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सन्नाटे में स्कूल टीचर की रसीली बुर चोद डाली

sexy stories मेरा नाम विहान है। मैं हाथरस का रहने वाला हूँ। मैं 27 साल का जावन और कुवारा मर्द हूँ। मेरी लम्बाई 6 फिट है। मैं देखने में हॉट और सेक्सी लड़का लगता हूँ। मुझे चुदाई करना बहुत अच्छा लगता है। नई नई जवान और खूबसूरत लड़कियों की बुर चोदना मेरा शौक है। उपर वाले से मुझे लड़की पटाने वाली कला से नवाजा है। मैं जहाँ भी जाता हूँ खूबसूरत लड़कियों को पटा लेता हूँ। और फिर उसके मम्मो और चूत से खेलता हूँ। दोस्तों मुझे सेक्स करना बहुत ही पसंद है। बिना चूत चोदे मेरा दिन ही नही कटता है। आज आपको अपनी स्टोरी सूना रहा हूँ।
ये पिछले साल की बात है। मैंने BTC कोर्स किया था। किस्मत से जब मेरा कोर्स पूरा हुआ तो उसके बाद ही सरकारी भर्ती का विज्ञापन आ गया। मैंने फॉर्म भर और मेरिट के आधार पर मुझे नौकरी मिल गयी। जब मैं उस प्राइमरी स्कूल में नौकरी ज्वाइन करने गया तो पता चला की वो देहात में था। आसपास सिर्फ गाँव ही गाँव थे। शहर का तो नामोनिशान नही। हाथरस के एक गाँव में मुझे स्कूल मिला था। किसी तरह बेमन से मैं पढ़ाने लगा पैसे जो कमाने थे। पुरे स्कूल में सिर्फ मैं ही एक टीचर था। कोई और टीचर नही था। मैं किसी तरह बेमन से पढ़ा रहा था। 2 महीने बाद मेरी किस्मत चमक गयी। एक खूबसूरत सी लेडिस टीचर मानवी गुप्ता मेरे स्कूल में आ गयी। वो मेरी तरह कुवारी थी। सुंदर और सेक्सी माल थी। उसे देखकर मुझे बहुत राहत मिली। धीरे धीरे मेरी मानवी ने अच्छी दोस्ती हो गयी। धीरे धीरे मैंने उसको लाइन देना शुरू कर दिया।

दोस्तों हमारे स्कूल में सिर्फ मैं और मानवी ही थी और कोई टीचर नही था। इसलिए हम दोनों अपने हिसाब से स्कूल चलाते थे। अब मैं अक्सर मानवी का हाथ पकड़ लेता था और किस कर लेता था। एक दिन इंटरवल में बच्चे खेलने चले गये थे। स्कूल में सन्नाटा था। मैंने अंदर कमरे में जाकर मानवी को बाहों में जकड़ लिया और होठो पर किस करने लगा। वो भी मुझे प्यार करने लगी थी। धीरे धीरे हम दोनों काफी गर्म गये और मैंने उसके सलवार सूट के उपर से उसके आम दबाने लगा। मानवी “ओह्ह माँ….ओह्ह माँ…उ उ उ उ उ……अअअअअ आआआआ….” करने लगी। उसे मजा आ रहा था।
हम दोनों रोमियो जूलिएट की तरह प्यार करने लगे। मैंने मानवी को बाँहों में किस करने लगा। उसके आज गुलाबी रंग का सलवार सूट पहन रखा था। मानवी आज कुछ जादा ही हॉट लग रही थी। मैंने बार बार उसके दूध दबा देता था। दोस्तों धीरे धीरे हम दोनों गर्म हो गये। मैंने उसे मेज पर लिटा दिया।
“मानवी जान!! अपनी चूची निकालो” मैंने कहा
मानवी समझ गयी की आज वो मुझसे चुदने वाली है। उसक भी चुदाने का बड़ा दिल कर रहा था। उसने अपने गुलाबी सूट को उपर किया और ब्रा को उचकाकर अपनी दाई चूची बाहर निकाल दी। हे भगवान!! कितनी सुंदर चूची थी उसकी। बिलकुल मक्खन की तरह सफेद और चिकनी। गोल और बड़ी बड़ी रसीली। मैंने जल्दी से उसकी चूची को मुंह में भर लिया और जल्दी जल्दी पीने लगा। मानवी मस्त हो रही थी। “ओहह्ह्ह…ओह्ह्ह्ह…अह्हह्हह…अई..अई. .अई… उ उ उ उ उ…” की तेज आवाजे निकाल रही थी। उसे भी भरपूर आनंद आ रहा था। दोस्तों आज मैं अपने स्कूल की टीचर के दूध पी रहा था। मानवी को नशा चढ़ रहा था। मैंने 10 मिनट तक उसकी दाई चूची मुंह से चूस चूसकर लाल कर दी। फिर उसने अपनी बायीं चूची ब्रा से बाहर निकाल दी। मैं जल्दी जल्दी हाथ से दबाने लगा और मुंह में लेकर चूस रहा था। ये कहानी आप इंडियन सेक्स कहानी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है।

