दर्शन ब्लाउस से ही कर लेते है। जो भी मेरे दूध पी लेता है मस्त हो जाता है। मैंने अभी तक पति के अलावा कई मर्दों से चुदवाया है। शादी ने पहले मेरे 3 बॉयफ्रेंड थे जो मेरी चूत को चोदकर उसकी सेवा करते थे। अब मेरे पति ही मेरी चूत बजाते है। मेरी बेटी रिया अब फर्स्ट क्लास में आ गयी थी। मैं उसके लिए कोई ट्युशन टीचर ढूढ़ रही थी। मैं पड़ोस की सहेलियों के पास गयी और उनसे कहा की कोई मास्टर बताये। फिर एक दिन एक टीचर आया। मैंने दरवाजा खोला। उसे अंदर बिठाया। उसका नाम अनिकेत था। वो अभी BA में पढ़ रहा था।

“मुझे खन्ना आंटी ने भेजा है। क्या आपको टीचर की जरूरत है????” अनिकेत ने पूछा
“हाँ, मेरी बेटी रिया अब फर्स्ट क्लास में गयी है। उसे ही पढ़ाना है” मैंने जवाब दिया
“ठीक है मैम!! कल से ही शुरू कर देता हूँ। कल शाम को 5 बजे मैं आ जाऊँगा” अनिकेत बोला
मैंने उसको चाय पिलाई। फिर वो चला गया। उसके जाने के बाद ही मैं अपने बेडरूम में चली गयी और अपनी पेंटी को मैंने उतार दिया। फिर जल्दी जल्दी मैं अपनी चूत में ऊँगली करने लगी। मुझे अपनी बेटी का ट्युशन टीचर पसंद आ गया था। ओह्ह गॉड!! कितना मासूम, कितना भोला और कितना प्यारा था वो। उसे मैं बार बार याद कर रही थी और चूत में ऊँगली कर रही थी। खूब मजा लिया मैंने। 20 मिनट तक चुत में ऊँगली करती रही। फिर मेरी चूत ने अपना पानी छोड़ दिया। अगले दिन ने अनिकेत ने मेरी बेटी रिया को पढ़ाना शुरू कर दिया। वो मुझे देखता तो “नमस्ते मैम” जरुर बोलता। धीरे धीरे मुझे उससे प्यार हो गया। एक महिना हो गया। मैंने उसे उसकी फ़ीस दी। 2000 रूपये उसके हाथ में दे दिए। अनिकेत बहुत खुश हो गया था।
“अनिकेत!! जरा अंदर चलो! कुछ बात करनी है” मैंने कहा
अनिकेत को मैं अपने बेडरूम में ले आया। मेरी बेटी रिया स्टडी रूम में थी।
“जी मैडम बोलिए” भोला भाला अनिकेत बोला
“देखो मुझे मैडम मत बोला करो। मुझे माया कहकर बुलाया करो
“ठीक है मैडम” वो बोला
“पैसे कम तो नही है। अगर चाहो तो मैं बढ़ा सकती हूँ” मैंने अनिकेत की तरफ घूरते हुए कहा। आज मैं उससे चुदवाने के मूड में थी। कसके चुदाना चाहती थी। आज वो नया छोकरा मेरा नया शिकार था।

