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दीदी और जीजाजी की चुदाई देखकर मेरी चूत गरम हो गयी

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Sex Stories मेरा नाम रिमझिम चटर्जी है। मैं उज्जैन की रहने वाली हूँ। दोस्तों मैं कुछ सालो से अपने जीजा के यहाँ आकर रहने लगी थी। शुरू से मेरा मुंबई में रहने का सपना था। ये मायानगरी है। मेरे जीजा फिल्म इंडस्ट्री में काम करते थे। वो अक्सर नई नई हिरोइन के फोटो शूट करते थे। इसके अलावा कई मॉडलिंग एजेंसी के लिए भी काम करते थे। मेरे जीजा काफी खुले हुए विचारों वाले मर्द थे। कई बार उसको न्यूड (नंगी) मॉडल्स की फोटो खीचनी पढ़ती थी। वो खुद को कंट्रोल कर लेते थे। और कोई आदमी होता तो फोटो खीचते खीचते ही अपनी पेंट में झड़ जाता। धीरे धीरे मुझे जीजा का फोटोग्राफी का पूरा काम समझ में आने लगा। कई बार उसको विदेशो में जाकर फोटो शूट करना होता था। जीजा जी कई कई हफ्ते के लिए मॉरिशस, स्विटज़रलैंड, लंदन और विदेश के देशो पर चले जाते है। वो अच्छा पैसा कमाते थे। महीने के 20 -25 लाख वो आराम से कमा लेते थे।
दोस्तों एक दिन दोपहर का वक़्त था। मैं अपने कॉलेज से घर आई तो देखा की जीजा जी मेरी दीदी की चुदाई कर रहे थे। दीदी के कमरे का दरवाजा हल्का सा खुला हुआ था। मैंने झाँक कर देखने लगी तो दंग रह गयी। जीजा जी ने मेरी दीदी को कुतिया बनाया हुआ था और पीछे से जल्दी जल्दी उनको किसी कुत्ते की तरह ठोंक रहे थे। उस दिन पहली बार मैंने अपने जीजा जी को नंगा देखा था। उनका लंड 7” से भी जादा लम्बा और 2” से भी जादा मोटा था। वो जल्दी जल्दी मेरी दीदी की चूत बजा रहे थे। दीदी ““हूँउउउ हूँउउउ हूँउउउ ….ऊँ—ऊँ…ऊँ सी सी सी सी… चोदो चोदो…. आज मेरी चूत फाड़ फाड़कर इसका भरता बना डालो जाननननन….” कह रही थी और चिल्ला रही थी। फिर जीजा जी ने दीदी के बालों को अपनी कलाई में गोल गोल लपेट लिया। उसके बाद तो वो किसी घोड़े की तरह दीदी की चूत में अपना घोडा (यानी लंड) दौड़ाने लगे। दीदी के बालो को जीजा कसके पकड़े हुए थे इस वजह से दीदी कहीं भाग नही पा रही थी। जीजा जी तो बस जल्दी जल्दी उनकी चूत चोद रहे थे। इस तरह से उन्होंने आधे घंटे दीदी की चूत पीछे से मारी। फिर उनकी गांड में थूक लगाकर लंड अंदर डाल दिया।

फिर जीजा जी मेरी दीदी की गांड चोदने लगे। मैं दरवाजे के पीछे खड़े होकर सब कुछ देख रही थी। मुझे अजीब सा नशा हो गया था। दिल कर रहा था की काश जीजा का लम्बा लंड अगर मुझे खाने को मिल जाता तो जिन्दगी संवर जाती थी। फिर जीजा जोर जोर से दीदी की गांड के छेद में लंड घुसाने लगे। वो दीदी के 40” के बड़े बड़े चूतड़ों को हाथ मार रहे थे। चट चट करके कामुक आवाजे मेरी दीदी के नंगे चूतड़ों से निकल रही थी। जीजा जल्दी जल्दी दीदी की गांड चोद रहे थे। काफी देर तक ठुकाई के बाद उन्होंने अपना माल दीदी की गांड में छोड़ दिया। मैं वही खड़ी थी। अचानक जीजा जी को महसूस हुआ की मैं दरवाजे के पीछे खड़ी हूँ। उन्होंने जल्दी से अपना सिर मेरी तरफ घुमाया। मैं जल्दी से वहां से भागी। पर तब तक जीजा जी ने मुझे देख लिया था। मैं जल्दी जल्दी अपने कमरे में भाग गयी। बाथरूम में जाकर मैंने अपनी चूत में 2 ऊँगली डालकर जल्दी जल्दी मुठ मार ली। अब जाकर मुझे आराम मिला। ये कहानी आप इंडियन सेक्स कहानी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है।
दोस्तों इस तरह 2 हफ्ता बीत गया। एक दिन जीजा का कोई फोटो शूट नही था। उनकी छुट्टी थी। मेरी दीदी पास के शोपिंग माल में कपड़े खरीदने गयी थी। मैं अपने कमरे में लेटकर टीवी देख रही थी। अचानक मेरे जीजा जी मेरे कमरे में आ गये। उन्होंने टीवी बंद कर दी। वो मेरे पास आकर बैठ गए। फिर उन्होंने मुझे पकड़ लिया और बाहों में भर लिया।
“जीजा जी!! ये आप क्या कर रहे है???” मैंने कहा

