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दादा ने मुझे अपने कमरे में नंगा करके चोदा

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दादा ने मुझे अपने कमरे में नंगा करके चोदा New Sex Stories

दोस्तों मैं राधिका आप सभी का इंडियन सेक्स कहानी डॉट कॉम में स्वागत करती हूँ। मैं पिछले कई सालो से इसकी नियमित पाठिका रही हूँ। आज मैं आपको अपनी कहानी सूना रही आशा है, ये आपको बहुत पसंद आएगी।
मैं हरियाणा में रहती हूँ। मेरी उम्र 25 साल की है। मै एक जवान खूबसूरत कमसिन कली हूँ। मेरी बॉडी की साइज 36,32,38 है। मैं देखने में अत्यधिक सुन्दर मॉडर्न लड़की हूँ। मै बहुत ही हॉट लगती हूँ। मेरी चूंचियां तो बहुत की आकर्षक हैं। मैं जादातर जींस टॉप में रहती हूँ। मेरे बूब्स के निपल मेरे टॉप के बाहर से भी सबको दिख जाते है। मेरी गांड भी निकली हुई है। जब मैं चलती हूँ तो वो मटकती रहती हैं। मुझे सेक्स करना बहुत अच्छा लगता है। मुझे बड़ा और मोटा लंड बहुत पसंद है। मै कई बार चुदवा चुकी हूँ। लेकिन चुदाई की तड़प मुझमे ख़त्म ही नही होती है। मै हर समय चुदवाने को बेकरार रहती हूँ। मुझे देखकर कोई भी चोदने के बारे में सोच सकता है।
दोस्तो आज मैं आपको अपनी हॉट कहानी सूना रही हूँ। मैं अपने दादा से बहुत प्यार करती थी। वो रोज शाम को मेरे लिए कुछ न कुछ लाते थे। मेरी उम्र सिर्फ 18 साल थी। मैं बिलकुल कच्ची कली थी। एक बार भी मैं चूदी नही थी। मैं पूरी तरह से कुवारी लड़की थी। मुझे सेक्स और चुदाई के बारे में कुछ पता नही था। शाम को मैं दादा जी के कमरे में जाकर टीवी देखती थी। एक दिन मैं उनके कमरे में जाने वाली थी वो मैंने देखा की दादा जी ने टीवी में एक एडल्ट चैनेल लगा रखा है। उन्होंने अपने पजामे को खोल रखा था और पजामा नीचे जमीन पर गिरा हुआ था। दादा जी जल्दी जल्दी अपने 7” के लंड को फेट रहे थे। मैं उस समय सिर्फ 18 साल की थी और कुछ नही जानती थी। मैं अंदर कमरे में चली गयी। घर में उस वक्त कोई नही था। मेरी मम्मी पड़ोस में अपनी सहेली से मिलने गयी थी। पापा अभी तक ऑफिस से नही आये थे।
“दादा जी!! ये आप क्या कर रहे हो??” मैंने पूछा
“श श श श श….।” वो बोले फिर जल्दी जल्दी अपना लंड फेटने लगी
“दीप्ती बेटी! मैं मुठ मार रहा हूँ” दादा जी बोले और जल्दी जल्दी लंड फेटने लगे।
मैं खड़ी होकर हैरान थी। फिर दादा ने मेरे हाथ को लंड दे दिया।
“चल बेटी फेट इसे!!” दादा जी बोले
दोस्तों मुझे मजा आने लगा और मैं जल्दी जल्दी दादा का लंड फेटने लगी। कितना बड़ा लंड था उसका। मेरे घर के सामने कई सांड घूमते रहते थे। दादा का लंड बिलकुल उसी तरह का था। धीरे धीरे मुझे मजा आने लगा और दादा भी मजा लेने लगे। “चलो बेटी चूसो इसे! अभी तुमको मजा आएगा” दादा जी बोले
