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लाइब्रेरी में दोस्त ने चोदा और चूत में मुट्ठी डाल दी

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लाइब्रेरी में दोस्त ने चोदा और चूत में मुट्ठी डाल दी sex story

हेलो दोस्तों मैं वैभवी आप सभी का इंडियन सेक्स कहानी डॉट कॉम में स्वागत करती हूँ। ऐसी कोई रात नही जाती जब मैं इसकी सेक्सी स्टोरीज नही पढ़ती हूँ और मजे नही लेती हूँ। दोस्तों मैं 22 साल की आकर्षक लड़की हूँ। बहुत गोरी, सुंदर सुशील कन्या हूँ। मेरे होठ भी काफी गुलाबी और सेक्सी है। कितने लड़के तो सिर्फ एक बार मेरे ताजे होठो को पीना चाहते है। मेरे दूध 36”  और फिगर 36 30 34। मेरे मम्मे काफी रसीले और जूसी। मेरी गांड का साइज 34” है। मेरी जींस से मेरे गोल मटोल सभी को दिख जाते है। कई लड़के तो मेरी गांड पर चमाट मारना चाहते है और मेरी गांड में लंड डालकर चोदना चाहते है।
दोस्तों मुझे सेक्स और चुदाई वाली कहानी पढने का बहुत शौक था। मेरे घर के पास ही राजकीय लाइब्रेरी थी। वहां पर मैं रोज किताबे पढने जाती थी। धीरे धीरे मैं सारी किताबे पढ़ गयी। फिर एक दिन मुझे एक बड़ी सेक्सी किताब मिल गयी। पता नही वो कैसे वहां आ गयी थी। उसमे गर्मा गर्म चुदाई की 200 कहानियां थी। लाइब्रेरी में उसकी 2 कॉपीस थी। मैंने तुरंत अपने दोस्त कमल को फोन कर दिया। उसे भी सेक्सी स्टोरीज पढना बहुत अच्छा लगता था। वो भी सायकल से लाईब्रेरी आ गया। दोस्तों आजकल के दौर में कम लोग ही पढने का शौक रखते है। इसलिए हमारी लाईब्रेरी में कुल 5 -7 लोग ही आते थे। और उस दिन तो बारिश हुई थी। इस वजह से सिर्फ मैं और कमल ही आये थे। चपरासी लाइब्रेरी का दरवाजा खोलकर बाहर चाय पीने चला गया था।
मैं कमल को लेकर एक बड़ी अलमारी के पीछे चली गयी। वहां हम दोनों मेज पर बैठ कर अपनी अपनी किताब पढने लगी। दोस्तों वो किताब बहुत अच्छी थी। एक से एक मस्त मस्त चुदाई वाली स्टोरी थी उसमे। धीरे धीरे मैं कमल के पैर में पैर लगाने लगी। धीरे धीरे हम दोनों चुदाई वाली कहानी पढकर गर्म हो गये थे। मेरा तो खून ही उबलने लगा। कमल के साथ भी ऐसा ही हुआ। उसने किताब पलट कर मेज पर रख दी। “वैभवी!! चल जल्दी से चूत दे दे। देख ये स्टोरी पढकर मेरा दिमाग खराब हो गया है। अब तो मेरी चूत यही चोदूंगा” कमल बोला

