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बीवी ने सोने की अंगूठी के लिए अपनी सहेली को मुझसे चुदवाया

 indiansexkahani.com  मेरा नाम रजत मल्होत्रा है। बनारस में भोले नाथ की नगरी में घर है हमारा। मेरी शादी हो चुकी है। मैं और मेरी बीबी दिव्या दोनों सेक्स के मामले में काफी खुले थे। हम दोनों को सेक्स बहुत पसंद था। अभी हमारी शादी को 2 साल हो गये थे पर बच्चो की प्लानिंग नही थी। दिव्या कहती थी की अगर बच्चा हो गया तो उसका फिगर खराब हो जाएगा। ना ही वो घूम पाएगी ना ही अपनी सहेलियों के घर जा पाएगी। इसलिए हम लोग इन दिनों सिर्फ चुदाई ही करते रहते थे।
मैं शाम को ऑफिस से आ जाता। नहाकर फ्रेश हो जाता। फिर मैं दिव्या को बाइक पर बिठाकर मार्केट ले जाता। हम हफ्ते में 4 दिन रात का डिनर बाहर ही करते। मैं उसे पिक्चर दिखाता, रेस्टोरेंट में खाना खिलाता, खूब घुमाता। जब 11 बजे के करीब हम घर लौटने उसके बाद हम कपड़े पहनते ही नही। पूरी रात चुदाई और सिर्फ चुदाई होती। दिव्या सेक्स के मामले में पूरी तरह से खुली हुई औरत थी। खूब लंड चूस चूसकर चुदाती। खूब मजा देती। गांड भी खुलकर मराती। जिस तरह से मैं सेक्स के मामले में ओपन था मेरी बीबी भी उसी तरह से ओपन थी। उसे तेज रफ्तार गहरे धक्कों वाली चुदाई पसंद थी। किस्मत ने मेरे लंड भी पूरा 7” का । उसे रात भर मैं सोने नही देता था। हम दोनों की जोड़ी क्या खूब बनाई थी। उपर वाले ने।  आप यह चुदाई स्टोरी इंडियन सेक्स कहानी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है। 
कुछ दिनों बाद मेरी बीबी दिव्या की दोस्ती नीतू नाम की पड़ोस की औरत से हो गयी। नीतू का पति किराना दूकान में काम करता था। सुबह जाता तो रात में 10 बजे घर लौटता था। नीतू सुबह के 10 बजे खाना बना लेती और पूरा दिन मेरे घर में ही बनी रहती। मेरी बीबी दिव्या की उससे बहुत दोस्ती हो गयी थी। नीतू मुझे जीजा जी कहकर बुलाती थी क्यूंकि मैं उम्र में उसके पति से बड़ा था। सारा दिन अपनी सास. ससुर की बुराई करती रहती। धीरे धीरे मेरा दिमाग नीतू की जवानी देखकर खराब हो जाता। उसे चोदने का अब दिल करने लगा था।

एक दिन नीतू मेरे घर में बैठी थी। महरून कलर की साली ब्लाउस उसने पहला था। कट स्लीव डीप नेक ब्लाउस उसने पहना था। नीतू गजब का सामान लग रही थी। उसके ब्लाउस से उसकी दोनों दूधिया बाहे साफ साफ दिख रही थी। मन कर रहा था साली को पकड़ लूँ और चूत में लंड डालकर चोद लूँ। मैं उसे घूर घूर के देख रहा था। नीतू ने मुझे पकड़ लिया।
“क्या हुआ जीजा जी??? ऐसी टुकुर टुकुर क्या देख रहे है???” वो पूछने लगी
“नीतू!! आज तू जगब की लग रही है। काश तो मेरी असली वाली साली होती, माँ कसम!! तुझे मैं भगा ले जाता” मैंने कहा
“जीजा जी!!आपकी नियत तो मुझ पर खराब हो रही है। सम्हालो खुद को” नीतू हँसते हुए बोली
“जब साली तेरे जैसी हसीन हो तो हर जीजा पागल हो जाएगा” मैंने कहा
“तू मुझे भगा ले चलो” नीतू मजाक में कहने लगी
“फिर दोगी???” मैंने दिव्या के सामने ही पूछ लिया
नीतू हँसने लगी। मेरी बीबी दिव्या भी हँसने लगी। कुछ देर बाद दिव्या की सहेली नीतू चली गयी।
“क्यों जी!! अपनी बीबी की चूत मार मारकर बोर हो गये हो क्या। पराई औरत की चूत चोदगी है क्या???” दिव्या मुझसे हसंकर पूछने लगी
“जान! दिला दे अपनी सहेली नीतू की चूत। तुझे एक सोने की मस्त बड़ी सी अंगूठी बनवाकर दूंगा” मैंने कहा
दिव्या बार बार मुस्कुरा रही थी। वो रोमांटिक हो रही थी।
“मैं तुमको नीतू की चूत दिलवा दूंगी पर अपने वादे से मुकर मत जाना। वरना मैं तुम्हारी जेब से पैसे निकालकर खुद अंगूठी ले लाऊंगी” मेरी खुले मिजाज वाली बीबी बोली
“अपने बाप की कसम है जान। तुम्हारे लिए सोने की अंगूठी खरीद दूंगा” मैंने कहा
कुछ दिनों बाद सब पक्का हो गया। दिव्या ने नीतू को मना लिया। दोपहर में नीतू मेरे घर आ गयी। रोज की तरह उसका पति अपने काम पर गया था। मैं तीनो के लिए व्हिस्की बनाई। सबने पी ली। हल्का हल्का खुमार हो गया। हम तीनो बेडरूम में पहुच गये। मुझे अपनी बीबी के सामने ही नीतू को चोदना था। मैंने खड़े खड़े ही नीतू को पकड़ लिया और बाहों में छुपा लिया। वो आज गुलाबी साड़ी में पटाखा माल लग रही थी। 5 मिनट तक नीतू मेरे सीने से चिपकी रही। फिर हम एक दूसरे को ताड़ने लगे। आँखों ही आंखों में टकटकी बांध पर देख रही थे। मैं उसको नजरो ही नजरों में चोद रहा था।

