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पड़ोस वाली आंटी को दोपहरिया में साड़ी उठाकर चोदा

New Sex Stories पड़ोस वाली आंटी को दोपहरिया में साड़ी उठाकर चोदा

दोस्तों मेरे पापा ने एक बड़ी बिल्डिंग में 30 लाख का 2 bhk फ़्लैट लिया था। बिल्डिंग का नाम शारदा टावर और अभी अभी ये बिल्डिंग बनकर तैयार हुई थी। अभी पूरा काम नही हो पाया था। पर लोगो को फ्लैट दे दिए गये थे क्यूंकि फ्लैट का डवलपर 4 साल पहले ही रकम ले चुका था। इसलिए अब सारे फ्लैट खरीददार रहने के लिए आने लगे थे। हम लोगो को 6th फ्लोर पर फ्लैट दिया गया था। एक फ्लोर पर कुल 4 फ्लैट होते थे। हम लोगो ने रहना शुरू कर दिया। कुछ दिनों बाद एक अन्य परिवार भी रहने आ गये। धीरे धीरे मेरी उन लोगो से दोस्तों हो गयी। वो वाले अंकल और आंटी बहुत अच्छे थे। 3 छोटे बच्चे भी थे आंटी के। 8 साल का, 5 साल का और 3 साल का। दोस्तों धीरे धीरे मेरी कमला आंटी से दोस्ती हो गयी।
अंकल तो सुबह 10 बजे काम पर चले जाते थे और मुझसे बोल जाते की कमला आंटी का ख्याल रखना। दोस्तों इस तरह मेरी आंटी से कुछ जादा ही दोस्ती हो गयी। रोज एक ही फ्लोर पर रहने के कारण सुबह शाम उनसे मुलाकत हो जाती। अक्सर आंटी मेरे साथ ही लिफ्ट में नीचे उपर जाती। धीरे धीरे वो मुझे पसंद करने लगी। एक दिन दोपहर के 1 बजे थे कमला आंटी ने मुझे किसी काम से बुलाया। मैं गया तो मेरा हाथ पकड़ लिया।
“राजू….लेगा???” अचानक से आंटी हल्की आवाज में बोली
“क्या?????” मैंने घबराकर कहा
“चूत मारेगा मेरी???? बोल? चल मुझे कमरे में चलके चोद ले” कमला आंटी बहुत धीमी आवाजे में बोली। वो मुझे बस घूरे जा रही थी। मुझे समझने में देर नही लगी की वो चुदासी हो गयी है और मेरा लंड चूत में खाना चाहती है। दोस्तों मैं कोई इस तरह का आवारा लड़का तो था नही की किसी भी औरत को चोद लूँ। आखिर मेरी भी कोई इज्जत थी।
“नही आंटी!!” मैंने कहा और वहां से उठकर चला गया। ये बात सिर्फ मेरे और कमला आंटी के बीच ही हुई थी। और कोई इस बारे में नही जानता था। उस दिन से जब आंटी मुझे देखती तो मुस्कुरा देती। धीरे धीरे मैं भी मुस्कुराने लगा। धीरे धीरे मैं आंटी को चोदने वाली नजर से देखने लगा। धीरे धीरे मेरा लंड खड़ा हो जाता जब कमला आंटी को देख लेता। दोस्तों कमला आंटी मस्त माल थी। भरे पूरे जिस्म वाली औरत थी। शादी शुदा औरत थी। 3 बच्चे थे उनके इसका मतलब की उनके पति ने जमकर उनकी चूत बजाई थी और जी भरकर चोदा था आंटी को। वो शुद्ध भारतीय औरत की तरह साड़ी ब्लाउस पहनती थी। 3 बच्चो के हो जाने से उनकी चूचियां थोड़ी ढीली पड़ गयी थी। पर अब भी आंटी चोदने लायक सामान थी। हमेशा सज धजकर रहती थी। सुबह शाम क्रीम पाऊडर लगाती थी। गहरे गले का ब्लाउस पहनती थी जिसमे उनके 36” के मम्मे हल्के हल्के दिख जाते थे। आंटी मुझे अक्सर घूर घूर के देखा करती थी जिससे पता चलता था की वो मुझसे चुदना चाहती है और मेरा मोटा 8” का लंड चूत में लेने के लिए तडप रही है। आंटी की गांड काफी बड़ी थी और पुट्ठे काफी बड़ी बड़े थे। कमला आंटी अपना पिछवाडा पीछे की ओर निकालकर चलती थी जैसे सबसे कह रही हो की आओ मेरी गांड चोद लो। उनके होठ काफी गुलाबी और रसीले थे। उनकी चूचियां काफी सेक्सी और जूसी थी। मैंने कई बार कमला आंटी के दूध देखे थे जब वो अपने बच्चो को दूध पिलाती थी। मेरा उनको चोदने का बड़ा मन था। मुझे पूरा विश्वास था की आज भी कमला आंटी की चूत कसी और रसीली होगी। मैं उनको कसके चोदना चाहता था। ये कहानी आप इंडियन सेक्स कहानी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है

