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देवर ने अपना लंड चुसवा कर मेरी बुर चोद डाली

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New Sex Stories मेरा नाम सिमरन है। मेरी शादी हो चुकी है। मेरे पति मुझे बहुत प्यार करते है और जमकर मेरी चूत हर रात बजाते है। मैं सुंदर और सुशील लड़की हूँ। मेरा चेहरा गोल है। आँखे बड़ी बड़ी और बहुत खूबसूरत है। मेरी भरपूर जवानी देखकर सभी के लंड खड़े हो जाते है। मुझे सेक्स करना और चुदाना बहुत अच्छा लगता है। अपनी रसीली चूत में मोटा लंड खाना मुझे बेहद पसंद है। मेरी चूत इतनी रसीली और गहरी है की लम्बे से लम्बे लंड इसमें समा जाते है। मुझे चुदाने में बड़ा सुख मिलता है। दोस्तों दिल करता है की सुबह से शाम तक बस चुदाती ही रहूँ। आज आपको अपनी रसीली कहानी सूना रही हूँ।
मेरी शादी हो चुकी थी। मैं अब अपनी ससुराल में रहने लगी थी। पति अपने काम के सिलसिले से अक्सर बाहर रहते थे। धीरे धीरे मैं अपने देवर राजेश से सेट हो गयी थी। वो मेरे रसीले होठ चूस चुका था। मेरे 38” के दूध को मेरा देवर हाथ से दबा चुका था। पर अभी तब वो मुझे चोद नही सका था। दोस्तों घर में सास, ससुर, दो ननद थी इसलिए हर समय कोई न कोई मेरे घर में रहता था। राजेश से चुदवाने का मौक़ा ही नही मिल पा रहा था। मेरी नन्द काजल और सोनिया हमेशा मेरे आस पास चक्कर काटती रहती थी। जब मेरे पति शहर से बाहर होते थे काजल और सोनिया मेरे साथ ही रात में सोती थी। इसलिए मुझे देवर से चुदवाने का मौक़ा नही मिल रहा था। एक दिन हमारे पुस्तैनी गाँव में जो इटावा में है वहां पर किसी की पट्टेदारी में शादी थी। मेरे सास ससुर सभी को लेकर गाँव शादी में चले गये। अब सिर्फ घर पर मैं और देवर राजेश था। मेरे पति हमेशा की तरह अपने जॉब के काम से शहर से बाहर थे। राजेश ने उस दिन छुट्टी ले ली।

“क्यों भाभी!! आज मेरे लंड की प्यास बुझाओगी??? बोलो बोलो???” मेरा देवर राजेश बोला
“क्यों आज चूत के बिना काम नही चलेगा क्या?? हमेशा की तरह मेरे रसीले होठ और दूध पीकर काम चला लो” मैंने कहा
“नही नही भाभी!! आज तो तुम्हारी सेक्सी बुर को मुझे कसके चोदना है। इससे कम पर काम नही चलेगा” राजेश हंसकर बोला
फिर वो मुझे कमरे में ले गया। इस बेडरूम में मेरे पति मेरे भोसड़े में मोटा लंड डालकर चोदते थे। राजेश ने मुझे बिस्तर पर लिटा दिया और हम दोनों लेटकर रोमांस करने लगे। राजेश ने मुझे बाहों में भर लिया और प्यार करने लगा। हम दोनों एक दूसरे को किस कर रहे थे। मेरा देवर भी मेरे गुलाबी होठ चूस रहा था। धीरे धीरे उनके हाथ मेरे साड़ी के पल्लू में घुस गये और वो मेरे ब्लाउस पर हाथ लगाने लगा। मुझे मजा आ रहा था। धीरे धीरे राजेश मुझे किस करते करते मेरे दूध दबाने लगा। दोस्तों मेरी चूचियां 38” की थी। बहुत ही चिकनी चिकनी और रसीली थी। धीरे धीरे राजेश के हाथ मेरे बूब्स को सहला रहे थे।
“ओह्ह भाभी!! तुम तो कयामत हो। तुम्हारे जैसी खूबसूरत और जवान औरत मैंने आजतक नही देखी” राजेश बोला और मेरे ब्लाउस के उपर से ही मेरे बूब्स दाबने लगा। मैं “..अहहह्ह्ह्हह स्सीईईईइ….अअअअअ….आहा …हा हा हा” करके आहें भरने लगी। मुझे अच्छा महसूस हो रहा था। दोस्तों मेरा सेक्सी देवर धीरे धीरे मेरे जिस्म पर अपनी पकड़ बना रहा था। मैं उसमें समाती चली जा रही थी। राजेश मेरे बूब्स किसी मुसम्मी की तरह निचोड़ कर जूस निकाल रहा था। मुझे भी मस्ती चढ़ रही थी। धीरे धीरे मेरे देवर राजेश ने मेरा ब्लाउस पूरा खोलकर उतार दिया। फिर मेरी ब्रा के हुक खोल दिए और उतार दी। अब मैं उपर से नंगी हो चुकी थी। मैंने हाथो से अपनी 38” की बड़ी बड़ी चूचियों को छिपाने की कोशिश करने लगी। मुझे शर्म आ रही थी। मैं अपने देवर से आज फर्स्ट टाइम चुदाने जा रही थी। ये कहानी आप इंडियन सेक्स कहानी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है।

