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बुआ की लड़की से मेरा चुदाई वाला अफेयर है

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Hindi Sex Kahani मेरा नाम गणेश है। बनारस का रहने वाला हूँ। मैंने अपनी बुआ की लड़की अनन्या को चोद लिया है। मेरा उससे अफेयर पिछले 3 सालों से चल रहा है। हम जब भी मिलते है चुदाई हो ही जाती है। किस तरह से हम दोनों को प्यार हो गया और कैसे काम लग गया मैंने आपको सब विस्तार से बताता हूँ। मेरी बुआ का घर चंदौली में पड़ता है। मेरे बुआ की लड़की का नाम अनन्या था। वो बिलकुल देसी लड़की थी। अपनी नाक में दाई तरफ वो 2 -2 सोने की रिंग पहनती थी। उसमे वो बेहद सेक्सी दिखती थी। अनन्या की आँखे बहुत सुंदर थी। बिलकुल देसी लड़की है। उसके बाल भी काले लम्बे लम्बे थे। बदन भरा हुआ था। मैं जब भी अनन्या को देख लेता था मेरा लंड खड़ा हो जाता था। उस समय अनन्या बीएससी फर्स्ट इअर में आ गयी थी। अब वो कॉलेज जाने लगी थी। मैं अक्सर अपनी बुआ के घर जाता रहता था। अनन्या को अब कम्प्यूटर सीखना था।
“गणेश बेटा! अनन्या को कम्प्यूटर बिलकुल नही आता है। इसे सिखा दो” मेरी बुआ ने मुझसे कहा
“ठीक है बुआ जी” मैंने कहा
और अगले दिन से मैं उसे कम्प्यूटर सिखाना शुरू कर दिया। अनन्या मेरे पास की कुर्सी लगाकर बैठती थी। मैं उसे लाइन देता रहता था। मैंने उसे सबसे पहले ms word में लिखना सिखाना शुरू कर दिया। अनन्या अब टाइप करना सीख रही थी। रिश्ते में वो मेरी बहन लगती थी पर मेरा तो उसे चोदने का मन कर रहा था।
“अनन्या !! तुम्हारे कॉलेज में लड़के भी पढ़ते है। तब तो किसे से दोस्ती हुई की नही??” मैंने मजाक में पूछा
“नही गणेश भैया!! मेरा कोई बॉयफ्रेंड नही है” अनन्या बोली

कुछ देर पढ़ाई करने के बाद मैंने उसके कम्प्यूटर में एक फिल्म लगा दी। कमरे में कोई नही था। मैं और अनन्या फिल्म देख रहे थे। कुछ देर बाद उसने एक सेक्स सीन आ गया। हीरो हेरोइन के साथ चुम्बन करने लगा। अनन्या बार बार मेरी तरह देख रही थी। जैसे मुझे किस करना चाहती हूँ। मेरा भी इरादा कुछ इस तरह का था। अनन्या मेरी तरह बार बार देख रही थी। फिर मैंने उसका हाथ पकड़ लिया। अचानक अनन्या मुझसे चिपक गयी। मेरे होठो को वो किस करने लगी। दोस्तों रिश्ते में वो मेरी बुआ की लड़की यानी मेरी बहन लगती थी पर अगर बहन जवान और खूबसूरत हो और चुदाने के मूड में हो तो भाई आखिर क्या करे। मैं भी जवान था, अनन्या भी जवान थी। फिर जवानी दीवानी हो गयी। मैं भी सब रिश्तो को मान मर्यादा को भूल गया। मैंने भी उसे लगे से लगा लिया। हम आपस में 5 मिनट तक चिपके रहे।
“गणेश भैया!! आप मुझे बहुत अच्छे लगते हो” अचानक मेरी बुआ की लड़की बोल दी
मेरा लंड खड़ा हो गया।
“अनन्या ! तुम भी मुझे पसंद हो। क्या तुम मेरी गर्लफ्रेंड बनोगी???” मैंने धीरे से पूछा
“हाँ भैया” अनन्या बोली
उसके बाद हम फिर से चिपक गये। काफी देर तक चिपके रहे। आप लोगो को बता दूँ की अनन्या बिलकुल देसी माल थी। उसका फिगर 34 -28- 30 का था। उसके कबूतर बड़े बड़े कसे कसे थे जो उसके कुरते के उपर से ही दूर से चमकते थे। बहुत रसीले दूध थे उसके ऐसा मेरा मानना था। अनन्या सांवली थी, कोई बहुत जादा गोरी लड़की नही थी पर सांवला रंग उस पर खूब था। नाक में दाई तरह 2 -2 रिंग वो पहनती थी। मुझे तो वो रिंग में बेहद सेक्सी माल लगती थी। बिलकुल ब्रिटनी की तरह लगती थी। वो अपने बालों को हमेशा खोलकर रखती थी। उसमे वो शुद्ध भारतीय देसी लड़की दिखती थी। उसकी आँखें सबसे जादा खुबसुरत थी। भोला भाला चेहरा था अनन्या का। इस तरह की थी वो।
मेरा लंड मेरे कच्छे में फड़क रहा था। जब से अनन्या मेरे सीने से चिपकी थी मेरा लंड अब खड़ा हो रहा था। मैं अब अपनी बुआ की लड़की को चोदना चाहता था। मैं बेताब हो रहा था। शायद अनन्या भी बेताब हो रही थी। हम दोनों डेस्कटॉप कम्प्यूटर के सामने ही गोल गोल घुमती पहिये वाले कम्प्यूटर चेयर पर बैठे हुए थे। वो सिर्फ मुझे घूर घूरकर देख रही थी। मैं भी ताड रहा था। आज तो चुदाई होनी ही थी। मौसम ही ऐसा बन गया था। मेरी बुआ जी ग्राउंड फ्लोर पर थी। अपना काम कर रही थी। मैं पहली मंजिल में अनन्या के कमरे में उसके साथ था। कुछ देर तक मैं अनन्या को देख देखकर नजरों ही नजरों में चोदता रहा। फिर मैंने उसकी मुंह की ठुड्डी को हाथ से पकड़ लिया और उसके होठ पर ऊँगली चलाने लगा।   ये कहानी आप इंडियन सेक्स कहानी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है।