दोस्तों उधर मेरा भी दिमाग खराब हो गया था। फिर मैंने कमल को वही लाईब्रेरी में पकड़ लिया और किस करनी लगी। मैंने जींस टॉप पहना हुआ था। मैं बहुत सुंदर और सेक्सी माल लग रही थी। फिर कमल ने मुझे अपनी गोद में बिठा लिया और लाईब्रेरी में ही हम किस करने लगे। कमल का लंड खड़ा हो गया और वो मेरे रसीले होठ जल्दी जल्दी चूस रहा था। उधर दोस्तों मीरा भी दिमाग खराब हुआ जा रहा था। मैं कमल की गोद में बैठी थी पर अब उसका लंड खड़ा होने लगा था और मेरी गांड में गड रहा था। उसने मेरे टॉप पर मम्मो के उपर हाथ रख दिया और कस कसके दबाने लगा। दोस्तों मैं “ओह गॉड!! ओह गॉड!!….यस बेबी !!।।ओह यस!! कीप इट अप!! डोंट स्टॉप!!” बोलकर सेक्सी आवाजे निकालने लगी। मेरे मम्मे काफी रसीले थे इस वजह से कमल को बहुत मजा आ रहा था। ये कहानी आप इंडियन सेक्स कहानी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है।
वो मेरे टॉप के उपर से मेरी चूचियों को मसल रहा था। मैं उसकी गोद में बैठी थी। फिर से कमल मेरी ओर झुक गया और मेरे ताजे गुलाब जैसे होठ चूसने लगा। हम दोनों के चेहरे लाल हो गये थे।
“बोल रंडी!! मेरा लंड खाएगी???” कमल किसी चोदू लौंडे की तरह बोला
“खाउंगी राजा!! आज मैं तुजसे अपनी चूत में मुट्ठी भी करवाउंगी” मैंने किसी छिनाल की तरह कहा
“तेरी माँ की चूत! …….तो फिर इन्तजार किस बात का??” कमल बोला
उसने मेरे टॉप में उपर से हाथ अंदर डाल दिया और मेरे 36” के मम्मे दबाने लगा। फिर उसने मेरी ब्रा को उचकाकर मेरे दूध को बाहर निकाल लिया और मुंह लगाकर चूसने लगा। मैं किसी रंडी की तरह “..अहहह्ह्ह्हह स्सीईईईइ….अअअअअ….आहा …हा हा हा” बोलकर चिल्ला रही थी। कमल को जल्दी जल्दी मेरे मम्मे चूस रहा था। मैं कराह रही थी। मेरी चूत में कुछ कुछ हो रहा था। वो तो जन्मो का प्यासा आदमी लग रहा था। वो मेरे दूध को कस कसके दबा रहा था और पी रहा था। मैं उसकी गोद में बैठी थी। उसने 20 मिनट तक मुझे गोद में बिठाकर मेरे चूची चूसी। फिर मेरे सेक्सी होठ चूसने लगा। दोस्तों मेरे दूध बला के खूबसूरत थे। गोल गोल बड़ी बड़ी 36” की चूचियां बेहद खूबसूरत थी। सफ़ेद चूची पर काली रंग की निपल्स बहुत सुंदर लग रही थी। कमल मेरी एक चूची पी लेता। फिर दूसरी मुंह में भर लेता। इस तरह हम दोनों ने लाईब्रेरी में खूब मजा लिया। उसके बाद कमल ने मेरी जींस की बटन खोल दी और चेन नीचे की तरफ खींच दी। और अपना हाथ अंदर घुसा दिया
मेरी चड्डी में कमल ने हाथ डाल दिया और मेरी चूत को सहलाने लगा। मैं “……अई…अई….अई……अई….इसस्स्स्स्स्स्स्स्…….उहह्ह्ह्ह…..ओह्ह्ह्हह्ह….” बोल रही थी। तडप रही थी। काफी देर तक मेरी योनी को सहलाने के बाद मेरे दोस्त कमल ने अपनी ऊँगली मेरी चुद्दी में डाल दी और अंदर बाहर करने लगा। दोस्तों मैं उसकी गोद में ही बैठी थी। मेरी चूत कुलकुला रही थी। धीरे धीरे मुझे सेक्स का नशा चढ़ रहा था। मैं पागल हो रही थी। कमल मेरी चूत में ऊँगली डालकर मथ रहा था। मैं तडप रही थी। दोस्तों हम दोनों आज लाईब्रेरी में ही ऐश कर रहे थे। जब भी कमल मेरी तरफ झुकता था मैं उसके होठो को चूसने लग जाती थी। वो बिना रुके मेरी रसीली चूत में ऊँगली कर रहा था। काफी देर तक ऐसा होता रहा।

