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चुदासी मम्मी के लिए लंड का जुगाड़ किया

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Hindi Sex मेरा नाम अमरेन्द्र है। मेरी मम्मी का नाम अमृता था। stories जब मैं 15 साल का था पापा की एक रोड ऐक्सीडेंट में मौत हो गयी थी। मेरी मम्मी अब विधवा हो गयी थी। वो बहुत जवान और खूबसूरत औरत थी। पापा की मौत की वजह से वो गम के सागर में डूब गयी थी। धीरे धीरे दिन बीतने लगे। अब मैं 20 साल का जवान लड़का हो गया था। अब मैं सब कुछ समझने लग गया था। मेरी मम्मी की उम्र अब 35 साल की हो गयी थी। वो मस्त चोदने लायक माल दिखती थी। अब मम्मी को चोदने वाला कोई नही था। वो अक्सर रात में अपने कपड़े उतार देती थी। अपनी 36” की चूचियां खुद ही चूसती रहती थी। और चूत में ऊँगली, बैगन, गाजर डालकर फेटती रहती थी। कई बार मैंने मम्मी को चूत में ऊँगली और बैगन डालते हुए देखा। एक दिन मैं नाराज हो गया।
“मम्मी !! ये सब क्या है। हरदम अपनी चूत में बैगन डालती रहती हो। ये सब गलत काम है जो तुम कर रही हो” मैंने नाराज होकर कहा
“बेटा!! तुम्हारे पापा तो मर गये पर जाते जाते अपना लंड भी साथ ले गये। बेटा!! तुमको नही मालुम की रात को कितना बुरा लगता है। कामवासना से मैं तड़पती रहती हूँ। सिसकती रहती हूँ पर कोई मर्द चोदने वाला नही मिलता है। इसी वजह से मैं चूत में बैगन डालती हूँ। तू मेरी मजबूरी समझ” मम्मी बोली
धीरे धीरे जब रात में मेरा लंड खड़ा होने लगा तो मुझे मम्मी की जरूरत महसूस हुई। जिस तरह से मुझे एक रसीली चूत की सख्त जरूरत थी उसी तरह से मम्मी को एक 6” का मोटा लंड चाहिए था। दूसरे दिन मैंने अपनी चुदासी मम्मी से बात की।