दोस्तों एक दिन फिर से हम दोनों की लिफ्ट में मुलाकत हो गयी। मैंने 6th फ्लोर की बटन दबा दी। लिफ्ट उपर को जाने लगी। सिर्फ मैं और कमला आंटी ही लिफ्ट में थे। वो आज भी मुझे घूर घूर के देख रही थी जैसे मुझे खा जाएगी। मैं जानता था की वो मुझसे चुदाना चाहती है।
“आंटी!! आज दोगी???” मैने कह दिया
“ठीक है। 1 घंटे बाद आ जाना। तब तक मैं खाना बना लूँ” कमला आंटी बोली
फिर लिफ्ट में ही मैंने उनको पकड़ लिया और किस करने लगा। फिर मैं अपने घर में चला गया। मेरी मम्मी सो रही थी और छोटी बहन स्कूल गयी थी। मैं वक्त काटने लगा। मैं बाथरूम में जाकर अपनी झाटे साफ़ कर ली और अच्छी तरह रगड़ रगड़ कर नहा लिया था। फिर मैं तरोताजा हो गया और फोग वाला डियो लगा लिया। अब घड़ी में दोपहर के 1 बजे थे। दोस्तों आप जो जानते है की दोपहर में लोग एक नींद जरुर मार देते है। दोपहर में काफी सन्नाटा हो जाता है। मेरी मम्मी तो अपने कमरे में सो रही थी। फिर मैं आंटी के घर में चला गया। दरवाजा खुला था। मैं अंदर घुस गया और दरवाजा अंदर से बंद कर दिया। कमला आंटी दोपहर का खाना बना चुकी थी। मुझे लेकर बेडरूम में चली गयी। मैंने उनको पकड़ लिया और किस करने लगा। दोस्तों वो बहुत मस्त माल लग रही थी। काफी गोरी, सुंदर और सेक्सी औरत थी। उन्होंने लाल और पिली रंग वाली साड़ी पहन रखी थी। हम दोनों बिस्तर पर आ गये। मैं आंटी को किस करने लगा। वो मुझे चूमने लगी। दोस्तों 5 मिनट में मेरा लंड खड़ा हो गया था।
“कमला आंटी!! यू आर सो सेक्सी!! आई लव यू” मैंने कहा तो आंटी भी मुझे आई लव यू बोलने लगी। फिर मैं उसके उपर आ गया और उसके रसीले होठ पीने लगा। मैं जमकर उनके होठ चूस रहा था। धीरे धीरे हम लोग एक दूसरे की जीभ भी चूसने लगे। वो मेरी जीभ चूस रही थी। मैं उनकी जीभ चूस रहा था। कुछ ही देर में हम दोनों काफी गर्म हो गये थे।
धीरे धीरे मैं आंटी के जिस्म पर हर जगह अपने हाथ लगा रहा था। कमला आंटी के कन्धो को सहलाने के बाद मैंने उसके ब्लाउस के उपर से ही उसके दूध दबाने शुरु कर दिए। साड़ी का पल्लू एक तरह कर दिया। आंटी के ब्लाउस के उपर से ही उनके रसीले मलाई जैसे दूध के दर्शन हो गये थे क्यूंकि उन्होंने काफी गहरे गले का ब्लाउस पहन रखा था। मैं उनकी चूची पर हाथ रख दिया और सहलाने लगा। फिर धीरे धीरे दबाने लगा। कमला आंटी “ओह्ह माँ….ओह्ह माँ…उ उ उ उ उ……अअअअअ आआआआ….” की सिस्कारियाँ लेने लगी।

