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छोटे लंड से परेशान औरत को लम्बा लंड खिलाया

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Hindi Sex Kahani छोटे लंड से परेशान औरत को लम्बा लंड खिलाया

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हेलो दोस्तों मैं गोविन्द 24 साल का एक बहुत ही आर्कषक लड़का हूँ। मेरा कद 5’ 8” है। दोस्तों मैं एक सिलाई की दूकान चलाता हूँ। इसी तरह मैं पैसे कमाता हूँ। मेरी दूकान काफी चल रही है और काम भी बहुत बढ़ गया है। मेरी दूकान में औरते भी सिलाई करती है।
पिछले महीने की बात है मेरी दूकान पर लक्ष्मी नाम की एक शादी शुदा औरत सिलाई करने के लिए आई थी। मुझे वैसे ही दर्जी की जरूरत थी तो मैंने उसे रख दिया। वो ब्लाउस, सलवार सूट, पेटीकोट, और हर तरह का लेडिस कपड़ा सिल लेती थी। मैंने उसे काम पर रख दिया। लक्ष्मी देखने में काफी सुंदर औरत थी। उसकी शादी हो चुकी थी और 1 बच्चा था। वो देखने में काफी हॉट माल थी और उसे देखते ही मेरा उसे चोदने का दिल करने लगा। वो साड़ी पहनती थी। उसके ब्लाउस से उसका गदराया हुआ जिस्म दिखता था। लक्ष्मी का फिगर 36 28 30 का था। वो गहरे गले का ब्लाउस पहनती थी जिसमे से उसके दूधिया मम्मे बाहर की तरफ झांकते थे। मेरा लंड बार बार उसके भरे हुए खूबसूरत जिस्म को देखकर खड़ा हो जाता था। मन करता था की दूकान का शटर गिरा दूँ और दूकान में ही उसे चोद लूँ। धीरे धीरे मेरी लक्ष्मी से दोस्तों हो गयी। फिल हम दोनों खुल गये और सेक्स और चुदाई भरी कामुक बाते करते लगे।
“लक्ष्मी तेरे पति का लंड तो काफी लम्बा होगा। तुझे तो वो रात में भरपूर मजा देता होगा” एक दिन मैंने उससे हँसते हुए पूछ लिया।
“अरे नही गोविन्द!! बस 3 इंच का लंड है मेरे पति का। बस उपर उपर से वो मुझे चोदता है। आज तक कभी वो मुझे गहराई से नही चोद पाया। मैं तो आज भी लम्बे और मोटे लंड के लिए तडप रही हूँ। काश कोई मेरी रसीली चूत में मोटा लंड डालकर मुझे मजे दे दे” लक्ष्मी बोली। उसकी बात सुनकर मैं हैरान था।
“तुम झूठ बोल रही हो। तुम्हारा पति तो काफी लम्बा है” मैंने कहा
“हाँ वो बस कद में ही लम्बा है। मेरी बात पर यकींन नही तो खुद देख लो” लक्ष्मी ने अपने मोबाईल में अपने पति के लंड की फोटो दिखाई। बिलकुल किंची भर का लंड था उसका।
“आईला!! लक्ष्मी तेरी शादी तो छोटे लंड वाले आदमी से हो गयी है। तब तो तुझे चुदाई में मजा बिलकुल नही आता होगा” मैंने कहा
“बिलकुल नही!!” लक्ष्मी बोली
“ठीक है तू आज शाम मेरे कमरे पर चल। मैं तुझे अपना लम्बा और मोटा लंड खिलाता हूँ” मैंने कहा
