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प्लम्बर ने सीमा को उल्टा किया और उसकी चडी को उतार के सूंघने लगा

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नमस्कार आदाब, मेंरा नाम अक्षित हे. में लुधियाना का रहने वाला एक सीधा साधा इंसान हु. वैसे तो मेरी एक गर्ल फ्रेंड है. लेकिन उससे कभी चुदाई नही की हे. किस करना, फिन्गरिंग करना, वो सब आम था. लेकिन वो कभी सेक्स के लिए नही मानी. मेरी गर्ल फ्रेंड बहोत हॉट और सेक्सी हे और मुज से भी वह बहोत मेहनत के बाद पटी थी.

तो बिना टाइम गवाए में आपको अपने बारे में बता दू. में एकदम गोरा हु और मेरी हाईट ५.९ फुट हे और लंड का साइज़ ७.५ इंच हे. मेरी बोडी एकदम मस्त हे और में हर रोज जिम में जाकर मेहनत करता हु… मेरी पड़ोसन का नाम सीमा है. वैसे मेरी पड़ोसन का एक बच्चा है. जो की १२ मी क्लास में पढता है.उसे देख कर कोई भी नहीं कह सकता की उसे कोई १२ वी क्लास में पढने वाला बेटा भी हो सकता हे. सीमा का फिगर ऐसा हे की कोई भी उसे देख ले तो उसको चोदने के लिए तडप उठे. मोटे मोटे बूब्स मानो जैसे बहार आने को तरसते है. ऐसी नाचीज माल को कोन चोदना नही चाहेगा. सीमा का फिगर ३६-३०-३४ हे और एकदम माल लगती हे.

अब सीधा कहानी पर आता हु.

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एक दिन सीमा आंटी के घर कुछ गड बड़ी हुई थी पानी के रिलेटेड. तो उनका बेटा घर पर नही था. सीमा आंटी को मेरे से बहुत प्यार था, तो उन्हों ने मुझे बहार जाते देखा. जैसे ही में घर के बहार निकला, तो वो बोली

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सीमा बोली : अरे अक्षित, जरा मेरी बात सुनो.

मेंने कहा : ह्म्म्म आंटी कहिये क्या बात हे?

सीमा ने कहा  : हमारे यहा पानी नही आ रहा. और लेडी(उनका बेटा) वो अपनी बुवा के घर गया हुआ है. और उसके पापा भी नही हे यहा, तुम प्लीज कोई प्लम्बर को बुला दो.

मेंने कहा : मेने स्माइल की, फिर मेने कहा ओके आंटी, में अभी कोई प्लम्बर को अभी ले आता हु.

दिल तो कर रहा था, में ही प्लम्बर बन के खुद उसके घर में घुस जाऊ, और उसके बूब्स को पकड़ लू, और पानी की जगह दूध निकालू उसके बदन से, इतना गोरा बदन हे, जब आंटी मुझे बुलाने आई, तो मेरी नजर उसके बूब्स पर ही थी. डीप क्लीवेज वाला कुर्ता और उपर से ब्रा भी नही डाली हुई थी. आप खुद सोच सकते हे की ऐसे किसी लड़की से आई कॉन्टेक में पाना कितना मुश्किल है.

उसके बाद में वहा से निकला, मेने घर का दिया हुआ काम खत्म किया और में वहा से प्लंबर के पास चला गया. बड़ी मुश्केली के बाद मुझे एक प्लंबर मिला तो वह कहने लगा की इतने छोटे काम के लिए में इतना दूर नहीं आने वाला हु. मेने कहा की में तुम्हे यहाँ से ले जाऊँगा और काम ख़त्म होने के बाद में तुम्हे वापस यह पर छोड़ जाऊँगा. मेने उसे कहा की काम की मत सोच माल की देख तू आये गा तो तुजे माल देखने को मिलेगा. मेरी बात सुन कर वह हसने लगा और फिर मेने उसे बताया की क्या प्रॉब्लम है. फिर उसको मेरी बाइक पर पीछे बेठा के ले गया. और आंटी के घर के सामने उतार दिया. फीर मेने आंटी के घर की डोर बेल बजाई, और जैसे ही आंटी आई मेरी तो आँखे फटी की फटी रह गई. क्या मस्त चीज लग रही थी. इस बार तो हद थी, उसके निप्पल भी साफ दिखाई दे रहे थे. उसकी गांड जब ठुमक ठुमक के चलती थी तो, बस दिल करता था अभी ही इसके कपड़े फाड़ दू.

