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बूढ़े मकान मालिक ने मुझे चोदा और अपने दो दोस्तों से चुदवाया Part – 2

chudai stories मैं रेशमा शर्मा आप सभी का एक बार फिर मेरी चुदाई की कहानी में स्वागत करती हूँ, अभी तक आप ने मेरी कहानी Pizza वाले ने पिज़्ज़ा मेरी चूत में और लंड मुँह में डाला,,, बूढ़े मकान मालिक ने मुझे चोदा और अपने दो दोस्तों से चुदवाया पढ़ी होगी। अब मैं आप को आगे की कहानी सुनाती हूँ,
ताऊजी मुझे अपनी गोद में बैठा कर मेरी चूचिया मसल रहे थे और उसके दोनों दोस्त बैठ कर मुझे घूर घूर कर देख रहे थे वो दोनों मेरे मकान मालिक से भी ज्यादा बूढ़े थे सायद यही कोई ६०-६२ की उम्र होगी उनमे से एक बहोत मोटा था और दूसरा अभी भी स्लिम फिट दिख रहा था ताऊ जी उन्हें मोनू और सोहन नाम से बुला रहे थे।

ताऊजी मुझे बोले रेशमा मेरी जान हम तीनो आज तुम्हारा मजा एक साथ लेना चाहते है, तुम तैयार हो ना? मैं डरी हुई थी लेकिन हां बोल दी मैं भी ग्रुप सेक्स का मजा लेना चाहती थी। आप ये स्टोरी इंडियन सेक्स कहानी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है। 
मकान मालिक ( ताऊजी ) मेरी टॉप उतर दिए और मेरी ब्रा के ऊपर से मेरी चूचिया मसलने लगे फिर मोटा वाला बूढ़ा ( मोनू ) उठा और आ कर मेरी गांड मसलने लगा तभी स्लिम फिट बूढ़ा ( सोहन ) मेरी स्कर्ट निकल कर फेंक दिया। अभी मैं सिर्फ ब्रा पेंटी में थे, तीनो बुड्ढ़े मेरी चूत, गांड और चूचियों को मसलने लगे।

मुझे जोश चढ़ने लगा, ताऊजी मुझे सोफे पर बैठा दिए और तीनो बुड्ढे अपने कपडे उतारने लगे , ताऊजी से तो मैं चुदवाती रहती हूँ, मैं उन दोनो बूढों को देखना चाहती थी उनका कितना मोटा और लम्बा है। तभी ताऊजी पुरे नंगे हुए उसके बाद सोहन अपनी चड्डी निकला उसका मोटा काला और ७ या ८ इंच लम्बा लंड पूरा तना हुआ मुझे ललकारने लगा। अभी मोटा वाला बूढ़ा मोनू अपनी देसी कच्छी उतारा और मेरी हंसी छूट गयी उसका लंड यही कोई ३ या ४ इंच का छोटा सा था। लेकिन उसकी मोटाई ताऊजी और सोहन से ज्यादा थी मैं हंसी रोक कर बैठी रही।

वो तीनो मेरे पास आये और ताऊजी मुझे उठा कर मेरी ब्रा उतर दिए मोनू मेरी पेंटी निकल दिया और सोहन मेरी गांड पर टूट पड़ा और चाटने लगा ताऊजी मेरी चूचिया पिने लगे। मोनू मेरी चूत को चाटने लगा, मैं तीनो तरफ से चूसी जा रही थी ये मजा कुछ अलग ही था। तीनो बुड्ढे ४ -५ मिनट तक ऐसे ही मेरी गांड और छूट में लगे रहे। उसके बाद ताऊजी बोले चलो अब इसके चूत और गांड एक साथ मरते है, मैं डर गयी लेकिन हिम्मत कर के कुछ नया अनुभव करने को तैयार थी। आप ये स्टोरी इंडियन सेक्स कहानी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है।  सोहन बोला यार तू तो इसको बहुत चोदा है आज पहले हम दोनों को करने दे। ताऊजी बोले थी है मजे करो सोहन सोफे पर लेट गए और मुझे अपने ऊपर चढ़ने को बोले मैं उसके लंड पर बैठ कर धीरे धीरे चूत में लेने लगी मेरी चूत फटी जा रही थी उसका लंड पूरा अंदर समा चूका था पीछे से मोनू आया और अपना छोटा और मोटा लंड मेरी गांड में पेलने लगा उसका लंड ज्यादा मोटा था इसलिए अंदर नहीं जा रहा था उसने मेरी गांड की छेद में थूक लगा कर जोर से धक्का दिया और उसका मोटा लंड मेरी गांड में २ इंच अंदर घुस गया मेरी फट गयी दर्द से मैं कराही जा रही थी इतने में ताऊजी मेरे मुँह में अपना लंड डाल दिए और मेरे बूब्स मसलने लगे।

