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भतीजे ने मेरी चूत पर खीर डाल कर चाटा और चोद कर मेरी प्यास बुझाई Part 2

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Sex Stories  कुछ देर शांत रहने के बाद मैं तेज पेट दर्द का नाटक करने लगी। रवि घबरा गया बोला शालू आंटी ज्यादा दर्द बढ़ रहा क्या ?
मैं बोली हां दर्द तेज हो रहा है। तू एक काम कर तेल की सीसी लेकर आ मेरे पेट की मालिश करदे मुझे आराम मिलेगा।
रवि सरसो तेल की बोतल लेकर आया। मैं अपने पेट को खोल कर सीधी लेट गयी मैंने रवि को मालिश करने कहा। रवि मेरे पेट पर थोड़ा तेल टपका कर धीरे धीरे मालिश करने लगा। मुझे उसका चेहरा देख कर पता चल रहा था वो मेरे चिकने सरीर को छूकर अंदर से खुस हुआ जा रहा है।
मैं बोली रवि और निचे तक मालिश कर पेट के निचले हिस्से में ज्यादा दर्द है। रवि पेट के निचले हिस्से पर आ गया वहाँ मेरी साडी का घेरा और मेरी पेटीकोट के नाड़े की वजह से कमर जकड़ी हुई थी।
रवि ने कहा आंटी आप कमर ढीली कर लीजिये आप को आराम मिलेगा और मुझे मालिश करते बन जायेगा। मैं अपने साडी को ढीला करते हुए नाडा खोल चुकी थी आराम से लेट गयी रवि मालिश करने लगा। मैंने कहा रवि हल्का और निचे हाथ सरका कर मालिश कर उसने १-२ इंच निचे तक हाथ चलाया। मेरी साडी और ढीली पेटीकोट सरक कर मेरी चूत तक आ गयी। मैं समझ गयी रवि को मेरी चूत के ऊपरी हिस्सा जहा से बाल सुरु होते है दिख गई होगी।  आप यह स्टोरी इंडियन सेक्स कहानी डॉट कॉम पर पढ़ रहे/रही है।

मैं रवि को देख रही थी उसकी नजर मेरी गोरी गोरी चूत के ऊपरी हिस्से को ताड़ रही थी। मैंने आँख बंद की और मालिश का मजा लेने लगी रवि जोर जोर से रगड़ कर मेरी चूत के ऊपरी हिस्से की मालिश कर रहा था लेकिन वो आगे बढ़ने की हिम्मत नहीं दिखा रहा था। अब जो भी करना था मुझे ही करना था। मैं बोली रवि थोड़ा और अंदर तक मालिश कर आराम मिल रहा है। रवि कांपती आवाज से कहा जी आंटी कर रहा हूँ। मेरी नजर उसके हाथों पर ही उसके हाथ कापने लगे। रवि मेरी पेटीकोट सहित साडी और नीचे कर दिया उसको मेरी जालीदार पतली पेंटी दिख गयी वो बोला आंटी आपकी पेंटी आ गयी है और नीचे मालिश कैसे करू इसमें पूरा तेल लग जायेगा।
मैं अपने प्लान को आगे बढ़ा कर चुदवाने के लिए तड़प रही थी। मैंने कहा रुक मैं पेंटी निकाल देती हूँ मैं बैठ कर दोनों टांगो के बीच से पेंटी खींच कर निकाली और फिर से लेट गयी। बिस्तर पर मेरी जालीदार पेंटी रवि के सामने पड़ी हुई थी। सफ़ेद पेंटी पर मेरी चूत का पानी साफ़ दिख रहा था। अभी तक मेरी चूत का पानी पेंटी से रगड़ कर मेरी चूत के चारो तरफ लग गया था। मेरी चूत दिखने में सिर्फ 3 इंच का फासला था। रवि अपने दोनों हाथ तेजी से ऊपर निचे करते हुए मालिश करने लगा वो निचे तक जा रहा था उसके हाथों में मेरी चूत का कुछ हिस्सा छू रहा था रवि के हाथों में मेरी चूत का पानी लग गया और उसका हाथ मेरी चिकनी सरीर पर फिसलने लगी।
मैं आँख बंद की हुई लेती थी बीच बीच में आँख खोल कर रवि को देखने का मजा ही कुछ और था बेचारा बुरी हालत में था उसका लंड उसके जीन्स के अंदर पूरा तना हुआ तम्बू बना लिया था। मैं रवि से बोली रवि तू निचे मालिश कर कितने बार बोल रही हूँ। रवि चुप था उसने एक बार में अपना हाथ अंदर डाल दिया और मेरी चूत उसके हाथों से रगड़ गयी। मुझे एक करेंट सा लगा मैं चुप होकर लेटी थी। अब रवि मेरे इरादे समझ गया था वो मेरी चूत के ऊपर रगड़ने लगा मेरी चूत पानी छोड़ रही थी।

