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बहू की गुलाबी चूत में मोटा लंड डालकर चोदा

New Sex Stories मेरा नाम करतार सिंह है। मैं मोहाली [पंजाब] का रहने वाला हूँ। मैं 50 साल का अधेढ़ मर्द हूँ। मुझे सेक्स करना बहुत पसंद है। मैं अपनी बीबी को रोज रात में चोदता हूँ। दोस्तों मुझे नई नई चूत मारने का बड़ा शौक है। मैं धंधेवाली औरतों के पास जाकर उनको पैसे देकर चोद लेता हूँ। पता नही क्यों मेरी चुदाई की इक्षा कभी खत्म ही नही होती है। मुझे नई और कम उम्र की कच्ची कली जैसी लडकियाँ बहुत पसंद है। मैं 18 साल की कई लड़कियों को पैसे देकर, कभी कभी पटाकर चोद चुका हूँ। मैं सरकारी नौकरी करता हूँ। अपने ऑफिस में ही कई लड़कियों की चूत में मैं मोटा लंड डाल चुका हूँ। आज आपनो अपनी स्टोरी सूना रहा हूँ।
मेरे बड़े बेटे अरविन्द की शादी अब होने जा रही थी। मेरी होने वाली बहू आयुषी बहुत सुंदर और सेक्सी माल थी। कुछ दिनों बाद मेरे बेटे की शादी हो गयी। रात में जब अरविन्द ने अपनी बीबी आयुषी को नंगा करके कसके चोदा तो उसकी चीखे सुनकर मुझे बड़ा आनंद मिला। मन हुआ ही मैं भी जाकर अपनी जवान बहु को चोद डालूं। धीरे धीरे मैं अपनी बहू को प्यार करने लगा। मेरी बहू आयुषी मेरी बड़ी सेवा करती थी। रोज सुबह शाम मुझे चाय पानी, नाश्ता, खाना और दवा देती थी। अब मुझे उससे प्यार हो गया था। मैं आयुषी को चोदना चाहता था। दोस्तों एक दिन मैंने आयुषी को अपने शादी से पहले वाले बॉयफ्रेंड से बात करते फोन पर सुन लिया। शादी से पहले आयुषी का एक बॉयफ्रेंड था जो उसकी जमकर चूत बजाता था। आयुषी उससे शादी करना चाहती थी पर लड़के के घर वाले और फिर आयुषी के घर वाले शादी को राजी नही हुए। इस तरह आयुषी की शादी उसके बॉयफ्रेंड से नही हो पायी। मैंने एक दिन फोन पर उसे पकड़ लिया।

“आयुषी बेटी!! अभी तुम किस्से फोन पर बात कर रही थी??” मैंने पूछा तो वो कांपने लगी
“कोई नही पापा जी” आयुषी डरकर बोली
“झूठ मत बोलो!! मैंने सब सुन लिया है। तुम अपने बॉयफ्रेंड से बात कर रही थी। आने को अरविन्द को मैं उसे सब बता दूंगा” मैंने कहा
ये सुनकर आयुषी घबरा गयी। वो मेरे पैर में गिर गयी।
“पापा जी!! प्लीस ये बात अरविन्द को मत बताना वरना वो मुझे छोड़ देंगे” आयुषी गिडगिड़ाती हुई बोली
दोस्तों मैंने ये बात अरविन्द से नही कही। धीरे धीरे मैं आयुषी को लाइन देने लगा। एक दिन जब अरविन्द अपने ऑफिस में था। घर में कोई नही था। मेरी बीबी पड़ोस में किसी शादी में ढोलक बजाने लगी थी। आयुषी मुझे चाय देने आई थी। मैंने उसका हाथ पकड़ लिया और उसे बाहों में भर लिया। मैं उसके गाल पर चुम्मा लेने लगा।
“ये क्या पापा जी??? ये आप क्या कर रहे है??” मेरी जवान चुदासी बहू आयुषी बोली। वो अपना हाथ छुड़ाने की कोशिश कर रही थी।
“बहू!! तुम्हारी चूत का स्वाद तुम्हारा बॉयफ्रेंड और मेरा बेटा अरविन्द चख चुके है। दो दो लोग तुमको चोद चुके है। प्लीस!! मुझे भी अपनी रसीली चूत का स्वाद चखा दो” मैंने कहा
“नही पापा जी! ये गलत है” आयुषी बोली
आयुषी साड़ी ब्लाउस में थी। अभी अभी नहाकर आई थी इसलिए हॉट और सेक्सी माल लग रही थी। मैं खड़े होकर उसे पकड़े हुए था और बाहों में भरकर उसके गाल पर किस कर रहा था। फिर मैंने उसके गले के नीचे हाथ लगाकर उसको झुका दिया और अपनी बहू के रसीले लब पीने लगा। दोस्तों मेरी बहू बिलकुल श्रद्धा की तरह दिख रही थी। मैं उसे हल्का पीछे की तरह झुकाकर खड़े खड़े ही उसके होठ चूसने लगा। उसके होठ वाकई बहुत सेक्सी थी। गुलाबी गुलाबी और बेहद नर्म। 10 मिनट के चुम्बन के बाद आयुषी मुझसे पट गयी। ये कहानी आप इंडियन सेक्स कहानी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है।

