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पीपल पेड़ के नीचे गर्लफ्रेंड की चूत में लंड डाला

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Hindi xxx Story पीपल के पेड़ के नीचे गर्लफ्रेंड की चूत में लंड डाला

हेलो दोस्तों मैं मनोहर आप सभी का इंडियन सेक्स कहानी डॉट कॉम में बहुत बहुत स्वागत करता हूँ। दोस्तों मेरे गाँव का नाम मनकापुर है। ये बहुत ही प्यारा गाँव है। इसी में मेरा जन्म हुआ था। मुझे अपने गाँव से बहुत प्यार है। धीरे धीरे मैं 20 साल का एक जवान मर्द हो गया था। अब मुझे मेरे दोस्तों से सेक्स और चुदाई के बारे में बताना शुरू कर दिया था। मैं अपने दोस्तों के साथ तरह तरह का नशा करने लगा था। अब मैं शराब, सिगरेट और गांजा भी पीने लगा था। इसके साथ ही मैं जवान और खूबसूरत लड़कियों के साथ चुदाई भी करने लगा था। उस दिन मेरे दोस्त नन्दू और मटरू ने मुझे आम के बगीचे में बुलाया था। कुछ देर बाद मटरु की माल सविता आ गयी गयी और फिर बारी बारी मैंने, नन्दू और मटरू ने सविता को चोदा।
दोस्तों इस तरह मुझे चुदाई की बुरी लत लग गयी थी। आपको तो पता ही होगा की गाँव में ये सब गंदी बाते बच्चे जल्दी सीख जाते है। मैं भी अब ये सब सीख चुका था। धीरे धीरे मुझे रोज चुदाई की आदत लग गयी। मैंने अपने गाव की रेखा, शीला, ज्योति, मीनू कई लड़कियों को चोद लिया था। पर दोस्तों मेरा लंड ऐसा था की रोज ही खड़ा हो जाता था। मुझे सेक्स और चुदाई में जन्नत जैसा मजा मिल जाता था। इस तरह मैंने कई लड़कियों को पटा लिया था। धीरे धीरे मुझे मुन्नी नाम की लड़की से प्यार हो गया था। वो बहुत सुंदर और सेक्सी लड़की थी। अभी पूरी तरह से कुवारी थी। हमारे गाँव के पुजारी की बेटी थी। बहुत गोरी, सुंदर और सेक्सी माल थी। अभी तब वो किसी लकड़े से पटी नही थी। जब भी वो मेरे सामने से गुजरती थी मेरा लंड खड़ा हो जाता था। मन करता था की अभी जाकर इस खूबसूरत माल को चोद लूँ। पर दिक्कत थी की मुन्नी किसी लड़के से लाइन नही लेती थी। एक दिन मैंने अपने दोस्तो को काम पर लगा दिया। सुबह के 10 बजे थे मुन्नी अपने खेत की तरह जा रही थी। मेरे दोस्त मटरू और नन्दू ने जाकर मुन्नी का हाथ पकड़ लिया और उसे छेड़ने लगे।
“अरे मुन्नी क्यों अपनी जवानी में जंग लगा रही है। आजा रानी हम तुझे जवानी के मीठे मजे दे सकते है” मटरू ने रंजीत खलनायक की तरह सिर घुमाते हुए कहा
“छोड़ो मेरा हाथ! मुन्नी चिल्लाई
फिर मैंने अचानक हीरो की तरह एंट्री मार दी। और झूठमुठ मटरू और नन्दू से मैं झगड़ा करने लगा। उनको मारपीट कर मैंने भगा दिया। पंडित की खूबसूरत बेटी मुन्नी फफक फफक कर रो रही थी। दोस्तों धीरे धीरे मेरी और मुन्नी की दोस्तों हो गयी और हम दोस्त बन गये। वो जब भी मुझे देखती हंस देती। मैं भी जब उसे देखता हंस देता। धीरे धीरे हमारी दोस्ती प्यार में बदल गयी। मैंने आई लव यू वाली एक चिट्टी उसे हाथ में पकड़ा दी और जवाब भी देने को कहा। फिर मुन्नी ने भी मुझे आई लव यू लिखकर दे दिया। दोस्तों हमारा इश्क अब जोर पकड़ने लगा। अक्सर मैं मुन्नी से कभी पीपल के पेड़ के पास, कभी नहर के पास , कभी आम के बाग़ में मिलने लगा। मैं उसे बाहों में भर लेता और सीने से लगा लेता। काफी देर देर तक हम दोनों आपस में चिपके रहते। ये कहानी आप इंडियन सेक्स कहानी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है।