दोस्तों धीरे धीरे मैं लंड चूसने लगी। मुझे मजा आने लगा। उसके लंड को मैं हैरान होकर देख रही थी और चूस रही थी। मेरे मुंह में दादा का सफ़ेद रंग का माल लग गया था। उनका लंड इतना मोटा था की मुस्किल से मेरे मुंह में घुस पा रहा था। दादा मेरे मुंह में अपना लंड डाल रहे थे। पर जैसा भी हो रहा था मुझे अच्छा लग रहा था। दोस्तों भले ही मैं 18 साल की कच्ची कली थी पर मेरे मम्मे 34” के हो गये थे। मैंने सलवार सूट पहन रखा था। मैं जमीन पर बैठ गयी थी और जल्दी जल्दी दादा का लंड फेट रही थी। मुंह में लेकर चूस रही थी। दादा …उ उ उ उ उ……अअअअअ आआआआ…. कर रहे थे। उसको भरपूर मजा मिल रहा था। दोस्तों इस तरह करीब 20 मिनट तक दादा जी का लंड हाथ में लेकर फेटा और मुंह में चूसा। ये कहानी आप इंडियन सेक्स कहानी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है।
“वाह बेटी! आज तो तुझे मजा दे दिया। मैं शाम को तेरे लिए चोकलेट जरुर लाऊंगा” दादा जी बोले और मुझे उठाकर उन्होंने बाहों में भर लिया। मैंने उसके सीने से चिपक गयी थी। दोस्तों मेरे रसीले 34” के मम्मे दादा जी के सीने से दबे जा रहे थे। मुझे भी काफी मजा आ रहा था। फिर दादा जी मुझे किस करने लगे। मेरे रसीले होठ चूसने लगे। मैं भी उनका साथ देने लगी। मैं उनके होठ चूस रही थी। काफी देर तक हम दोनों चुम्बन करते रहे। धीरे धीरे मैं पूरी तरह चुदासी लड़की हो गयी थी।
“बेटी दीप्ती क्या कोई बॉयफ्रेंड बनाया है तुमने??” दादा जी ने पूछा
“किसलिए दादा जी???” मैंने मासूम बनकर पूछा
“अरे बेटी अब तू 18 साल की मस्त माल हो गयी है। अब तुझे अपनी रसीली चूत में मोटा लंड खाना चाहिए और चुदाई के मजे लेने चाहिए” दादा जी बोले
“दादा जी! ये चुदाई क्या होती है???” मैंने पूछा
“ठीक है बेटी! आज मैं तुमको चुदाई के मजे दूंगा। पर देखो ये सब बात तुम किसी से करना मत। अपनी मम्मी से भी नही” दादा बोले
उसके बाद वो मुझे बिस्तर पर ले गये। मेरे हाथ चूमने लगे। दादा जी की उम्र 60 की हो गयी थी। पर इसके बादजूद वो जवान ही दिखते थे। उनका बदन भी मजबूत कद काठी का था। वो सुबह 10 किमी पैदल टहलने जाते थे। अभी वो बिलकुल स्वस्थ थे। मैं जानती थी की आज दादा जी मुझे चोदकर भरपूर मजा देंगे। वो मेरे हाथ चूमने लगे। धीरे धीरे वो उपर की तरह बढ़ने लगे। दादा ने मुझे अपनी गोद में बिठा लिया और फिर से मेरे रसीले होठ चूसने लगे। फिर उन्होंने मेरे दुप्पटे को हटा दिया। मैंने गुलाबी रंग का सलवार सूट पहन रखा था। दादा ने मेरे सूट में उपर गले के साइड से हाथ डाल दिया और फिर मेरी ब्रा को उचकाकर मेरी चूची को पकड़ लिया। फिर तेज तेज दबाने लगे। मैं “ओह्ह माँ….ओह्ह माँ…उ उ उ उ उ……अअअअअ आआआआ….” करने लगी। दोस्तों मेरे बूब्स बहुत सॉफ्ट थे। दादा जी मजे लेकर मेरे मम्मे दबाने लगे। मुझे मजा आ रहा था। दादा के हाथ मेरे बूब्स को अच्छे से दबा रहे थे।

