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अनजान लड़के ने माँ की चूत और गांड को चोदा

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Hindi Sex हेल्लो दोस्तों मेरा नाम अरुण भारद्वाज और अभी मेरी उम्र 22 साल की है. stories मैं अभी बंगलौर में इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर रहा हूँ. हमारा जॉइंट फेमली है और मेरे घर में मेरे पापा, और मेरी मोम रहते है. दोस्तों ये कहानी आज से कुछ तिन साल पुरानी है और तब मैं 12वी कक्षा में पढता था. और तब मैं अपनी पढ़ाई में बड़ा बीजी रहता था. वैसे भी आप लोगो को पता ही है की सब लोग आप को कितना परेशान करते है की ये लाइफ का टर्निंग पॉइंट है और सब लोग पढने के टिप्स भी देते रहते है.
मेरे पापा पंजाब नेशनल बेंक में क्लर्क है और माँ एक हाउसवाइफ है. हमारी फेमली एक मिडल क्लास यानी की मध्यम वर्गीय है. पापा मोर्निंग में करीब 9 बजे ऑफिस के लिए जाते है. और वो शाम को 5 बजे से पहले तो आजतक कभी घर आये नहीं है. वैसे मैं भी दिन में 8 बजे से निकलता था और कोलेज और ट्यूशन के बाद शाम को ही घर पर आता था.
अब मैं आप को मेरी मम्मी के बारे में कुछ बताता हूँ. मेरी माँ एक सुंदर सी 40 साल की देसी हाउसवाइफ है. माँ का फिगर 36 32 38 है और वो बड़ी खुबसुरत लगती है.
हमारे घर की गली में हर कोई मेरी माँ को लाइन मारता था. और खास कर के मेरे पापा के दोस्त माँ के ऊपर सब से ज्यादा लाइन मारते थे. अक्सर मेरे पापा के दोस्त लोग हमारे घर पर आते थे और वो लोग मा के दर्शन करने के लिए ही आते थे वो मेरे को पता था. माँ की साडी में उसका नाभि साफ़ साफ़ दीखता था. मेरी माँ की गांड उसके बदन का सब से सेक्सी अंग है! और मैं ये जानता था की मेरे पापा के दोस्त माँ को चोदने के लिए बेताब रहते थे!

जब मैं और मेरी माँ बाजार जाते थे तो सब लोग माँ को घुर घुर के देखते थे. एक दिन ऐसे ही हम लोग बस में जा रहे थे. सिट नहीं मिली थी इसलिए मैं और माँ दोनों ही खड़े हुए थे. माँ के पीछे एक जवान लड़का खड़ा हुआ था और वो माँ की गांड पर अपने लंड को टच करवा रहा था. माँ भी बार बार उस लड़के को देख रही थी. लेकिन वो ना अपनी जगह से हिली ना ही उसने उस लड़के को कुछ कहा. फिर भीड़ की वजह से उस लड़के की हिम्मत और भी खुल गई. उसने साइड में बस की सिट के पीछे के लोहे के रोड पर हाथ रखा और फिर वो माँ के बूब्स को भी हलके हलके से टच करने लगा. इंडियन सेक्स कहानी डॉट कॉम 
मैं धीरे धीरे से माँ को देख रहा था तिरछी नजर से. माँ को अब उस लड़के ने एक पर्ची पकड़ा दी. शायद वो उसका मोबाइल नम्बर था वो मैं जानता था.
फिर हमारा स्टॉप आ गया तो हम लोग उतर गए. वो लड़का अभी भी माँ को बस की विंडो से देख रहा था. माँ भी उसे स्माइल दे रही थी.
अब मैं जान गया की शायद माँ उसका लंड जरुर लेगी. इसलिए मैंने माँ के ऊपर नजर रखना चालू कर दिया.
दो दिन तक कुछ नहीं हुआ और मैं बात को भूल भी गया था. लेकिन फिर एक दी माँ मार्केट रही थी. मैंने कहा मैं भी आता हु साथ में. तो माँ ने कहा नहीं तू पढाई कर मैं हो के आती हूँ!
मैं जान गया की दाल में जरुर कुछ काला है क्यूंकि माँ सामने से ही मेरे को साथ में आने के लिए कहती थी. माँ निकली और मैं भी चुपके से उसके पीछे बाइक ले के निकला. माँ नुक्कड़ पर गई और खड़ी रही वो बार बार इधर उधर भी देख रही थी. वो लड़का आया अपनी बाइक ले के. और माँ जल्दी से अपने मुहं पर दुपट्टा रख के वो लड़के के साथ बाइक पर बैठ गई उसकी. मैं कुछ दूर था लेकिन मेरे को दिख रहे थे वो दोनों. इंडियन सेक्स कहानी डॉट कॉम 
मैं बाइक को थोडा दुरी बना के दोनों के पीछे चला रहा था. वो दोनों कुछ दूर गए और लड़के ने फिर एक कच्ची सडक पर लिया. और मैं भी उनके पीछे निकला. लड़के ने बाइक एक खंडर जैसे पुराने घर के पास रोक दी. और फिर माँ और वो निचे उतरे. मैंने अपनी बाइक उनसे थोड़े दूर एक पेड के पास रख दी छिपा के. और मैंने देखा की वो दोनों उस घर में घुसे.
दो मिनिट वेट करने के बाद मैं वहां उस घर के पास गया. मेरा दिल जोर जोर से धड़क रहा था. मेरे को ये डर था की कहीं माँ देख न ले मेरे को. मैं दबे पाँव अंदर घुसा. और देखा की अंदर एक कमरा था और वो दोनों शायद वही पर थे. टूटी हुई खिड़की से देखा तो अंदर का सिन बड़ा ही शोकिंग था. माँ दिवार के साथ हाथ चिपका के खड़ी हुई थी. और उसके घाघरे को उस लड़के ने ऊपर उठा दिया था. वो घाघरे को माँ ने अपनी दाढ़ी के निचे दबाया हुआ था.

