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दादा ने दोस्त के साथ मिल के माँ की चूत और गांड मारी

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sex story मम्मी ने दादा जी के दोस्त मनोहर अंकल के लिए भी चाय बना ही ली. वो कुछ देर पहले ही दादा जी से मिलने के लिए आये थे. हम लोगो का छोटा सा फेमली है. मैं, दादा जी, मम्मी और पापा. पापा एक सेल्स टीम में काम करते है और वो मेनेजर है इस वजह से वो काफी ट्रेवलिंग करते रहते है. पापा और मम्मी की कम्पेरीजन करो तो आसमान और जमीन का फर्क लगता है.
मेरी माँ दीपा की एज 42 साल है और वो काफी मोटी है. उसके बूब्स की साइज़ 44 से ऊपर है और गांड भी उतनी ही बड़ी है. उसका पेट भी बहार आया हुआ है. और वो थोडा चलने पर ही हांफने लगती है. पापा दूसरी तरफ एक हेंडसम लौंडे के जैसे चंचल है. उन दोनोंको देख के कोई भी नहीं कहेगा की वो हसबंड वाइफ है. शायद यही वजह है की पापा अब मम्मी को उतनी तवज्जो नहीं देते है. वो अक्सर बहार ही रहते है. और कुछ लोगों की खुसपुस से मुझे ये भी पता है की पापा का अफेयर अपनी ही एक जूनियर लेडी के साथ है.
और यहाँ मम्मी ने दादा जी के साथ अपना काम लगाया हुआ है. जी हां मम्मी अपने ससुर जी यानी की दादा जी का लंड लेती है. और मैंने काफी बार पापा की गेरहांजरी में दादा जी के कमरे में मम्मी और उनकी चुदाई को देखा है.
लेकिन मुझे पता नहीं था की मम्मी और दादा की चुदाई की गेंग में मनोहर दुबे भी शामिल है! जी हां दादा जी का ये बूढा ठरकी दोस्त भी मम्मी की भोसड़ी का चोदन करता था. लेकिन आज मैंने ये सब देख ही लिया.

दरअसल जब मम्मी चाय ले के जा रही थी तो मैं बहार को जा रहा था. इसलिए मम्मी को लगा की मैं बहार जा रहा हूँ. लेकिन घर से बहार निकलते ही मुझे याद आया की आज मुझे कुछ प्रोजेक्ट करना बाकी था. इसलिए मैं अपना बल्ला वापस रख के अपने कमरे की तरफ जाने लगा!
तभी मैं दादा जी के कमरे के पास से निकला और मुझे दादा जी की आवाज सुनाई पड़ी.
दादा जी: खोलो जल्दी से, लगता है मुन्ना खेलने चला गया.
मम्मी: अरे हां वो अभी निकला, आज मेरा मूड नहीं है उतना. आप यह चुदाई स्टोरी इंडियन सेक्स कहानी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है। 
मनोहर: अरे कल फिर तेरा पति आ जाएगा इसलिए तिकड़ी का चांस नहीं मिलेगा, चलो खोल भी दो जल्दी से.
मेरे पाँव थम्ब गए और मैंने खिड़की के पास जा के देखा. अंदर का सिन काफी हॉट था. मम्मी के सामने दादा जी और मनोहर दोनों नंगे बैठे हुए थे. और वो दोनों चाय की चुस्की ले रहे थे. मनोहर का लंड काला था और दादा जी का थोडा गोरा. मम्मी की पीठ मेरी तरफ थी और उसकी बड़ी गांड मेरे को दिख रही थी. मम्मी ने अब अपने पल्लू को निचे कर दिया. मनोहर ने मम्मी के बड़े बूब्स देखे और उसके मुहं में पानी आ गया.
मम्मी का हाथ पकड के खिंच कर मनोहर अंकल ने अपने पास खिंच लिया. और मम्मी के बूब्स को एक तरफ से दादा जी और दूसरी तरफ से मनोहर दुबे चूसने लगा. मनोहर का हाथ मम्मी की बड़ी गांड पर फिरने लगा था. और वो उसे दबा के गांड के होल तक चला गया. और फिर उसने अपनी एक ऊँगली को गांड के होल में भी डाला. मम्मी उछल गई क्यूंकि पूरी ऊँगली गांड में डाल दी थी उसने. और फिर उसने वो गांड वाली ऊँगली को ही मम्मी की चूत में ही डाल दिया.
और अब मम्मी ने अपने हाथ में मनोहर का लंड पकड़ लिया और उसे हिलाने लगी. मम्मी ने दुसरे हाथ से दादा जी का लंड भी पकड़ा और उसे हिलाने लगी. दोनों बूढ़े लंड थे लेकिन दोनों के अंदर बड़ी जान थी.

