चेतावनी : इस वेब साइट पर सभी कहानियां पाठको द्वारा भेजी गयी है। कहानियां सिर्फ आप के मनोरंजन के लिए है, कहानियां काल्पनिक हो सकती है। कहानियां पढ़ कर इसे वास्तविक जीवन में आजमाने की कोशिस ना करें। सेक्स हमेशा आपसी सहमति से करें।

अपने सर के साथ चुदाई की सब हदे पार कर दी

loading...

Hindi Sex Kahani मेरा नाम जुबेदा है। मैं झाँसी की रहने वाली हूँ और यही के कालेज में पढ़ रही हूँ। मैं B.Sc Botany से कर रही हूँ। मेरी उम्र 24 साल है और बिलकुल पटाखा माल दिखती हूँ। मेरा फिगर ऐसा है की कॉलेज में लड़के मुझे घूर घूर के देखते है। 36 28 32 का जबरदस्त फिगर है मेरा। मैं जींस टॉप में बेहद सेक्सी दिखती हूँ। मेरी खूबसूरती और जवानी देखकर कॉलेज के लड़को के लंड खड़े हो जाते है। सब मुझे चोदना चाहते है। सब मेरे मदमस्त दूध को मुंह में लेकर चूसने के सपने देखते है। मेरी रसीली चूत को मुंह में लेकर चूसना और पीना चाहते है। कॉलेज के सब लड़के मेरे दीवाने है।
मुझे भी सेक्स करना बहुत पसंद है। चुदने में और मोटा लंड खाने में बड़ा मजा आता है। दोस्तों आप लोगो को बता दूँ की मेरा अफेयर समीर सर से 1 साल से चल रहा है। मैं अभी तक कई बार उसने चुदा चुकी हूँ। सर का लौड़ा इतना मोटा और लम्बा है की मैं आपको क्या बताऊं। हमारे प्यार की शुरुवात एक साल पहले हुई थी। समीर सर मुझे वाइरस, बैकटीरिया और फंगी विषय पढाते थे। मैं सबसे आगे वाले सीट पर बैठती थी। मैं कॉलेज की ड्रेस में जाती थी। सिलेटी रंग का सूट और सफ़ेद सलवार। धीरे धीरे मेरी समीर सर से ताड़ा ताड़ी शुरू हो गयी। वो भी मुझे देखकर हँसने लगे। मैं उनको देख कर अच्छी सी स्माइल देती थी। धीरे धीरे मैं गहरे गले के सूट पहनकर जाने लगे। मेरे 2 सफ़ेद 36” के दूध सर को दिख जाते थे। वो ठीक मेरे सामने ही बैठते थे। मेरे दूध को ताड़ ताडकर अपनी आँखे सेंक लेते थे। मुझे समीर सर अच्छे लगते थे। वो काफी स्मार्ट थे। एक दिन मैं 2 बजे उनके डिपार्टमेंट में चल गयी।  आप यह चोदने की स्टोरी इंडियन सेक्स कहानी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है। 
“कहो जुबेदा कैसी हो??” वो पूछने लगी
“सर मैं अच्छी हूँ। मुझे वाइरस वाला सब्जेक्ट कुछ समझ नही आ रहा है। क्या आप क्यों ट्यूशन दे देंगे” मैंने बड़े प्यार से पूछा
वो मान गये। सर ने किराये पर एक फ़्लैट कॉलेज के पास ही जानकी नगर में ले रखा था। अगले दिन शाम को 6 बजे मैं उसके फ्लैट पर चली गयी। धीरे धीरे हम दोनों का प्यार बढ़ गया। सर का हाथ मेरे हाथ में कई बार छू जाता। फिर उनका भी सब्र का बाँध टूट गया। एक दिन उन्होंने मुझे पकड़ लिया और जल्दी जल्दी गालो पर पप्पी दे दी।
“आई लव यू जुबेदा!!” सर बोले