रवि मेरे बिना बोले मेरी साडी और पेटीकोट मेरे घुटनो तक खिंच दिया। मै नीचे पूरी तरह नंगी हो गयी मेरी आँख बंद थी मुझे मेरी चूत पर गुद गुदी महसूस हुई मैं धीरे से एक आँख खोल कर देखी। रवि मेरी चूत चाट रहा था। मुझे आज पहली बार चूत चटवाने का सुख मिल रहा था। मैं सातवे आसमान पर थी रवि कुत्ते की तरह मेरी चूत चाट रहा था उसकी जीभ मेरी चूत में पूरी अंदर तक जा रही थी मेरी चूत के दाने को रवि ने काट लिया मेरे मुँह से अह्ह्ह्ह उम्म्म रवि धीरे करो उम्म्म।
रवि उठ कर मेरे बगल में लेट गया मैं उसको पकड़ कर चूमने लगी हम दोनो 10 मिनट तक एक दूसरे को पागलों की तरह चूमते और काटते रहे। रवि बोला आंटी मैं तुमको कब से चोदना चाहता था लेकिन हिम्मत नहीं हुआ। हां रवि मैं भी तुमसे चुदवाने चाहती हूँ आज अपनी प्यारी सालू आंटी की प्यास बुझा दे। तेरे अंकल नामर्द है उन्होंने मुझे कभी संतुस्ट नहीं किया। आज मैं तेरे मोटे लम्बे लंड से चोदवाना चाहती हूँ।   आप यह स्टोरी इंडियन सेक्स कहानी डॉट कॉम पर पढ़ रहे/रही है।
रवि आश्चर्य से बोला आंटी मेरा लंड मोटा है आप को कैसे पता चला। मैं रवि को सारी बात बताई और ये भी बोली सब प्लान हैं मुझे कोई पेट दर्द नहीं मैं तेरे साथ चुदाई करवाना चाहती हूँ इसलिए ये सब हुआ है। रवि मुझे आई लव यू मेरी जान अह्ह्ह उम्मम्मम करते हुए मेरे कपडे उतरने लगा रवि मेरे सारे कपडे एक एक करके उतार दीया और मेरे बूब्स चूसने लगा थोड़ी देर ऐसे चूसने के बाद मैं चुदाई के लिए तड़प उठी मैं रवि को लेटा कर उसका लंड चूसने लगी। उसका लंड गुलाबी मोटा है।
मैं मजे से लॉलीपॉप की तरह उसका लंड चूस रही थी।  आप यह स्टोरी इंडियन सेक्स कहानी डॉट कॉम पर पढ़ रहे/रही है।

