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बला की खूबसूरत कामवाली को पटाकर चोदा

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sexy stories मेरा नाम रिंकू मौर्य है। आगरा का रहने वाला हूँ। दोस्तों मेरे घर में एक नई नई कामवाली ने आना शुरू कर दिया था। उसका नाम रमा था। वो शादी शुदा थी। धीरे धीरे वो अच्छा काम करने लगी। मेरी मम्मी उसे पसंद करने लगी। वो हमारे घर में सब तरह का काम करती थी। सब्जी काटती, खाना बनाती, झाड़ू पोछा लगाती। रमा बहुत गजब का माल थी। गोरी गोरी और बेहद सुंदर। उसका पति कपड़े प्रेस करने का काम करता था। वो काफी गरीब घर से थी। तभी कामवाली काम करने लगी थी। जब जब वो मेरे कमरे में झाड़ू लगाने आती थी उसकी पीठ, कमर और उसके ब्लाउस से उसके सफ़ेद 36” के भरे भरे दूध मुझे साफ़ साफ़ दिख जाते थे। मेरा लंड उसी वक़्त खड़ा हो जाता था।
रमा सिर से पाँव तक सोना थी। गोरी, भरा हुआ जिस्म। चोदने के लिए बिलकुल सही माल थी। कई बार वो काजल लगाकर आती थी। दिल करता था बस उसकी आँखों को चूम लूँ और चोद डालू उसे। पर मैं मुठ मारके संतोष कर लेता था। हर बार मैं रमा को याद करके मुठ मारता था। मुझे बड़ा सुकून मिलता था। एक दिन जब वो मेरे कमरे में पोछा लगा रही थी मैंने उसका हाथ पकड़ लिया।
“रिंकू भैया!! ये आप क्या कर रहे हो??” रमा बोली
“रमा!! हमे प्यार हो गया है। दिन रात बस तुम्हारे ही ख्याल में रहता हूँ। आप मेरे पास आओ” मैंने रमा का हाथ पकड़कर कहा और उसका चुम्मा गाल पर लेने लगा
“नही छोड़ो मुझे….छोड़ो!!” रमा बोली
मैं जबरदस्ती करने लगा तो उसने मेरे गाल पर एक चांटा कसके चिपका गिया। हाथ छुड़ाकर वो भाग गयी। कई दिनों तक उसने मुझसे कोई बात नही की। एक दिन उसे पैसो की बड़ी जरूरत थी। उसने मेरे पापा से 5 हजार रुपया उधार माँगा तो पापा ने तुरंत मना कर दिया। फिर वो मेरे पास आई।
“रिंकू भैया!! मुझे 5 हजार उधार दे दो। बड़ी जरूरत है। मेरी माँ की तबियत बड़ी खराब है” रमा विनती कर बोली
“मैं तुम्हारी मदद कर दूंगा। चूत दोगी?? बोलो” मैंने कहा
वो मान गयी और हाँ में सिर हिला दिया।