मुन्नी बहुत गोरी और सुंदर लड़की थी। उसका बदन बहुत गोरा, भरा हुआ और सुडौल था। फिगर कमाल का था। वो बहुत सेक्सी और हॉट माल लगती थी। 36, 30, 34 का फिगर था उसका। मुन्नी सलवार सूट पहनती थी। अपने बड़े बड़े 36” के मम्मो को दुप्पटे से छुपाने की कोशिश करती थी पर फिर भी हम लोगो को उसके मम्मे के दर्शन हो जाते थे। दोस्तों उसकी बड़ी बड़ी ठोस मुसम्मियों को देखकर ही दिमाग खराब हो जाता था और हम लड़को का लंड खड़ा हो जाता था। सभी मुन्नी को बस एक बार जी भर के चोदना और खाना चाहते है। ये बात उसे मालुम थी। हम दोनों अक्सर पीपल के पेड़ पर मिलते थे। वहां पर बड़े चबूतरे पर हम बैठकर रोमांस करते। मैंने मुन्नी को चबूतरे पर लिटा देता और जी भरकर उसके होठ चूसता। और धीरे धीरे उसके दूध को सूट के उपर से दबाने लग जाता। मैंने मुन्नी के होठ चूस चुका था। उसकी मुसम्मी भी पी चुका था पर अभी तक उसकी चूत नही मारी थी।
कजरी चीज के दिन मुन्नी के घर वाले और उसके बप्पा [पापा] शहर मेला देखने गये थे। दिन में 12 बजे मैंने उसे पीपल के पेड़ पर मिलने को कहा। वो आई गयी। मैंने उसे पकड़ लिया और चुम्मा लेने लगा। मैं आज उसे चोदने के मूड में था। मैं मुन्नी को पक्के सिमेंटेड चबूतरे पर लिटा दिया और उसके उपर लेट गया। हम दोनों प्यार करने लगा। दोस्तों कुछ देर बाद मैंने उसके मम्मे को उसके सूट से बाहर निकाल दिया और पीने लगा। मुन्नी “ओह्ह माँ….ओह्ह माँ…उ उ उ उ उ…… की अअअअअ आआआआ….” कामुक आवाजे निकाल रही थी। धीरे धीरे मैंने उसका सलवार सूट निकाल दिया। और उसकी ब्रा और पेंटी भी निकाल दी। फिर मैं पूरी तरह नंगा हो गया। अरे भगवान मुन्नी क्या गजब का सामान लग रही थी। मैंने उसे बाहों में भर लिया और उसे प्यार करने लगा।