माँ की पेंटी को उस लड़के ने निचे उतार रखी थी और माँ की गांड और चूत के होल को वो निहार रहा था माँ सिहर रही थी और वो लड़का माँ की जांघो को भी सहला रहा था. फिर उस लड़के ने अपनी पेंट खोली और अंडरवियर भी. माँ ने पीछे हो के लंड को देखा तो वो बोली, काफी मोटा है तेरा तो!
वो लड़के ने माँ की गांड पर हाथ फेर के कहा, आप भी कम हॉट नहीं हो आंटी. आप का फिगर काफी सेक्सी है आंटी.
और फिर इस लड़के ने मेरी माँ की गांड को खोला और वहाँ थूंक के वो माँ की गांड को चाटने लगा. माँ ने एक हाथ से दिवार पकड़ी और फिर एक हाथ से वो उस लड़के के मुहं को गांड पर दबा रही थी.
लड़का अपनी जबान निकाल के वो एड आती है ना कैसे जबान लपलपाइ वैसे ही गांड को चाट रहा था. माँ को उस लड़के ने खड़े हो के कंधे के ऊपर किस किया और फिर अपने लंड को उसके हाथ में दे दिया. माँ अब निचे झुकी और घुटनों के ऊपर बैठ गई. और फिर माँ ने उस लड़के के लंड को अपने मुहं में ले लिया. माँ लंड चूस रही थी और एक हाथ से अपनी चूत को हाथ से हिला रही थी.
वो दो ऊँगली से अपने चूत के दाने को दबा रही थी. और माँ के मुहं से सिसकियाँ निकल रही थी लंड चूसते हुए! माँ बड़ी कामुक आवाजें निकल रही थी और लंड को पुरे का पूरा मुह में ले के चुस्से लगा रही थी. लड़के के लंड से प्रीकम की बुँदे निकल चुकी थी और वो अब माँ की चूत को चोदने के लिए उतावला सा हो गया था!
माँ भी तो लंड लेने के लिए ही यहाँ आई थी. वो अब दिवार को दोनों हाथ से पकड के खड़ी हो गई. और फिर उस लड़के ने माँ की चूत के ऊपर अपने लंड को रख के घिसना चालू कर दिया. लेकिन माँ ने उसे धक्का दे के पीछे कर दिया और बोली, पहले तो पहनो नहीं तो मैं कुछ नहीं करने दूंगी!
लड़का बोला, अरे हां सोरी मैं भूल गया था!  इंडियन सेक्स कहानी डॉट कॉम 
और फिर उसने कंडोम का पेकेट निचे पड़ी हुई अपनी पेंट से निकाल के अपने लंड को कंडोम में ढँक लिया. और फिर वो कंडोम वाले लंड को माँ की चूत पर ले आया. माँ थोडा पीछे हुई और लंड थोड़ा उसकी ढीली चूत में घुस गया. लड़के ने एक धकके में आधा लंड पुसी में घुसा दिया. लड़के ने अब हिप्स को पकड लिया और वो हौले हौले से आधे लंड से ही माँ को चोदने लगा. और फिर उसने एक और धक्का दे के पूरा के पूरा लंड चूत में घुसा दिया.

