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ननंद और भाभी को एक साथ चोदा

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sexy stories दोस्तों मैं इंडियन सेक्स कहानी का रेग्युलर रीडर हूँ. आज मैं भी आप को अपना अनुभव शेयर करने के लिए रेडी हूँ. मैं दिखने में गोरा हूँ और मेरी बॉडी एकदम अथलेटिक है. ये कहानी आज से कुछ 8 साल पहले की है. मैं दिल्ली में 2008 तक जॉब करता रहा और मैं वही पर रहता था. और मेरी बगल में एक कपल रहता था. और उनके साथ मेरी बहोत अच्छी बनती थी. मैं उन्हें भाई और भाभी कह के ही बुलाता था. हम दोनों के बिच में बहुत अच्छा रिलेशन था और वो रिलेशन बाद में सेक्सुअल रिलेशन में भी बदल गया. इंडियन सेक्स कहानी डॉट कॉम 
हम अक्सर वीकेंड में साथ में चुदाई करते थे. और भाभी तब अपने बच्चो को बहार खेलने के लिए भेज देती थी या फिर उनके दोस्तों के वहां या फिर अपने रिश्तेदारों के वहां. मेरी चुदास दिन बदिन बढती ही जा रही थी और मैं वीकेंड की वेट में डेली मुठ मारता था. एक दिन जब मैं मुठ मार रहा था तो भाभी ने मुझे देख लिया. मैंने उन्हें देखा नहीं लेकिन उसने मुझे देख लिया. मेरी मुठ छूटने को ही थी की भाभी ने फटाक से मेरे लंड को पकड लिया और बोली अरे इसे ऐसे तो वेस्ट ना करो, बड़े काम की चीज है ये तो!
और उसने निचे बैठ के सीधे ही मेरे लंड को अपने मुहं में ले लिया. उसने 10 सेकंड भी नहीं चूसा था और एक लम्बी आह के साथ मेरे लंड का सब मुठ निकल गया. मेरे बदन पर पसीना था और भाभी ने एक एक बूंद को चाट के खा लिया. भाभी ने लंड को पूरा चाटा और फिर बोली चलो एक बार फिर से हिलाओ इसको.

मैं अपने लोड़े को हाथ में पकड के हिलाने लगा. अभी कुछ देर पहले ही मुठ मारी थी इसलिए मेरे को बहुत जोर से मुठ मारनी पड़ रही थी. इसको देख के भाभी बोली अरे देवर जी अपने सामान के साथ इतने बेरहम भी ना बनो. इतनी ताकत मेरे ऊपर ही लगा लो तो हम दोनों को मजा आ जाएगा.
मैंने कहा अरे वीकेंड में एक या दो दिन में आप को भला क्या दिखाऊंगा मैं. मेरे को लम्बा चोदने को मिले तो मैं आप को बहुत कुछ दिखा सकता हूँ. भाभी ने कहा अरे मेरे राजा, इतना गर्म खाने जाओगे जल्दी जल्दी से तो मुहं जल जाएगा. कुछ दिन वेट करो मैं तुम्हे अपना पति ही बना लुंगी.
और फिर उसने अपने कपडे खोल दिए. वो मेरे सामने अपनी हॉट गांड कर के खड़ी हो गई. मेरा लंड तो बहार ही था. मैंने गांड को चाटी और फिर अपने लंड को थूंक लगा के भाभी की चूत में घुसा दिया. एक बार मुठ मारने की वजह से मेरा जल्दी नहीं निकला. और मैंने कस कस के भाभी को चोदा और अपने माल से उसकी चूत को भिगो दिया. भाभी अपनी चूत में मेरे वीर्य को ले के वहां से चली गई.