“वो कैसे मैडम???” अनिकेत ने पूछा
मैंने जल्दी से उसका हाथ पकड़कर अपनी तरफ खीच लिया और उसे बाहों में भर लिया। फिर मैं उसे किस करने लगी। वो मूर्ति की तरह खड़ा रहा। मैं ही जल्दी जल्दी उसके लब चूस रही थी। धीरे धीरे वो भी साथ देने लगा। मैंने उसे 5 मिनट तक गले से चिपका लिया।
“अनिकेत!! मैं लंड की प्यासी औरत हूँ। रोज तुम ट्युशन के बाद एक घंटा मुझे चोद लिया करो। मैं तुमको फिर 4 हजार महीना का दूंगी” मैंने कहा
“मैडम मैं उस तरह का लड़का नही हूँ। मैं शरीफ लड़का हूँ” अनिकेत बोला
“शशशश… देखो घबराओ मत। तुम कल से मेरी चुदाई शुरू कर देना। 4 हजार महीने का तुम्हारा पक्का है। तुमको भी इसमें मजा मिलेगा” मैंने कहा
फिर मेरी बेटी का ट्युशन टीचर चला गया। NEXT DAY मैं तैयार थी। अनिकेत आया तो मुझे देख देख के मुस्की मार रहा था। मैं समझ गयी थी की तीर निशाने पर लगा है। आज वो मुझे कसके चोद देगा मैं जानती थी। अनिकेत मेरी बेटी को पढाने लगा। मैं जल्दी से बाथरूम में चली गयी। अपनी चूत की सब झांटे मैंने जल्दी जल्दी बना डाली। उसके बाद मैंने चूत को साबुन से मल मलकर अच्छी तरह से नहा लिया। मेरी चूत अब कांच की तरह चमक रही थी। फिर अच्छी सी साड़ी पहनकर बाहर आ गयी। मैं अपने बेडरूम में बैठकर अनिकेत का इंजतार कर रही थी। फिर एक घंटे बाद मेरी बेटी रिया का ट्युशन खत्म हो गया। मैंने उसे खेलने को कह दिया। रिया घर से बाहर चली गयी अपने दोस्तों के साथ खेलने। ये कहानी आप इंडियन सेक्स कहानी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है।
“अनिकेत!! चल बेडरूम में आ जा” मैंने उसे आवाज लगाई।

loading...

वो आ गया। उसके आते ही मैंने उसे सीने से लगा लिया। मैं उसे प्यार करने लगी। मुझे बहुत अच्छा लग रहा था। अनिकेत एक भोला भाला लड़का था। बिलकुल लल्लू था। कुछ जानता ही नही था। मैंने किसी चुदासी औरत की तरह उसे किस कर रही थी। उसके गाल, नाक, मत्थे, गले, सीने सब जगह मैं किस कर रही थी। अनिकेत अब शांत होकर मेरा साथ निभा रहा था।
उसने मेरी कमर में हाथ डाल दिया था। मुझे प्यार कर रहा था। हम बार बार किस कर रहे थे। 15 मिनट बाद मेरी बेटी का ट्युशन टीचर मुझे अपनी प्रेमिका की तरह प्यार करने लगा। वो अपना मुंह चला चलाकर मेरे होठ को किस कर रहा था। अच्छी तरह से चूस रहा था। मैं चुदासी हो रही थी। जल्दी से अनिकेत से चुदना चाहती थी। उसका लंड खाना चाहती थी। अनिकेत मेरे सेक्सी होठो को चबा रहा था। वो मेरी जीभ को भी किस कर रहा था। फिर वो पूरी तरह से गर्म हो गया। मेरे सीने पर मेरी साड़ी का पल्लू पड़ा हुआ था। अनिकेत साड़ी के उपर से ही मेरे दूध दबाने लगा। मैं “आआआअह्हह्हह…..ईईईईईईई….ओह्ह्ह्….अई. .अई..अई…..अई..मम्मी….” कर रही थी। वो हाथ से मेरी रसीली चूचियों को मसल रहा था। मैं चुदाई को व्याकुल हो रही थी। अनिकेत मेरे मम्मो को ब्लाउस के उपर से सहला और दबा रहा था। खूब मजा दिया उसने। हम दोनों खड़े होकर ही रोमांस कर रहे थे।
“मैडम !! आज मैं आपको चोदकर आपनी चूत की प्यास को शांत कर दूंगा” वो बोला
“चोदो मुझे! कसके चोदो अनिकेत” मैंने कहा
अनिकेत ने मेरे साड़ी के पल्लू को नीचे गिरा दिया। मैंने आज लाल रंग का साड़ी ब्लाउस पहना हुआ था। मेरा गोरा जिस्म इसमें और जादा खिल रहा था। मेरा ब्लाउस काफी गोरा था। अनिकेत ने खड़े खड़े ही मेरे ब्लाउस की बटन खोल दी और ब्लाउस खोल दिया। मेरी पीठ में उसने हाथ डाल दिया और ब्रा के हुक उचकाकर खोल दिए। ब्रा उतार फेकी। अनिकेत मुझे एक दिवार की तरफ ले गया और उससे सटाकर मुझे खड़ा कर दिया। वो मेरी ओर नही बल्कि मेरे सुंदर सुंदर मम्मो को ताड़ रहा था। मेरी रसीली चूचियों के दर्शन कर रहा था।  आप यह स्टोरी indiansexkahani.com पर पढ़ रहे है। 
फिर अचानक वो किसी भूखे शिकारी की तरह मेरे मम्मो पर टूट पड़ा। मेरी बेटी के टीचर ने मेरे दूध पर हाथ रख दिए और जल्दी जल्दी उपर नीचे घुमाकर सहलाने लगा। मैं तडप रही थी। …..सी सी सी सी.. हा हा हा …..ऊऊऊ ….ऊँ. .ऊँ…ऊँ…उनहूँ उनहूँ..” की सेक्सी आवाजे निकाल रही थी। अनिकेत ने मेरे मम्मो को मसलना और दबाना शुरू कर दिया। उसे मजा आ रहा था। मेरी चूचियां किसी रबड़ की गेंद की तरह सॉफ्ट और मुलायम थी। अनिकेत मजे लुट रहा था। वो दबा रहा था। खूब मजे ले रहा था। बारी बारी से मेरी दोनों छातियों को दबा देता था। मैं पागल हो रही थी।
फिर वो नीचे झुक गया और उसने मेरी बायीं चूची को मुंह में भर लिया और जल्दी जल्दी चूसने लगा। मैं सिसकने लगी। “…….उई. .उई..उई…….माँ….ओह्ह्ह्ह माँ……अहह्ह्ह्हह…” की सेक्सी आवाजे निकाल रही थी। अनिकेत तो बस चूसता ही जा रहा था। खड़े होकर ही मेरे स्तन पी रहा था। मेरी चूत गीली हो रही थी। मैं मर रही थी। तडप रही थी। 10 मिनट तक अनिकेत ने मेरी बायीं चूची को दबा दबाकर चूस डाला। फिर बायीं चूची को पकड़ लिया। वो भी गर्व से तनी हुई थी। कसी थी। अनिकेत ने उसे भी मुंह में भर लिया और चूसना शुरू कर दिया। वो किसी छोटे बच्चे की तरह मेरे स्तन पी रहा था। मजा ले रहा था। मेरी चूत अब गीली हो रही थी। मैं अब चुदना चाहती थी।