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मेरे चूसने से उसका लंड और ज्यादा सख्त हो गया मैं तेजी से उसके लंड के ऊपर की चमड़ी हिलाकर ऊपर निचे करते हुए लंड का गुलाबी हिस्सा चाट और चूस रही थी। रवि के लंड पर एक भी बाल नहीं थे उसका लंड मेरी चूत की तरह बिल्कुल साफ़ था। मैं धीरे धीरे उसके अंडकोष को चाटने लगी रवि उठ बैठा और मुझे कुतिया बनने के लिए बोला। मैं अपनी कमर झुका कर कुतिया बन गयी। रवि पीछे से आकर मेरी गांड सूंघने लगा बिलकुल कुत्ते की तरह जैसे कुत्ता और कुतिया एक दूसरे को सूघ कर चुदाई करते है। रवि मेरी गांड की दरार पर अपना मुँह डाल कर चाटने लगा बीच बीच में वो मेरी गांड फैलाकर गांड की गुदा को चाट लेता मुझे गांड की छेद पर गुदगुदी सुरु हो गयी। मैं अपनी गांड हिला कर मचलने लगी। रवि मुझे और मत तड़पाओ जान प्लीज मेरी चूत में लंड डाल दो। रवि घुटनो के बल आ गया और मेरी चूत के ऊपरी चमड़ी पर अपना लंड घिसने लगा मुझे मजा आने लगा। रवि मेरी चूत के छेद पर लंड डालने लगा उसका लंड मोटा था मैं पहली बार मोटा लंड चूत में ले रही थी।  रवि जोर से झटके के साथ मेरी चूत के अंदर लंड डाल दिया मेरी चीख निकल गयी रवि का लंड मेरी चूत को चीर कर पूरा अंदर चला गया। रवि आगे पीछे अपना गांड हिलाते हुए मेरी चूत की चुदाई करने लगा चूत धक्कों के साथ रगड़ने लगी। मुझे चुदाई का मजा आने लगा। मैं रवि का साथ देते हुई खुद भी गांड हिला कर धक्के मारने लगी। दोनों तरफ से धक्के लग रहे थे पॉच पॉच पॉच की आवाज आज पहली बार मैंने सुनी थी। अह्ह्ह उम्मम्मम ओह्ह्ह्ह रवि डार्लिंग चोदो और तेज चोदो अह्ह्ह उम्मम्मम फाड़ दो मेरी चूत आज चोद डाल अपनी प्यारी आंटी को अह्ह्ह्ह उम्मम्मम। रवि – हां शालू मेरी जान आज मैं तुझे पूरा संतुस्ट करुगा अहह यह यह यह यह यह यह। पॉच पॉच पॉच चुदाई की आवाज मेरे कानों को बड़ा सुख दे रही थी। 10 मिनट से ज्यादा देर चुदाई चली उसके बाद मैं लेट गयी रवि मेरे ऊपर चढ़ कर मेरी दोनों चूचियां मुँह में लेकर नीचे चूत में लंड से धक्के लगा चुदाई करने लगा। मैं चरम पर थी मेरी चूत से पानी रिसने लगा मैं झड़ गयी और रवि को अपनी बाहों में जकड कर दुलार करने लगी। रवि अभी भी नहीं रुका मुझे चोद रहा था 5 मिनट चुदाई के बाद रवि लंड निकाल कर मेरे मुँह में अपना स्पर्म छोड़ने लगा मैं उसका पूरा स्पर्म पी गयी। गरम वीर्य का स्वाद मुझे पहली बार मिला था।

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मैं और रवि कुछ देर एक दूसरे के नंगे सरीर से चिपके हुए सोये थे। रात 9 बजे का समय हो गया था। रवि ने कहा शालू खाना बना लो खाना खाने के बाद सारी रात चुदाई करेंगे पता नहीं ऐसा मौका कब मिलेगा।
मैं खाना बनाने किचन चली गयी। घर में कोई नहीं होने से हम दोनों नंगे थे। मैं खाना बनाने लगी। मैंने रवि की पसंद की खीर बनायीं और ठन्डे होने फ्रीज़ में डाल दी। उसके बाद मैं पनीर की सब्जी बनायीं और पूरियां तलने लगी पीछे से रवि आया और मुझे पकड़ लिया रवि का लंड खड़ा था मेरी गांड में चुभ रहा था मैं रवि को थोड़ा दूर रहने बोली रवि मुझे हिला रहा था जिससे पूड़ी तलने की कड़ाही से तेल गिर सकता था। रवि नहीं माना मैं अपने काम में लगी हुई थी रवि पीछे से मेरी टांगो के बीच बैठ कर मेरी चूत और गांड का स्वाद ले रहा था। मुझे आज काम करने का मजा आ रहा था। इस तरह किसी से खुद की योनि चटवाते हुए किचन का काम पूरी तरह नंगी हो कर करने का मजा ही कुछ और है। मैं कहानी पढ़ने वाली सभी औरतों से बोलती हूँ एक बार कभी मौका मिलने पर घर में पूरी नंगी रह कर काम करिये और हो सके तो अपने पति से अपनी योनि (चूत) काम करते हुए चटवाईये बहोत मजा आता है। आप यह स्टोरी इंडियन सेक्स कहानी डॉट कॉम पर पढ़ रहे/रही है।