मनोहर अंकल ने माँ की निपल्स को चूस चूस के पूरी लाल कर दी और मनोहर अंकल ने अब दादा जी को साइड में हटा के मम्मी को अपनी बाहों में भर लिया और मम्मी ने अब अपने बाकी के कपडे भी निकाल दिए. मनोहर ने भी अपने कपडे निकाल दिए. दादा जी भी खड़े हुए और अपने कपडे निकाल के खड़े हो गए.
मम्मी, दादा और मनोहर एकदम न्यूड थे अब. मम्मी के सामने दो बूढ़े लंड थे जो उसकी चूत और गांड में घुसने के लिए बेताब थे.
दादा जी ने मम्मी के बाल पकडे और उसे अपने लंड के पास खिंचा. पीछे से मनोहर ने पीछे से मम्मी की गांड को खिंची और उसे डौगी स्टाइल में कर दिया. और मम्मी के कुल्हें खोल के वो मम्मी की चूत को चाटने लगा. मम्मी सिसकियाँ निकल गई. और मनोहर ने अब जबान के साथ साथ अपनी ऊँगली से भी मम्मी के छेद को प्यार देना चालू कर दिया. मम्मी ने अब दादा जी के लंड के सुपाडे को किस दिया. दादा जी ने बाल पकडे और मम्मी के मुहं में आधे से ज्यादा लंड को भर दिया. और मम्मी दादा जी के लौड़े को चूसने लगी.
मनोहर ने अब धीरे से अपने लंड को थूंक लगा के चिकना कर दिया. और फिर मम्मी की चूत में मनोहर ने अपना लंड घुसा दिया. अह्ह्ह्हह अह्ह्ह्हह की आवाजें मम्मी और मनोहर दोनों के मुहं से निकली! मम्मी की गांड को दोनों हाथ से खोला हुआ था मनोहर ने इसलिए लंड टट्टे तक उसकी चूत में घुस गया था. मम्मी के कंधे को पकड के वो जोर जोर से धक्के देने लगा. और उधर दादा जी ने अपना पूरा लंड दादी के मुहं में पेल दिया. आप यह चुदाई स्टोरी इंडियन सेक्स कहानी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है। 
गले तक लंड को भर के मम्मी उसे चूस रही थी. और दादा जी आँखे बंद कर के बस अह्ह्ह अह्ह्ह्ह अह्ह्ह्ह आ मेरी रानी अह्ह्ह अह्ह्ह और जोर से चुसो!
मम्मी के मस्त लंड चूसने की वजह से दादा जी का वीर्य स्खलित हो गया. मम्मी के मुहं में ही दादा जी की पिचकारी लगी और मम्मी ने सब वीर्य पी लिया. और फिर दादा जी कुछ देर आराम से बैठ गए.
मम्मी को पीछे से मनोहर ने उठा लिया और आधी खड़ी और आधी घोड़ी थी वो. मम्मी के बूब्स को पकड के मनोहर उसे जोर जोर से चोदने लगा था. और मम्मी की टाँगे थर्रर्राआअ रही थी.

