इंडियन सेक्स कहानी डॉट कॉम के सभी पाठक पाठिका को दीपावली की ढेर सारी शुभ कामनाये। दीपावली की छुट्टियाँ शुरू हो गयी है, यहाँ कहानियाँ पढ़िए और चुदाई का आनंद लीजिये। ठण्ड और छुट्टियों का असली मजा चूत और लंड के खेल में है, अगर आपकी चुदाई का जुगाड़ नहीं है तो लड़के और लड़कियां अपने प्रेमी प्रेमिका को याद करते हुए लड़के मुट्ठ मारे और लड़किया चूत में ऊँगली करें।

Bhabhi ki chudai

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मेरा नाम समर है २० साल का हु मैं दिल्ली का रहने वाला हु,ये बात २०१६ मार्च की है,मेरी गली में १ भाभी आती थी,थोड़ी मोटी थी पर १ दम गोरी थी,में काफी टाइम से उसे देखता आ रहा था,में सोचता था की कब ये मुझे मिलेगी और में इसे चोदू , १ दिन अचानक मेरे घर की बेल बजी और मैंने बहार जाकर देखा तो वो ही भाभी कड़ी थी और पूछ रही थी की आपकी मम्मी घर पर है,तो मैंने कहा जी नहीं है,तो वो चली गयी फिर २ दिन बाद वो दुबारा आयी उसने पूछा आपकी मम्मी घर पर है तो मैंने कहा जी है है अभी बुलाता हु,तो मैंने अपनी माँ को बोला की वो भाभी आयी है, मेरी माँ ने उनसे बात की और फिर मुझे बुलाया और कहा की इनको अपना नंबर दे दो, इनको अगर मुझसे बात करनी होगी तो ये तुम्हे कॉल कर लेंगी,
थोड़े दिन के बाद मैंने पहले कदम बढ़ाया और भाभी को व्हाट्सएप्प पर मेसेज किया, गुड मॉर्निंग फिर उसका भी रिप्लाई आया गुड मॉर्निंग,ऐसे ही कुझ दिन चलता रहा, फिर मैंने कहा भाभी जी अपनी किसी फ्रेंड से मेरी फ्रेंडशिप करवा दो,तो वो कहने लगी मेरी साडी फ्रेंड्स तो शादी शुदा है,तो मैंने कहा फिर क्या हुआ,तो उसने कुझ रिप्लाई नहीं दिया,फिर अगले दिन मैंने उससे पूछा क्या हुआ आपने बताया नहीं,तो बोली क्या बताऊ,बताया तो था की सब शादी शुदा है, तो मैंने बोला यार फिर आप ही मुझसे फ्रेंडशिप करलो न, तो वो बोली नहीं यार में ऐसा नहीं कर सकती शादी शुदा हु, १ बच्चा भी है, बूत जैसे तैसे मैंने उसे मन ही लिया और मेरी उससे फ्रेंडशिप हो गयी, फिर २ दिन बाद मैंने उससे कहा आपसे मिलना है तो उसने कहा फ्रेंडशिप कर ली है न शुक्र मनाओ, पर में नहीं माना और फिर वो कहने लगी ठीक है कही दूर मिलेंगे घर से,
फिर में उससे मिलने गया,और १ रेस्टोरेंट में हम लोग बैठ गए, मैंने धीरे धीरे बाटे करते हुए उसके बड़े बड़े मुम्मो पर हाथ रख दिया पर उसने कहा यार प्लीज में ऐसे नहीं हु,
तो मैंने कहा ठीक है,
थोड़ी देर बात करके हम दोनों घर आ गए,
फिर २ दिन बाद मैंने उससे पूछा की यार कैसे हो तो वो बोली मेरी तबियत ठीक नहीं है,तो मैंने कहा क्या हुआ, तो बोली मेरे मासिक है,मैंने कहा ये क्या होता है, तो उसने कहा अरे तुम झूट मत बोलो तुम्हे पता है,मैंने कहा सच में नहीं पता,तो वो बोली ठीक है जब दुबारा मिलेंगे तब बताउंगी,
मैंने बोला ठीक है,
फिर मुझे ४ दिन बाद मौका मिल गया मेरे घर में कोई नहीं था, मैंने उसे व्हाट्सएप्प किया की घर आ जाओ वही बैठ कर बाते करेंगे आज, तो उसने कहा ठीक है आ जाउंगी,
और टाइम पर वो आ गयी, तो मैंने कहा बताओ न मासिक क्या है,तो उसने मुझे बताया,पर आज उसकी मासिक ख़त्म हो गयी थी,मैंने बोला भाभी मैंने आज तक दर्शन नहीं किये चूत के(इससे पहले भी में अपनी १ गर्लफ्रेंड को छोड़ चूका था), तो बोली नहीं यार प्लीज में नहीं मन मैंने उसे किस करनी शुरू