नीतू का रंग बहुत गोरा था। मेरी बीबी दिव्या की तरह ही उसकी उम्र भी अभी 24 -25 थी। दोनों देखने में सगी बहने लगती थी। नीतू के होठ ताजे और रसीले दिख रहे थे। मैं शुरुवात कर दी। आगे बढ़ा और उसके लबो पर मैंने अपने लब रख दिए। चूसने लगा। नीतू ने मेरे कन्धो पर हाथ रख दिया। मैं उसकी कमर में हाथ डाल दिया। हम दोनों खड़े होकर किस करने लगे। खूब चूसा मैंने मन भरकर। खूब मसला अपने दांतों से उसके सॉफ्ट लबों को। खूब मजा आया। धीरे धीरे नीतू भी गर्म हो गयी। चुदने को व्याकुल हो गयी। उसने जोश में आकर मेरे नीचे वाले होठो को अपने दांत से कई बार काट लिया। इससे मैं भी पूरी तरह से गर्म हो गया था। मैं उसके साड़ी के पल्लू को नीचे कर दिया।
अब नीतू का ब्लाउस मुझे साफ साफ़ दिख रहा था। 36” की कसी कसी चूचियों पर कट स्लीव वाला ब्लाउस बहुत सेक्सी दिख रहा था। गहरे ब्लाउस होने की वजह से उसके आधे आधे दूध के दर्शन मुझे उपर से ही हो रहे थे। मैं नीतू के रूप और उसकी जवानी का आशिक हो गया था। अपनी चुदासी बीबी दिव्या के सामने ही मैंने नीतू के बूब्स पर हाथ रख दिया और सहलाने लगा। नीतू “ओहह्ह्ह…ओह्ह्ह्ह…अह्हह्हह…अई..अई. .अई… उ उ उ उ उ…”करने लगी। बहुत गोल गोल सुन्दर कड़े कड़े मम्मे थे उसके। मैं ब्लाउस के उपर गोल गोल हाथ घुमाने लगा। नीतू सिसकने लगी। मैंने दबाना शुरू कर दिया। उसे मजा आने लगा। मैं हब्शी बन गया। तेज तेज दबाने लगा। ये कहानी आप इंडियन सेक्स कहानी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है।  आप यह चुदाई स्टोरी इंडियन सेक्स कहानी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है। 
“जीजा जी!! आराम से। जल्दी क्या है” नीतू बोली
मैंने खड़े खड़े ही 10 मिनट तक उसके दूध को उपर से दबाया। फिर उसे कसके बाहों में भर लिया और फिर से उसके होठ चूसने लगा।
“बोल नीतू!!! आज कैसी चुदेगी तू मुझसे???” मैंने पूछा
“जीजा जी!! जैसे आप मुझे चोद लोगे उसी तरह से चुद जाउंगी” नीतू बोली
ये बात सुनकर मेरी बीबी दिव्या हँसने लगी।
“तो फिर उतार साड़ी” मैंने कहा