“क्यों आंटी आजकल तुमको नही चोद रहे है जो मुझे अपने जाल में फंसा लिया??” मैंने मजाक मजाक में पूछा
“अरे बेटा! जबसे मेरे बच्चे हो गये तुम्हारे अंकल ने तो मुझे चोदना ही छोड़ दिया। उनकी चुदाई वाली इक्षा अब खत्म हो गयी है” कमला आंटी मुंह बनाकर बोली। ये कहानी आप इंडियन सेक्स कहानी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है।
“कोई बात नही आंटी!! मैं तुमको चोद चोदकर जन्नत के मजे दूंगा” मैंने कहा और फिर एक एक बटन उनके ब्लाउस की खोलने लगा। फिर मैंने उनकी ब्रा भी हटा दी। कमला आंटी के दूध 36” के थे बिलकुल गोरे गोरे। दर्शन हुए तो लंड खड़ा हो गया। मैंने मम्मे हाथ में ले लिए और सहलाने लगा। ओह्ह्ह मजा आ गया था दोस्तों जिन्दगी का। मैंने आंटी के दूध को सहलाना शुरू कर दिया। फिर हल्के हाथो से दबाने लगा। आंटी “ओहह्ह्ह…ओह्ह्ह्ह…अह्हह्हह…अई..अई. .अई… उ उ उ उ उ…” की कामुक आवाजे निकालनी लगी। फिर मैं तेज तेज उनकी चूचियां दबाने लगा। आंटी बार बार अपना मुंह खोल देती थी। मैंने उनकी चूची को हाथ से पकड़ा और मुंह में लगा लिया।
और फिर चुसना शुरू कर दिया। “आआआअह्हह्हह…..ईईईईईईई….ओह्ह्ह्….अई. .अई..अई…..अई..मम्मी….बेटा आज पी ले मेरी चूची तू!! चूस बेटा चूस!!” कमला आंटी बोली। उनकी बात सुनकर अब मैं और मन लगाकर उनकी चूची पी रहा था। हल्की लटकी हुई चूची थी पर दोस्तों मुझे भरपूर मजा आ रहा था। अंकल ने जरुर आंटी के मम्मे चुसे होंगे मैं सोच रहा था। कमला आंटी आँखे बंद कर मुझे अपने स्तन पिला रही थी। मेरा लंड क़ुतुब मीनार की तरह टनटना गया था। मैं जल्दी से आंटी को चोदना चाहता था। वो मेरे कंधे सहला रही थी।मेरे चेहरे पर अपने हाथ बड़ी प्यार से फेर रही थी। मैं उनके नंगे जिस्म से खेल रहा था। मैं किसी छोटे बच्चे की तरह उनके स्तन पी रहा था। एक चूची पीता, फिर दूसरी मैं पीता। दोस्तों आधे घंटे तक मैं कमला आंटी के दूध चूसता रहा। उसके बाद आंटी अपनी साड़ी और पेटीकोट उतारने लगी। मैंने आपकी टी शर्ट और जींस उतार दी। मैं अब पूरी तरह से नंगा था। मेरा लंड अब बहने लगा था। मेरे माल की बुँदे नीचे टपक रही थी। फिर से हम दोनों बिस्तर पर लेट गये।

कमला आंटी ने खुद ही अपने पैर खोल दिए। मुझे उनकी चूत के दर्शन हो गये। कुछ देर तक मैं आंटी की रसीली चूत का दीदार करता था। फिर अपने 8” के लंड को मैंने हाथ से जल्दी जल्दी फेटना शुरू कर दिया। फिर आंटी की चूत में लंड हाथ से पकड़कर अंदर डाल दिया। फिर मैं उनको पेलना शुरू कर दिया। कमला आंटी “……मम्मी…मम्मी…..सी सी सी सी.. हा हा हा …..ऊऊऊ ….ऊँ. .ऊँ…ऊँ…उनहूँ उनहूँ..” की कामुक आवाजे निकाल रही थी। दोस्तों मैं उनकी चूत का गेम बजा रहा था। जल्दी जल्दी लंड को अंदर बाहर कर रहा था। आंटी मुझे प्यार कर रही थी। वो “…….उई. .उई..उई…….माँ….ओह्ह्ह्ह माँ……अहह्ह्ह्हह…” की सेक्सी आवाजे निकाल रही थी। मैं अपने काम कर लगा हुआ था।
मैं सिर्फ उनकी रसीली चूत की तरह की देख रहा था। धीरे धीरे मुझे जोश चढ़ रहा था जैसी मैं कोई घोडा बन गया हूँ और किसी घोड़ी को चोद रहा था। फिर तो आंटी लम्बी लम्बी आहे भरने लगी। वो अपनी चूचियों को खुद ही दबाने लगी। मुझे पसीना आ आने लगा। जिस तरह से कमला आंटी के 3 बच्चे थे उनकी बुर आज भी काफी सेक्सी और कसी थी। मैंने 20 मिनट आंटी का गेम बजा दिया फिर चूत में ही माल छोड़ दिया। अब तो अक्सर दोपहर में उनकी ठुकाई हो जाती है। वो मुझे पैसे भी देती है।

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