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और फिर कुछ देर में दादा जी का लंड फिर से खड़ा हो गया. दादा जी ने लंड हिलाया और मम्मी की तरफ बढे. मनोहर ने अब अपना लंड मम्मी की चूत से निकाला. और वो लंड एकदम कडक था अभी भी. शायद अपने दोस्त यानि की मेरे दादा जी को चूत का मज़ा देने के लिए उन्होंने लोडे को बहार निकाल लिया था.
मम्मी खड़ी हुई और दादा जी अपने लंड को खड़ा कर के निचे लेट गए. मम्मी अपनी गांड पसार के उस कडक लंड के ऊपर बैठ गई. मम्मी की चूत को सेट कर के दादा जी ने अपने लंड को एक ही धक्के में मम्मी की चूत में घुसेड दिया. मामी आह्ह्ह कर गई. दादा का लंड मनोहर दुबे के लंड से बहुत मोटा था. और इसलिए मम्मी की चूत में कुछ ज्यादा ही दर्द हुआ होगा!
इसलिए वो अह्ह्ह्ह अहह करने लगी थी. मनोहर भी कहा ले के जाता अपने खड़े लंड को. चूत से निकले हुए लंड को वो ले के मम्मी की उछलती हुई गांड के पास चला गया. मम्मी की गांड को पकड के पहले तो उसने कूल्हों के ऊपर लंड को घिसा. मम्मी ने पीछे देखा और आँखों ही आँखों में कुछ इशारे हुए.
मम्मी की गांड को खोल के अब मनोहर ने धीरे से अपने लंड को उसकी गांड के ऊपर दबा दिया. सुपाड़ा अंदर घुसा और मम्मी की आह निकली! मम्मी की कमर को पकड़ के एक और धक्का दे के मनोहर ने लंड का धक्का दे दिया. आधा लंड मम्मी की गांड में जा गया. और अब आगे दादा जी और पीछे मनोहर अंकल माँ को चोद रहे थे.
आज से पहले मैंने माँ को सिर्फ दादा जी के साथ सेक्स करते हुए देखा था. और आज मैं उसे एक साथ दो लंड लेते हुए देख रहा था. मुझे पता नहीं था की मेरी माँ इतनी सेक्सी है की वो एक साथ दो दो लंड ले सकती थी! आप यह चुदाई स्टोरी इंडियन सेक्स कहानी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है। 
मम्मी आगे पीछे हो रही थी और मनोहर उसके बूब्स को मसल के गांड मार रहा था. वो पूरा लंड बहार निकालता था और फिर वापस धक्का दे के गांड के अन्दर पूरा लंड घुसेड देता था. मम्मी भी अह्ह्ह अह्ह्ह्ह कर के अपने बूब्स को हिला रही थी. और फिर दादा जी का एक बार फिर चूत गया.
मम्मी के निचे से अब दादा जी निकल गए और वो साइड में बैठ के मम्मी की चुदाई मनोहर के लंड से होते हुए देखने लगे. मनोहर ने अब अपना लंड माँ की गांड में पूरा घुसा दिया था. दादा जी अब अपने दोस्त को उकसा रहे थे, मनोहर घुसा दे पुरा लंड इसकी गांड में इसकी गांड भी भोसड़ी के जैसी ही प्यासी है!
मम्मी को पसीना आ गया था और मनोहर ने दोनो हाथ से मम्मी की चुंचियां एकदम जोर से दबा के एकदम फास्ट फास्ट गांड की चुदाई चालू ही रखी हुई थी. पांच मिनिट और माँ की गांड का खुरेदना चालु ही रहा. और फिर मनोहर के लंड का लावा पुर जोश में माँ के छेद में ही निकल गया. उसने जब धीरे से अपना लंड माँ की गांड से निकाला तो उसके ऊपर वीर्य और हल्का सा गू भी लगा हुआ था. साले ने माँ की गांड मार मार के उसका गू भी निकाल दिया था.
माँ एकदम थक चुकी थी इन दो बूढ़े लंड से अपनी चूत और गांड की मस्त चुदाई करवा के इसलिए वो उठ नहीं सकी और वही दादा जी के कमरे में ही लोट पड़ी निचे फर्श पर. मनोहर खड़ा हुआ और एक गमछे से उसने अपने लंड को साफ़ किया. लंड को साफ़ कने के बाद उसने अपनी धोती पहन ली. और फिर वो और दादा जी वही पड़े हुए हुक्के से गुडगुड करने लगे एक एक कर के.

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गुडगुड के बाद मनोहर बोला, चलो मैं जाता हूँ दो चार दी के बाद जब इसका पति न हो घर तो मुझे सन्देश भेज देना मैं आ जाऊँगा.
दादा जी बोले तू एक मोबाइल ले ही ले अब, ये तुझे उसपर ही बोल दिया करेगी.
मनोहर हंस के बोला अरे वो सब मेरे पल्ले नहीं पड़ता है, वैसे ये सुबह सब्जी लेने मार्केट आती है तब मुझे बोल ही देती है इसलिए प्रॉब्लम नहीं है.
और फिर वो माँ के नंगे बदन को देखता हुआ वहां से निकल गया. वो मुझे देख ना ले उसके लिए मैं थोड़ा साइड में हो गया. दादा जी ने माँ के कपडे उठा के उसके ऊपर फेंके और बोले, चलो जल्दी से इन्हें पहन लो कही मुन्ना आ गया तो समस्या हो जायेगी. आप यह चुदाई स्टोरी इंडियन सेक्स कहानी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है। 
लेकिन मम्मी को अभी भी बहुत दर्द हो रहा था. इसलिए उसने आहिस्ता आहिस्ता कर के अपने कपडे पहने. दादा जी वापस अपने हुक्के की गुडगुड में लग गए. और मैं वहां से निकल के बहार चला गया ताकि माँ मुझे देख ना ले!

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