उसे देख कर मुझे लगा की कुछ चीज कपड़ो के बिना ही अच्छी लगती है. जैसे की मेरी सीमा आंटी. टाइम वेस ना करते हुए मेने प्लम्बर को वहा छोड़ दिया, और आंटी को कह दिया की इन्हें दिखा दीजिये, तो आंटी ने कहा की  ठीक है. मेने एक बात नोटिस की, आंटी को देखते ही प्लम्बर का पेंट में  टेंट बन थी, पर मेने इतना ध्यान ना देते हुए अपने घर चला गया. .आप ये चुदाई स्टोरी इंडियन सेक्स कहानी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है.

आंटी ने प्लम्बर को बताया की लीकेज कहा पर है. और फिर जब प्लम्बर ने लीकेज चेक किया तो उसके दिमाग में पता नही चला क्या आया और उसने कहा की खराबी उपर के पाइप में है. आंटी को इतना नही पता था, तो वो उनके साथ उपर चली गयी. और देखने लगे. प्लम्बर की आँखे तो सीमा पे ही थी.

सीमा आंटी की छत और हमारी छत एक दुसरे के साथ है, बस थोड़ी ऊँची है. और उनकी छत ऐसी है की चारो तरफ से कुछ नही दीखता.

तो जैसे ही प्लम्बर पाइप चेक करने लगा, उसने देखा की सीमा जुक के कपड़े उठा रही थी, तो उसमें से उस के मोटे मोटे बूब्स दिख रहे थे. प्लम्बर से अब रहा नही जा रहा था. उसने अपने पेंट की ज़िप जान बूज कर खोल ही दी.

और उसने नीचे से अंडरवियर भी नही डाला था. वो जान बुच कर सीमा के सामने खड़ा हो गया. तभी सीमा ने नोटिस किया की, उसका लंड खड़ा हुआ है और उसकी ज़िप भी बंद नही है. सीमा की आँखे तो एकदम से चमक गई थी. सीमा ने इग्नोर सा किया और प्लम्बर को चाय का पूछा, तो प्लम्बर ने हा कह दिया. और फिर सीमा प्लम्बर के लिए चाय लेने चली गयी.

इधर अब प्लम्बर से रहा नही जा रहा था. उसने देखा की काफी कपड़ो में से सीमा की एक ब्रा भी पड़ी थी. उसने वो ब्रा उठाई ओर अपने लंड पे डाल दी और मुठ मारने लगा. उसकी खुश्बू उसे ओर पागल कर रही थी. इधर सीमा चाय लेकर आ रही थी. उसने देखा की प्लम्बर वहा खड़ा नही है. तो उसने खिड़की से हल्के से झाका और उसकी आँखे तो फटी की फटी रह गयी. उसने देखा की प्लम्बर तो उसकी ब्रा के साथ खेल रहा है, और अपना लंड सेहला रहा है.

तो वो थोड़ी देर के लिए चुप हो गई. पर फिर वो थोड़ी आवाज करने लगी. जिस से प्लम्बर को पता चल जाये की वो आ रही है.

पर प्लम्बर का प्लान तो कुछ ओर ही था वो सीमा के सामने ही  लगा हुआ था, और फिर सीमा जोर से चीलाई.

सीमा ने कहा : ये क्या कर रहे हो?

प्लम्बर नव कहा : कुछ नही मेरी रानी, बस तेरी ब्रा के साथ खेल रहा हु.