loading...

अनिकेत ने 15 मिनट मेरी दाई चूची को चूस लिया। कोई कसर नही छोड़ी, दबा दबाकर चूस लिया।
फिर मुझे गोद में उठा लिया और होठो पर किस करता रहा। कुछ देर बाद वो मुझे अपनी गोद में उठाकर बिस्तर पर ले गया और लिटा दी। मुझे नंगा कर दिया। मेरी साड़ी, पेटीकोट और पेंटी उतार दी। मुझे पूरी तरह से नंगा कर दिया। मेरे पैर खोल दिए। चूत में लंड डाल दिया और चोदना शुरू कर दिया। मैं “हूँउउउ हूँउउउ हूँउउउ ….ऊँ—ऊँ…ऊँ सी सी सी सी… हा हा हा.. ओ हो हो….” की आवाजे निकाल रही थी। मेरी बेटी का ट्युशन टीचर मुझे जोर जोर से अपने 6” के लंड से पेल रहा था। मैं चुदवा रही थी। अनिकेत चोद रहा था। मैं कामुक सिसकारी निकाल रही थी। दोस्तों अनिकेत का लंड बहुत मोटा था। मुझे डर था की कहीं मेरे पेट को ना फाड़ डाले। उसकी रफ्तार बढ़ रही थी। तेज तेज धक्के वो लगा रहा था। मैं बिस्तर पर उछल उछल कर चुदा रही थी। अनिकेत मेरी चूत की एक एक कली को चोद चोदकर खोल रहा था। मेरी सांसे तेज हो रही थी। दिल जोर जोर से धकड़ रहा था। मैंने अपनी दोनों टांग हवा में उठा रही थी। मेरी हालत किसी देसी रंडी की तरह थी। उसने मुझे 1 घंटे नॉन स्टॉप पेला, फिर चूत में ही अपना अमृत रस छोड़ दिया। कहानी आपको कैसे लगी

DMCA.com Protection Status

loading...