पूरियां तलकर तैयार हुई तब तक रवि ने मेरी चूत का रसपान कर लिया। मैं खाने की टेबल पर खाना परोसने लगी। रवि ने मुझे अपनी गोद में बैठा लिया उसका लंड मेरी चूत के अंदर था हम दोनों एक दूसरे को खाना खिलाने लगे। पनीर की सब्जी और पूड़ियाँ खा कर पेट भर गया। फ्रीज में रखी खीर निकाल कर मैं टेबल पर लगा दी। रवि बोला – शालू मेरी जान तुम मुझसे कितना प्यार करती हो तुमने मेरे पसंद का खाना बनाया है आई लव यू सो मच मैं पूरी जिंदगी तुम्हारा गुलाम रहूँगा। मैं खीर कटोरी में निकाल कर अपने हाथों से रवि को खिलने लगी थोड़ा सा खीर नीचे गिरा और रवि के लंड पर लग गया। मैं बैठ कर रवि का लंड चूस कर खीर खा गयी। मैंने खीर का पूरा कटोरा रवि के लंड पर उड़ेल दिया रवि का लंड पूरी तरह खीर से नाहा लिया खीर रवि के लंड और आंड दोनों पर लगा गया। मैं रवि का लंड चूस कर साफ़ करते हुए खीर खाने लगी मैंने उसके अंडकोष को चाट कर साफ़ किया। रवि बोला शालू मेरी जान आओ अब मैं खीर खा लेता हूँ। रवि पूरी कटोरी खीर से भर कर मेरी चूत पर डाल दिया और पागल कुत्ते की तरह चाट चाट कर खाने लगा। मुझे मस्ती चढ़ने लगी ठंडा खीर मेरी चूत को मजे दे रहा था ऊपर से रवि की जीभ मेरी चूत रगड़ रही थी।
रवि का पेट इतने से नहीं भरने वाला था उसने मुझे उसी टेबल पर उल्टा लेटा दिया और मेरी गांड पर 2 कटोरी खीर डाल कर गांड चाटने लगा। दोस्तों मैंने आज तक ऐसा सुखद अनुभव नहीं किया था सेक्स चुदाई और सेक्स का खेल इतना मजेदार होगा मुझे पता नहीं था। अगर सेक्स में कुछ नयापन हो सेक्स प्यार से किया जाये तो दुनिया में इससे खूबसूरत चीज़ कुछ नहीं है। उस रात रवि और मैं चुदाई करते रहे। रवि मुझे पूरी रात 5 बार चोद चुका था और 3 बार मैंने उसका स्पर्म अपनी चुत के अंदर लिया था. मैं एक बच्चा चाहती थी जिसके लिए रवि का स्पर्म मेरी छूट के अंदर जाना जरुरी था। अभी मैं ३ महीने पेट से हूँ। मेरे पेट में प्यार की निसानी है जिसका बाप रवि है। घर में किसी को कोई सक नहीं हुआ सभी खुस है इस तरह के नाजायज रीश्ते ने मेरी जिंदगी में खुशियां भर दी। आशा करती हूँ आप सभी को मेरी कहानी पसंद आयी होगी कमेंट करके मुझे जरूर बताये।DMCA.com Protection Status

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