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बॉयफ्रेंड के फ्रेंड ने कुतिया बनाके जोर जोर से चोदा

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free xxx kahaniya हेलो दोस्तों मैं नेहा आप सभी का indiansexkahani.com में स्वागत करती हूँ। मेरा बॉयफ्रेंड से ब्रेकअप होने के बाद मैंने कई दिनों तक चुदाई नहीं की और अब मेरी चूत में चुदाई की खुजली भी होने लगी थी। मै अब यही सोच रही थी काश! कोई मिल जाये जो मेरी चूत की खुजली शांत कर दे। मेरा ओ’लेवल का क्लास था मैं क्लास में बैठी थी। एक लड़का मुझे काफी देर से देख रहा था जिसका नाम शशांत था। दोस्तों मुझे उसका नाम नहीं पता था। तो मैंने अपनी फ्रेंड से पूंछा था। मैंने अपनी सहेली से कहा – साला ये कब से मुझे घूर घूर के देख रहा है? तो वो बोली- सच यार लगता है तुझे अभी चोद डालेगा। मैंने कहा “ये साला क्या मुझे चोदेगा’। मै ही इसे चोदने का कुछ जुगाड़ करती हूँ। और मै भी लाइन देने लगी जबकि मुझे पता था। इससे चुदवाने लायक नहीं है। लेकिन कई दिन हो गया था मुझे चुदवाए हुए तो मैंने सोचा यही कुछ करेगा। वो कुछ देर बाद आकर मुझसे मेरे बारे में अपने दोस्त के साथ आकर पूंछने लगा। मैंने सब बताया लेकिन मुझे उसका दोस्त बहुत अच्छा लग रहा था। लेकिन वो लाइन ही नहीं दे रहा था। उसका नाम अरुण था। मैंने सोचा पहले शशांत को बॉय फ्रेंड बनाती हूँ। बाद में मै इसको पटा लूंगी। मैंने ऐसा ही किया मै शशान्त की गर्लफ्रेंड बन गयी । उसी के साथ क्लास में रहती थी। उसी के साथ बैठती थी। एक दिन शशांत ने अपना घर दिखाने बहाने अपने घर चलने को कहा। मैंने भी चल दिया।

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वो मुझे अपने साथ अपने घर ले गया। उसके घर कोई नहीं था। उसने मुझे अपने साथ मुझे अपने बेड रूम में ले गया। उसने मुझे पीछे से पकड़ के मुझे किस करने लगा। मै भी इसी पल का इंतजार कर रही थी। मैंने भी उसका साथ दिया। वो मुझे किस कर रहा था और मेरे होठो को काट रहा था। उसने मेरे होंठो को चूस चूस के लाल कर दिया। मैं भी कई दिन की प्यासी थी। तो मैंने भी अपना रंग दिखाया। मैंने शशांत को कस के पकडी हुई थी। वो मेरी चूचियों को दबा रहा था और मैं गरम हो रही थी। उसने मेरी टी शर्ट खोल दी और और ब्रा भी उतार दिया। मैने भी उसका पैंट निकाल दिया। वो मेरी चूचियों को काटने लगा। मैं भी उसके लंड के साथ खेल रही थी। लेकिन उसका लंड छोटा था। ज्यादा से ज्यादा 4 इंच का रहा होगा। फिर भी मैंने उसके लंड को खड़ा किया। उसने मेरी हुक खोल के जीन्स को निकाल दिया। मेरी पैंटी में हाथ घुसकर उंगली करने लगा। उसने मेरी पैंटी उतार दी और सूंघने लगा। फिर मेरी चूत चाटने लगा। उसने बेड पे रखी कोल्ड क्रीम मेरी चूत पे लगाई और अपना लंड घुस दिया। मुझे उसके लंड से कुछ ख़ास मजा नहीं आ रहा था। कुछ देर बाद वो झड़ने वाला हो गया। उसने मेरी चूत में ही झड़ दिया। मैंने अपने चूत को साफ़ किया। हम दोनों कपडे पहन के रूम से निकलने ही वाले थे कि अरूण आ गया। उसने पूंछा -तुम यहाँ कैसे? तो मैंने कहा – शशांत मुझे अपना घर दिखाने लाये थे। लेकिन उसके पूंछने में अलग बात लगी। मुझे साफ साफ़ लग रहा था। अब मुझे अरुण भी पसंद करने लगा है। उसने कहा मेरे आने से कोई प्रॉब्लम तो नहीं हुई तुम लोंगों को। मैंने कहा -नही उसने कहा ठीक है मैं जा रहा हूँ। तो मैंने कहा- रुको मै भी चलती हूँ। इतना कहके शशांत को बाय बोल के चल दी। मैंने बाहर निकल कर अरुण से बोला – क्या तुम मुझे मेरे घर तक छोड़ दोगे? उसने कहा – ठीक लेकिन मै तुम्हारे घर तक नहीं जाऊंगा मुझे उससे आगे ही थोड़ा काम है और टाइम भी कम है। मैंने कहा – ठीक है बाबा मुझे तुम चौराहे पर ही छोड़ देना।