सीमा ने कहा : ये क्या बतमीजी है इसे अंदर डालो, और मेरी ब्रा दो. .आप ये चुदाई स्टोरी इंडियन सेक्स कहानी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है.

प्लम्बर ने कहा : मेरी जान खुद आ कर ले जा. और मेरे लंड को भी अंदर डाल दे, पर पेंट के नहीं,अपनी चूत के.

सीमा का दिल डोल चूका था और उसकी आँखे तपड रही थी उस लंड को मुह में लेने के लिए. क्युकी उस प्लम्बर का लंड एकदम साफ और चिकना था.

फिर प्लम्बर सीमा के पास आया. और उसे गले गलाने की कोशिश की, पर सीमा छुड़ाने की कोशिश करती रही. मगर प्लम्बर कहा हटने वाला था. उसका लंड सीमा की चूत में जाने तो तपड रहा था. साथ ही साथ प्लम्बर सीमा के बूब्स भी दबाने लगा. पर सीमा फिर भी उसका विरोध करती रही. पर जैसे ही प्लम्बर ने अपना हाथ उसकी चूत पर रखा सहलाया मानो सीमा जैसे थम ही गयी रुकने लगी. और प्लम्बर जोर जोर से कपड़ो के उपर से फिंगरिंग करने लग गया.

प्लम्बर को अब हरी जंडी मिल चुकी थी. उसने बिना देर किये, सीमा के कपड़े फाड़ डाले. मानो जैसे की वो उसे अभी खा जायेंगा (में आप सबको बता दू की मेने ये सब लाइव देखा था, अपनी आँखों से, में छत पर ही था और चोरी से देख रहा था)

उसके बाद मेने देखा, सीमा ने खुद ही अपनी ब्रा उतार दी. में समज गया की ये किसि रंडी से काम नही है. में इसे इतना शरीफ समजता रहा, पर उल्टा ये लंड की प्यासी ही थी.

प्लम्बर से ज्यादा प्यास तो मुजे सीमा के आँखों में दिख रही थी.

प्लम्बर ने कहा  : चल रंडी अब नीचे बेठ, और मेरा लोडा चूस, तूने इसे बहुत तडपाया हे भेन्चोद.

सीमा अपने घुटनों पे आई, और पलक जपकते ही  उसने सारा लंड अपने मुह में ले लिया.

प्लम्बर ने कहा : आआआ मेरी रंडी साली पहले खुद निप्पल दिखाती है, फिर खुद लोडा चुस्ती है. आआआआआ चूस रंडी.

इन सब गलियों से सीमा ओर उतेजित हो रही थी. और जिसकी वजह से वो जोर जोर से चूसने लगी.

उसे देखकर मेरा लंड तो पेहले से ही खड़ा था. लेकिन उस टाइम मेने अपना फ़ोन निकाला और फटा फट पिक ली क्युकी यही पिक मुझे सीमा की चुत तक लेके जाने वाली थी.

उसके बाद प्लम्बर ने सीमा को उठाया. प्लम्बर का लंड सीमा के रस से भरा पड़ा था, गीला हुआ था.

प्लम्बर ने सीमा को उल्टा किया टेबल पे, और उसकी चडी को उतार के सूंघने लगा.

सीमा अब तडप रही थी.

सीमा ने कहा : साले अब लंड डाल दे, और मेरी बुजादे दे प्यास. साले भेन्चोद, घुसा दे इसके अंदर लंड, अब और नही रहा जाता, जल्दी से घुसा.

पर प्लम्बर भी चालक था, वो घुटनों के बल जुका और चूत को चुसना स्टार्ट कर दिया. इधर सीमा पागल हुए जा रही थी. प्लम्बर अपनी जीभ उसके चूत के अंदर तक घुसा रहा था. और वो उसका सारा रस पी रहा था. फिर करीब १० मिनिट बाद प्लम्बर उठा, और उसने अपना लंड सीमा की चूत पे टिकाया, और उपर नीचे करने लगा. इधर सीमा गालिया देने लगी.

