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सगी सास को चोदकर गर्भवती किया

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Hindi xxx Story दोस्तों मैं मनोज 21 साल का एक बहुत ही आर्कषक लड़का हूँ। मेरा कद 5’ 6” है। मेरा बदन बहुत ही कसरती है। मैं देखने में बहुत हैडसम और जवां मर्द लगता हूँ। मुझ पर कई लड़कियाँ मरती है और मुझसे चुदाना चाहती थी। मेरा रंग गोरा है और मैं दिखने में ऋतिक जैसा लगता हूँ। मुझे जवान खूबसूरत लड़कियों की चूची और चूत पीना बहुत पसंद है। मुझे सेक्स करना बहुत अच्छा लगता है। रोज ही मैं किसी ना किसी लड़की के साथ चुदाई कर लेता हूँ। मेरा लंड 7” का है और 2” मोटा है। मैंने इस मोटे लंड से कई जवान लड़कियों की चूत की सील तोड़ी है और उसकी रसीली चूत को चोदा है। मेरा सेक्स करने का स्टैमिना बहुत जादा है। मैं एक साथ 3 -3 लड़कियों की चूत मार सकता हूँ। मेरे बदन में काफी ताकत है।

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मैं रोज जिम जाता हूँ और मुझे अपनी बॉडी बनाना बहुत पसंद है। मुझे फिट और चुस्त दुरुस्त रहना बहुत पसंद है। मैं नियमित व्यायाम भी करता हूँ। मुझे नई नई सेक्स स्टोरी पढने की लत है। कई बार मैं अपनी गर्लफ्रेंड को सेक्स स्टोरी पढ़ाकर गर्म कर देता हूँ। उसके बाद उनको नंगा करके कुतिया बनाकर चोदता हूँ। मुझे चुदाई फिल्मे देखना भी अच्छा लगता है। मेरी वाइफ को अपनी माँ की बहुत याद आ रही थी। इसलिए मैं ससुराल चला गया था। मेरी शादी को अभी 1 साल ही हुआ था। मेरी ससुराल में मेरी 2 जवान सालियाँ –अम्बिका और वर्षा थी। उनकी चूत मैं चोद चुका था पर अब मेरी नजर धीरे धीरे अपनी सास पर आ गयी थी। जैसे ही मैं अपनी वाईफ को लेकर ससुराल पंहुचा मेरी सास निकल आई और मुझसे नमस्ते करने लगी। वो बहुत खुश लग रही थी।
“आओ आओं दमाद जी!! आज पुरे 1 साल के बाद तुम घर आये हो” मेरी सास बोली।
वो बहुत खुश लग रही थी। फिर हम अंदर चले गये। मेरी सालियाँ. अम्बिका और वर्षा मेरी बीबी को अपने साथ दूसरे कमरे में ले गयी। मैं अपने कमरे में चला गया। मैं काफी थक गया था क्यूंकि मैं और पत्नी बस से 8 घंटे की यात्रा के बाद ससुराल पहुचे थे। मैं अपने कपड़े निकाल कर पलंग पर लेट गया था। मैंने एक नींद भी ले ली। कुछ देर में मेरी सास मेरे कमरे में चली आई और मुझसे बिलकुल चिपक कर पलंग पर बैठ गयी। मैं सो रहा था। सास मुझे घूर घूर के देख रही थी। शायद वो मुझसे प्यार करने लगी थी। मैं फर्स्ट फ्लोर वाले कमरे में था। सास ने दरवाजे की कुण्डी अंदर से लगा ली और मेरे बगल लेट गयी। धीरे धीरे वो मेरे लंड को छूने लगी। पर मुझे इसके बारे में कुछ नही मालूम हुआ। क्यूंकि मैं गहरी नींद में सो रहा था