मैंने कुछ नही कहा और उनको गले लगा लिया। फिर हम दोनों खड़े होकर एक दूसरे से चिपक गये। सर मुझे गले, गाल, चेहरे, आँखों सब जगह किस करने लगे। वो अभी कुवारे थे। शादी नही हुई थी। वो भी शायद प्यासे थे। मैं 24 साल की थी और समीर सर 35 के। “आई लव यू सर!!” मैंने भी कह दिया। उसके बाद तो उन्होंने मुझे सीने से लगा लिया और खूब चुम्मा दिया। हम दोनों खड़े होकर चुम्मा चाटी करने लगे। खूब किस हुआ। सर ने मेरी खूब पप्पी ली। मैंने भी ली। उसके बाद उन्होंने मेरा दुप्पटा निकाल पर एक तरफ फेंक दिया और मेरे फूले फूले दूध पर हाथ लगाने लगे। मैं “ओह्ह माँ….ओह्ह माँ…उ उ उ उ उ……अअअअअ आआआआ….”करने लगी। मुझे अच्छा लग रहा था। समीर सर मेरे सुडौल और कसी कसी दूध पर हाथ लगा रहे थे। फिर दबाने लगे। मैं आनंद के सागर में डूब गयी।
“जुबेदा!! आज तेरी चूत मारूंगा जान। बोल चुदवाएगी??” समीर सर बोले
मैं शरम से पानी पानी हो गई। उन्होंने मुझे गोद में उठा लिया और बेडरूम की तरफ ले जाने लगे। मेरा दिल तो धक धक कर रहा था। सर ने मुझे ले जाकर बेड पर लिटा दिया और नाईट लैप जला लिया। हल्का उजाला था कमरे में। फिर अपनी शर्ट के बटन खोलने लगे। मैं जानती थी की आज मैं कसके चुदने वाली हूँ। आज मेरी कुवारी चूत का उदघाटन होने वाला है। अंदर से मेरा भी चुदने का बड़ा मन कर रहा था। समीर सर से अपनी जींस उतार दी। अंडरवियर भी उतार दिया। लंड 5” था। मेरे उपर आ गये और लेट गये। मेरे सूट को उन्होंने उपर की तरफ समेट दिया। मेरे 36” के शानदार बड़े बड़े दूध काली ब्रा में महफूस थे। सर ने ब्रा को उपर उचका दिया और दोनों कबूतर को बाहर निकाल दिया। मेरे आमो के दर्शन करने लगे। सफ़ेद रसीली कसी कसी चूचियां देखकर ललचा गये। बड़ी नर्म नर्म मुसम्मी थी मेरी। बहुत चिकनी थे। समीर सर घूर घूर कर देखने लगे। हाथ में लेकर दबाने लगे। मैं “ओहह्ह्ह…ओह्ह्ह्ह…अह्हह्हह…अई..अई. .अई… उ उ उ उ उ…” करने लगी।

“जुदेबा!! तेरे मम्मे तो कयामत है रे!!” सर बोले
“तो पी ली लीजिये मेरे कुवारे मम्मो को। आजतक किसी ने इन्हें नही चूसा है। अपनी जवानी मैंने सिर्फ आप के लिए ही बचा कर रखी है” मैंने कहा
समीर सर तेज हाथो से मेरे दूध दबाने और मसलने लगे। मैं पागल होने लगी। मेरी निपल्स उतेज्जना से खड़ी हो गई। उसके चारो तरफ काले काले गोले कितने सेक्सी दिख रहे थे। सर दर्शन करके दबा रहे थे। मजा ले रहे थे। फिर दूध को हाथ से पकड़कर मुंह में लगाकर चूसने लगे। मुझे बड़ा मजा आया। खूब आनन्द आया। मैं तो जन्नत में पहुच गयी। समीर सर ने काफी देर तक मेरी दूध को चूसा जैसे मैं उनकी गर्लफ्रेंड नही उनकी बीबी हूँ। एक दूध पीते, फिर दूसरी मुंह में ले लेते और पीने लग जाते। मुंह चला चलाकर मेरी निपल्स को काट लेते थे। मैं दर्द से कराहने लग जाती थी। खूब चुसी चुस्व्व्ल हुआ।   आप यह चोदने की स्टोरी इंडियन सेक्स कहानी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है। 
“जुबेदा जान!! आज मेरे लौड़े को चूसो” समीर सर बोले
फिर मैंने अपने सारे कपड़े उतार दिए। अपनी सलवार का नारा मैंने उनके सामने खोला और उतार दी। अब मेरे सेक्सी जिस्म पर सिर्फ काली पेंटी थी। सर अपने सिर के किनारे मोटा तकिया लगाकर लेट गये। मैं उसके लंड की तरह आ गयी। 5” लम्बा और 2” मोटा मर्दाना लौड़ा था। मैं लंड से डर रही थी।
“जुबेदा जान!! डरो मत। मेरे लौड़े से दोस्तों कर लो। अभी तुमको ये बड़ा मजा देगा” सर बोले और मेरे हाथो को पकड़कर लंड तक ले गये और जबरदस्ती पकड़ा दिया। आजतक मैंने किसी मर्द का लौड़ा न ही देखा था और न ही छुआ था। धबराहट हो रही थी। धीरे धीरे लौड़ा मैंने पकड़ लिया और फेटने लगी। उपर नीचे करने लगी।
“ओह्ह जान करो और करो!! मजा आ रहा है। इसे चूसो जुबेदा” समीर सर बोले

loading...

