चेतावनी : इस वेब साइट पर सभी कहानियां पाठको द्वारा भेजी गयी है। कहानियां सिर्फ आप के मनोरंजन के लिए है, कहानियां काल्पनिक हो सकती है। कहानियां पढ़ कर इसे वास्तविक जीवन में आजमाने की कोशिस ना करें। सेक्स हमेशा आपसी सहमति से करें।

बहन की गांड चोदने में मजा आता है

loading...

Hindi Sex मेरा नाम आकाश है। stories मैं 21 साल का एक बहुत ही आर्कषक लड़का हूँ। मेरा कद 5’ 6” है।  मेरा लंड 6” लम्बा है और 2” मोटा है। मेरी सगी बहन दीपाली के साथ मेरे नाजायज रिश्ते है। ऐसा 4 साल पहले शुरू हो गया था। हम दोनों के मम्मे पापा बाहर नौकरी करते थे और कई कई दिन घर पर नही आते थे। धीरे धीरे मेरी सगी बहन दीपाली मुझे पसंद करने लगी और मैं भी उसे पसंद करने लगा और एक दिन हम दोनों में चुदाई हो गयी।
धीरे धीरे हम दोनों सेक्स के मामले में पूरी तरह से खुल गये और जमकर चुदाई का मजा लेने लगे। दिलापी मेरा लंड भी चूसने लगी और मुझसे वो अपनी चूत भी चूसाती थी। जब पापा मम्मी घर पर नही होते अक्सर हम दोनों सम्भोग करते और जिन्दगी का मजा लुटने लगे। एक दिन दीपाली सुबह सुबह नहाने जा रही थी।
“बहन!! मैं भी तुम्हारे साथ नहाने चलूँगा” मैंने कहा
“अच्छा….कहीं कोई दूसरा इरादा तो नही है” दीपाली हंसकर बोली
मैं भी हँसने लगा। हम दोनों साथ में बाथरूम में चले गये। दीपाली ने बाथटब का पानी खोल दिया। धीरे धीरे वो अपने कपड़े उतारने लगी। धीरे धीरे उसने अपना सलवार सूट उतार दिया। फिर ब्रा और चड्डी भी उतारने लगी। मैंने अपनी टी शर्ट और लोअर उतार दिया। फिर बनियान और कच्छा उतार दिया। बाथटब जब पूरी तरह से भर गया तो मैं अपनी सगी बहन दीपाली के साथ उसमें बैठ गया। दीपाली ने पानी में एक खुशबूदार लिक्विड साबुन डाल दिया जिससे ढेर सारे बुलबुले पानी में हो गये। हम दोनों खेलने लगे. मैं पानी के सतरंगी बुलबुलों से खेलने लगा। और दीपाली की तरफ मुंह से फूंक कर उड़ाने लगा। दीपाली भी मुझसे खेलने लगी। हम दोनों ने खूब देर तक बाथरूम में टब में नहाया।
“आओ बहन!! तुम्हारी पीठ मल दूँ” मैंने कहा
दीपाली घूम गयी। वो बाथटब में बैठी हुई थी। मैंने स्क्रबर उठा लिया और उसमें साबुन लगाकर जल्दी जल्दी उसकी पीठ मलने लगा। धीरे धीरे मेरे हाथ नीचे की तरफ जाने लगे और फिर मैं उसके जिस्म पर हर जगह स्क्रबर से घिसने लगा। उसका मैल छूटने लगा। अपनी बहन दीपाली के गोरे चिकने जिस्म को मैं हाथ, टांगो, जांघो और चूत पर भी घिसने लगा। धीरे धीरे हम दोनों ठरकी हो गये। इंडियन सेक्स कहानी डॉट कॉम