सीमा ने कहा : डाल दे अब हरामी इसके अंदर लंड, अब और नही रहा जाता, बना दे मुझे अपनी रांड हरामी, अब डाल भी दे भेन्चोद.

प्लम्बर को अचानक गुसा आया, और उसने एक जटका मारा और आधा लंड सीमा के अंदर चला गया. प्लम्बर का लंड तकरीबन ६.५ इंच का था.

सीमा की चूत टाइट थी. जिससे एक बात तो पकी हो गई थी की  उसका घरवाला उसकी चुदाई नही करता.

उसके बाद सीमा से हल्की चीख निकली, लेकिन उसे खास दर्द नही हुआ. उसके बाद प्लम्बर ने चूत से लंड निकाला और फिर से आधा डाला. और अंदर बहार कर ने लगा.इतने में सीमा को मजा आना शुरू हो गया.

प्लम्बर अब उसे आराम से चोद रहा था. सीमा को लगा सारा लंड अंदर जा चूका है. वो आराम से मजे लेने लग गई. मगर प्लम्बर ने फिर अपना लंड बहार निकला, और एक फाइनल धका मारा. जिससे उसका सारा लंड सीमा के अंदर चला गया. सीमा की तो जैसे आवाज ही चली गई. उसकी आँखे बहार को आई, और आँखों में आसु. और वो गिडगिडाने लगी, बहार निकाल हरामी प्लीज बहार निकाल, बहुत दर्द हो रहा है. लेकिन प्लम्बर कहा रुकने वाला था.

उसने अपना लंड बहार निकला और जैसे ही सीमा को आराम हुआ उसने एक और धक्का मारा और फिर से सारा लंड अंदर  डाला और धीरे धीरे धक्के मारने लगा. फिर कुछ १० मिनिट के बाद सीमा को भी मजा आने लगा था और उसने अपनी टांगे फैला दी और उसने फिर से गालिया बकनी शुरू कर दी थी.

सीमा ने कहा :चोद सेल हरामी साले  फाड़ दे मेरी चूत आज आह्ह अह्ह्ह प०ह्ह हाह्ह ओह्ह अम्म्म अहहह ह्ह्म्म आय्य्य एस अहह ओह्ह आज मुझे रंडी बना दे साले हरामी चोद मेरी चूत को आज और फाड़ दे मेरी चूत को आज तू तेरा लंड मत निकाल मेरी चूत के अंदर से.

प्लंबर भी उसके यह बोल सुन कर बहोत गर्म हो गया था और मजे से उसे पकड ककर जोर जोर से चोदने लगा था और वह साथ में उसके बोबे भी दबा रहा था और वह आह ओफ्ह अह्हह ओह्ह अहहह एस अह्हह ओह्ह अहहह ओम्म्म अम्म्म हाह ये कर रही थी.

थोड़ी देर के बाद प्लंबर का निकलने वाला था और उसने आंटी को कुछ नहीं बताया और उसके चत के अंदर ही जड़ गया था.

सीमा ने कहा : साले लोडे अंदर क्यों निकला तूने? बहार नहीं जड सकता था/

प्लंबर ने कहा : मेरी रंडी तेरी चूत में इतना मजा आ रहा था की में लंड को बहार नहीं निकाल पाया.

सीमा से अब तो चला भी नहीं जा रहा था और उपर से उसकी चूत में गर्म गर्म माल पड़ा था. उसके बाद सीमा ने कपडे पहने और निचे आ गयी और प्लंबर ने भी कपड़े पहन लिए और उसकी पेंटी और ब्रा उठा के निचे आ गया, फिर उसने आंटी को कहा की वह उसकी ब्रा और पेंटी लेके जा रहा हे और आंटी ने उसे गेट तक छोड़ा और अंदर चली गयी, प्लंबर ने काम के लिए आंटी से कोई पैसे नहीं लिए थे.

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