बहन के साथ ठंडी में चुदाई का मज़ा

दोस्तों में उत्तरप्रदेश का रहने वाला हूँ.. लेकिन अपनी पड़ाई के लिए तीन साल पहले दिल्ली में आ गया था और अब नौकरी करता हूँ. मेरे घर में मेरे पापा, मम्मी और एक बहन रहती है..

पापा एक प्राईवेट कम्पनी में नौकरी करते है इसलिए एक ही शहर में घर पर रहते है और मेरी मम्मी एक हाउसवाईफ है और बहन भी मेरे पास अपनी पढ़ाई पूरी करने के लिए न्यू दिल्ली आने की सोच रही है. दोस्तों पहले में उसका परिचय दे देता हूँ.. उसकी हाईट 5.6 इंच और वो बहुत सेक्सी है और उसकी छाती 32 इंच है बहुत ब्यूटिफुल शेप के साथ.

तो उसने दिल्ली आकर दिल्ली यूनिवर्सिटी में एडमिशन ले लिया और हम दोनों एक साथ में रहने लगे.. मुझे अकेले थोड़ी दिक्कत भी होती थी.. लेकिन वो घर का सब काम कर देती थी इसलिए में काम चला लेता था.

मैंने एक कमरा किराए पर ले रखा था.. जिसका एक महीने का किराया 1300 रुपये था.. लेकिन उसमे एक ही रूम था और एक सिंगल बेड, एक छोटी सी किचन और एक बाथरूम और सब ऐसे ही सही चल रहा था और फिर हमे साथ रहते रहते ऐसे ही करीब तीन महीने गुज़र चुके थे..

वो गर्मियों का मौसम था. एक दिन वो बेड पर सोती थी और एक दिन में और फिर धीरे धीरे ठंड होनी शुरू हो गई तो हमे थोड़ी दिक्कत होने लगी और फिर एक दिन हमने सोचा कि डबल बेड तो आ नहीं सकता इसलिए हम दोनों एक बेड पर ही सो जाते है और उस टाईम हमारे बीच कुछ ग़लत विचार नहीं थे.

मेरी बहन मधु के बूब्स थोड़े बड़े थे.. इसलिए कभी मेरे हाथ से उसके बूब्स छु जाते थे.. तो कभी में जानबूझ कर हल्के से दबा देता था. दोस्तों मैंने कभी सेक्स नहीं किया था..

फिर मुझे धीरे धीरे मज़ा आने लगा.. लेकिन मधु नॉर्मल थी. वो सर्दियों का मौसम था और उस समय दिल्ली में बहुत सर्दी होती है.. में पजामा पहनता था और मधु मेक्सी. फिर एक रात मैंने अंदर अंडरवियर नहीं पहना हुआ था और रात को मेरा लंड तन गया और मधु की जांघ पर लगने लगा..

लेकिन मधु कुछ नहीं बोली. तो मैंने अपने पजामे को हल्का सा ढीला किया और हल्का सा लंड बाहर निकाल लिया और मधु की जांघ में रगड़ना शुरू कर दिया. मधु ने अपना चेहरा मेरी तरफ कर लिया और उसके दोनों हाथ अंदर कम्बल में थे और फिर मैंने अपने लंड का टोपा उसके हाथ पर रख दिया

और आँखें बंद करके ऐसे ही पड़ा रहा और मुझे पता नहीं मेरी आँख कब लग गई और अगले दिन जब सुबह उठा तो मेरा लंड खड़ा था और मधु किचन में चाय बना रही थी. शायद उसने मुझे देखा नहीं था और में भी आँखें बंद करके ऐसे ही पड़ा रहा

और जब मधु अंदर आई तो उसने मेरे लंड का टोपा देख लिया और ऐसा जताने लगी कि जैसे कुछ देखा ही ना हो.. एकदम नॉर्मल. में फिर उठकर नौकरी पर चला गया.. अब मुझे बस रात होने का इंतज़ार था.

फिर शाम के 6 बज चुके थे और में अपने घर पर आ गया.. मधु पढ़ाई कर रही थी. में जल्दी से बाथरूम में गया और नहाकर बाहर आया और खाना खाकर बेड पर लेट गया और मधु भी थोड़ी थकी हुई थी.

वो भी लेट गई.. आज वो भी कुछ अलग लग रही थी क्योंकि उसने मेक्सी की बजाए शर्ट पहनी थी और उस समय रात के 11 बज चुके थे और मुझे बस मधु के सोने का इंतज़ार था.