“भाई चोदो ना प्लीस” दीपाली अचानक से बोली
“ओह्ह तो अब कौन ठरकी हो रहा है???” मैंने कहा
“भाई मेरा मूड बन गया है। प्लीस आओ चोदो ना” दीपाली बोली
“तेरी चूत तो मैं हजारो बार चोद चूका हूँ दीपाली। आज तो तेरी कुवारी गांड मारने का मन है” मैंने कहा
“तो भाई इसमें शर्माना क्या। आओ मेरी गांड चोद लो” दीपाली बोली
मैं मुस्कुराने लगा।
मैं बाथटब में ही दीपाली को बाहों में भर लिया और हम दोनों किस करने लगे। मेरी नंगी बहन कितनी सुंदर लग रही थी। मैं उसके जिस्म को फिर से मसाज देने लगा और मलने लगा। उसने भी बड़ी देर तक मेरी पीठ को मल मलकर सब मैल साफ कर दिया। मैंने उसके सेक्सी होठ खूब चूसे। उसने भी खूब चुसाया। वो मेरी ओर पानी फेक रही थी। मैं उसकी ओर। फिर मैंने बाथटब का पानी खोल दिया और वो खाली हो गया। ये कहानी आप इंडियन सेक्स कहानी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है।
“चल बहन!! मेरे लंड की सेवा कर आकर” मैंने कहा और बाथटब के एक किनारे मैं हाथ बाहर निकालकर बैठ गया। मेरी सगी बहन दीपाली मेरे सामने पूरी तरह से नंगी थी। उसका जिस्म चांदी की तरह चमक रहा था। वो बेहद कामुक और हॉट माल लग रही थी। उसके दूध तने हुए और 36” से भी बड़े आकार के थे। वो गोरी और सुंदर लड़की थी। उसका बदन बहुत गोरा, भरा हुआ और सुडौल था। फिगर कमाल का था। बदन बिलकुल संगमर्मर की तरह चिकना और तराशा हुआ था। वो बहुत सेक्सी और हॉट माल थी। 36, 28, 30 का फिगर था उसका। छरहरा और बिलकुल फिट जिस्म था। दीपाली की आँखें काली काली और बड़ी बडी थी। पलके तो बेहद खूबसूरत थी। वो 20 साल की एक जवान, आकर्षक माल थी। मैं अपनी बहन को हजारो बार चोद चुका था पर कभी उसकी कुवारी गांड नही चोदी थी। आज मेरा बहुत मन था।
फिर दीपाली ने मेरा लंड अपने हाथ से पकड़ लिया और फेटने लगी। हम दोनों बाथटब में ही आपस में खेल रहे थे। दीपाली मेरे लौड़े को फेटने लगी। मैं अअअअअ आआआआ… सी सी सी सी…..करने लगा। मैं बाथटब में लेट गया और दीपाली से लंड चुसाने लगा। उसने कुछ देर तक मेरे लंड को जल्दी जल्दी फेट कर खड़ा कर दिया, फिर मुंह में लेकर चूसने लगी। मुझे बहुत अच्छा लग रहा था। लंड चूसाने में अद्भुत मजा आता है। दीपाली जल्दी जल्दी चूसने लगी। पिछले 4 साल में उसने अनेक बार मेरा लंड चूसा था। धीरे धीरे वो पूरा लंड मुंह में अंदर तक ले गयी और कुछ देर तक रुक गयी।

“बहन की लौड़ी!! कहीं इस तरह साँस रोकने वाला खेल खेलते खेलते तुम मर ना जाना। वरना कल अखबार में खबर छप जाए की एक लड़की अपने भाई का लंड चूसते चूसते मर गयी। दम घुटने से उसकी मौत हो गयी” मैंने कहा
दीपाली खिल खिलाकर हँसने लगी। फिर और और जादा जोश में आ गयी और तेज तेज मेरा लंड चूसने लगी। वो मेरी गोलियां से बार बार खेल रही थी। बार बार वो मेरी काली काली गोलियों को मुंह में लेकर चूस रही थी। मुझे बहुत मजा आ रहा था। आज दीपाली मेरी असली सेवा कर रही थी। फिर वो खुद ही कुतिया बन गयी। बाथटब में ही वो कुतिया बन गयी थी। अपना सिर उसने नीचे सतह पर रख दिया और अपने घुटने उसने मोड़ लिए। अपनी कमर और पिछवाड़ा उपर उठा दिया। मैं उसके पुट्ठो को सहलाने लगा। दीपाली की गांड और चूत की भीनी भीनी खुशबू मेरी नाक में जा रही थी। अभी अभी हम दोनों ने नहाया था। दोस्तों धीरे धीरे मैंने उसकी गांड को चाटना शुरू कर दिया। आज मुझे उसकी गांड चोदनी थी।   इंडियन सेक्स कहानी डॉट कॉम
मैंने उसकी गांड के छेद को साबुन लगाकर और जादा रगड़ रगड़कर साफ़ कर दिया। फिर अच्छी तरह से कई मग पानी डालकर अपनी सगी बहन की गांड को मैंने चमका दिया। फिर मैंने जीभ लगाकर चाटना शुरू कर दिया। दीपाली को सनसनी होने लगी। वो “….उंह उंह उंह हूँ.. हूँ… हूँ..हमममम अहह्ह्ह्हह..अई…अई…अई…..” करने लगी। उसे अच्छा लग रहा था। मैं और जल्दी जल्दी उसकी गांड को चाटने लगा। हम दोनों को मजा आ रहा था। मैं किसी कुत्ते की तरह उसकी गांड चाट रहा था। पी रहा था। दीपाली के पुरे जिस्म में थिरकन हो रही थी। उसके जिस्म में गांड से लहरे निकल रही थी। दीपाली को भरपूर मजा आ रहा था। मैं अपनी खुदरी दानेदार जीभ से जल्दी जल्दी लपर लपर करके दीपाली की गांड चाटने लगा। वो “आऊ…..आऊ….हमममम अहह्ह्ह्हह…सी सी सी सी..हा हा हा..” करने लगी।
उसे कुछ कुछ नही बहुत कुछ हो रहा था। उसे मजा आ रहा था। मैं अपना हाथ नीचे से उनकी चूत पर रख दिया और अपनी बहन के चूत के दाने को मैं ऊँगली से मैं घिसने लगा और जल्दी जल्दी जीभ लगाकर उसकी गांड पीने लगा। ये कहानी आप इंडियन सेक्स कहानी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है।