नीतू अपनी साड़ी उतारने लगी। मैंने अपनी शर्ट और जींस पेंट उतार दी। मैं हमेशा फ्रेंची वाली चड्डी पहनता था उसे भी उतार दी। लंड पर जल्दी जल्दी मुठ मानरे लगा। नीतू अपनी साड़ी खोलने लगी। दिव्या भी नंगी होने लगी। कुछ देर बाद नीतू नंगी थी सिर्फ गुलाबी रंग की ब्रा और पेंटी में खड़ी थी। मैंने उसे पकड़ लिया।
“किलर लग रही हो नीतू!! भाई मार डाला आज तुमने” मैंने कहा और खड़े खड़े ही उसके दूध ब्रा के उपर से सहलाने लगा। उफ्फ्फ!! कितनी रसीली कड़ी कड़ी चूचियां थी भाइयों। मजा आ गया बस। उसके सफ़ेद रंग पर गुलाबी रंग की ब्रा और पेंटी खूब फब रही थी। खूब दबाया मैंने नीतू के बूब्स को। ब्रा की पतली पतली पट्टियाँ उसके सफ़ेद कंधे पर सेक्सी दिख रही थी। मैं पट्टियों पर किस करने लगा। नीतू ने कुछ नही कहा। मेरा साथ दे रही थी। उसके कंधे बहुत सेक्सी थे। मैं कई बार किस किया, फिर दांत गड़ाने लगा। मजा खूब आया। ब्रा की दोनों पट्टियों में मैंने ऊँगली फंसा दी और सेक्सी कंधे से नीचे की ओर खिसका दी। ब्रा निकाल कर फेंक दी। मेरी बीबी की सबसे अच्छी सहेली अब मेरे सामने नंगी थी।  आप यह चुदाई स्टोरी इंडियन सेक्स कहानी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है। 
अपने 36” को ढकने के लिए हाथ लगाने लगी। मैं फुर्ती से नीतू के हाथ को रोक लिया और दोनों दूध पर हाथ रख दिया। खड़े खड़े ही सहलाने लगा। ओह्ह गॉड!! नीतू नंगी होकर किसी मॉडल जैसी दिख रही थी। क्या सेक्सी फिगर था। मैं उसे लेकर बिस्तर पर चला गया। नीतू की लिटा दिया। उसके उपर चढ़ गया। मम्मो को सहलाने और मसलने लगा। खूब मजा आया दोस्तों। मेरा लंड पानी छोड़ने लगा। मैं चुदासा हो गया। मैं तेज हाथो से नीतू की कसी कसी चूचियों को दबाने लगा। वो “आआआअह्हह्हह…..ईईईईईईई….ओह्ह्ह्….अई. .अई..अई…..अई..मम्मी….” की सेक्सी आवाजे निकाल रही थी। इतने बड़े बड़े स्तन थे की मेरे हाथ में ही नही आ रहे थे। जुगाड़ लगाकर मैं स्तनों को दबा रहा था। नीतू मस्त हो रही थी। सफ़ेद सफ़ेद मक्खन जैसी चूचियां गर्व से तनी थी। निपल्स टनटना कर खड़ी हो गयी थी। सफ़ेद बूब्स के शिखर पर काले काले गोले तो आग लगा रहे थे। मैं निपल्स को मुंह में लेकर चूसने लगा। मजा आ गया मुझे जिन्दगी का। खूब चूसा मैंने। कम से कम 20 मिनट। दोनों स्तनों को चूस चूसकर लाल कर दिया। दोनों टांगो पर मैंने हाथ घुमाया। उसकी भरी भरी गोलाकार जांघो को कई बार किस किया। पैर खोल दिए। चूत में लंड डाल दिया और चुदाई शुरू कर दी मैंने। मेरी बीबी दिव्या मेरा साथ निभा रही थी। वो भी नंगी हो गयी थी और बेड पर नीतू के मुंह की तरफ आ गयी थी। दिव्या ने अपनी चूत को नीतू के मुंह पर रख दिया। नीतू जल्दी जल्दी मेरी बीबी की चूत चाटने लगी। मैं उसकी ठुकाई करने में बीसी था।
खूब चोदा मैंने साली को। लंड 5” अंदर तक मैं डाल रहा था। नीतू बस “……मम्मी…मम्मी…..सी सी सी सी.. हा हा हा …..ऊऊऊ ….ऊँ. .ऊँ…ऊँ…उनहूँ उनहूँ..” ली कामुक आवाजे निकाल रही थी। उसकी आवाज से पूरा कमरा भर गया था। खूब चिल्ला रही थी।

मुझे उतना जादा मजा आ रहा था। चिल्लाती हुई औरत किस मर्द को पसंद नही होती है। खूब बजाया मैंने उसे। नीतू की चूत काफी टाईट थी। उसका पति उसे ठीक से चोद नही पाता था क्यूंकि उसका लंड सिर्फ 4” का था। आज मैं नीतू की चूत की अच्छी तरह से सेवा कर रहा था। मैं उसकी बुर को अच्छे से फाड़ दिया। 10 मिनट तक उसे बिना रुके बजाया। फिर मैंने हाफ्ने लगा। माल उसकी रसीली में ही छोड़ दिया। मेरा लंड खुद ही बाहर निकल आया। मैं थककर लेट गया। नीतू बैठ गयी और मेरे लंड को चूसने लगी। वो जल्दी जल्दी फेट फेटकर चूस रही थी। 20 मिनट बाद मैंने उसकी गांड मारी। अब तो आये दिन नीतू की चूत मारने को मिल जाती है।  आप यह चुदाई स्टोरी इंडियन सेक्स कहानी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है। 

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