सास ने मेरे अंडरवियर में हाथ डाल दिया था और जल्दी जल्दी मेरे 7” लम्बे लौड़े को फेटने लगी। दोस्तों मेरी सास बहुत खूबसूरत और जवान माल थी। वो अब 45 साल की हो गयी थी। 3 -3 लडकियाँ ससुर जी से चुदवाकर पैदा कर चुकी थी पर अब भी जवान थी। उनका जिस्म गोरा था और काफी कसा था। उनका फिगर 40 32 34 का था। उनके मम्मे बहुत खूबसूरत थे। सास कई दिनों से मुझे लाइन दे रही थी पर मैं उनको कोई भाव नही दे रहा था। पर आज उनको अच्छा मौका मिल गया था। कुछ देर बाद मेरी नींद टूट गयी। मैंने देखा की मेरी चुदासी साँस मेरे बगल की पलंग पर लेती है।
“मम्मी जी….ये ये सब क्या है???” मैंने हैरान होकर पूछा
“श श श श…. दमाद जी मुझे एक बच्चा और पैदा करना है पर तुम्हारे ससुर जी अब मुझे चोद ही नही पाते है। उनकी उम्र 55 साल की हो गयी है। उनका लौड़ा अब खड़ा नही होता है। इसलिए प्लीस! आज तुम मुझे चोदकर एक लड़का दे दो” सासु माँ बोली
उनकी बात सुनकर मैं हैरान रह गया था। पर मेरा भी उनको भोगने का मन था इसलिए मैं मान गया। ये कहानी आप इंडियन सेक्स कहानी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है।
“बोलो दमाद जी मुझे चोदकर एक सुंदर सा लड़का दोगे???” सासु माँ पूछने लगी
“ठीक है” मैंने कहा
उसके बाद सासू माँ जल्दी जल्दी मेरा लंड फेटने लगी। कुछ देर बाद मैंने उनको पकड़ लिया और उनके उपर आ गया। हम दोनों किस करने लगे। दोस्तों मेरी सास आज भी काफी हॉट और सेक्सी माल थी। मैं तो उनके गुलाबी होठ चूस रहा था। वो भी मुंह चलाकर मेरे होठ पी रही थी। धीरे धीरे मेरे हाथ उनके बूब्स पर आ गये। मैंने उनके रसीले बूब्स दबाने लगा। सासू माँ ने साड़ी पहन रखी थी। मैं उनके ब्लाउस के उपर से उनकी बड़ी बड़ी चूचियों को सहलाने लगा। कुछ ही देर में सासू माँ गर्म हो गयी। फिर उन्होंने अपने ब्लाउस की बटन खोल दी और ब्लाउस निकाल दिया। फिर अपनी ब्रा खोल दी और निकाल दी। अब वो मेरे सामने नंगी थी और बहुत हॉट माल लग रही थी।
मैंने उनकी चूची को पकड़ लिया और सहलाने लगा। सासू माँ “अई…..अई….अई… अहह्ह्ह्हह…..सी सी सी सी….हा हा हा…” बोलने लगी। उफफ्फ्फ्फ़ उनकी चूचियां तो इतनी कसी थी की किसी जवान लड़की की चूची की तरह दिख रही थी। मेरे हाथ उनकी दोनों चूची पर नाचने लगे। कितनी बड़ी बड़ी खूबसूरत चूची थी उनकी। मेरा लंड एक सेकंड में खड़ा हो गया था। उसके बाद मैं उनके 40” के बूब्स दबाने लगा। मुझे भरपूर आनंद मिल रहा था। क्या मस्त छलकती चूचियां थी उनकी।