“दीप्ती बेटी!! चलो जल्दी से नंगी हो जाओ। आज मैं तुमको कसके चोदूंगा और चुदाई का मजा दूंगा” दादा जो बोले। वो अपना कुरता पजामा उतारने लगे। फिर उन्होंने अपनी बनियान और पटरे वाला कच्छा निकाल दिया। दोस्तों अब दादा जी पूरी तरह से नंगे हो गये थे। उनका लंड बहुत काला, मोटा और डरावना लग रहा था। मैंने अपने हाथ उपर किये और अपना सूट निकाल दिया। फिर मैंने सलवार का नारा खोल दिया और निकाल दिया। फिर अपनी ब्रा और पेंटी भी उतार दी। अब मैं पूरी तरह से नंगी हो गयी थी। बहुत सुंदर, सेक्सी और हॉट माल लग रही थी। दादा जी मुझे देख कर तडप गये थे।
वो मेरी रसीली चूचियों को मुंह में लेकर चूसने लगे। चूं चूं….की आवाज आने लगी। मेरे मम्मे किसी अनार जैसे लाल लाल गुलाबी गुलाबी और बड़े खूबसूरत थे। वृत्ताकर दूध के शिखर पर काले काले रंग के घेरे वाले चूचुक थे, जो बहुत मस्त और सेक्सी लगते थे। दादा जी मेरी काली काली निपल्स में अपनी खुदरी जीभ को बार बार टकरा रहे थे। मैं उतेज्जना और चुदास से पागल हुई जा रही थी। वो मेरे दूध को किसी पके टमाटर की तरह कसकर दबा देते थे, मेरी तो जान ही निकल जाती थी। लग रहा था आज वो मेरा दूध ही पी लेंगे और सारा रस चूस लेंगे। मैं उनके दांतों की तेज धार को अपने नर्म मम्मो पर महसूस कर सकती थी। मैं “अई…..अई….अई… अहह्ह्ह्हह…..सी सी सी सी….हा हा हा…”करके सिसक रही थी। हाँ आज मैंने उसने कसकर चुदवाना चाहती थी। ये कहानी आप इंडियन सेक्स कहानी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है।

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मुझे बहुत मजा आया आ रहा था। बहुत आनंद मिला रहा था। मैंने भी उनको मना नहीं किया। वो मेरी रसीली चूचियों को देखकर पागल हो गये थे। दादा जी मेरे मम्मो को देखकर ललचा गये और तेज तेज मेरी छातियाँ दबाने लगे। सच में मुझको बड़ा मजा आया। वासना और काम की आग मेरे दिल में जल चुकी थी। मैं इतनी जादा चुदासी हो गयी की वो जो जो करते गये, मैंने करने दिया। कुछ देर बाद मेरे चांदी से चमकते दूध को उन्होंने मुंह में भर लिया और किसी छोटे बच्चे की तरह चूसने लगे। मैं उनको पिलाने लगी। मेरे मम्मे बहुत बड़े बड़े फुल साइज़ के थे। बड़ी नशीली छातियाँ थी मेरी। दादा जी पागलों की तरह मेरी मीठी मीठी छातियाँ पीने लगा। वो बहुत जोर जोर से मेरी छातियाँ दबा दबाकर पी रहे थे, जैसे किसी आम को दबा दबाकर उसका रस निकालते है, बिलकुल उसी तरह दादा जी हाथ से मेरी छातियाँ दबा दबाकर उसका रस निकाल रहे थे और पी रहे थे।
उन्होंने अपना मुंह मेरी चूत पर रख दिया और चाटने लगे। दादा जी मेरी भीगी चूत में चाट रहे थे। मेरा भोसड़ा तो बहुत बड़ा और बहुत खूबसूरत था। मैं बार बार “आआआअह्हह्हह…..ईईईईईईई….ओह्ह्ह्हह्ह….अई. .अई..अई…..अई..मम्मी….” की आवाज निकाल रही थी। क्यूंकि मुझे बहुत ही सेक्सी फील हो रहा था। आज मैं अपने दादा जी की तन मन से सेवा कर रही थी। दादा जी पूरी तरह चुदासे हो गये थे। जल्दी जल्दी मेरी [चूत] चाट रहे थे। मैं अपनी गांड उपर हवा में उठा देती थी। दादा जी मेरी रसीली चूत को खाने लगे। मेरे चूत दे दाने से छेड़खानी करने लगे।