अगले दिन भाभी ने मेरे को इवनिंग चाय के लिए इनवाईट किया. और उसने कहाँ आज तुम मेरे हसबंड बन जाओ. भाभी के पति यानी की भैया भी वही पर थे और वो हंस रहे थे. भैया ने कहा अरे तेरी भाभी बोल रही थी की तू हाथ से काम चला रहा था, ये घर पर ही तो होती है, मौका मिले तो आ जाया कर मेरे बिना भी, मेरे को कोई प्रॉब्लम नहीं है, परमिशन है मेरी तरफ से पूरी की पूरी. और फिर भाई ने भाभी की तरफ देख के पूछा, क्यूँ भाई कोई प्रॉब्लम तो नहीं है ना मेरी गेरहाजरी में आप को ये चोदे तो?
भाभी ने एकदम सेक्सी अंदाज में बोला अरे मेरे को भला क्या प्रॉब्लम हो जब आप की परमिशन हो फिर.
और तब मेरे मन में जो लड्डू फुट रहे थे वो मैं आप को बता नहीं सकता. और उस दिन से मेरा भाभी को चोदना और बढ़ गया. उस दिन भैयाने और मैंने आगे पीछे यानी की चूत और गांड में लंड दे के भाभी को खूब चोदा. इंडियन सेक्स कहानी डॉट कॉम 
कुछ दिन के बाद भाभी की ननंद उनके घर पर आई. वो कुछ महीनों के लिए उनके घर पर ही रहने वाली थी. और उसके आने के बाद अब मेर को भाभी के साथ सेक्स करने का चांस नहीं मिल रहा था. भाभी भी एक लंड से शायद बोर हो रही थी. एक दिन भैया को किसी काम से दो दिन के लिए बहार जाना हुआ.
एक दिन जब रात के करीब 11 बजे तो भाभी कमरे में आई. उसकी ननंद तब सोई हुई थी. और भाभी तब चुदवाने के लिए ही आई थी. मैं और भाभी ने एकदम जल्दी से फॉरप्ले करना चालू कर दिया. मेरे पुरे कमरे में भाभी की आहों और कराहने के आवाज आने लगे. भाभी ने मेरे लंड को अपने हाथ में पकड़ा और उसे हिलाने लगी. और फिर भाभी नंगी हो गई. मैंने भी अपने लंड को भाभी की चूत में डाल दिया. भैया होते थे तब भी हम सेक्स करते थे और आज भैया घर नहीं थे वो हमें जैसे ध्यान ही नहीं रहा. भाभी की चूत में मेरा लंड था और तभी दरवाजे के ऊपर हलके से नोक हुआ और दरवाजा खुल गया. हम दोनों के चिल्लाने की आवाज से भाभी की ननंद जाग के वहाँ पर आ गई थी. वो वही सामने खड़ी हुई थी और हम दोनों को चोदते हुए देख रही थी.

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अपनी ननंद को आमने रख के भाभी चौंक पड़ी और हम दोनों जैसे पत्थर बन के खड़े हो गए. ननंद ने चिल्ला के भाभी को बोली, साली कुतिया तेरे को शर्म नहीं आती है भैया की गेरहाजरी में पराये लंड से चुद्वाते हुए. आने दे मेरे भाई को मैं बताती हूँ. थोड़ी देर भाभी के ऊपर चिल्लाने के बाद वो थोडा शांत हुई.
सो मैंने भाभी की ननंद से कहा दीदी अब आप ने कुतिया कह ही दिया है तो ये देख भी लो की एक कुत्ता कुतिया को कैसे चोदता है. उसने मेरे को भी गालियाँ देनी चालू कर दी पर मैने भी बिना उसके ऊपर ध्यान दिए भाभी की चूत में अपने पुरे लंड को घुसा दिया. भाभी चिल्लाई अह्ह्ह मर गई बाप रे. मैंने अपनी स्पीड तेज कर दी और अह्ह्ह्ह अह्ह्ह्हह अह्ह्ह उह्ह्ह उह्ह्ह की आवाज से कमरा भर गया. मैंने ननंद के सामने ही भाभी को खूब चोदा और फिर जब मेरी मुठ छूटने को थी तो भाभी की चूत से मैंने लंड निकाल दिया और अपना सब माल भाभी के पेट पर ही निकाल दिया. और ये सब देख के ननंद फिर वहाँ से भाग गई.
मैंने भाभी को कहा की अब तो आप की इस ननंद की चूत भी चोदनी पड़ेगी नहीं किसी को कुछ बोल ना दे भाभी ने हामी भर दी और बोली शाम तक मैं उसे मना लुंगी. हम दोनों अच्छे दोस्त है. मैंने कहा ये सब देख के बाद भी? तो भाभी ने कहा चिंता मत करो तुम, बस शाम की तैयारी करो. और भाभी फिर मेरे कमरे से चली गई.
मैं ऑफिस के लिए रेडी हुआ ही था की भाभी की आवाज आई, अरे भाई आओ चाय नास्ता कर के जाना.