“देखो!! जैसी बीवियां चुदवाती है उसी तरह मुझे चाहिए। मुझे पति की तरह प्यार करके चुदवाना बोलो कर पाओगी???” मैंने पूछा
“ठीक है रिंकू भैया!! मैंने उसी तरह चुदवा लुंगी। आपको अपना पति बना लूंगी” रमा बोली
उस दिन मेरे घर वाले पिकनिक पर चले गये थे। मैं घर में अकेला था। सुबह 11 बजे तक मेरी कामवाली आ गयी। मैं उसे अपने कमरे में ले आया। मैंने उसे बाहों में भर लिया। फिर हम किस करने लगे। धीरे धीरे मैंने उसे सीने से लगा लिया। दोस्तों मैं कॉलेज में कई लड़कियों को चोद चुका था। पर मेरी कामवाली भी किसी से कम नही थी। उसकी आँखे तो बेहद रोमांटिक और खूबसूरत थी। वो भी मुझे प्यार करने लगी। वो भी मुझे पीठ पर सहला रही थी। मैं भी ऐसा ही कर रहा था। धीरे धीरे हम किस करने लगे। हम दोनों खड़े होकर चुम्मा चाटी कर रहे थे। रमा ने हरे रंग की साड़ी पहनी हुई थी। हमेशा की तरह वो सुंदर भारतीय नारी लग रही थी। ये कहानी आप इंडियन सेक्स कहानी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है। मैंने उसकी कमर को सहलाना शुरू कर दिया। रमा “..अहहह्ह्ह्हह स्सीईईईइ….अअअअअ….आहा …हा हा हा” करने लगी। धीरे धीरे मैंने उसके बूब्स को मसलना शुरू कर दिया। हरे रंग के ब्लाउस में उसके गोल गोल बूब्स तो जैसे तहलका मचा रहे थे। मैंने उसके रसीले दूध दबाने लगा। रमा को नशा छाने लगा।
“रिंकू भैया! मुझे आप चोदने जा रहे हो। पर देखो ये बात मेरे घर में किसी से मत बोलना” रमा बोली
“नही बोलूँगा। तू टेंशन मत ले!!” मैंने कहा
फिर रमा ने खुद ही अपनी साड़ी उतार दी। अपना ब्लाउस खोलने लगी। उसने अपना ब्लाउस और ब्रा उतार दी। मैंने उसे खड़े खड़े ही बाहों में भर लिया। ओह्ह जान!! तुम कितनी सुंदर हो” मैंने कहा और उसे सीने से लगा दिया। फिर मैंने उसे एक कमरे की दीवाल पर खड़ा कर दिया। उसकी पीठ मैं बार बार सहला रहा था। उसके बाद मैंने अपनी जवान और खूबसूरत कामवाली रमा के स्तन हाथ से दबाने लगा। रमा “……अई…अई….अई……अई….इसस्स्स्स्स्स्स्स्…….उहह्ह्ह्ह…..ओह्ह्ह्हह्ह….” करने लगी। मैं जोर जोर से उसके मुसम्मी दबाने लगा। वो सिसक रही थी। कराह रही थी। 2 बच्चे होने के बाद भी उसके दूध कसे और गर्व से तने थे। काफी ठोस थे और बहुत ही चिकने थे।
मैं हाथ से अपनी कामवाली के बूब्स दबा रहा था। वो मचल रही थी। फिर मैंने उसकी दूसरी चूची को हाथ में ले लिया और आम की तरह दबाना शुरू कर दिया। रमा को अब सेक्स का नशा चढ़ रहा था। उसे मजा आ रहा था। मैंने उसे दीवाल से सटा दिया और नीचे झुककर उसकी दाई चूची को जो बिलकुल मलाई की तरह दिख रही थी मुंह में दबोच लिया। मेरा लंड खड़ा हो गया था। अब मैं जल्दी जल्दी अपनी जवान कामवाली के आम चूस और पी रहा था। वो “…..ही ही ही……अ अ अ अ .अहह्ह्ह्हह उहह्ह्ह्हह….. उ उ उ…” की आहे भर रही थी। मैं जल्दी जल्दी उसके आम चूस रहा था। सारा रस जल्दी जल्दी चूस रहा था। रमा को बहुत अच्छा लग रहा था। दुसरे हाथ से मैं उसकी दूसरी चूची दबा रहा था। इस तरह दोस्तों मैंने 15 मिनट तक उसके दोनों आम चूस लिए। रमा को चुदाई की तलब होने लगी।