अनन्या कुछ नही कहा।
“आओ अनन्या मेरी गोद में बैठो” मैंने कहा और उसे हाथ पकड़कर अपनी गोद में बिठा लिया
वो बैठ गयी। मैं उसे अपने उपर ही झुका लिया। हम किस करने लगे। आज फर्स्ट टाइम मैंने अपनी बुआ की लड़की का गरमा गर्म चुम्बन लिया। धीरे धीरे मैंने उसके दुप्पटे को हटा दिया और उसके बड़े बड़े कबूतर पर हाथ रख दिए। दबाना शुरू कर दिया। अनन्या “ओह्ह माँ….ओह्ह माँ…उ उ उ उ उ……अअअअअ आआआआ….” करने लगी।
“बहन मजा आया???” मैंने पूछा
अनन्या कुछ नही बोली। मैं अब और आधिक स्वतंत्र हो गया। आजादी ने मैंने अनन्या के दोनों कबूतर पर हाथ घुमाने लगा। वो पूरा साथ दे रही थी। मैंने दबाना शुरू कर दिया। दोस्तों उसके कबूतर आम की तरह सॉफ्ट थे। मुझे दबाने में मजा आ रहा था। अनन्या सिसकी भरने लग जाती थी जब जब मैं दबाता था। मैं बार बार दबा रहा था। उसका कुर्ता काफी ढीला था। अंदर उसने ब्रा भी नही पहनी थी। मुझे उसका आम पीना था। ये कहानी आप इंडियन सेक्स कहानी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है।
“ अपना कुर्ता उतारो। मुझे अपना आम पिलाओ बहन” मैंने कहा
अनन्या भी अब गर्म हो चुकी थी। उसने खुद ही अपने कुर्ते को उतार दिया। अंदर उनसे ब्रा नही पहनी थी। अब उसकी नंगी मचलती चूचियां मेरे सामने थी। देखकर मैं पागल हो गया। उसे मैंने कसके पकड़ लिया और सीने से लगा लिया।
“ओह्ह बहन!! तुम तो चोदने लायक सामान हो गयी हो। जरा अपनी मचलती छातियों को देखो कितनी बड़ी बड़ी हो गयी है” मैंने कहा और अपनी बुआ की लड़की अनन्या को सीने से लगा लिया। उसके गाल। गले, कंधे, आखों , सब जगह मैं उसे बार बार किस कर रहा था। चुम्मी ले रहा था। अनन्या मेरी पूरा साथ निभा रही थी। मुझे सहला रही थी। उनके नंगे बूब्स को मैं अब जल्दी जल्दी हाथ से दबाना शुरू कर दिया। अनन्या “ओहह्ह्ह…ओह्ह्ह्ह…अह्हह्हह…अई..अई. .अई… उ उ उ उ उ…” की सेक्सी आवाजे निकाल रही थी। मजा ले रही थी वो। मैं बारी बारी से उसके आमो को हाथ से दबाया। उफ्फ्फ!! दोस्तों कितनी सेक्सी और नुकीली छातियाँ थी मेरी बुआ की लड़की का। भगवान से उसे फुर्सत से बैठकर बनाया था। मैं दबा दबाकर मजे लुट रहा था। अनन्या मेरा साथ निभा रही थी। उसके दूध बहुत सुंदर और हसीन थे। मैं दर्शन कर रहा था। दूध की निपल्स का रंग काला था। गोल गोल काले गोले निपल्स पर और अधिक सजे हुए दिख रहे थे। मैं दूध को पकडकर मुंह में भर लिया और चूसने लगा।  ये कहानी आप इंडियन सेक्स कहानी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है।