मै चली जाऊंगी । हम दोनों रास्ते में आ रहे थे। मै जानबूझ कर अपने मम्मे अरुण की पीठ पे लगा रही थी। उसने भी कुछ नहीं कमेंट किया। कुछ देर बाद पूंछा की क्या सच में मेरे आने से कोई परेशानी नहीं हुई। मैंने झूठ बोल दिया – नहीं कोई परेशानी नहीं हुई। मैंने कहा-एक बात पूंछू?उसने कहा -हाँ पूंछो। मैंने कहा- क्या तुम्हारी कोई गर्लफ्रेंड है ? उसने कहा – नहीं। होती तो तुम्हे शशांत बताता नहीं। मैंने कहा- तुम इतने स्मार्ट हो फिर भी तुम्हारी कोई गर्लफ्रेंड नहीं है। उसने कहा कोई मिलता ही नहीं। बात को घुमाते हुए बोला जो मिलती भी है। वो किसी और की हो जाती है। मैंने कहा- कोई है जो तुम्हे पसंद है बताओ? उसने कहा छोडो यार रहने दो और बात बदलने लगा। मैंने उसे मम्मी की कसम दे के पूंछने लगी तो उसने कहा – सुन सकोगी। मैंने कहा -हाँ तो उसने जो बोला मेरा दिल खुश हो गया। उसने कहा तुम हो। मैंने कहा-मुझे पता था मैं भी शशांत के जरिये तुम्हे मिलना चाहती थी। इस तरह हमारी अच्छी दोस्ती हो गयी। लेकिन इस बात का शशांत को पता नहीं था। ये कहानी आप इंडियन सेक्स कहानी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है.

एक दिन मम्मी मामा के यहाँ चली गयी। भाभी हॉस्पिटल पापा अपने शॉप पर चले। भैया पढ़ाने चले गए। मै घर पर अकेली थी। मेरी चूत में खुजली भी चुदने की होने लगी। कुछ देर तक मैंने चूत में उंगली की। मै कई बार झड गयी। मैंने फ़ोन उठाया और अरुण को फ़ोन किया। मैंने कहा आज मेरे घर पर आ जाओ। कोई है भी नहीं। शशांत भी आया है बैठा है । आओ हम सब मिलके बात करते है। शशान्त का नाम सुनते ही उसको करंट लग जाता है। मुझे पता था और वो जल्द ही आ गया। आते ही उसने पूंछा की शशान्त कहाँ है। मैंने सबकुछ सच सच बता दिया। मैंने कहा- बैठो मै कुछ चाय पानी लाती हूँ। उसने कहा-कुछ ना लाओ बस तुम मेरे पास बैठ जाओ। हम लोग बात करते हैं। मैं उसके करीब जा के चिपक के बैठ गयी। हम बात ही बात में एक दुसरे को चिपक के छू लेते थे। मेरे चूत की खुजली बढ़ती ही जा रही थी। मैंने आई लव यू कहके उसे किस किया। अब वो भी मौका नहीं गवा के लव यू टू बोल के जोर से किस करने लगा। मैंने उससे पूंछा- तुमने कभी सेक्स किया है? उसने कहा-नहीं अकेले में कैसे कोई सेक्स कर सकता है। मेरी तो कोई गर्लफ्रेंड भी तो नहीं है। लेकिन मैं रोज शाम को मुठ मारता हूँ। जब से तुम्हे देखा है। तब से तो बस तुम्हे सोचकर ही मुठ मार लेता हूं। मैंने कहा- तब तो तुम्हे सेक्स भी करना नहीं आता होगा? उसने कहा – मुझे सब आता है। मैंने पूछा -कैसे? उसने कहा-बहुत सी ब्लू फिल्मे देखी है मैंने। मैंने कहा अच्छा। उसने अपने फ़ोन को निकाला और मुझे दिखने लगा। मै तो चुदवाने के लिए मरी जा रही थी। उसने कहा तुम्हारे यहाँ TV कहाँ है? मैं उसे टीवी के पास ले गयी। उसने अपना मेमोरी कॉर्ड निकाल के लगा दिया। ब्लू फिल्म लगा दिया। हम दोनों वही बेड पर बैठ के देखने लगे। अब हम दोनों का मन मचल रहा था। हम दोनों पास आये और उसने मुझे अपनी गोद में बिठा लिया। उसका तना हुआ लंड मेरी गांड में चुभ रहा था। वो भी जोश में आ रहा था। उसने अपने होठ को मेरे होठ से चिपका कर मेरे होठ को चूसने लगा। मैंने भी अपनी आँखे बंद करके उसके होठ को चूसने लगी। अब हम दोनो एक दुसरे का होठ चूमने लगे। अरुण मुझे चूमने के साथ साथ वो मेरी चूत में उंगली कर रहा था। मै उसके पैंट के अंदर हाथ डाल के उसके बड़े से लौड़े को खड़ा कर रही थी। उसका लंड खड़ा होकर सलामी देने लगा। मेरी चूत की प्यास तो अब बढ़ती ही जा रही थी।