धीरे धीरे मैं जल्दी जल्दी उनके लौड़े को फेटने लगी। खूब झुककर मुंह में लेने लगी। मुझे भी अच्छा लगने लगा। मेरे हाथ अपने आप उपर नीचे जाने लगे। खीरे जैसा मोटा लंड था दोस्तों। कितना मोटा और तगड़ा था। आखिर मैंने लौड़े को मुंह में ले लिया और चूसने लगी। समीर सर काफी गोरे थे इसलिए उनका लौड़ा भी खूब गोरा था।
4” मुंह में भर लिया फिर पूरा 5” मुंह में लील गयी। फिर जल्दी जल्दी चूसने लगी।
“ओह्ह्ह यस बेबी!! यू आर फकिंग हॉट!!” सर बोले
अब तो मुझे मजा आने लगी। मेरा अंदर का संकोच खत्म हो गया। मेरा अंदर का डर खत्म हो गया। अब जल्दी जल्दी चूसने लगी। उनकी गोलियों को उँगलियों से सहलाने लगी। खूब मजा लिया मैंने। सर मेरे फुले फूले 32” के पुट्ठो को हाथ लगाने लगे। सहलाने और दबाने लगे। मैं तो जल्दी जल्दी लंड को फेट रही थी और मुंह में लेकर चूस रही थी। अब सर का लौड़ा पूरी तरह से खड़ा हो गया था। थोडा माल मेरे मुंह में आ गया था। समीर सर के लौड़े के होठो को मैंने अच्छे से देखा। बिलकुल मेरे होठो जैसे थे। मैंने भी दोस्ती कर ली और खूब चूसा सर के लौड़े को। जड़ तक मुंह में लेकर चूस जाती थी। सर की झांटे काली काली और खूब बड़ी बड़ी थी।
“जुदेबा!! जान अपनी चूत के दर्शन करवाओ” समीर सर बोले
मैं लेट गयी। सर ने खुद ही मेरी काली पेंटी उतारी। फिर उसे मोड़कर नाक के पास ले गये और जोर से सूंघने लगी। “ओह्ह बेबी!! तुम्हारी चूत की खुसबू कितनी अच्छी है” सर बोले और फिर से नाक से जोर जोर से सूघने लगे। मैं भी इधर चुदने को व्याकुल थी। मैंने अपनी चूत के दाने को जल्दी जल्दी सहलाने लगी। सर 10 मिनट तक मेरी पेंटी सूँघते रहे। फिर आकर मेरी भोसड़ी का दर्शन करने लगे। मैंने 2 दिन पहले अपनी झांटे साफ़ की थी। हल्के हल्के बाल मेरी बुर पर थे। सर मुंह लगाकर जल्दी जल्दी चाटने लगे। 5 मिनट तक मेरी चूत उन्होंने चूसी। जब जब सफ़ेद मलाई बाहर आती सर चूस लेते।  आप यह चोदने की स्टोरी इंडियन सेक्स कहानी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है। 
“तेरा चूत तो मस्त है जुबेदा” समीर सर बोले और जल्दी जल्दी अपनी जीभ की नोंक से चूसते और पीते रहे। मैं “आआआअह्हह्हह…..ईईईईईईई….ओह्ह्ह्….अई. .अई..अई…..अई..मम्मी….” करने लगी। मैंने भी अपने दोनों पैर खोल दिए और अच्छे से पिला दिया। सर ने अपने लंड को पकड़कर मेरी चूत के दरवाजे पर रख दिया और धक्का देने लगी। पर दोस्तों मेरी चूत सील बंद थी। लंड अंदर नही जा रहा था। सर भी नही पाने और धक्का देते रहे। अंत में सील चट की आवाज के साथ टूट गयी और सर का लंड 4” अंदर घुस गया। मैं दर्द से मरने लगी। सर ने अगला धक्का दे दिया और पूरा 5” लौड़ा गच्च से मेरे भोसड़े में उतर गया। सर ने मेरे दोनों हाथ कसके पकड़ लिए और चोदने लगे। मैं दर्द से मरी जा रही थी। “……अम्मी…अम्मी…..सी सी सी सी.. हा हा हा …..ऊऊऊ ….ऊँ. .ऊँ…ऊँ…उनहूँ उनहूँ..” कर रही थी।

loading...

समीर सर नही माने और जल्दी जल्दी चोदते रहे। मेरी चूत से खून बहने लगा। दर्द के बारे मेरी आँखों के सामने अँधेरा छा रहा था। मैंने आँख बंद कर ली और खुद को सर के हवाले कर दिया। सर तो जैसे आज मेरी कुवारी चूत पर मोहित हो गये थे। हूँ…हूँ…हूँ—की आवाज के साथ जल्दी जल्दी सम्भोग कर रहे थे। मैं आई तो botany पढने पर आज सर से मुझे चूतशास्त्र सिखा दिया था।
उनका लौड़ा चूत को कस कसके फाड़ रहा था। मेरे पेट में जैसे घुसा जा रहा था। शुरू शुरू में काफी दर्द हुआ। फिर कम हो गया।
“आई लव यू सर!!” मैंने भी कह दिया और उनको सीने से लगा लिया। वो भी मुझसे किसी जोंक की तरह चिपक गये। अपनी गांड उठा उठाकर मेरी चूत चोदने लगे। मुझे भी खूब आनंद आया। खूब गरमा गर्म सेक्स हुआ। सर से मुझे 10 मिनट चोदा। अंत में हाँफते हाँफते मेरी चूत में माल छोड़ दिया। आधे घंटे बाद ही फिर से हम दोनों का मौसम बन गया। उन्होंने मुझे घोड़ी बनाकर पेला। फिर गांड मारी।

DMCA.com Protection Status

कहानी शेयर करें :
loading...