“मम्मी!! मैं आपके गदराये जिस्म की जरूरत को समझ गया हूँ। आपको चुदाने के लिए एक मोटा लंड चहिये जो आपको चोद चोदकर मजा दे और आपके जिस्म की आग को शांत कर दे। मम्मी!! मैं आपके लिए एक मोटे लंड का जुगाड़ करूंगा। प्रोमिस है मेरा आपसे” मैंने कहा
उसके बाद मैं मर्दों को ढूढने लगा। मैंने अपने दोस्तों से इस बारे में बात की। सबको बताया की अपनी मम्मी को चुदवाने के लिए किसी मोटे लंड की जरूरत है। कुछ दिनों बाद मेरे दोस्त कबीर ने मुझे अपने फूफा जी से मिलवाया। कबीर के फूफा जी विदुर थे। उनकी बीबी बहुत साल पहले ही खत्म हो चुकी थी। मैंने फूफा जी से इस बारे में बात हुई। वो खुश थे। मेरी मम्मी से मिलना चाहते थे। मैं उसको बाइक पर बिठाकर घर ले आया।
“मम्मी !! ये है मेरे दोस्त कबीर के फूफा जी” मैंने कहा
फूफा जी बहुत अच्छे थे। मेरी मम्मी को देखकर मुस्कुराने लगे। उसने हाथ मिलाया। मैं वहां से खिसक लिया। मैं उन दोनों को अकेला छोड़ देना चाहता था। मैं नही चाहता था की मम्मी फूफा जी से बात करने में शर्म करे। धीरे धीरे दोनों बात करने लगे।
“आपको मैं किस नाम से पुकारू जी???” फूफा जी से किसी बॉयफ्रेंड की तरह मेरी मम्मी से पूछा
“आप मुझे अमृता कहकर बुलाइए” मेरी मम्मी हँसकर बोली
धीरे धीरे दोनों में दोस्ती हो गयी। मैं दूसरे कमरे में चला गया। खिड़की से सब नजारा देख रहा था। धीरे धीरे बात करते करते मेरी मम्मी को फूफा जी से पहली नजर वाला प्यार हो गया। सोफे पर दोनों बैठकर एक दुसरे की आँखों में डूब रहे थे। फूफा जी अपनी नजर में ही मेरी चुदासी और जवान मम्मी को चोद लेना चाहते थे। मम्मी भी चुदने के फुल मूड में थी। धीरे धीरे फूफा ने मम्मी का हाथ पकड़कर किस करना शुरू कर दिया। उनसे चिपक कर बैठ गये। कुछ देर बाद फूफा ने मम्मी को बाहों में भर लिया।
“अमृता जी!! आप तो बड़ी सेक्सी हो जी” फूफा मचलकर बोले
“तो आज चोद लो आज मुझे फूफा जी” मम्मी बोली
उसके बाद फूफा आशिक वाले रोल में आ गये। मम्मी को गले से लगा लिया। सब जगह किस करने लगे। मेरी मम्मी उनका पूरा साथ दे रही थी। वो भी फूफा को सब जगह किस कर रही थी। दोनों मजे लेने लगे। होठो पर किस शुरू हो गया। फूफा ने मम्मी को बाहों में भर लिया और उनके गुलाबी होठो को मुंह चला चलाकर चूसने लगे। जैसे सब रस चूस लेंगे। मेरी मम्मी पूरा सहयोग कर रही थी। मम्मी से गुलाबी रंग का मस्त साड़ी ब्लाउस पहन रखा था। ओठों पर नाख़ून पर नेल पोलिश साड़ी से रंग से मैच वाली लगा रखी थी। फूफा जी ब्लाउस के उपर से साडी का पल्लू हटा दिया और ब्लाउस के उपर से मम्मी की 36” की भरी भरी चूचियों को दबाना शुरू कर दिया। मम्मी “..अहहह्ह्ह्हह स्सीईईईइ….अअअअअ….आहा …हा हा हा”
की सेक्सी आवाजे निकालने लगी। फूफा जी मम्मी के दूध उपर से दबा दबाकर उनको होठो पर किस कर रहे थे। फूफा जी आक्रामक हो गये थे। वो आज अभी इसी वक्त मम्मी को चोदने के मूड में थे। अपने हाथ से मेरी चुदासी मम्मी के दूध मसल रहे थे। मम्मी आँख बंदकर दबवा रही थी। फूफा गोल गोल दोनों छातियों पर हाथ सहला रहे थे। मजा लूट रहे थे। मम्मी आँख बंदकर दबवा रही थी। ये कहानी आप इंडियन सेक्स कहानी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है।
“अमृता जान!! बड़ी हसीन माल हो तुम। तुम्हारी जैसी खूबसूरत औरत मुझे मिल जाए तो जिन्दगी सेट हो जाए” फूफा जी बोले
“फूफा जी !! समझ लीजिये की आज से मैं आपकी” मम्मी ने जवाब दिया
फूफा जी पागल हो गये। मेरी मम्मी को सोफे पर लिटा दिया। ब्लाउस के उपर से दोनों दूध को 10 मिनट तक दबाया और मजा लिया।

“अमृता जान!! ब्लाउस उतारो। तुमको इसी वक्त चोदूंगा” फूफा जी बोले और अपना गुलाबी कलर का पजामा कुर्ता उतारने लगे।
दूसरी तरफ मम्मी ब्लाउस की एक एक बटन खोलने लगी। फिर उतार दिया। जल्दी से ब्रा भी खोलकर उतार फेकी। फूफा जी ने अपना बनियान और कच्छा उतार दिया। लंड पूरी तरह तनतना गया था।, खड़ा हो गया था। फूफा का लंड पूरा 7” लम्बा और 3” मोटा था। वो मम्मी की जवानी देखकर टूट पड़े। मम्मी के उपर किसी चुदासे कुत्ते की तरह चढ़ गये और मम्मी की चूचियों को दबाने लगे, सहलाने लगे। मेरी मम्मी को मजा आ रहा था। वो “……अई…अई….अई……अई….इसस्स्स्स्स्…….उहह्ह्ह्ह…..ओह्ह्ह्हह्ह….” की सेक्सी आवाजे निकाल रही थी। फूफा बड़ी गौर से मम्मी के कलश जैसे मम्मो को निहार रहे थे, दर्शन कर रहे थे। सहला सहला कर प्यार कर रहे थे, चुम्मा ले रहे थे। फिर वो दबा दबाकर मजा लेने लगा। मम्मी के मम्मो को कस कसके दबा रहे थे। मजा लूट रहे थे। मेरी मम्मी बड़ी सेक्सी माल दिख रही थी। उसकी चूचियां बड़ी कसी कसी गोल गोल थी।
गजब की माल थी मम्मी। वो “…..ही ही ही……अ अ अ अ .अहह्ह्ह्हह उहह्ह्ह्हह….. उ उ उ…”की आवाजे निकाल रही थी। फूफा जी पूरी तरह से आक्रामक हो गये थे। मजे लेकर मम्मी के आमो को दबा दबा रहे थे, मसल रहे थे। फिर मुंह में भरकर मम्मी के दूध को लेके पीने लगी। मैं देखा तो मजा आ गया। फूफा जी जल्दी जल्दी मुंह चला चलाकर चूस रहे थे। मेरी मम्मी की निपल्स बहुत सेक्सी थी। उसके चारो तरह बड़े बड़े काले गोले थे जो गजब के सेक्सी लग रहे थे। फूफा जी तबियत भरकर चूस रहे थे जैसी मेरी मम्मी के पति हो। दबा दबाकर पूरा मजा फूफा जी लूट रहे थे। मामी पूरा सहयोग कर रही थी। मेरे दोस्त कबीर के फूफा जी ने अब पूरी तरह से मेरी मम्मी को सेट कर लिया था, पटा लिया था। दोनों चूचियों को 30 मिनट तक चूसा। सब रस चूस लिया।
फिर फूफा जी ने खुद ही मम्मी की साड़ी उतार दी। पेटीकोट के ब्लाउस की डोरी को खीच दिया। पेटीकोट उतार कर दूर फेक दिया। मम्मी की पेंटी पूरी तरह से पानी पानी हो गयी थी। भीग गयी थी। फूफा ने पेंटी भी उतार दी। देखा की मम्मी की चूत बह रही थी। फूफा जी मचल गये। मम्मी की टांग खोल दी और चूत को चाटने लगे। मैं मजे लुट रहा था। आज कितने सालो बाद मेरी चुदासी मम्मी चुदने जा रही थी। आज फूफा जी अपने मोटे लंड से मेरी मम्मी को चोदने जा रहे थे। वो इस समय मम्मी की चूत किसी कुत्ते की तरह चाट रहे थे। खूब मजा लूट रहे थे।  ये कहानी आप इंडियन सेक्स कहानी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है।