दी,अब धीरे धीरे वो भी गर्म होने लगी मेरा साथ देने लगी,मैंने धीरे धीरे उसके मोठे मोठे मुमे दबाने लगा,फिर मैंने कहा प्लीज अपने कपडे उतारो, वो मान गयी,और उसके ढूढ़ जैसे सफ़ेद शैतान देखकर में पागल हो गया,मैंने उसके निपल को चूसना शुरू कर दिया,वो और गर्म हो गयी,मैंने धीरे से अपना हाथ उसकी चूत पर रखा दिया जो गीली हो गयी थी,अब मैंने धीरे धीरे उसकी चूत पर हाथ रगड़ने लगा और वो और गर्म हो गयी, मैंने कहा भाभी मजा आ रहा है,तो वो बंद आँखों से बस अपनी गार्डन हिलाने लगी, मैंने भी धीरे से अपना मुह निचे उसकी चूत की तरफ बढ़ाया और अपनी जीभ से उसकी गांड के पास से चाटना शुरू करते हुए उसकी चूत पर ले आया और चाटने लगा, वो पागल हो रही थी और में भी,और १ दम से उसने मेरा सिर अपनी चूत में घुसने की कोशिश की,में समझ गया की ये झड़ने वाली है,करीब २० मिनट हो गए थे १ दूँ उसके पानी का टेस्ट मेरी जीभ पर आने लगा,
और वो ढीले पड़ने लगी, में समझ गया ये झाड़ गयी है, पर मेरा लुंड भी तन हुआ था,मैंने देर नहीं की उठते ही सीधे उसकी चूत में दाल दिया,वो बोली यार कंडोम लगा लो,मैंने कहा नहीं है,
वो दर गयी बोली नहीं करुँगी बिन कण्डोम मैंने कहा प्लीज मान जाओ और वो मान गयी,में लुंड डालने ही लगा था की वो बोली तुम्हारा बहुत मोटा है,मैंने कहा सच कह रही हो तुम बोली है पर थोड़ा चोट है मेरे पति से,
आपको बता दू के मेरा लुंड ६ इंच लंबा और ४ इंच मोटा है,
मैंने अब देर नहीं की अपने टोपे को उसकी चूत के निचे की तरस से ऊपर की तरफ रखा और १ धक्के में आधा लुंड अंदर कर दिया,वो शायद दर्द में थी, उसने अपनी आँखे बंद कर ली मैंने भी उसके होठो के ऊपर अपने होठ रख दिए, अब धीरे धीरे मैंने अपने लुंड को उसकी चूत में अंदर डालना शुरू कर दिया,मैंने दकके मार रखा था और वो अपनी आँखों को आधा बंद कर मुझे देख रही थी, करीब १० मिनट हो गए ऐसे ही गाड़ी चलती रही और मेरी उत्तेजना और बढ़ती रही,फिर मुझे एहसास हुआ की मेरा निकलने वाला है,तभी मैंने उससे कहा भाभी मेरा निकलने वाला है बताओ क्या कर वो कहने लगी की उसका भी निकलने वाला है, मैंने धक्के और तेज़ कर दिए उसने मुझे १ दम जोर से लिया में समझ गया ये फिर पानी निकलने वाली है,मैं भी धक्के मरता रहा वो निढाल हो गयी,
में ऐसे ही धक्के मरता रहा फिर मेरा भी निकलने वाल ही था मैंने फैट से बहार खींच लिया और उसके ऊपर अपना वीर्य गिरा दिया, वो निढाल थी में भी उसके ऊपर गिर गया उसने मुझे कहा की ऊपर से हाथो यार में बहुत थक गयी हु,
में हट गया और साइड में लेट गया और उसकी किश करने लगा, वो मंद मंद है रही थी,मैंने पूछा भाभी सच बताना मजा आया, बोली की जणू बहुत आया मेरे पति भी मुझसे ऐसे ही सेक्स करते है पर वो जल्दी ही निढाल हो जाते है और मेरा पानी नहीं निकल पते,
मैंने उसको फिर किस की और हम दोनों ने १ पुराने कपडे से वीर्य साफ़ किया,
वो खुश थी और में भी,
फिर उसके बाद जब भी मुझे मौका मिलते में उसे अपने घर बुलाने लगा, उसको मैंने कई बार चोदा अब उसे मेरे लुंड से ही चुदना अच्छा लगता है,
आपको मेरी कहानी कैसी लगी ये १ दूँ सच घटना है

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