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मैं भाभी के डाइनिंग रूम में गया. मैंने देखा की भाभी अपनी ननंद के साथ बैठ के नास्ता कर रही थी. नास्ता करने के बाद ननंद अपने कमरे में चली गई. मैंने भाभी को देखा तो वो बोली घबराओ नहीं शाम को ठीक हो जाएगा.
अब मैं आप को मेरी इस छिनाल भाभी की ननंद के बारे में बता दूँ. वो बहुत ही स्मार्ट और सेक्सी दिखती है. वो देखने में किसी हिरोइन से कम नहीं है. उसकी हाईट 6 फिट की है, वो अनमेरिड है और 10वी तक पढ़ाई की है. शादी की उम्र हो चुकी है उसकी. उसका फिगर 32 32 34 का है. मेरे पास एक हुनर ये है की मैं कपड़ो के ऊपर से ही औरत की साइज़ का अंदाजा लगा लेता हूँ. इंडियन सेक्स कहानी डॉट कॉम 
शाम को मैं ऑफिस में जल्दी ही घर आ गया. भाभी ने कहा देवर जी कुछ ले लेना आज डबल महनत करनी है. सो मैं दवाई की दूकान पर गया और स्टेमिना बढाने की दवाई और कंडोम ले के आ गया. रात को 9 बजे मैंने डिनर किया और भाभी के वहाँ टीवी देखने के लिए चला गया. ननंद पिक्चर देख रही थी और भाभी किचन क्लीन कर के आ गई. मैं और भाभी सोफे में थे और ननंद सामने के सोफे पर थी.
थोड़ी देर के बाद भाभी ने कहा सीडी में अच्छी पिक्चर है वो देखते है और डीवीडी स्टार्ट कर दिया. पिक्चर इंडियन ए ग्रेड की थी तो भाभी जा के ननंद के पास बैठ गई. जब भी सेक्स सिन स्टार्ट होता था तो भाभी ननंद की जांघो और बूब्स में हाथ रख देती थी. स्टार्टिंग में ननंद को बुरा लगा फिर धीरे धीरे वो भी एन्जॉय करने लगी.
भाभी का इशारा डेक के मैं भी नंगा होने लगा था. और मैं अब दूसरी साइड में बैठ गया. और धीरे धीरे उनकी जांघो को सहलाने लगा. ननंद ने नहीं किया तो मैंने धीरे से उनकी सलवार के अंदर हाथ डाल दिया. मेरा हाथ जैसे ही उसकी चूत के पास पहुंचा तो वो गुस्से में बोली इसके साथ खेल नहीं ये सिर्फ मेरे होनेवाले पति के लिए है. मैंने उसे सोरी कहा. भाभी ने कहा देवर जी गांड मारना है तो मार लो मुहं में लंड घुसाना है तो घुसा दो पर मेरी दीदी की चूत की तरफ जरा भी बुरी नजर मत करना. ये सुन के हम तीनो हंस पड़े. हम तीनो के सेक्स के लिए ग्राउंड रेडी हो गया था.

सोफे में ही भाभी ने मेरे लंड को सहलाना स्टार्ट कर दिया. मैं ननंद के बूब्स को मसल रहा था. थोड़ी देर में ननंद की सिसकियाँ स्टार्ट हो गई. अह्ह्ह्ह अह्ह्ह्ह ऊह्ह्ह अह्ह्ह्हह की आवाजें तेज होने लगी थी. भाभी ने कहा चलो अब बेडरूम में चलते है.
मैं भी सब कपडे निकाल दिए. भाभी और ननंद ब्रा पेंटी में आ गए. मैंने पहले से ही पिल ले लिया था इसलिए मेरा लंड पूरी तरह से टाईट हो गया था. ननंद ये देखकर बोली भाभी आप को दर्द नहीं होता देखो कैसे खड़ा है ये तो!
भाभी मेरा लंड अपने मुहं में भर के चूसने लगी थी. मेरे मुहं से अह्ह्ह अह्ह्ह निकलने लगी थी. थोड़ी देर बाद भाभी ने ननंद को कहा अब तू भी चूस ले. ननंद ने भी लंड को अपने मुहं में ले लिया. मेरे बदन में एक अलग ही सेंसेशन दौड़ रही थी. ननंद ने एक ही मिनिट लंड चूसा और फिर ये बोल के निकाल दिया की मेरे को उलटी जैसा हो रहा है.
और फिर कुछ देर के बाद चुदाई की बारी आ गई. मैंने पूछा की पहले कौन तो भाभी ने कहा मैं बड़ी हूँ तो पहले मैं.
भाभी को मेरे लंड के ऊपर बैठने में मजा आता था तो वो बोली तुम लेट जाओ और वो फिर मेरे लंड के ऊपर आ के बैठ गई. ननंद एकदम सामने ही थी. भाभी ने धीरे धीरे मूवमेंट की और वो उछल उछल के मेरा लंड लेने लगी थी कुछ ही देर में. पांच मिनिट तक भाभी ने उछल उछल के चुदवाया. और फिर ननंद को उसने अपने हाथ से घोड़ी बनाया.
और मेरा चिकना लंड उसकी गांड में डाला. मेरे लंड से गांड मरवा के ननंद की फटने को ही थी. उसने कहा पीछे से निकाल के आगे डाल दो. मैं मन ही मन सोचने लगा की साली कुछ देर पहले तो बड़ी सीधी बन रही थी की पति के लिए चूत बचानी है! इंडियन सेक्स कहानी डॉट कॉम 
लेकिन मेरे को कितने टके ये सोच के मैंने फाड़ फाड़ के उसकी चूत की धज्जिया उड़ाई. मेरे ऊपर गोली का स्टेमिना था इसलिए मैंने दो दो बार दोनों को चोदा तब तक मेरी मुठ नहीं छूटी. और उस दिन ही ननंद ने भाभी को बोला, भाभी सच में आप ने अच्छा लंड पटा के रखा है!

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