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माँ एकदम से उछल पड़ी पूरा लंड अंदर घुस जाने से. वो लड़के ने उसके कंधे पकड़े और फिर बूब्स को दबाने लगा. माँ भी अपनी गांड को आगे पीछे कर के चुदवा रही थी.
वो लड़के ने करीब पांच मिनिट तक माँ को ऐसे ही चोदा. और फिर उसने माँ को अपनी गोदी में उठा लिया. माँ का वजन काफी था लेकिन चुदाई के नशे में उसने उसकी कोई परवाह नहीं की और माँ को बूब्स चूस के चोदना चालू कर दिया. माँ अह्ह्ह अह्ह्ह कर रही थी और चुदवा रही थी.
माँ की चूत की चुदाई इस पोज में वो एक ही मिनिट कर पाया. और फिर वो माँ के वजन को बर्दाश्त नहीं कर सका. माँ निचे उतर आई और उस लड़के के सामने घोड़ी बन गई. वो लड़का माँ के पीछे आया और बोला, आंटी पीछे डाल दूँ बहुत मन कर रहा है इस होल को देख के!
माँ मना नहीं कर पाई क्यूंकि वो लड़के ने इतने प्यार से माँ की गांड मांगी थी. माँ की गांड के होल में उस लड़के ने लंड को धीरे से रखा. माँ ने अपने दोनों हाथ से गांड को खोला जिस से उसका होल ढीला पड़ गया. अब उस लड़के ने गांड में लंड को धकेल दिया. माँ के मुहं से आह्ह्ह्ह निकल गई. माँ की गांड में आधे से ज्यादा लंड घुस चूका था. माँ की मस्ती कम हो गई थी क्यूंकि एनाल सेक्स का पेन उसके चहरे पर साफ़ दिख रहा था. अब वो आगे पीछे हो के माँ की गांड जोर जोर से मारने लगा.
करीब 10 मिनिट तक उसने माँ की गांड की चुदाई की. और फिर वो और भी स्पीड में आ गया और उसने माँ के दोनों बूब्स को पकड लिए. और फिर उस लड़के ने माँ की गांड में ही अपना वीर्य छोड़ दिया! माँ हिलना बंद हो गई और फिर उस लड़के ने माँ की चूत को ऊँगली कर कर के उसका पानी निकाला.
माँ ने उस लड़के को बोला, चलो अब जल्दी से कपडे पहनो और मेरे को मार्केट में छोड़ दो!
दोनों ने कपडे पहने और मेरा लंड भी इस चुदाई को देख के खड़ा हो गया था. इंडियन सेक्स कहानी डॉट कॉम 
वो लड़के ने माँ को बोला, मैंने तुम्हे बस में देखा तभी मेरा लंड खड़ा हो गया था. अब तो मैं तुम्हे और आगे भी बहुत चोदना चाहता हूँ!

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माँ ने कहा, हां तूने उस दिन बस में बहुत लंड टच किया था मेरी गांड पर.
और फिर दोनों रेडी हुए. मैं उन दोनों के बहार निकलने से पहले ही बहार निकल के पेड़ के पीछे जा के छिप गया. माँ उसकी बाइक पर बैठ गई और वो दोनों मार्केट के तरफ चले गए. इंडियन सेक्स कहानी डॉट कॉम 
मैं भी अपनी बाइक ले के अपने घर पर आ गया. करीब 20 मिनिट के बाद माँ आ गई. उसके पास कुछ थैली में सामान था जो वो मार्केट से ले के आई थी. और आज वो बड़ी ही खुश भी लग रही थी. शायद उसको आज बहुत दिनों के बाद चुदाई का मज़ा मिला था. और मेरे सामने  मेरी माँ के एक ऐसा रूप आया था जो अब तक मेरे से छिपा हुआ था!

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