ओह्ह्ह गॉड!! कितना सेक्सी था वो सब। पूरे 15 मिनट तक दादा ने मेरी चूत पी। उसके बाद उन्होंने अपनी 2 ऊँगली मेरी चूत में डाल दी और जल्दी जल्दी अंदर बाहर करने लगे। मुझे बहुत अधिक सनसनी महसूस हो रही थी। दादा जी मेरी चूत को लंड से नही बल्कि अपनी 2 ऊँगली से ही चोद रहे थे। कितना मजेदार था वो सब। फिर दादा जी पर वासना के बादल छा गये। वो तीव्रता से मेरी चूत में ऊँगली चलाने लगे। मैं “……मम्मी…मम्मी…..सी सी सी सी.. हा हा हा …..ऊऊऊ ….ऊँ. .ऊँ…ऊँ…उनहूँ उनहूँ..” करके चिल्ला रही थी। मुझे लगा रहा था की मेरी चूत का माल निकल जाएगा। फिर कुछ देर बाद ऐसा हो गया। मेरी चूत से पानी की फव्वारे निकलने लगे। दादा जी मेरी चुद्दी का पानी मुंह लगाकर पीने लगे। वो और अधिक कामुक हो गये थे। दादा जी के हाथ बेहद तेज गति से मेरी चूत में दौड़ने लगे। मेरी रसीली चूत से अनगिनत पानी की पिचकारी निकली। दादा जी का चेहरा मेरे चूत के पानी से भीग गया था। सच में आज ऐसा पहली बार हुआ था। ये कहानी आप इंडियन सेक्स कहानी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है।

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दादा जी का लौड़ा आराम से मेरे भोसड़े में घुस गया था और फिसल रहा था। उन्होंने मुझे चोदना शुरू कर दिया था। मैं चुद रह थी और दादा जी के सिलबट्टे जैसे मोटे लंड का स्वाद ले रही थी। मेरे होठ बड़े ही खूबसूरत और रसीले थे। दादा जी जी बार बार मेरे होठो पर अपनी उँगलियाँ फिरा रहे थे और मुँह से मेरे होठ भरकर उसका पूरा रस चूस रहे थे। मैं “ओहह्ह्ह…ओह्ह्ह्ह…अह्हह्हह…अई..अई. .अई… उ उ उ उ उ…” बोलकर चिल्ला रही थी और अपनी दोनों टाँगे उपर कर ली थी। मैं अपने दादा जी के लौडे का माल बन गयी थी। उनकी चुदासी रंडी मैं बन गयी थी। मेरी चूत में सनसनी होने लगी थी। तेज धक्के वो मेरी रसीली चूत में दे रहे थे। मुझे बहुत मजा मिल रहा था। मैं “आआआअह्हह्हह…..ईईईईईईई….ओह्ह्ह्….अई. .अई..अई…..अई..मम्मी….” की सेक्सी आवाजे निकाल रही थी।
दादा जी जोर जोर से हच हच करके गहरे धक्के मेरी बुर में मार रहे थे। मुझे बहुत जादा मजा आ रहा था। एक अजीब सा नशा मुझे चढ़ रहा था। मेरा कान झनझना रहा था। पूरा बदन काँप रहा था। मैं किसी सूखे पत्ते सी काँप रही थी। मेरे दिल की धड़कन तेज हो गयी थी। मेरी रगों का खूब बहुत तेज दौड़ रहा था। मैं चुद रही थी। दादा जी मुझे पुचकार रहे थे और मेरे मत्थे पर किस कर रहे थे। मैं अब भी “……मम्मी…मम्मी…..सी सी सी सी.. हा हा हा …..ऊऊऊ ….ऊँ. .ऊँ…ऊँ…उनहूँ उनहूँ..” की सेक्सी आवाजे निकाल रही थी। वो एक बेहद एक्सपर्ट चुदैया थे। मेरी चूत को जोर जोर से मथते रहे। मेरे भगंकुर को वो मजे से सहलाते रहे जिससे मुझे जादा से जादा यौन उतेज्जना प्राप्त हो। फिर मैं भी अपनी चूत और उसके दाने को जल्दी जल्दी रगड़ने लगी। मेरी उँगलियों के ठीक नीचे दादा जी का मोटा लंड मेरी चूत में अंदर और बाहर आ जा रहा था। दादा जी ने मुझे २ घंटे तक चोदा फिर झड़ गए। मेरी रसीली चूत में उन्होंने अपना सारा माल गिरा दिया।

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