मेरे सरीर का कोई भी हिस्सा खाली नहीं था सोहन मेरी चूत चोद रहा था मोनू मेरी गांड और मकान मालिक मेरे मुँह को चोद रहा था। कमरे मेरी तीनो बूढ़ों की हवस और चुदाई से फट फट की आवाज गूंज रही थी , तीनो कमीने बुढऊ मुझे फुल स्पीड से चोद रहे थे १० -१२ मिनट में मेरी चूत २ बार पानी छोड़ चुकी थी तीनो बूढ़े चोदन में लगे थे , अभी मोनू का लंड पानी छोड़ दिया और मेरी गांड भर गयी मोनू मेरी गांड से लंड निकाल कर दूसरे सोफे में बैठ गया २ मिनट बाद सोहन मेरी चुत में छूट गया और ताऊजी मेरे मुँह के अंदर ही अपना सारा माल छोड़ दिए, ऐसे मेरी चुदाई लगतार १५ -२० मिनट हुई और मेरा बुरा हाल हो गया मुझे मजा आया लेकिन दर्द भी हुआ।

तभी मोनू बोला यार हम तीनो कॉलेज के दिनों में जो करते थे आज बुढ़ापे में फिर से करने को मिल गया पुरानी याद ताजा हो गयी।
सोहन बोला अभी एक काम तो बचा हुआ है जिसका मुझे इन्तजार था मैं ताऊजी से बोली अभी क्या बचा हुआ है ? ताऊजी बोले कुछ नहीं जानेमन अभी रुक पता चल जायेगा। ताऊजी फ्रीज से क्रीम वाली चॉकलेट निकाल कर लाये और बोले रेशमा डार्लिंग तू टांग उठा कर सोफे पर बैठ जा मैं वैसे ही बैठ गयी मेरी समझ में नहीं आया क्या होने वाला है तभी सोहन ताऊजी के हाथ से चॉकलेट ले कर मेरी चूत के पास आया और ऊँगली में चॉकलेट लगा कर मेरी चूत के अंदर डालने लगा उसने मेरी छूट में इतना चॉकलेट जा सकता था भर दिया और मुझे खड़े होने को बोला मैं खड़े हो गयी और तीनो बुड्ढे फर्श पर मेरी छूट के निचे लेट गए। आप ये स्टोरी इंडियन सेक्स कहानी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है। 

ताऊजी बोले रेशमा अब तू हम तीनो को अपनी चॉकलेट वाली पेशाब पीला दे। वो तीनो ऐसे मुँह खोल कर निचे लेटे थे जैसे उन्हें कोई अमृत पीने को मिलने वाला है। मैं खुस हुई चलो सालो मेरा मूत पीओ तुम लोग और खड़े खड़े सुसु करने लगी। मेरी पेशाब टांगो से बह रही थी और चॉकलेट वाली पेशाब की धार उन तीनो बुढ़ऊ के मुह पर गिर रही थी तीनो मुँह खोल कर मेरा पेशाब पीने लगे जैसे पेशाब की धार ख़त्म हुई तीनो मेरी टांड में लगी हुई पेशाब और चॉकलेट चाटने लगे।

अभी वो लोग उठ गए और मुझे एक साथ उठा कर बाथरूम ले गए जहा वो लोग मुझे निचे लेटा दिए और मेरे ऊपर पेशाब करने लगे सोहन बोला ये लो जान इसमें भी मजा है मैं पूरी तरह पेशाब से नहा चुकी थी। ताऊजी शावर चालू किये और तीनो ने मुझे शैम्पू लगा कर नहलाया और खुद भी नाहा कर मुझे बेड रूम में ले गए और फिर से बारी बारी मेरी चुत और गांड मारी इस बार वो तीनो एक साथ मेरे मुँह में अपना वीर्य निकाले मैं सारा माल गटक गयी आज की चुदाई से बड़ा मजा आया हम चारो बड़े खुस थे। आप ये स्टोरी इंडियन सेक्स कहानी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है। 

ताऊजी के बेटा बहु शाम को आने वाले थे इसलिए वो दोनों बूढ़े चले गए, मैं और ताऊजी दोनों एक बार और चुदाई किये उसके बाद मैं अपने कमरे में चली गयी और ये खेल हर महीने होता रहा ताऊजी मुझे सप्ताह में एक बार मौका निकाल कर चोद दिया करते थे, मेरी चुदवाने की तमन्ना पूरी हो चुकी थी।
मैं अब किसी जवान लंड की तलाश में थी और दूसरी जगह शिफ्ट हो गयी।
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