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चाचा के लड़के ने रात में 2 बजे आकर चूत मारी

Hindi xxx Story मेरा नाम हनीप्रीत है। दिल्ली की रहने वाली हूँ।  indiansexkahani.com मैं सुंदर और सेक्सी 25 साल की लड़की हूँ। अभी कॉलेज में पढ़ रही है। मैं देखने में बिलकुल हिरोइन दिखती हूँ। हमेशा जींस टॉप पहनती हूँ। मुझे सलवार सूट पहनना बिलकुल नही पसंद है। मेरा चेहरा बहुत खूबसूरत है और जहाँ भी मैं जाती हूँ लोग सिर्फ मुझे ही पलट पलट के देखते है। मेरा दूध 36 के है। कसी कसी चूचियां मैं जब उछाल उछालकर चलती हूँ तो कुवारे लड़के के दिल मचल जाते है। मैं अपनी गांड और पिछवाडा हिला हिलाकर चलती हूँ। कितने लोग तो मेरी गांड चोदना चाहते है।
दोस्तों मेरी चूत बहुत ही सुंदर, सेक्सी और रसीली है। अभी तक कई लड़के मेरी चूत में लौड़ा दे चुके है। मुझे सेक्स करना और चुदना बहुत पसंद है। पहले मैं चुदाई से बड़ा खौफ खाती थी पर अब इससे बिलकुल नही डरती हूँ। अब तो कई लड़के मुझे चोद चुके है। मुझे लड़को के लंड चूसने में बहुत मजा आता है। जब तक मैं सुपाडे को मुंह में लेकर चूसती नही मुझे तो चैन ही नही मिलता है। मैं गोलियों को भी खूब चुस्ती हूँ।
पिछले 2 साल से मैंने अपनी चाचा के लकड़े पप्पू से फंसी हूँ। वो मुझे कई बार चोद चूका है पर जितना जाता वो मेरी चूत मारता है उसकी आग बढती ही जाती है। मैं जॉइंट फेमिली में रहती हूँ। घर में मेरे पापा, ताऊ, 2 चाचा का परिवार और दादा दादी सब साथ में रहते है। मेरे जॉइंट फेमिली में कुल 14 लोग है। खूब मजा आता है। कभी हमारे घर में सन्नाटा नही होता है। हमेशा चहल पहल बनी रहती है। पप्पू मेरे सबसे छोटे चाचा का लड़का है। मैं उससे चुदवा लेती हूँ ये बात घर में किसी को नही पता है। हमारे प्यार की शुरुवात 2 साल पहले हुए थी। पप्पू की आर्ट्स/ ड्राइंग बहुत अच्छी थी। वो मुझे आर्ट्स बनाता सिखाता था। धीरे धीरे हम दोनों एक दूसरे को ताड़ने लगे। फिर किस करने के बाद चुदाई हो गयी। तबसे पप्पू अक्सर ही मुझे अपने कमरे में बुलाकर चोद लेता है।

कल रात की बात है। मैं अपनी मम्मी के साथ रसोई के पास वाले कमरे में सोयी हुई थी। दरवाजा खुला हुआ था। हमारे घर में लोग जादा है इसलिए मैं मम्मी के साथ ही सोती हूँ। पापा के साथ मेरा भाई मनजोत सोता है। रात के 2 बजे मेरे चाचा के लड़के को बड़ी देर चुदास चढ़ी। उसका लंड फनफना गया था। उसने मुझे व्हाट्सअप पर मेसेज भेजा। रात में मैं अक्सर पप्पू के साथ सेक्स चैट करती थी।
“हनीप्रीत! मुझे नींद नही आ रही” पप्पू ने लिखकर भेजा
“क्यों??” मैंने पूछा
“चुदास चढ़ी है। तुझे चोदने का दिल कर रहा है” उधर से पप्पू ने लिखा
“तो मुठ मार ले” मैंने इधर से लिखा
“नही!! अब मुठ मारने में मजा नही आता है। मुझे तो तेरी चूत चोदनी है” पप्पू ने लिखा
“मम्मी मेरे बगल की सो रही है। देखो भाई! कुछ ऐसा वैसा करने की सोचना मत। वरना अगर घर में किसी ने देख लिया तो दोनों की बदनामी हो जाएगी” मैंने जवाब लिखा
“ठीक है। अब मैं मुठ मारने जा रहा है। तेरी चूत को याद करके मारूंगा। फिर सो जाऊंगा” पप्पू से कहा
“गुड नाईट भाई!!” मैंने इधर से टाइप किया और लेट गयी।
मेरी मम्मी मेरे ही तखत पर 3 फिट ही दूरी पर लेटी हुई थी। रात का वक़्त था। 2 बजे थे। हमारे घर के सामने सड़क पर कुत्तो के भौकने की आवाज आ रही थी। 10 मिनट बाद मेरे पैर को किसी से छुआ। मैंने जब अपने पैरो की तरह देखा तो वो मेरे चाचा का लड़का पप्पू था। उसने अपनी दो ऊँगली को मोड़कर चूत की आकृति बना दी और देने को कहने लगा। मैं तो डर ही गयी। दबे होठो से हाथ हिलाकर मैं उसे दफा हो जाने को कह रही थी। पर वो मुंह के इशारे से बोलकर बता रहा था की मेरी चूत जब तक चोद नही लेगा मेरे पास से जाएगा नही। मुझे पप्पू की इस बात पर बहुत गुस्सा आया।
मैंने उसे अपनी आँखे दिखाई और फिर से जाने को कहा। पर वो बहुत हरामी पीस था। उसने अपनी जींस की चेन खोली और खड़ा लंड मुझे दिखाने लगा और चूत माँगने लगा। आखिर में मैं थक गयी। मेरी मम्मी मेरे बगल की लेटी थी। मुझे बहुत डर था की कहीं मम्मी ने रात के 2 बजे पप्पू को देख लिया तो मैं तो बदनाम हो जाउंगी। धीरे धीरे मेरे चाचा का लड़का पप्पू मेरे बगल की आकर लेट गया।