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हम दोनों एक दूसरे को जल्दी जल्दी चूमने सहलाने लगे। मैंने अपनी गर्लफ्रेंड मुन्नी के दूध को हाथ से दबाना शुरू कर दिया। कितनी खूबसूरत गोरी गोरी चूचियां थी उसकी। कितनी हॉट और सेक्सी। मुन्नी “ओहह्ह्ह…ओह्ह्ह्ह…अह्हह्हह…अई..अई. .अई… उ उ उ उ उ…” सेक्सी आवाजे निकाल रही थी। फिर मैंने जल्दी जल्दी उसकी चूची को मुंह में लेकर चुसना कर दिया। पीपल के पेड़ के नीचे ही हम दोनों चुदाई करने जा रहे थे। मुन्नी का पूरा जिस्म ही बहुत सेक्सी था। क्या चिकने चिकने हाथ पैर थे उसके। देख के ही मुझे नशा चढ़ रहा था। वो मेरे सामने पूरी तरह से नंगी थी और बहुत मस्त लग रही थी। मैंने उसकी नंगी पीठ, कमर, और पुट्ठों पर हाथ फेर रहा था और उसके दूध चूस रहा था। आज मुन्नी ने अपने हुस्न का खजाना मेरे लिए खोल दिया था। मेरे सामने आज उसके रूप और यौवन की दौलत पड़ी हुई थी। आज मुझे अपनी गर्लफ्रेंड को चोद चोदकर उसके यौवन की दौलत को लूट लेना था। उसकी छातियाँ बड़ी गोल गोल भरी भरी और बहुत चिकनी थी। मैं मजे से उसे मुंह में लेकर चूस रहा था। मुन्नी के बूब्स इतने बड़े थे की मुश्किल से मेरे मुंह में समा पा रहे थे। ये कहानी आप इंडियन सेक्स कहानी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है।
वो “आई…..आई….आई… अहह्ह्ह्हह…..सी सी सी सी….हा हा हा…” आवाज बार बार निकाल रही थी। मैं किसी खरगोश की तरह उसकी लाल लाल निपल्स को कुतर रहा था। मुन्नी कराह रही थी। मैं मुंह चला चलाकर उसके बूब्स को पी रहा था। कितने नर्म, कितने मुलायम और कितने मस्त। मैं बड़ी देर तक अपनी गर्लफ्रेंड के अमृत समान मम्मो को पीता रहा फिर मैंने अपना मुंह ही मुन्नी के चुच्चो के बीच में रख दिया और खेलने लगा। मेरे हाथ जोर जोर से उसके मम्मो को दबा रहे थे। वो सिसक रही थी। मुझे अच्छा लग रहा था। इतने मुलायम चुच्चे मैंने आजतक नही देखे थे। मैं आधे घंटे तक अपनी गर्लफ्रेंड मुन्नी के बूब्स चूसता रहा किसी आम की तरह। मैंने मुन्नी के पैर खोल दिए। उसकी भोसड़ी का दर्शन होने लगा। उसकी चूत को मैंने ऊँगली से खोलकर देखा। वो पूरी तरह कुवारी माल थी। उसकी चूत की सील पूरी तरह से बंद थी।
मैंने अपने लंड के सुपाडे को थूक लगाकर गीला किया और मुन्नी की चूत पर रख दिया और जोर का धक्का अंदर की तरह मारा। उसकी चूत की सील टूट गयी। मेरा 8” का लम्बा लंड 5” अंदर चूत में घुस गया था। मुन्नी रो रही थी और “आआआअह्हह्हह…..ईईईईईईई….ओह्ह्ह्….अई. .अई..अई…..अई..मम्मी….” बोलकर सिसक रही थी। 2 मिनट तक मैं रुका रहा जिससे मेरी गर्लफ्रेंड मुन्नी को कुछ आराम मिल जाए फिर मैंने जोर का धक्का फिर से मारा। दोस्तों अब मेरा 8” लम्बा लंड उसकी चूत में अंदर तक उतर गया। मुन्नी फफक कर रो पड़ी। धीरे धीरे मैं उसे चोदने लगा। उसकी चूत से लाल रंग का खून निकल रहा था।

उसे देखकर मैं थोड़ा डर गया था। पर मुन्नी को चोदने के लिए उसकी सील तोडनी जरूरी थी। धीरे धीरे मुन्नी को आराम मिलने लगा। मैं अपनी कमर को घुमा घुमाकर मुन्नी को पेलने लगा। वो “……मम्मी…मम्मी…..सी सी सी सी.. हा हा हा …..ऊऊऊ ….ऊँ. .ऊँ…ऊँ…उनहूँ उनहूँ..” की कामुक आवाजे निकाल रही थी। धीरे धीरे उसक दर्द कम हो रहा था। मैं उसके गाल और गुलाबी होठो को चूम लेता था। सच में दोस्तों मुन्नी गजब की खूबसूरत माल थी। धीरे धीरे उसकी चूत का दर्द कम हो गया और वो आराम से चुदवाने लगी। मैं भी अपने धक्के तेज करने लगा। अब उसकी चूत में तूफ़ान आ गया था। मुन्नी अब पूरी तरह से गर्म हो गयी थी और “…….उई. .उई..उई…….माँ….ओह्ह्ह्ह माँ……अहह्ह्ह्हह…” की लम्बी सांसे भर रही थी। मैं जल्दी जल्दी उसे चोद रहा था।
उसके साथ योनी मैथुन का भरपूर मजा ले रहा था। मुन्नी ने मुझे बाहों में लपेट लिया था। मेरा लंड तो अब फूलकर और जादा मोटा हो गया था। और जादा नशीली रगड़ चूत के भीतर दे रहा था। 15 मिनट से मैं उसे ले रहा था पर अभी आउट नही हुआ था। अब मैं और गहरे शॉट्स मुन्नी की रसीली चुद्दी में मार रहा था। वो कमर उछाल उछालकर चुदा रही थी। “ हूँउउउ हूँउउउ हूँउउउ ….ऊँ—ऊँ…ऊँ सी सी सी सी… हा हा हा.. ओ हो हो….” की सेक्सी आवाजे निकाल रही थी। मैंने 40 मिनट तक उसे ठोंका फिर चूत में ही माल गिरा दिया। मुन्नी मुझे जल्दी जल्दी किस करने लगी। उसे भी आज बहुत मजा आया था। मेरे लंड पर अब भी उसकी चूत का खून लगा हुआ था।

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