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“आआआअह्हह्हह…..ईईईईईईई….ओह्ह्ह्.भाई आराम से लगती है!! …अई. .अई..अई…..अई..मम्मी….” अनन्या बोली। वो मचल रही थी। उसकी आँखें खुद ही बंद हो गयी थी जब मैं उसके दूध को पी रहा था। हम दोनों मस्त हो गये थे। मेरी भी आँख बंद हो गयी थी। मैं तो चूसता ही जा रहा था। मेरी बुआ की जवान और चुदासी आराम से चूसा रही थी। मेरा पूरा साथ दे रही थी। मैं एक चूस लेता, फिर दूसरी शुरू कर देता। इस तरह से खेल कर रहा था। खुले बालों में अनन्या और भी अधिक हॉट लग रही थी। मैं उसके मम्मे दबा दबा चूस रहा था। उसकी पीठ पर मैं उपर से नीचे हाथ घुमा रहा था। बड़ा सेक्सी लग रहा था दोस्तों।
“गणेश भाई! क्या सिर्फ मेरे दूध की पियोगे या मुझे चोदेगे भी???” अनन्या बोली
मैंने उसकी सलवार का नारा खोलना शुरू कर दिया। सलवार उतार दी। फिर पेंटी भी उतार दी।
“अनन्या बहन आओ मेरा लंड चूसो” मैंने कहा
मैं कम्प्यूटर की चेयर पर ही बैठा हुआ था। अनन्या नीचे बैठ गयी। मेरे लंड को हाथ में लेकर फेटने लगी। अब मेरा लंड खूब बड़ा हो गया था। 7” लम्बा । अनन्या जल्दी जल्दी फेट रही थी. वो चूसने लगी तो मुझे बहुत आराम मिला। मैंने कभी सोचा नही था की अपनी बुआ की लड़की से लंड चुसवाऊंगा। अनन्या किसी लोलीपॉप की तरह चूस रही थी। मैं मजे से कुर्सी पर बैठ हुआ था। उसे भी मजा मिल रहा था। मुझे भी मिल रहा था। अब मेरा लंड किसी लोहे के लंड की तरह दिख रहा था। अनन्या ने हाथ से फेट फेटकर इसे कड़ा बना दिया था। वो 10 मिनट तक सिर्फ चूसती ही रही। मेरा लंड अब और अधिक गुलाबी रंग का हो गया था। खूब मोटा और सुंदर दिखाई दे रहा था। बिलकुल कड़ा हो गया था।
“आओ बहन!! मेरे लंड की सवारी करो” मैंने कहा

अनन्या आकर मेरे लंड पर बैठ गयी। उसने खुद ही लंड को पकड़कर चूत में डाल दिया। फिर मैं उसे गोद में बिठाकर चोदने लगा। वो अपनी तरफ से उचक रही थी। चुदवा रही थी। धीरे धीरे ताल मेल जम गया। आराम से मेरा लंड उसकी चूत में सरकने लगा। हम दोनों को मजा आ रहा था। आज पहली बार मैं अपनी बुआ की लड़की को पेल रहा था। वो उठ उठ कर करवा रही थी। अपना काम लगवा रही थी। धीरे धीरे मेरा 7” लम्बा लंड पूरी तरह से उसकी चूत में अंदर उतर गया था। कुछ देर बाद तो मुझे कुछ नही करना पड रहा था। अनन्या ही सब कुछ कर रही थी। मजे से उछल उछलकर काम लगवा रही थी। धीरे धीरे हमारे जिस्म आपस में कस रहे थे। कुर्सी पर ही हम दोनों सेक्स कर रहे थे। अनन्या की मुलायम मखमली चूत की चिकनी सतह में मेरा लंड सरक रहा था। मीठा दर्द मुझे हो रहा था। मैं उसकी चूत में साईकिल चला रहा था। धीरे धीरे अब दोनों पूरी तरह से गर्म हो गये थे। अनन्या का बदन काफी गर्म हो गया था। हमारी चुदाई चालू थी। अंत में मैं स्खलित हो गया और उसकी योनी में हो गया। अनन्या पूरी तरह से निचुड़ गयी। थक गयी और मेरे उपर ही लेट गयी। मैं कुर्सी में पीछे की तरफ लेट सा गया। अनन्या मेरे उपर थी। उसकी गर्म गर्म साँसे मैं अब भी पी रहा था। कहानी आपको कैसे लगी. DMCA.com Protection Status

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