दोस्तों मैं अकेला कमरा लेकर रहता था। शाम को 6 बजे मैंने दूकान बंद कर दी और लक्ष्मी को अपने कमरे पर ले गया। फिर मैंने अंदर से दरवाजा बंद कर दिया। उसके बाद हम दोनों किस करने लगे। धीरे धीरे हम दोनों बिस्तर पर चले गये। धीरे धीरे लक्ष्मी ने अपनी साड़ी और दूसरे कपड़े उतार दिए। फिर मैंने भी नंगा हो गया। ये कहानी आप इंडियन सेक्स कहानी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है।
आज तक लक्ष्मी तो देखा तो वो अंदर से काफी हॉट माल थी। उसके मम्मे बेहद खूबसूरत थे। उपर से नीचे तक जिस्म भरा हुआ था। उसका बदन बहुत गोरा और चिकना था। मैंने लक्ष्मी को बाँहों में भर लिया और किस करने लगा। हम दोनों हसबैंड वाईफ की तरह प्यार करने लगे। लक्ष्मी ने बताया की उसके पति ने कई बार उनको चोदा है पर एक बार भी उसे यौन सुख नही मिल पाया। हर बार यही लगा की बस खाना पूर्ति हो गयी है। उसके पति का लंड हर बार उसे सिर्फ उपर उपर से चोदता था और 2 मिनट में झड़ जाता था। इसलिए लक्ष्मी हमेशा दुखी रहती थी। पर आज मैं उसे भरपूर यौन सुख देने वाला था। मैं लक्ष्मी के उपर लेट गया था। उसने बालों में गजरा लगा रखा था। वो सुंदर सेक्सी हॉट माल लग रही थी। मैं उसके जिस्म को उपर से नीचे तक सहला रहा था। इंडियन सेक्स कहानी डॉट कॉम

मेरी नजर लक्ष्मी के नंगे जिस्म पर पड़ी। १ जोड़ी सुंदर पाँव और उनकी गोल मटोल १० उँगलियाँ, मेरा तो माथा ही घूम गया। मैंने सब कुछ छोड़ के उसके खूबसूरत पावों को चूम लिया। उनकी टाँगे बड़ी की चिकनी, चमकदार और गोरी थी। मैंने उसकी दोनों टांगों को बारी बारी कई बार चूमा। लक्ष्मी मुझे रोकने लगी, मैं चूत का भूखा कहाँ रुकने वाला था। हम दोनों बिस्तर पर गुत्थम गुत्था होने लगे। मुझे उसका इस तरह से लाज करना बहुत पसंद था। जो औरते शर्माती नही है, दोस्तों उसकी चूत मारने में जरा भी मजा नही आता है। मैंने लक्ष्मी की बुर को एक बार झुककर चूम लिया तो उसके होश उड़ गए। वो शर्म से गड़ी जा रही थी।
“लक्ष्मी!! इतनी शर्म करोगी तो कैसे चुदवाओगी?? कैसे मेरा लम्बा और मोटा लंड खाओगी??” मैंने उसके कान में फुसफुसाकर कामुक अंदाज में कहा। बड़ी मुश्किल से उसने अपने दोनों हाथ हटाये और मुझे घुटने तक पहुचने दिया। उसके घुटने भी दुधिया गोरे रंग के थे जो सुंदर और सेक्सी लग रहे थे। मैंने कुछ देर उसके रूप को निहारा और फिर दोनों घुटनों को चूम लिया। लक्ष्मी की चूत की खुशबू मेरी नाक के नथुनों में आने लगी। “उफ्फ्फफ्फ्फ़…इसी रसीली बुर!!” जब टांगे, टखने, पैर इतने खूबसूरत है तो इन सब अंगों की रानी लक्ष्मी की चूत कैसी होगी?? मैं मन ही मन सोचने लगा। लक्ष्मी की मस्त गदराई जांघो के दर्शन हुए तो लगा की खुदा मिलने वाला है। उसकी जांघे खूब गोल गोल मांसल गदराई हुई थी। उसका सौंदर्य अभूतपूर्व था। भगवान से उसे बड़ी फुर्सत में बैठकर बनाया था।