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“मेरी लैला !! चल नंगी हो जा” कमल बोला
वो अपने कपड़े उतारने लगा। हम लोग लाईब्रेरी के एक कोने में एक बड़ी अलमारी के पीछे थे इस तरह कोई रिस्क नही था। मैंने अपना टॉप और जींस उतार दिया। फिर ब्रा और पेंटी भी उतार दी। मैं एक चुदासी लड़की दिख लग रही थी। कमल भी नंगा हो गया। उसने मुझे लाईब्रेरी में मेज पर लिटा दिया। मेरे पैर खोल दिए और चूत में ऊँगली करने लगा। दोस्तों मेरी बुर बहुत खूबसूरत थी। आज सुबह ही मैंने इसे शेव किया था। बिलकुल चिकनी और रसीली चूत थी मेरी। कमल मेरी चूत चाटने लगा और ऊँगली भी कर रहा था। मैं सिर्फ “…..ही ही ही……अ अ अ अ .अहह्ह्ह्हह उहह्ह्ह्हह….. उ उ उ…” बोल रही थी। कमल किसी चुदासे कुत्ते की तरह मेरी चूत चाट रहा था। वो जल्दी जल्दी मेरी चुत में ऊँगली कर रहा था। धीरे धीरे कमल ने 3 ऊँगली मेरे भोसड़े में पेल दी। मैं लम्बी लम्बी सांसे भर रही थी। मेरा चेहरा सेक्स के नशे की उत्तेजना से इकदम लाल हो गया था। मेरी चुद्दी में मीठा मीठा दर्द हो रहा था। तीस के साथ आनंद भी आ रहा था। मुझे शर्म भी आ रही थी। मेरा दोस्त कमल तो पूरी तरह मेरी चूत का आशिक बन चुका था। वो 3 उँगलियाँ एक साथ मेरे भोसड़े में डाल रहा था। मैं “…..ही ही ही……अ अ अ अ .अहह्ह्ह्हह उहह्ह्ह्हह….. उ उ उ…” ये कहानी आप इंडियन सेक्स कहानी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है।
की कामुक आवाजे निकाल रही थी। मैं बार बार अपनी कमर और गांड उपर की ओर हवा में उठा रही थी। मुझे बड़ी बेचैनी हो रही थी। आज मैं लाईब्रेरी में ही कसके चुदने वाली थी। कमल जल्दी जल्दी मेरी चूत फेट रहा था। फिर अचनाक वो हरामी पगला गया। उसने मेरे भोसड़े में पांचो ऊँगली डाल दी। मेरी चूत किसी रबर की थैली की तरह फ़ैल गयी और कमल ने मेरा हाथ मेरे भोसड़े में डाल दिया। “अई…..अई….अई… अहह्ह्ह्हह…..सी सी सी सी….हा हा हा…मर गयी –मर गयी कमल” मैं जोर से चिल्लाई। मैंने नीचे की तरह छलकती आँखों से देखा। मैं रो रही थी। कमल की पूरी मुट्ठी मेरे भोसड़े में घुस गयी थी। मेरी चूत में जोरों का दर्द उठ रहा था। भोसड़ी वाला कमल जल्दी जल्दी मेरे चूत में मुट्ठी डालता और फिर निकाल लेता। मेरी गांड फट रही थी। वो तो आज मेरी रसीली चूत का आशिक बन गया था। मैं तो “आऊ…..आऊ….हमममम अहह्ह्ह्हह…सी सी सी सी..हा हा हा..” बोलकर चिल्ला रही थी। कमल एक सेकंड को नही रुक रहा था। जो जल्दी जल्दी मेरी चूत में मुट्ठी डाल रहा था। मेरी आँखों से गर्म गर्म आशुं निकल रहे थे। उसने 15 मिनट तक मेरी चूत में मुट्ठी डाली और निकाली।

दोस्तों उस दिन तो कमल ने भरपूर मजा मेरी चूत से ले लिया। उसने 80 -90 बार मेरी चूत में मुट्ठी की और जिन्दगी का मजा उठा लिया। फिर उसने हाथ बाहर निकाला और चूत में लंड डालकर मुझे पेलने लगा। मेरी चूत का छेद अब 4 गुना बड़ा हो गया था। कमल मुझे पेलने लगा।
कुछ देर बाद उसका लंड मेरी चूत की गहराई में जाकर उसे अच्छी तरह से कूट रहा था। मैंने शर्म और ह्या से अपनी आँखें बंद कर ली थी। लाईब्रेरी में ही कमल मुझे ढचाक ढचाक चोद रहा था। मैं मेज पर लेटी हुई थी। मेरी चूत की मोटी मोटी फांके कमल के मोटे लंड के दबाव से किनारे हो गयी थी और मैं मजे से चुदवा रही थी। कमल ने मुझे अपनी बाहों में भर लिया था और मेरी चिकनी मांसल सेक्सी पीठ को अपने हाथो से वो नामुराद सहला रहा था और मुझे ढाचाक ढाचाक करके चोद रहा था। फिर कमल ने मुझे पेलते पेलते ही मेरे मुँह पर अपना मुँह रख दिया और मेरे होठ पीते पीते मुझे पेलने लगा। उसके हाथ मेरी नंगी छातियों पर सवार थे। आज उसने मुझे अपने वश में कर लिया था। उसने मुझे पूरी तरह से सम्मोहित कर लिया था और मजे से चोद रहा था।
मेरी नंगी सेक्सी नारियल जैसी उभरे नोकदार बूब्स को कमल कमल अपने हाथ से किसी आम की तरह दबा रहा था और मेरे बूब्स पी रहा था। आधे घंटे पुरे हो गये थे। वो अभी तक आउट नही हुआ था। कमल मेरे दूध को मुँह में भरके पी रहा था और नीचे से मुझे चोद रहा था। उसका पेट मेरे पेट से लड़ रहा था और चट चट की मधुर आवाज आ रही थी जो बता रही थी की मैं एक असली मर्द से चुदवा रही हूँ। कमल मुझसे जी भर के योनी मैथुन कर रहा था। उसका लंड मेरी चूत में पूरा अंदर गहराई तक उतर उतर चूका था और बड़े आराम से अंदर बाहर जा रहा था। मुझे चुदवाते वक़्त किसी तरह की कोई दिक्कत नही हो रही थी। करीब 30 मिनट उसने मुझे चोदा फिर चूत में ही माल गिरा दिया।

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