“भाभी!! अपनी जवानी का खजाना मुझसे मत छिपाओ” राजेश ने कहा और मेरे उपर लेट गया। उसने मेरे हाथो को मेरे बूब्स पर से हटा दिए। अब राजेश मेरे मम्मो के दर्शन करने लगा। उसने मेरे मम्मो पर हाथ फेरना शुरू कर दिया। धीरे धीरे सहलाने लगा। दोस्तों मेरी चूचियां दुनिया की सबसे रसीली और सेक्सी चूचियां थी। धीरे धीरे राजेश मेरे आम हाथ से दबाने लगा। मैं सिर्फ “……अई…अई….अई……अई….इसस्स्स्स्स्स्स्स्…….उहह्ह्ह्ह…..ओह्ह्ह्हह्ह….” की सेक्सी आवाजे निकाल रही थी। धीरे धीरे राजेश ने गोल गोल करके अपने हाथो को मेरे मम्मो पर घुमाना सुरू कर दिया। फिर वो मुंह लगाकर मेरी चूची पीने लगा। आज वो मेरे लिए पूरी तरह से पागल हो चुका था।
जल्दी जल्दी वो मेरे अनार चूस रहा था। सारा रस जल्दी जल्दी पी जाना चाहता था। मेरी चूचियां बड़ी बड़ी और गर्व से तनी हुई थी। अप्रतिम सौंदर्य था मेरी रसीली चूचियों में। मेरा देवर तो बस जल्दी जल्दी चूसने में लगा हुआ था। मेरी पेंटी में मेरी चूत अब गीली होना शुरू हो गयी थी। राजेश मेरे गदराये जिस्म के साथ आज खेल रहा था। मेरी चूत अपना रस अब छोड़ने लगी थी। दोस्तों इधर राजेश मेरे अनार पीता रहा और उधर मैं धीरे धीरे अपनी साड़ी और पेटीकोट खोलकर निकाल दिया। लगे हाथ मैंने अपनी लाल रंग की पेंटी भी उतार दी। अब मैं पूरी तरह से नंगी हो चुकी थी। मैंने अपनी चूत में खुद ही ऊँगली करना शुरू कर दी थी। मेरा देवर तो मेरे अनार छोड़ ही नही रहा था। बस चूसता ही जा रहा था। उसने 20 मिनट मेरे अनारों को चूस चूस कर और तान दिया। दोस्तों अब मेरी दोनों चूचियां किसी नारियल की तरह तन कर ठोस हो चुकी थी। अब मैं देवर से चुदना चाहती थी।
“भाभी!! मेरी कुतुबमीनार को मुंह में लो!!” राजेश बोला
वो सीधा लेट गया अपने सर के नीचे तकिया लगाकर। उसका लौड़ा 10” लम्बा था और 2” से भी जादा मोटा था। इतना शानदार लौड़ा तो राजेश के बड़े भैया का भी नही था जिससे मैं चुदवा लेती थी। मैंने राजेश के लौड़े को हाथ में भर लिया और जल्दी जल्दी फेटने लगी। राजेश को अच्छा लग रहा था। फिर मैंने जल्दी जल्दी चूसना शुरू कर दिया। कितना सुंदर लोलीपोप की तरह गुलाबी रंग का लौड़ा था उसका। मैंने जल्दी जल्दी चूसने लगी।