मै भी अब साथ दे रही थी। हम दोनों एक दुसरे का होठ चूस रहे थे। अचानक वो अपना हाथ मेरे बूब्स पर रख के मसलने लगा मुझे बहुत अच्छा लग रहा था। इतने दिनों बाद ऐसा करते हुए। अब वो अपना हाथ मेरे कुर्ते में डाल दिया। उसने मेरी चूंचियों को जोर जोर से मसल रहा था। मेरी चुच्चों के निप्पल को उंगलियों से पकड़ कर दबा रहा था। जैसे ही वो मेरे निप्पल को छूता। मेरी मुह से सिसकारियां निकलने लगती। ये कहानी आप इंडियन सेक्स कहानी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है. मेरी सलवार का नाड़ा खुलते ही नीचे सरक गयी। सलवार निकाल कर मुझे सिर्फ पैंटी में कर दिया। अब मैं लेट गयी। मेरे चूत को पैंटी के ऊपर से ही मसल के सूंघने लगा और मेरी पैंटी भी निकाल दी। अब वो मेरी पैरों को फैला कर चूत के दर्शन कर रहा था। मेरी चूत को चाटने लगा। और उल्टा होकर लंड मेरी तरफ कर दिया। मै लंड चूस रही थी और वो मेरी चूत चाट रहा था। बीच बीच में वो मेरी चूत के दाने को काट रहा था। मै उसके लंड को अपने गले तक ले जा के चूस रही थी। मुझे उसके लंड को चूस कर बहुत मजा आ रहा था। मुझे बहुत मजा आ रहा था। मै भी गांड उठा उठा के मरवाने लगी। मैंने कहा और तेज और तेज कहती रही। वो भी अपनी तेजी से लंड आगे पीछे करने लगा। उसने अपने लंड को मेरी गांड से निकाल लिया। अरुण बेड पर लेट गया। एक हाथ से अपने मुठ मार रहा। दुसरे से मेरी चूचियों को दबा रहा था। उसने मुझे अपने खड़े लंड पे बिठा लिया। मई गांड ऊपर नीचे हो के गांड मरवाने लगी। मै भी अपने गांड की परवाह न करते हुए। ये सब जोर से करने लगी। कुछ देर बाद वो झड़ने वाला था और उसी दौरान मै कई बार झड़ चुकी थी। उसने थोड़ा माल मेरी गांड में गिरा दिया। जिससे मुझे अपनी गांड में कुछ गरम गरम होने का एहसास हुआ।

उसने अपने लौड़े को बाहर निकालकर मुझे साइड में कर दिया और मेरे मुह के सामने तेज से मुठ मारने लगा। उसके लंड ने सारा माल के मेरी मुह में गिरा दिया। मै उसके लंड के रस का एक भी बूंद बरबाद न करके सारा पी गई। मैंने उसके लंड को चूस कर चाट कर साफ़ कर दिया। कुछ देर तक हम नंगे ही लेटे रहे। फिर एक बार उसका लंड खड़ा हुआ। हमने फिर चुदाई की। इसबार मैने गांड में डालने से मना कर दिया। गांड पहली बार मारवाने की वजह से बहुत दर्द कर रही थी। उस दिन की चुदाई की प्यास तो उसने बुझा दी थी। मुझे जब भी मौका मिलता है मैं उसे बुला कर खूब चुदवाती हूँ। कई बार तो मैं उसके घर पर भी जाकर मैंने चुदवाया है। लेकिन दोस्तों उस दिन चुदाई करके बहुत मजा आया था। मेरी इतने दिनों की प्यास जो बुझी थी। कहानी आपको कैसे लगी, अपनी कमेंट्स इंडियन सेक्स कहानी डॉट कॉम पर जरुर दे.
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