मैंने बार बार उसकी जांघो को सहला रहा था और किस कर रहा था। आज मेरी दूकान में काम करने वाली लक्ष्मी मेरा लम्बा लंड खाने वाली थी। मैं उसके जिस्म को सहला रहा था। लक्ष्मी की नंगी पीठ, कमर, पेट, कुल्हे, और जांघ को मैं बार बार सहला रहा था। फिर मैं उसके दूध दबाने लगा। ओह्ह्ह गॉड!! चूचियों का साइज 36” का था। कितनी खूबसूरत चूचियां थी वो। कितनी बड़ी बड़ी और गोल गोल। चूचियों के चारो तरह गोल गोल काले घेरे तो मेरी जान ही निकाल रहे थे। लग रहा था की उपर वाले ने मेरी उसे बड़ी फुर्सत में बनाया था। मैं तो उसकी जवानी देखकर पागल हो रहा था। वो शादी शुदा औरत थी फिर भी कुवारी कन्या लग रही थी। ये कहानी आप इंडियन सेक्स कहानी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है। इंडियन सेक्स कहानी डॉट कॉम

मैंने जैसे ही लक्ष्मी की मस्त रसीली चूचियों पर हाथ रखा वो “..अहहह्ह्ह्हह स्सीईईईइ….अअअअअ….आहा …हा हा हा” की आवाज निकालने लगी। उसे कुछ हो गया था। आखिर वो महान पल आ गया था जब मैं अपनी दूकान की कारीगर की रसीली चूचियों को सहलाने लगा था। सच में ये पल मेरी जिन्दगी का सबसे हसीन पल था। मैं कभी सोचा नही था की कभी लक्ष्मी की चूत मारूंगा। पर आज मेरा सपना साकार होने वाला था। मैं धीरे धीरे उसकी चूचियां सहलाने लगा। लक्ष्मी मना नही कर रही थी। वो राजी थी और आज चुदना चाहती थी। धीरे धीरे मेरे हाथ उसकी रसेदार चूचियों पर इधर उधर जाने लगे। मुझे अजीब सा नशा हो गया था। कितना मदहोश कर देने वाला पल था वो। लक्ष्मी की मुसम्मियों को मैंने हल्का हल्का दबाना शुरू कर दिया था। वो मचल रही थी। उसने आंख बंद कर ली थी। फिर मैं और तेज तेज लक्ष्मी की मुसम्मी को दबाने लगा। वो “……अई…अई….अई……अई….इसस्स्स्स्स्स्स्स्…….उहह्ह्ह्ह…..ओह्ह्ह्हह्ह….” बोलकर सिस्कारियां लेने लगी।
इतनी बड़ी चूचियों को हाथ में लेकर आज मैं खुद को किस्मतवाला समझ रहा था। दुनिया में कम लड़को को इतनी बड़ी बड़ी चूचियां दबाने का आनंद मिलता है। मैं उन लड़कों की लिस्ट में था। फिर मैंने जोर से लक्ष्मी की दाई चूची को हाथ में पकड़कर किसी बस के हॉर्न की तरह दाब दिया। लक्ष्मी की माँ चुद गयी। “अईईईई!!” वो चीख पड़ी। उसे बहुत दर्द हुआ। फिर मैंने इसी तरह उसकी बायीं चूची को दबा दिया। दोस्तों इस तरह हम दोनों मजे लेने लगे। मैं लक्ष्मी पर लेट गया और उसकी हरी भरी चूचियां पीने लगा। लगा की आज मेरी जिन्दगी सफल हो गयी थी। लक्ष्मी की चुचियों के काले काले घेरे बेहद सुंदर थे। मैंने तो उसे ख़ास तौर से चूस रहा था। मेरे हाथ उसके आमो को दबा रहे थे।
लक्ष्मी अपने गोरे व कामुक बदन में मेरे सामने पूरी तरह से नंगी थी। उसका जिस्म बिलकुल किसी मोटे गद्दे की तरह दिख रहा था। मेरा उसके मम्मे चोदने का बड़ा मन था। मैं उसके पेट पर अब बैठ गया था। मैंने अपना लौड़ा उसके क्लीवेज में रख दिया। उसकी छातियाँ गर्व से तनी और कसी हुई थी। मम्मे नारियल की तरह दिख रहे थे। दोनों 36 के मम्मो को मैंने कसकर पकड़ लिया और बीच की तरफ दोनों मम्मो को मैंने दबा लिया। मेरा मोटा 8” का लंड अब बीच में सैंडविच बन गया था। फिर मैंने अपने मोटे लंड को आगे पीछे करने लगा और चला चलाकर लक्ष्मी के दूध चोदने लगा। वो “……मम्मी…मम्मी….