““आआआअह्हह्हह…..ईईईईईईई…. चूसो विहान और चूसो। मजा आ रहा है ….अई. .अई..अई…..अई..मम्मी….” मानवी चिल्ला रही थी। मैं जल्दी जल्दी उसके रसीले आम पी रहा था। इस तरह हम दोनों गर्म हो चुके थे। मैंने अपने सीधे हाथ से मानवी की सलवार का नारा खोल दिया और उतार दी। उसकी लाल रंग की खूबसूरत सिल्क चड्डी मैंने जल्दी से उतारी तो देखा की उसकी चूत पानी पानी हो गयी थी। आधे घंटे से मैं जो मानवी के दूध पी रहा था उसी कारण वो गरमा गयी थी। दोस्तों मैंने जल्दी से अपनी पेंट खोल दी और लंड बाहर निकालकर मानवी की रसीली बुर में डाल दिया।
फिर जल्दी जल्दी मैं उसे चोदने लगा। मानवी “……मम्मी…मम्मी…..सी सी सी सी.. हा हा हा …..ऊऊऊ ….ऊँ. .ऊँ…ऊँ…उनहूँ उनहूँ..” की कामुक आवाजे निकालने लगी। ओह्ह गॉड!! कितनी चूत कितनी चिकनी फिसलन भरी और गहरी थी। कितनी कसी बुर थी उसकी। मैं जल्दी जल्दी उसे पेल रहा था। मानवी मस्ती से चुदा रही थी। मैं खड़ा होकर मानवी को चोद रहा था। वो मेज पर लेटी थी और दोनों पैर खोले हुई थी। मैं उसके उपर झुककर खड़ा होकर उसका गेम बजा रहा था। दोस्तों इस तरह से हम दोनों ने खूब मस्ती कर ली। 15 -16 मिनट बाद मैं मानवी की रसीली चूत में ही माल छोड़ दिया। फिर अपना लौड़ा बाहर निकाल लिया। जल्दी जल्दी हम दोनों ने अपने कपड़े पहन लिए। फिर स्कूल के बच्चे खेलकर आ गये। आज मैं मानवी से लंड नही चूसा पाया था। रात को 9 बजे मैं मानवी को फोन लगा दिया।
“कहो जान!! कैसा लगा मेरा 9” का लौड़ा खाकर???” मैंने मानवी से पूछा
“बहुत मजा आया विहान!! सच में इतना मजा मुझे आजतक नही मिला था। मेरे पिछले बॉयफ्रेंड्स ने मुझे कई बार चोदा था पर उनके लंड बहुत छोटे थे। पर आज तो तुमने मेरी बुर फाड़कर उसका भोसड़ा ही बना डाला” मानवी बोली
“जान कल तुमको मेरा लौड़ा मुंह में लेकर चुसना है। देखो कोई बहाना नही चलेगा” मैंने कहा
“मैं चूस दूंगी” मानवी हंसकर बोली
दोस्तों अगले दिन वो और मेकअप आई थी। आज उसने पीले रंग का सलवार सूट पहना था। बिलकुल आलिया भट्ट लग रही थी। आज मानवी से आँखों में शैडो और मसखारा भी लगाया था। अपनी चूत की झाटे अच्छी तरह से वो साफ़ करके आई थी। हम लोग बच्चो को पढ़ा रहे थे पर मन तो चुदाई में लगा हुआ था। कब इंटरवल हो कब मैं मानवी की चूत चोदूं। यही मैं बार बार सोच रहा था। दोस्तों बड़ा इन्तजार करने के बाद आखिर घड़ी ने 12 बजा दिए। बच्चो का इंटरवल हो गया।
“जाओ बेटा! इंटरवल की घंटी लगा दो” मैंने अपने क्लास के मोनिटर लड़के से कहा
फिर बच्चों को मैंने दूर मैदान में जाकर खेलने को बोल दिया। अब स्कूल में फिर से सन्नाटा हो गया था। मानवी अपने रूम में मेरा वेट कर रही थी। मैं अंदर चला गया और दरवाजा मैंने अंदर से बंद कर जिससे कोई स्कूल का बच्चा हम दोनों को देख न पाए। एक बार फिर से मैंने अपने स्कूल की टीचर मानवी को गले से लगा लिया।