“रिंकू भैया!! तुमने तो मुझे गर्म कर दिया है। अब मुझे जल्दी से चोद डालो” रमा बोली
“बहन की लौड़ी!! चल अपनी गुलाबी चूत के दर्शन करवा” मैंने कहा
मेरी कामवाली अब धीरे धीरे अपनी साड़ी की गाठ अपनी कमर से खुलने लगी। धीरे धीरे उसने साड़ी खोलकर बिस्तर पर फेंक दी। अपने पेटीकोट का नारा उसने खोल दिया और उतार दिया। फिर अपनी नीली पेंटी भी उतार कर फेंक दी। वो दीवाल के सहारे खड़ी हो गयी थी। मैंने सब कपड़े निकाल दिए। अब मैं नंगा था।मैं उसका नंगा जिस्म देककर पागल हो गया था। आज पहली बार मेरी कामवाली मेरे सामने पूरी तरह से नंगी थी। मैंने उसे फिर से बाहों में भर लिया। उसके गोल मटोल 38” के सेक्सी पुट्ठो पर मेरा हाथ पहुच गया। मैं उसके पुट्ठे सहलाने लगा। काफी देर तक वो मेरी औरत बनकर मेरे सीने से चिकपी रही। मैंने फिर से उसे दीवाल से चिपकाकर खड़ा कर दिया। मैं जमीन पर बैठ गया। रमा ने अपने पैर खुद ही खोल दिए।
“रिंकू भैया!! आज मैं आपकी औरत बन गयी हूँ। आज चाट लो मेरी रसीली चूत और पीलो इसका सब माल” रमा बोली
मैं जमीन पर बैठ गया और जल्दी जल्दी उसकी गुलाबी चूत पीना मैंने शुरू कर दिया। रमा “अई…..अई….अई… अहह्ह्ह्हह…..सी सी सी सी….हा हा हा…” करने लगी। मैं जल्दी जल्दी उसकी चूत को ऊँगली से खोलकर चाटने लगा। मुझे भरपूर मजा आ रहा था। मेरी कामवाली सिसकियाँ भर रही थी। मेरी जीभ उसकी चूत के अंदर तक घुसती जा रही थी। बहुत आनंद आ रहा था दोस्तों। धीरे धीरे मैंने उसकी चूत में ऊँगली करना शुरू कर दिया। अब रमा अपनी आँखे बंद करके जोर जोर से चिल्लाने लगी। उसे मजा आ रहा था। मैं जमीन पर बैठकर उसकी चूत पी रहा था। काफी मजा आया उस दिन। मैं जल्दी जल्दी उसकी चूत में ऊँगली कर रहा था। धीरे धीरे मेरी कामवाली की चूत पूरी तरह से रसीली हो गयी थी। मैं सब मक्खन बार बार पी लेता था। रमा अपनी रसीली चूचियों को बार बार निचोड़ रही थी। वो “आऊ…..आऊ….हमममम अहह्ह्ह्हह…सी सी सी सी..हा हा हा..” बोल रही थी। ये कहानी आप इंडियन सेक्स कहानी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है।

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“पी लो रिंकू भैया!! मेरी मेरी भोसड़ी का सारा रस तुम पी लो” रमा आहे भरके बोल रही थी।
मैं आधे घंटे तक उसकी चूत की एक एक कली को चूस लिया। जैसे भवरा फूल का सारा रस चूस लेता है। फिर हम दोनों बिस्तर पर लेट गये। मैं लेट गया और रमा को मैंने अपने कमर पर बिठा लिया। उसने खुद ही मेरा 10” लंड अपनी चूत में डाल दिया। फिर धीरे धीरे वो मेरे लंड की सवारी करने लगी। धीरे धीरे मेरी कामवाली को बहुत मजा मिलने लगा। मैंने उसके मुलायम पुट्ठे से खेल रहा था। धीरे धीरे रमा मेरे लंड को चूत में लेकर उपर नीचे उछलने लगा। वो खुद ही चुदवा रही थी। उसके 36” के दूध किसी गेंद की तरह बार बार उछल रहे थे। वो बेहद सेक्सी माल लग रही थी। वो अपने कुल्हे मटका कर चुदवा रही थी।

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कुछ देर बाद तो जैसे रमा साइकिल चलाने लगी। मेरे लंड की सवारी जल्दी जल्दी करने लगी। उसकी कमर आगे पीछे नाचने लगी। हिलोरे मारने लगी। लग रहा था की वो मेरे लंड के चाकू से अपनी गांड का कद्दू काट रही हो। धीरे धीरे मैं भी उपर को धक्के देना शुरू कर दिया। मैं रमा के गोल मटोल पुट्ठे बार बार दबा रहा था। वो “….उंह उंह उंह हूँ.. हूँ… हूँ..हमममम अहह्ह्ह्हह..अई…अई…अई…..” कर रही थी। उसे मजा आ रहा था। दोस्तों आधे घंटे तक मैंने अपनी कामवाली रमा को अपनी कमर के उपर लंड पर बिठाकर चोदा। फिर मैं झड़ गया। उसके बाद हम दोनों लेटकर बात करने लगे। दोस्तों मैंने उस दिन उसे 4 बार चोदा. फिर उसे 5 हजार रूपये दे दिए उसकी माँ का इलाज करवाने के लिए.DMCA.com Protection Status

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