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“ओह्ह यस!! सक माय डिक!!” राजेश बोल रहा था
मैं और जल्दी जल्दी चूसने लगी। कुछ समय बाद मैं गले में अंदर तक लेकर अपने जवान देवर का लंड चूस रही थी। मुझे तो जैसे चस्का लग चुका था। राजेश मचल रहा था। बार बार अपने पैर उठा रहा था। मैंने हाथ से जल्दी जल्दी फेट रही थी। हम दोनों ऐश करने लगे। मैं अपने होठो को दबाकर उसके लौड़े को दांत से काट लेती थी। राजेश सिसकने लग जाता था। उसका सुपाडा तो बहुत गुलाबी और सेक्सी था। मैं जल्दी जल्दी चूस रही थी। मेरे हाथ जल्दी जल्दी उपर नीचे हो रहे थे।
“.अहह्ह्ह्हह उहह्ह्ह्हह….. उ उ उ… भाभी और चूसो!! मजा आ रहा है …ही ही ही……अ अ अ अ” राजेश बोल रहा था। धीरे धीरे उसका लौड़ा अपना माल छोड़ने लगा। उसके छेद से गोंड की तरह चिपचिपा माल निकल रहा था। उसका स्वाद नमकीन था। मैं जल्दी जल्दी चूस कर निगल जाती थी। इस तरह से हम देवर भाभी ने भरपूर मजा उस दिन ले लिया। मैंने राजेश का लंड तबियत भरकर चूस लिया। ये कहानी आप इंडियन सेक्स कहानी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है।
“चलो भाभी! घोड़ी बनो” राजेश का अगला हुक्म था
मैं तो पूरी तरह से गर्म हो चुकी थी। मैं पूरी तरफ से चुदने को तैयार थी। मैंने अपने हाथो और घुटनों को मोड़कर घोड़ी बन गयी। राजेश अब मेरे गोल मटोल सफ़ेद पुट्ठो को सहलाने लगा।
“भाभी!! तुम्हारी गांड और पिछवाडा कितना बड़ा और विशाल है” राजेश बोला
“पी लो देवर जी!! आज तुम इसे पी लो” मैंने कहा
उसके बाद तो जैसे राजेश पागल हो गया। मेरे नर्म नर्म पुट्ठो को पकडकर वो दबा रहा था। उसे जन्नत जैसा सुख मिल रहा था। मुझे भी काफी सेक्सी महसूस हो रहा था। फिर राजेश ने मेरे पुट्ठो को किस करना, सहलाना और पीना शुरू कर दिया। मैं तो “अई…..अई….अई… अहह्ह्ह्हह…..सी सी सी सी….हा हा हा…” की कामुक आवाजे निकाल रही थी। मैं सेक्सी महसूस कर रही थी। मेरे पति कभी भी मेरे पुट्ठे नही पीते थे। वो बस मेरी चूत बजाते थे। पर आज मेरा देवर मेरे साथ पूरा पूरा प्यार निभा रहा था। उसने 15 मिनट तक मेरे पुट्टे पिये और जी भरकर हाथ से दबाए। मैं गरमा गयी थी। अब चुदना चाहती थी।
“देवर जी!! अब कितना फॉरप्ले करोगे। अब चोदो मुझे प्लीसससस” मैंने किसी रंडी की तरह चिल्ला रही थी

“भाभी रुके एक सेकंड। रोज रोज तुम्हारी रसीली चूत पीने का मौका तो मिलेगा नही” राजेश बोला
फिर उसने मेरे दो जांघो के बीच में अपना मुंह डाल दिया और पीछे से किसी कुत्ते की तरह मेरी बुर चाटने लगा। “आऊ…..आऊ….हमममम अहह्ह्ह्हह…सी सी सी सी..हा हा हा..” बोलकर मैं चीख चिल्ला रही थी। आज पहली बार कोई मर्द मेरी चूत को चाट रहा था। मेरी चूत में उतेज्जना और सनसनी हो रही थी। जैसे अभी क्या हो जाएगा। राजेश जल्दी जल्दी अपने मुंह होठो और जीभ लगाकर मेरा गुलाबी भोसड़ा पी रहा था। वो असली शिकारी आदमी था। वो मजा लेकर मुझे पेलना चाहता था। मेरी चूत के साथ साथ मेरी गांड के छेद को भी वो पी रहा था। इधर मैं घोड़ी बना हुई थी। राजेश तो जैसे रुकना जानता ही नही था। वो बस बस मेरी चूत पर अपनी जुबान फेर रहा था। मेरी चूत से निकल रहा रस वो बार बार चाट कर पी जाता था। इधर मेरी हालत खराब हो रही थी। फिर राजेश ने अपना 10” का लंड मेरी चुद्दी में पीछे से डाल दिया और जल्दी जल्दी मुझे चोदने लगा।
“….उंह उंह उंह हूँ.. हूँ… हूँ..हमममम अहह्ह्ह्हह..अई…अई…अई…..” बोलकर मैं चुदा रही थी। राजेश का लंड मेरी चूत को फाड़ रहा था। मेरा बुरा हाल था। मैं दोनों हाथो पर घोड़ी बनी थी। राजेश ने जल्दी जल्दी फटके मारे और 15 मिनट तक मुझे नॉन स्टॉप चोदा। फिर वो झड़ गया। DMCA.com Protection Status

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