बड़ी अजीब कंडीशन थी। मम्मी बगल में लेती थी। आखिर कैसे चुदवाती। पप्पू भोसड़ी का इतना हरामी था की मुझे आकर बाहों में भर लिया और किस करने लगा। मैं भी करने लगी। कुछ देर किस किया। मैंने नाईट सूट और पजामी पहन रखी थी। फिर पप्पू ने नाईट सूट निकालने को कहा। मैंने किसी तरह से अपना सूट निकाला। पप्पू ने मेरी ब्रा खुद ही उतार दी और मेरे 36” के सेक्सी दूध दबाने लगा। दोस्तों मेरे बूब्स बहुत सेक्सी थे। पप्पू हाथ से दबाने लगा और मसलने लगा। मैं “ओह्ह माँ….ओह्ह माँ…उ उ उ उ उ……अअअअअ आआआआ….” करने लगी। मम्मी की वजह से मैं आवाज भी नही निकाल पा रही थी। फिर पप्पू मेरी लेफ्ट साइड वाली दूध को मुंह में लेकर जल्दी जल्दी चूसने लगा। मुझे मजा आ रहा था। पर डर भी बहुत लग रहा था। वो कमीना जल्दी जल्दी बस चूसता चला जा रहा था। मैं मस्त हो रही थी। वो मुंह चला चलाकर मेरे कबूतर पी रहा था। मेरे दोनों बूब्स पर सिक्के के आकार के काले काले गोले बने थे जिसमे मैं एक कातिल हासिना लग रही थी। पप्पू कई बार मेरी चूचियों को चूस चुका था इसलिए उसे लत लग रही थी। वो 10 मिनट तक मेरी लेफ्ट साइड वाली चूची को चूसता रहा।
फिर राईट साइड वाली चूची को मुंह में लेकर दबा दबा कर सारा रस पीने लगा। मैं “ओहह्ह्ह…ओह्ह्ह्ह…अह्हह्हह…अई..अई. .अई… उ उ उ उ उ…” करने लगी। बड़ा आनंद आ रहा था मुझे। हर बार की तरह इस बार भी पप्पू मुंह चला चलाकर मेरी पी रहा था। फिर उसने मेरी पजामी को अपने हाथ से पकड़कर नीचे खिसका दिया और मेरी चड्डी के उपर से चूत को सहलाने लगा। मैं खुद को रोक न सकी और फिर उसे बाहों में भर लिया। धीरे धीरे मेरे चाचा के लड़के पप्पू ने मेरी चड्डी में अपना हाथ घुसा दिया और मेरी मासूम चूत में ऊँगली करने लगा। मैं “आआआअह्हह्हह…..ईईईईईईई….ओह्ह्ह्….अई. .अई..अई…..अई..मम्मी….” करने लगी। सेक्स मेरी हमेशा से कमजोरी थी। हर बार की तरह इस बार ही मेरी चूत किसी आग की तरह सुलग रही थी। पप्पू ने चूत में इतनी तेज तेज ऊँगली कर दी की मक्खन बाहर निकलने लगा। पप्पू मेरी चूत का रस और मक्खन मुंह में लेकर चाट जाता था। उसे शुरू से मेरी चुद्दी का नमकीन स्वाद पसंद था। 5 मिनट वो गांडू मेरे बगल लेटकर मेरी चूत में ऊँगली करता रहा। मेरी मम्मी दूसरी तरह मुंह करके सो रही थी।