सी सी सी सी.. हा हा हा …..ऊऊऊ ….ऊँ..ऊँ…ऊँ…उनहूँ उनहूँ..” की आवाज निकालने लगी। उसे भी अच्छा लग रहा था। उसके दूध को मैं चोद रहा था। दोस्तों ये बेहद सेक्सी और कामुक दृश्य था।
मैंने उनके दूध को बड़ा कसकर दबा रखा था जिससे मेरे लौड़े पर जादा से जादा प्रेशर बने, रगड़ लगे और चुदाई में मजा आये। मुझे लक्ष्मी के मुलायम स्तनों को चोदकर बड़ा मजा आया। मैं जल्दी जल्दी उसके दूध के बीच में लंड चलाने लगा और भरपूर मजा लेने लगा। लक्ष्मी भी मेरा पूरा साथ निभा रही थी। उसके मुलायम दूध मेरे लंड पर मखमली रगड़ दे रहे थे। मैंने २० मिनट तक लक्ष्मी के मम्मो को अपने लौड़े से चोदा। वो इकदम मस्त हो गयी थी। मैंने उसके पैर खोल दिए। उसकी रसीली चूत के दर्शन मुझे होने लगे। लक्ष्मी की चूत बहुत लाल लाल थी। देखकर मेरा दिल मचल गया। उसकी चूत अभी तक फटी नही था। साफ़ था की लक्ष्मी के पति का छोटा लंड उसे कायदे से चोद नही पाया था और ना ही उसे यौन सुख दे पाया था। इंडियन सेक्स कहानी डॉट कॉम

मैंने अपना 8” लंड उसकी चूत में डाल दिया और उसे चोदने लगा। लक्ष्मी नंबर 1 क्वालिटी की माल थी। वो मेरे चेहरे को सहला रही थी। मैं उसको धीमे धीमे ले रहा था। चुदते चुदते लक्ष्मी का मुँह खुल जाता था और बड़ा अजीब चेहरा बन जाता था। मेरे धक्के धीरे धीरे तेज और तेज होने लगे। वो अपने होठ दांतों से चबा रही थी जिसमे वो बेहद चुदासी और सेक्सी माल लग रही थी। मेरी कमर नाच रही थी और लक्ष्मी की चूत को चोद रही थी। मैं जोर जोर से उसकी चूत में धक्के मारने लगा। मेरा लंड 8” अंदर उसकी चूत की गहराई में उतर गया था। पच पच की लक्ष्मी के चुदने की मीठी आवाज मेरे कमरे में गूंजने लगी। मैंने उसके गाल और मम्मो पर 2 -4 चांटे कस कसके मार दिए। फिर मैं जोर जोर से धक्के मारने लगा।
लक्ष्मी की चूत अच्छे से चुदने लगी। मेरा लंड और भी जादा मोटा हो गया था और जोर जोर से अंदर तक लक्ष्मी की चूत में मेरा लंड पहुच रहा था। उसका कुछ गाढ़ा मक्खन जैसा माल मेरे लंड पर लगा गया था जिससे अंदर बाहर होने में मुझे और चिकनाई और फिसलन मिल रही थी। मैंने अपनी गांड हवा में उपर उठा दी और लक्ष्मी को लेने लगा। मैंने धक्के की रफ़्तार और बढ़ा दी और 30 मिनट तक उसकी चूत चोदी। फिर मैं उसकी रसीली बुर में ही शहीद हो गया। अब लक्ष्मी मुझसे फंस गयी थी। जब वो कहती थी मैं उसे गहराई से चोदकर भरपूर यौन सुख दे देता था। अब वो मुझसे प्यार करने लगी थी। कहानी आपको कैसे लगी, अपनी कमेंट्स इंडियन सेक्स कहानी डॉट कॉम पर जरुर दे।

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