“बहू!! जिस दिन से मैंने तुझे देखा है बस तेरा दिवाना हो गया हूँ। प्लीस आज मुझे अपनी चूत का रस पिला दो” मैंने कहा
धीरे धीरे आयुषी मुझसे पट गयी। मैं उसे बेडरूम में ले गया। हम दोनों लेट गये और गरमा गर्म किस करने लगे। आयुषी मुझे श्रद्धा की तरह हुबहू लग रही थी।
“पापा जी!! आप मुझे चोद लो पर ये बात अरविन्द को ना मालूम पड़े”
“प्रोमिस बहू!! मैं किसी से नही कहूँगा” मैंने कहा
उसके बाद दोस्तों हम आपस में प्यार करने लगे। मैं आयुषी के बालो का जूडा खोल दिया। मैंने उसे सीने से लगा लिया और किस करने लगा। मैं उसके गाल, नाक, चेहरे, मत्थे और गले पर किस कर रहा था। आयुषी को भी मजा आ रहा था। उसने नीले रंग की साड़ी ब्लाउस पहन रखा था। मैंने उसके पैर खोल दिए और पेटीकोट के साथ साड़ी उपर उठा दी।
मेरी खूबसूरत जवान बहू ने साड़ी के रंग से मैचिंग नीली रंग की पेंटी पहन रखी थी। मैं जल्दी जल्दी उसकी बुर सहलाने लगा। आयुषी की चूत की दरार मुझे साफ साफ दिख रही थी। उसकी चूत की दरार में उसकी पेंटी दबी हुई थी जो बेहद सेक्सी लग रही थी। मैं पेंटी के उपर से अपनी ऊँगली उपर नीचे ले जाने लगा। मेरी बहू “ हूँउउउ हूँउउउ हूँउउउ ….ऊँ—ऊँ…ऊँ सी सी सी सी… हा हा हा.. ओ हो हो….” करने लगी। उसे बड़ा सेक्सी फील हो रहा था। मैं उसकी पेंटी के उपर से उसकी रसीली चूत सहला रहा था। आयुषी आहे भर रही थी। उसे मजा आ रहा था। धीरे धीरे मैं उसकी चूत में दरार में पेंटी के उपर से ही ऊँगली करने लगा।
आयुषी कराहने लगी। अपने पैर उपर उठाने लगी। उसके बाद दोस्तों मैंने जल्दी जल्दी अपनी ऊँगली को पेंटी के उपर से उपर नीचे घिसना शुरू कर दी। कुछ ही देर में आयुषी की चूत से मक्खन निकलने लगा। पेंटी गीली होने लगी। मैं इसी मौके का इंतजार कर रहा था। मैं लेटकर आयुषी की पेंटी के उपर से चाटने लगा। ताजा मक्खन मैं चाट रहा था। मुझे जन्नत मिल रही थी। अंततः मैं अपनी बहू की पेंटी उतार दी। कितनी गुलाबी!! कितनी सुंदर चुद्दी थी बहू की। मैं तो उसका फैन हो गया था। मैं लेटकर अपनी बहू की बुर चाटने लगा। वो बस “…….उई. .उई..उई…….माँ….ओह्ह्ह्ह माँ……अहह्ह्ह्हह…” बोलकर चिल्ला रही थी।
धीरे धीरे मेरी जीभ किसी वाइपर की तरह बहू की चूत को चाट चाट कर साफ करने लगी। आयुषी तड़पने लगा। मैं और तेज तेज उसकी चुद्दी पीने लगा। आयुषी तडप तरह थी। सेक्स और चुदास के नशे से उसका बुरा हाल था। मैं अपनी जीभ को उसकी चुद्दी के भीतर तक डाल रहा था। आयुषी बार बार अपनी गांड मटका रही थी और उपर की तरह उठा देती थी। उसका मुंह किसी छिनाल की तरह बाल बार खुल जाता था। “……मम्मी…मम्मी…..सी सी सी सी.. हा हा हा …..ऊऊऊ ….ऊँ. .ऊँ…ऊँ…उनहूँ उनहूँ..” की सेक्सी आवाजे वो निकाल रही थी।