मधु का चेहरा मेरी तरफ था और मैंने हल्के से अपना हाथ उसके बूब्स पर रख दिया और धीरे धीरे दबाने लगा वो भी शायद इसी के लिए जाग रही थी. फिर मैंने उसकी शर्ट को ऊपर करके एक बूब्स को बाहर निकाल लिया और चूसने लगा.. उसके बूब्स सच में बहुत बड़े थे और मेरे एक हाथ में आ ही नहीं रहे थे

और अब मेरा लंड खड़ा हो चुका था. मैंने अपनी शर्ट को उतार दिया था और में पहले से ही नीचे से बिल्कुल नंगा था. मैंने अब उसकी जिन्स को भी उतार दिया था और वो भी अब नीचे से नंगी थी.

फिर मैंने अपना लंड उसकी चूत के मुहं पर रख दिया था और में उसे गरम करने के लिए लंड को चूत पर घुमा रहा था.. उसे भी बहुत मज़ा आ रहा था.. लेकिन वो आँखें बंद करके लेटी हुई थी और बस मेरा साथ दे रही थी.

तो मैंने मौका देखकर एक जोर का झटका मारा और मेरा आधा लंड अंदर जा चुका था और अब मुझे भी पूरा विश्वास आ गया था कि वो भी यही चाहती है जो में चाहता हूँ. फिर मैंने अपने दोनों हाथ उसके पास में रखे और उसे जोर जोर के धक्के देकर चोदना शुरू कर दिया..

लेकिन उसकी चूत से खून निकल रहा था और वो भी अब जग गई थी और उसने मुझे भी पकड़ रखा था और सिसिकियाँ ले रही थी.. में उसे ज़ोर ज़ोर से धक्के देकर चोद रहा था और अब उसकी चूत से बहुत खून निकल रहा था और पूरे कमरे में चुदाई की आवाज़ आ रही थी.

फिर मैंने अपना लंड बाहर निकाला और उसकी चूत को चाटने लगा.. तभी उसने अपने दोनों पैर फैला दिए और मुझे अपनी चूत पर दबाने लगी और चूतड़ उठा उठाकर चटवाने लगी.

फिर करीब दस मिनट उसकी चूत चाटने के बाद में लेट गया और वो मेरे लंड को अपने मुहं में लेकर जोर जोर से चूस रही थी और मैंने उठकर उसका सर पकड़ा और थोड़े बहुत धक्के देकर उसके मुहं में झड़ गया. वो मेरा पूरा वीर्य पी गई और फिर हमने 2 बार और वैसे ही चुदाई की और फिर ऐसे ही नंगे पड़े पड़े सो गए.

अगले दिन सुबह मेरी आँख खुली वो मेक्सी में थी और मेरे लिए चाय बना रही थी और में नंगा ही बेड पर पड़ा हुआ था और मुझे बहुत शरम आ रही थी.. थोड़ी देर बड़ा में उठा और अपने कपड़े पहनने लगा और किचन में आया और वो मुझे देखकर हंस रही थी.

तभी मैंने उसे सॉरी कहा और उसने कहा कि कोई बात नहीं ऐसा होता है. मैंने फिर उसे सॉरी कहा और उसका हाथ पकड़ लिया.. तो उसने कहा कि आप जैसा मर्द किसी औरत को मिल जाय तो वो बहुत खुशकिस्मत होगी? तो मैंने कहा कि ऐसा क्यों?

फिर वो बोली कि आपने कल रात मेरे साथ जब भी सेक्स किया तो मुझे करीब आधे घंटे तक नहीं छोड़ा. तो में बहुत हैरान रह गया और वो अपनी इस चुदाई से बहुत खुश थी. फिर मैंने कहा कि ठीक है में अब तुम्हारी फिर से ऐसे ही चुदाई करूंगा. फिर हम दो महीने तक ऐसे ही बिना रुके चुदाई करते रहे और अपनी अपनी प्यास बुझाते रहे.

अब वो पूरी 22 साल की हो चुकी है और उसकी चूत भी बहुत बड़ी हो चुकी है. दोस्तों मेरे लिए एक करोड़पति बाप की लड़की का रिश्ता आया था और इसलिए मैंने अपने एक दोस्त के साथ जो कि मेरी ही कंपनी में था उसकी शादी मेरी बहन के साथ करवा दी और मेरे भी शादी हो गई..

लेकिन मेरी बीवी ज़्यादा सुंदर नहीं थी.. बस मुझे शादी के बाद दहेज में 3 करोड़ रुपय मिले.. एक फार्म हाऊस और दो गाड़ियाँ. मधु अभी भी मुझे चाहती है और हमे जब भी मौका मिलता है हम सेक्स करते है.. क्योंकि मधु का पति अविनाश ज़्यादातर बीमार ही रहता है और सेक्स नहीं कर पता है और मधु बहुत हॉट सेक्सी है.

मेरे बीवी शिल्पा को भी सेक्स करना बहुत अच्छा लगता है क्योंकि हम ज्यादा सेक्स नहीं करते और इसलिए वो सेक्स की भूखी थी और उसकी चूत हमेशा लंड को तरसती है. जब भी मौका मिलता तो में मधु को बहुत चोदता था

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