काफी देर तक मैंने उनके बूब्स को हाथ से दबाया फिर उनकी निपल्स को पकड़ लिया और अंगूठे और ऊँगली से पकड़कर ऐठने लगा। वो “आऊ…..आऊ….हमममम अहह्ह्ह्हह…सी सी सी सी..हा हा हा..” की आवाज निकालने लगी। मुझे उनकी सेक्सी आवाजे अच्छी लग रही थी। मैंने उनकी निपल्स को खूब ऐठा। वो मुझे रोकने की कोशिश कर रही थी। उसके बाद मैंने उसकी बायीं चूची को मुंह में भर लिया और चूसने लगा। ओह्ह गॉड!! जिन्दगी का मजा आ गया था मुझे उस दिन। कितनी मुलायम, नाजुक और बड़ी बड़ी चूचियां थी। मैं जल्दी जल्दी पी रहा था। मैं अपनी सास के उपर लेटा था उनके जिस्म से खेल रहा था। किसी छोटे बच्चे की तरह मैं उनके मम्मे पी रहा था। मैं अपना मुंह चलाकर उनके दूध पी रहा था। मैंने आधे घंटे तक उनकी चूची पी और चूसी।
उसके बाद सासू माँ ने अपनी साड़ी निकाल दी। पेटीकोट का नारा उन्होंने जल्दी से खींच दिया और निकाल दिया। फिर पेंटी में उन्होंने अपनी ऊँगली फंसा दी और जल्दी से नीचे उतार दी। सासु माँ के नंगे जिस्म को देखकर मेरे होश उड़ गये थे। मैंने उनको बाहों में भर लिया और उनकी कमर, जांघ, पुट्ठों को सहलाने लगा। सासू माँ मेरे सीने से चिपक गयी थी। उन्होंने ही मेरा अंडरवियर निकाला। अब मैं भी उनके सामने पूरी तरह से नंगा था। वो मेरे पुट्ठे और कमर सहला रही थी। मैंने भी उनके मस्त मस्त पुट्ठे सहला रहा था। उसके बाद उन्होंने खुद अपने पैर खोल दिए। उनके भोसड़े का दीदार मुझे होने लगा था। सासू माँ का भोसड़ा फटा हुआ था। मेरे ससुर ने उनको चोद चोदकर 3 लड़कियाँ पैदा कर दी थी। पर लड़का एक भी नही था। अब सासू माँ मुझसे चुदाकर एक लड़का पैदा करना चाहती थी। मैंने अपना मुंह उनकी जाँघों के बीच डाल दिया और जल्दी जल्दी उनकी बुर को चाटने लगा। दोस्तों मुझे मजा आ रहा था। मैने ऊँगली से उनकी चूत खोल दी और जल्दी जल्दी किसी कुत्ते की तरह चाटने लगा। नमकीन और अदरक जैसा स्वाद था सासू माँ की चूत का। मैंने 15 मिनट उनकी रसीली चूत पी। दोस्तों सासू माँ की चूत पूरी तरह से क्लीन शेव थी। बिलकुल चिकनी चमेली चूत थी। एक भी झांट उसपर नही थी। काफी देर तक मैं उनके भोसड़े का अमृतपान करता रहा। ये कहानी आप इंडियन सेक्स कहानी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है।

उनके बाद मैंने अपना 7” का लंड उनकी चूत में सरका दिया और उनको चोदने लगा। 3 लड़कियाँ पैदा होने के बाद भी उनकी चूत कसी थी। मैंने धीरे धीरे अपनी चुदाई की रफ्तार बढ़ाना शुरू कर दी। सासू माँ ने मुझे दोनों हाथों से पकड़ लिया और बाहों में लपेट लिया। मैं उनको जल्दी जल्दी चोद रहा था। मैं उनकी चूत में मेहनत कर रहा था। मेरा लौड़ा उनकी फुद्दी को कूट रहा था। आज सासू माँ मेरे सामने पूरी तरह से नंगी थी। मेरे धक्को से जल्दी जल्दी उनकी चूची उपर नीचे किसी टेनिस की बाल की तरह हिल रही थी। सासु माँ “….उंह उंह उंह हूँ.. हूँ… हूँ..हमममम अहह्ह्ह्हह..अई…अई…अई…..” की आवाज निकाल रही थी।
साफ था की उनको भी खूब मजा मिल रहा था इस चुदाई में। कुछ देर में उनकी चुद्दी रवां हो गयी और मेरा लौडा जल्दी जल्दी उनकी चूत में बिना किसी दिक्कत के सरकने लगा। मुझे मजा मिल रहा था। फिर सासू माँ इतनी चुदासी हो गयी की अपनी कमर और गांड बार बार हवा में उठा देती थी। उनको बहुत अधिक यौन उतेज्जना मिल रही थी। आज वो अपने दमाद से ही चुदा रही थी। मैंने 4 नं का गियर लगा दिया। तेज तेज मैं उनको पेल रहा था। आधे घंटे तक मैंने उनकी चूत बजाई। फिर चूत में माल गिरा दिया। रात में सासू माँ आई तो मैंने उनको कुतिया बनाकर पीछे से चोदा। उसके बाद हम हसबैंड वाइफ ससुराल से चले आये। 9 महीने के बाद सासु माँ ने एक तन्दुरुस्त लड़के को जन्म दिया। अब वो बहुत खुश थी क्यूंकि अब उनके लड़का पैदा हो गया था। घर में अब सब बहुत खुश थे। इंडियन सेक्स कहानी डॉट कॉम

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