“रिमझिम!! बनो मत, उस दिन तुमने मुझे तुम्हारी दीदी की चुदाई करते हुए देख लिया था। देखो आज मैं तुमको उसी स्टाइल में चोद सकता हूँ। आओ मेरे पास आओ” जीजा बोले और उन्होंने मुझे सोफे पर ही लिटा दिया। मैं दिखावा करने लगी और नही नही बोलने लगी। पर अंदर से मेरा भी मन जीजा जी से चुदवाने का था। फिर वो मेरे उपर ही लेट गये और मेरे होठो पर उन्होंने अपने ओठ रख दिए। फिर वो जल्दी जल्दी चूसने लगे। धीरे धीरे मैं गर्म हो गयी। जीजा जी अपना मुंह चला चलाकर मेरे लब चूस रहे थे। इधर मैं भी मुंह चलाकर चूसने लगी। फिर वो मेरे मुंह में अपनी जीभ डालने लगे। मैं भी ऐसा करने लगी। अपनी जीभ जीजा के मुंह में देने लगी। वो मस्ती से चूस रहे थे। दोस्तों धीरे धीरे हम दोनों चुदासे हो गये। अब मेरा चुदने का बड़ा दिल कर रहा था।
“रिमझिम!! जल्दी से अपने कपड़े उतार दो। तुम्हारी दीदी आये उससे पहले हम दोनों को चुदाई पूरी कर लेनी चाहिए” जीजा जी बोले
मैंने जल्दी से अपनी सलवार का नारा खोल दिया। सलवार निकालकर मैंने अपना सूट भी उतार दिया। फिर ब्रा और पेंटी मैंने खोल दी। जीजा भी नंगे होकर अपने 7” के लंड पर ताव देने लगे। अब वो लंड जल्दी जल्दी फेट रहे थे। धीरे धीरे उनका लंड पूरी तरह से शेप में आ गया था। अब लकड़ी की तरह सख्त हो गया था।
“आओ चूसो रिमझिम!! देखो अच्छे से चूसना। तुम्हारी दीदी इसी तरह से चूस चूसकर मुझे गर्म कर डालती है। फिर चुदवाती है” जीजा ने कहा
वो आराम से सोफे पर लेट गये। फिर मैं झुककर उनका 7” लम्बा चूसने लगी। मैंने उसके लंड से खेलने लगी। दोस्तों उनका लंड मेरे चेहरे के जितना लम्बा था। इतना बड़ा लौड़ा मैंने आजतक किसी मर्द का नही देखा था। मेरे कई बॉयफ्रेंड्स मुझे चोद चुके थे। पर उनका लंड भी इतना लम्बा नही था। जीजा का लंड सबसे बड़ा था। मैं हाथ से जल्दी जल्दी फेटने लगी। फिर मुंह में लेकर चूसने लगी। जीजा बार बार नीचे से हाथ डालकर मेरी चूत को सहला रहे थे। दोस्तों मेरी चूत बहुत चिकनी और सेक्सी थी। मैंने जल्दी जल्दी लंड फेटना जारी रखा। मैं जल्दी जल्दी चूस रही थी। मुझे मजा आ रहा था। जीजा का लंड मेरे मुंह में अचानक फंस गया और मुझे सांस भी नही आ रही थी। फिर उन्होंने मेरे मुंह में पकड़ लिया और जल्दी जल्दी लंड से चोदने लगे। अब लंड बाहर निकाल लिया। अब जाकर मुझे साँस आ रही थी। मैंने उनकी गोलियों को मुंह में लेकर अच्छी तरह से चूस लिया। अब मुझे काफी अच्छा महसूस हो रहा था।