loading...

““अई…..अई….अई…भाई करो करो ….और करो अच्छा लग रहा है …..करते रहो” दीपाली बोली
मैं और जल्दी जल्दी उसकी गांड के छेद को किसी कूकुर की तरह चाटने लगा। दिपाली सेक्स के नशे में मस्त हो गयी थी।
“भाई!! अब मुझे और टीस मत करो। मेरी गांड में अपना मोटा लंड घुसा दो और जल्दी से मुझे मजा दो” दीपाली बोली
मैंने हाथ में थूक लिया और लंड पर चुपड़ लिया। फिर दीपाली की गांड के छेद पर मैंने लंड रख दिया और उसकी कमर पकड़ कर जोर का धक्का मारा। दीपाली की गांड की सील टूट गयी। मेरा ताकतवर लंड अंदर घुस गया। 4” अंदर घुस गया था। दीपाली रोने लगी। मैंने उसपर कोई रहम नही की और ताड़ से एक धक्का और मारा। इस बार मेरा 6” का ताकतवर लंड पूरा अंदर उसकी गांड में टाईटेनिक जहाज की तरह समा गया। दीपाली बुरी तरह से छटपटाने लगी।
“अई…..अई….अई… अहह्ह्ह्हह…..सी सी सी सी….हा हा हा…भाई अपना लंड बाहर निकाल लो बहुत दर्द हो रहा है…प्लीस” दीपाली बोली
“चुप रंडी!! चुप चाप अपनी गांड मरा ले। अभी कुछ देर में तुझे मजा आएगा” मैंने कह और उसे डांट दिया। इंडियन सेक्स कहानी डॉट कॉम

loading...

दीपाली चुप हो गयी। मैं धीरे धीरे उसकी कुवारी गांड में अपने लंड को आगे पीछे करने लगा। उफफ्फ्फ्फ़!! कितनी कसी गांड थी बहन की। मुझे लंड पर बड़ी नशीली रगड़ मिल रही थी। दीपाली को भी आनन्द आ रहा था। धीरे धीरे मैं उसकी गांड चोदना शुरू कर दिया। उसे दर्द हो रहा था पर वो बहादुरी से गांड मरवा रही थी। धीरे धीरे हम रफ्तार बनाने लगे। मैं उपर से थोडा और थूक दिया उसकी गांड के सुराख में। अब काफी चिकना हो गया था अंदर। दीपाली को अब अच्छा रहा था था। 17 -18 मिनट बाद मेरा  लंड आराम से उसकी गांड में अंदर बाहर फिसलने लगा। दीपाली “……अई…अई….अई……अई….इसस्स्स्स्स्स्स्स्…….उहह्ह्ह्ह…..ओह्ह्ह्हह्ह….” बोलकर सेक्सी आवाजे निकालने लगी। मुझे उसकी आवाजे और जोश में भर रही थी। मैं हुमक हुमक कर धक्के मारने लगा।
अब मेरी सगी बहन दीपाली को मेरे लंड की आदत हो गयी थी। वो बाथटब में ही आगे पीछे होने लगी। मेरा लंड अपने आप उसकी गांड के छेद में अंदर बाहर होने लगा। फिर तो मैंने जी भरकर दीपाली के साथ गुदा मैथुन किया। 30 मिनट बाद मैं उसके गुदा छेद में ही माल छोड़ दिया। उसके गोल मटोल पुट्ठे पर मैंने कई चांटे मारे। उसे अच्छा लगा। कुछ देर मैंने उसके दूध मुंह में लेकर चूसे। फिर से उसे कुतिया बना दिया और बाथटब में ही उसकी गांड फिर से चोद डाली। दोस्तों अब मेरी बहन की गांड का छेद डेढ़ इंच मोटा हो गया है। सब मेरी मेहनत का कमाल है। इंडियन सेक्स कहानी डॉट कॉम

DMCA.com Protection Status

कहानी शेयर करें :
loading...