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मम्मी पागल होकर “अई…..अई….अई… अहह्ह्ह्हह…..सी सी सी सी….हा हा हा…”की कामुक आवाजे निकाल रही थी। उनको पूरा मजा आ रहा था। फूफा को तो आज जन्नत ही मिल गयी थी। आज उनको एक अनचुदी चूत चोदने को मिल गयी थी। फूफा जी ललचा गये थे। बस जल्दी जल्दी चाट रहे थे। मेरी मम्मी की चुद्दी बहुत सुंदर, गुलाबी और भरी हुई थी। फूफा जी बार बार निकले ताजे रस को किसी लोमड़ी की तरह चाट जाते थे। इस तरह उन्होंने 15 मिनट तक चूत चटव्वल किया। फिर अपना 7” लम्बा और 3” मोटा लंड मम्मी के भोसड़े में सेट कर दिया। एक हल्का प्यार भरा धक्का मारा। मोटा लंड 6” अंदर घुस गया। मम्मी चिहुक गयी। “आऊ…..आऊ….हमममम अहह्ह्ह्हह…सी सी सी सी..हा हा हा..” की आवाज निकाल दी।
फिर फूफा जी मम्मी के उपर लेटकर उनके लबो पर किस करने लगे। मम्मी पूरा साथ दे रही थी। फिर फूफा ने दूसरा धक्का फिर से मार दिया। लंड मम्मी की चूत को फाड़ते हुए पूरा 7” अंदर घुस गया। मम्मी की गांड फट गयी। फूफा का लंड किसी गधे के लौड़े जैसा था। मम्मी को दर्द हो रहा था। फूफा चोदने लगे। मम्मी बार बार अपन मुंह खोलकर चुदवा रही थी। फूफा ने काम लगाना शुरू कर दिया। लंड अंदर बाहर होने लगा। मम्मी चुदने लगी। फूफा रफ्तार बढ़ाने लगे। मेरी मम्मी अपनी गांड, टाँगे और चूत फैलाकर फूफा जी के लौड़े का पूरा पूरा स्वागत कर थी थी। फूफा ताकत लगाकर सम्भोग करने लगे। दोस्तों आज तो मेरी मम्मी ड्राइंग रूम में सोफे पर ही चुदवा रही थी।

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दोनों मजे लूट रहे थे। 15 मिनट बीत गये तो फूफा की रफ्तार बहुत तेज हो गयी थी। मम्मी की चूत से सफ़ेद रंग का रस बार बार टपक रहा था और चूत से बाहर निकल रहा था। फूफा का लंड किसी सांप की तरह अंदर घुसा हुआ था। जल्दी जल्दी चोद रहा था। मम्मी की हालत खराब हो रही थी। “….उंह उंह उंह हूँ.. हूँ… हूँ..हमममम अहह्ह्ह्हह..अई…अई…अई…..” की सेक्सी आवाजे निकाल रही थी। फूफा ने मेरी मम्मी को 40 मिनट नॉन स्टॉप चोदा। अंत में चूत में ही अपना पानी छोड़ दिया। दोस्तों अब कबीर के फूफा जी हर दूसरे तीसरे दिन आकर मेरी जवान विधवा मम्मी की प्यास बुझा देते है। DMCA.com Protection Status

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