यहाँ मम्मी के बगल तखत पर चुदना बिलकुल भी सम्भव नही था। आवाज जरुर होती इसलिए मैं खड़ी हो गयी।
“रसोई में चलो!!” मैंने पप्पू से कहा
वो मेरे पीछे पीछे आ गया। हमारी रसोई काफी बड़ी थी। 15 बाय 15 फिट का कमरा था रसोई का। मैं जमीन पर ही लेट गयी। पप्पू ने रसोई वाले कमरे के दरवाजा पर अंदर से कुण्डी लगा लिया। वो भी मेरे उपर लेट गया। मेरी पजामी उसने खींचकर उतार दी। फिर मेरी चड्डी के उपर से मेरी चूत में ऊँगली करने लगा। मुझे सेक्सी अहसास हो रहा था। मैं …..सी सी सी सी—कर रही थी। मेरे चाचा का लड़का चड्डी के उपर से मेरी चूत को जल्दी जल्दी सहलाने लगा। मैंने उसे नही रोका। उसका साथ देने लगी।
“ओह्ह जान!! सहलाओ और सहलाओ मेरी भोसड़ी को पप्पू” मैंने कहा
मेरे चूत के रस से चड्डी भीग गयी। कुछ देर तक पप्पू चड्डी के उपर से मेरी चूत जीभ लगाकर चाटता रहा। फिर चड्डी उतार दी। अब वो जल्दी जल्दी मेरी नंगी चूत पर जीभ घुमाने लगा। मुंह से सब रस पी रहा था। लग रहा था की आज सब रस पी जाएगा। मैं वासना से भर गयी और “……मम्मी…मम्मी…..सी सी सी सी.. हा हा हा …..ऊऊऊ ….ऊँ. .ऊँ…ऊँ…उनहूँ उनहूँ..” करने लगी। अब मैं तेज आवाजे निकाल सकती थी क्यूंकि मैं अब रसोई में आ गयी थी। पप्पू मेरा भोसड़ा पी रहा था। चुद्दी में जल्दी जल्दी ऊँगली कर रहा था। मैं काम के नशे में आ गयी और कमर उपर को उठाने लगी। मैं गर्म हो चुकी थी। अब मुझे अजीब से उलझन हो रही थी। पप्पू तो बस जल्दी जल्दी मेरी चूत को चाट रहा था। चूत के छेद में अपनी खुदरी जीभ की नोक घुसकर मुझे मजा दे रहा था। मेरे चूत के दाने को ख़ास तौर से पी रहा था। खूब चाटा उसने।
“पप्पू!! साले मर्द का बच्चा है तो चाट क्या रहा है। चोदता क्यों नही बहनचोद??” मैंने कह दिया
पप्पू ने जल्दी से अपनी पेंट खोल दी और उतार दी। जब उसने अपना कच्छा उतारा तो उसका लंड 7” लम्बा और 3” मोटा किसी काले नाग की तरह फन उठाये हुए था। पप्पू ने लंड को हाथ से पकड़कर मेरी चूत में डाल दिया और जल्दी जल्दी चोदने लगा। मैं “…….उई. .उई..उई…….माँ….ओह्ह्ह्ह माँ……अहह्ह्ह्हह…”करने लगी। अब मैं अपने सगे चाचा के लड़के से चुद रही थी। वो जल्दी जल्दी चूत में लंड देने लगा। मैंने उसे बाहों में भर लिया और गालो पर चुम्मा देने लगी। पप्पू मस्त पेलाई कर रहा था। उसका लंड मुझे गहराई में जाकर चोद रहा था। खूब आनंद दे रहा था। पप्पू मेरी कसी कसी चूत का भोग लगा रहा था। मैं दोनों टांग को फैलाकर और खोलकर चुदवा रही थी। बड़ा नशा मिल रहा था मुझे। मैं खुद ही अपने हाथ से अपने चूत के दाने को जल्दी जल्दी गोल गोल करके सहलाने लगी। पप्पू जल्दी जल्दी चूत में लंड दौड़ा रहा था। इस तरह मुझे जादा मजा मिल रहा था। मैं अपने चूत के दाने (क्लाइटोरिस) को जल्दी जल्दी घिस और सहला रही थी। पप्पू ताकतवर धक्के दे रहा था।

कुछ देर में वो मुझे बड़े क्रमबद्ध तरीके से पेलने लगा। पट पट की आवाज आने लगी। मैं सेक्स के जोश में आकर अपना पेट उपर उठा रही थी। “हूँउउउ हूँउउउ हूँउउउ ….ऊँ—ऊँ…ऊँ सी सी सी सी… हा हा हा.. ओ हो हो….”की आवाजे निकाल रही थी। मेरे चाचा का लड़का पप्पू मेरी चूत पर कंसंट्रेट कर रहा था। उसने 10 मिनट मुझे रसोई में जमीन पर लिटाकर चोदा। फिर जल्दी से लंड बाहर निकाल लिया। उसका लंड जोश की वजह से अब तो 8” लम्बा दिख रहा था। बिलकुल गुस्साया हुआ दिख रहा था। पप्पू ने अपने लौड़े को हाथ में ले लिया और जल्दी जल्दी मुठ मारने लगा। मैं लेटी थी और मेरा चेहरा उसके लौड़े के ठीक सामने था। वो मुठ मारता ही रहा और अंत में उसके लंड से माल की गोलियां चलने लगी और मेरे मुंह पर जा गिरी। 7 -8 बार माल की पिचकारी उसके लौड़े से निकली और मेरे मुंह को गंदा कर दिया। मैं ऊँगली से उसका माल लेकर सब चाट गयी। फिर जाकर बाथरूम में मुंह धो लिया।
मुझे चोदकर पप्पू का लौड़ा शांत हो गया। फिर वो उपर अपने कमरे में चला गया। मैं धीरे से आकर मम्मी के बगल में लेट गयी। वो सोती रही।

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