“ओह्ह जान !! कल तुमको चोदने के बाद सारी याद सिर्फ तुम्हारी ही याद मुझे आ रही थी। आई लव यू मानवी!!” मैंने कहा
“मैं भी कल की चुदाई के बाद तुमसे बहुत प्यार करने लगी हूँ विहान!! कल रात तुम्हारे लौड़े को याद कर करके मैं सारी रात अपनी चूत में ऊँगली की है। आज मुझे फिर से कसके चोद डालो विहान” मानवी बोली
फिर से हम दोनों एक दूसरे से लिपट गये। वो मुझे किस कर रही थी। मैं उसे किस कर रहा था। हम दोनों मेज पर बैठ कर रोमांस कर रहे थे। धीरे धीरे वो मेरे लंड को हाथ से पकड़ने लगी। दोस्तों मेरा 9” का लम्बा लंड फिर से खड़ा हो गया था। मनावी मेरे हथियार से खेल रही थी। मेरे पेंट के उपर से वो मेरे लंड को पकड़ रही थी। मैंने उसे जमीन पर बिठा दिया। अपनी पेंट मैंने खोली और लंड बाहर निकाल दिया। ये कहानी आप इंडियन सेक्स कहानी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है।
“विहान!! कितना बड़ा है ये” मानवी हैरान होकर बोल रही थी।
“आओ खेलो इससे। अब तू ये तुम्हारा ही है” मैंने कहा
मानवी ने मेरे खीरे जैसे लौड़े को हाथ से पकड़ लिया और जल्दी जल्दी फेटने लगी। वो अभी भी हैरान थी की कितना बड़ा, मोटा और लम्बा लौड़ा है मेरा। अपने हाथ की पतली पतली लम्बी उँगलियों से जोर जोर से मेरे लंड को पकड़कर वो फेट रही थी। मैं “…….उई. .उई..उई…….माँ….ओह्ह्ह्ह माँ……अहह्ह्ह्हह…” की आवाज निकाल रहा था। दोस्तों धीरे धीरे मानवी के हाथ जल्दी जल्दी मेरे खीरे पर उपर नीचे दौड़ने लगी। फिर उसने मेरे हथियार को मुंह में ले लिया और किसी रांड की तरह जल्दी जल्दी चूसने लगी। मुझे तो जन्नत नसीब हो रही थी। आज पहली बार किसी जवान लौडिया से मैं लंड चुसवा रहा था। मानवी तो किसी देसी रंडी की तरह मेरे लंड के टोपे को बस चूसती चली जा रही थी।
उसे बड़ा मजा आ रहा था। दोस्तों धीरे धीरे वो अंदर तक गले में लेकर मेरा 9” का हथियार निकल गयी। मुझे बड़ा अच्छा लगा। मानवी अपनी उँगलियों ने मेरे पोते और उसकी गोलियों को दबा रही थी। उसे भरपूर आनंद आज मिल रहा था। वो जल्दी जल्दी बस चूसती ही जा रही थी। एक सेकंड को रूकती नही थी। वो किसी धंधेवाली छोकरी की तरह मेरा लंड चुसव्व्ल कर रही थी।

फिर मैंने उसके सारे कपड़े उतार दिए। वो अब पूरी तरह से नंगी थी। क्या झकास माल लग रही थी। मैंने उसे मेज पर कुतिया बना दिया और उसकी चूत में पीछे से लंड डाल दिया। और जल्दी जल्दी उसकी चुद्दी बजाने लगा। मानवी “ हूँउउउ हूँउउउ हूँउउउ ….ऊँ—ऊँ…ऊँ सी सी सी सी… हा हा हा.. ओ हो हो….” की तेज आवाजे किसी रंडी की तरह निकालने लगी। उसके लपर लपर करते हुए पुट्ठो को मैं हाथ से सहला रहा था और जल्दी जल्दी किसी कुत्ते की तरह उसको पेल रहा था। मानवी पूरी तरह से नंगी थी। मैं जल्दी जल्दी उसे पेल रहा था। किसी कुत्ते की तरह पीछे से उसकी गहरी चूत ले रहा था। उसके पुट्ठो पर मैं बार बार हाथ फेर रहा था। मैंने 30 मिनट उसकी चूत बजाई। फिर चूत में ही झड़ गया।

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