सी सी सी सी—पापा जी पियो!! और पियो मेरी गुलाबी भोसड़ी को आज!! इसका सारा रस आज पी लो” आयुषी खुलकर बोली
उसके बाद मैंने अपने हाथ की 2 ऊँगली उसकी चूत में भीतर डाल दी और जल्दी जल्दी फेटने लगा। दोस्तों मेरी बहू की चूत बहुत चिकनी और फिसलन भरी थी। मैं जल्दी जल्दी उसकी बुर में ऊँगली कर रहा था। धीरे धीरे मेरी नियत खराब हो रही थी। अपनी जवान बहू की खूबसूरती देखकर मेरा तो दिमाग ही खराब हुआ जा रहा था। दिल कर रहा था की उसकी चूत आज फाड़ डालूं। उसे इतना चोदू की मार डालूं। धीरे धीरे मैं किसी वहशी राक्षस की तरह बर्ताव करने लगा और उसकी चूत की अंदर अपनी अपनी 2 ऊँगली डाल दी। बहू की माँ चुद गयी। उसकी आवाज उसके गले में ही दब गयी। आवाज ही नही निकल रही थी। मैं किसी शैतान की तरह जल्दी जल्दी उसकी चूत फेटने लगा। कुछ देर में जैसे आयुषी की चूत से आग के शोले निकलने लगा। वो बहुत गर्म हो गयी थी। ये कहानी आप इंडियन सेक्स कहानी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है।
““आआआअह्हह्हह…..ईईईईईईई…पापा जी प्लीस जल्दी से मेरी चूत में लंड डाल दो और फाड़ डालो मेरा भोसड़ा आज .ओह्ह्ह्….अई. .अई..अई…..अई..मम्मी— इस तरह से मेरी बहु किसी रंडी की तरह चिल्लाने लगी
मैं तुरंत अपनी पेंट खोलकर निकाल दी। फिर अंडरवियर उतार दिया। एक सेकंड में मैंने अपन 8” लम्बा लंड बहू की रसीली चूत में डाल दिया। फिर जल्दी जल्दी उसे चोदने लगा। दोस्तों आज मैंने अपनी बहू को नंगा नही किया था। डाइरेक्ट साड़ी और पेटीकोट उठाकर उसको जल्दी जल्दी चोद रहा था। मुझे डर था की कहीं मेरी बीवी न आ जाए। मैं जल्दी जल्दी बहु को पेल रहा था। वो सेक्सी आवाजे निकाल रही थी। वो मजे से चुदा रही थी। आज मुझे 25 साल की बहू की नई चूत चोदने को नसीब हो रही थी।

मैं धकाधक उसको पेल रहा था। मेरा मोटा लंड उसकी चूत की गुफा में सरपट सरपट दौड़ रहा था। उसकी चूत की पटरी पर मैं अपने लंड की ट्रेन दौड़ा रहा था। बहू “ओहह्ह्ह…ओह्ह्ह्ह…अह्हह्हह…अई..अई. .अई… उ उ उ उ उ…” की सेक्सी आवाजे निकाल रही थी। वो पूरी तरह से चुदासी और कामातुर हो चुकी थी। बहू अपने ब्लाउस के उपर से अपने दूध दबा रही थी।
“चोदो चोदो पापा जी… अई..अई. .अई… और कसके मुझे पेलो” इस तरह आयुषी बहू चिल्ला रही थी
दोस्तों उस दिन अपनी बहू को 40 मिनट जोर जोर से मैंने चोदा और चूत में ही माल छोड़ दिया। अब वो मेरे बच्चे की माँ बनने वाली है। कहानी आपको कैसे लगी DMCA.com Protection Status

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