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“रिमझिम!! अब तुम लेट जाओ और पैर खोल लो” जीजा का अगला आदेश था
मैंने ऐसा ही किया। लेट गयी और पैर खोल दिए।
जीजा मेरे उपर आ गये। वो मेरे बूब्स से खेलने लगी। दोस्तों मेरी चूचियां बिपाशा की तरह हॉट और सेक्सी थी। मैं सेक्स बम थी। जीजा मेरे दूध से खेलने लगे। हाथ में लेकर सहलाने लगे। मैं “..अहहह्ह्ह्हह स्सीईईईइ….अअअअअ….आहा …हा हा हा”
की आवाजे निकालने लगी। धीरे धीरे जीजा ने मेरे टमाटर दबाना शुरू कर दिया। मेरे स्तन बहुत नर्म, मुलायम और हसीन थे। जीजा हल्का हल्का दबाने लगे। फिर वो वो तेज तेज दबाने लगे। मैं सिसकने लगी। ये कहानी आप इंडियन सेक्स कहानी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है।
“रिमझिम!! तुम्हारी चूचियां तो बहुत नशीली है। क्या किसी ने पिया नही इनको???” जीजा बोले
“नही जीजा जी!! आप मेरी चूचियां आज अच्छे से चूस लो। लूट लो आज मेरी जवानी का सारा मजा” मैंने कहा
उसके बाद मेरे जीजा जी ने मेरे दूध मुंह में लेकर चूसना शुरू कर दिया। धीरे धीरे मुझे मस्ती चढ़ रही थी। जीजा जी किसी छोटे बच्चे की तरह मेरे दूध पी रहे थे। मुझे जन्नत मिल रही थी। कितना सेक्सी अहसास था वो। जीजा तो बस चूसते ही जा रहे थे। जल्दी जल्दी वो चूस रहे थे। वो आज मेरा सारा रस पी लेना चाहते थे। लग रहा था की आजतक उनको किसी कच्ची कली का दूध पीने को नही मिला है। वो जल्दी जल्दी मेरे निपल्स को दांत से काट काटकर पी रहे थे। मुझे अलग तरह का नशा मिल रहा था। मैं “……अई…अई….अई……अई….इसस्स्स्स्स्स्स्स्…….उहह्ह्ह्ह…..ओह्ह्ह्हह्ह….” बोलकर तडप रही थी। जीजा तो बस चूसते ही जा रहे थे।

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छोड़ ही नही रहे थे। फिर उन्होंने अपने लंड को पकड़कर मेरी चूत में डाल दिया। मैंने अपने दोनों पैर खोल दिए और जीजा जी जल्दी जल्दी मुझे चोदने लगे। वो जल्दी जल्दी मेरी चूत में लंड दे रहे थे। सट सट मुझे बजा रहे थे। मैं हैरान थी की इतना बड़ा 7” का लंड मेरी चूत में कैसे जल्दी जल्दी आ जा रहा था। बड़ी आराम से मिसल रहा था। दोस्तों मेरी चूत बड़ी गुलाबी और रसीली थी। रंगीन और मखमली थी। कितने लकड़े मेरी गुलाबी चूत को चोदने का सपना देखते थे। पर आज ये गोल्डन मौका तो सिर्फ जीजा जी को ही मिला था। धीरे धीरे जीजा ने इतनी रफ्तार पकड़ ली की मेरी चूत से आग निकलने लगा। मेरी बुर की घिसाई इतनी जल्दी जल्दी होने लगी की चूत गरमा गयी। दोस्तों जिस तरह से कोई मोटर साइकिल जब जादा किमी चल जाती है तो इंजन गर्म हो जाता है ठीक उसी तरह का मेरा मेरी भोसड़ी का हो गया था। जीजा ने पूरे 30 मिनट तक मेरी चूत को किसी मोटर साईकिल की तरह चलाया। अब मेरी चुद्दी में अंगारे फूटने लगे थे। मैं “…..ही ही ही……अ अ अ अ .अहह्ह्ह्हह उहह्ह्ह्हह….. उ उ उ…”
बोलकर चीख रही थी। “ओह्ह जीजा !! ओह गॉड!! ओह्ह गॉड!!….फक मी हार्डर!!….कमाँन फक मी हार्डर!!” मैं किसी कुतिया की तरह चिल्ला रही थी। जीजा मेरी चूत को जल्दी जल्दी घिस रहे थे। मेरी दोनों टांगो को उन्होंने पकड़ रखा था और दनादन चोद रहे थे। मेरी तो सांसे ही लटकी हुई थी। जीजा का लंड मेरी बच्चेदानी का मुंह खोले दे रहा था। मुझे डर था की कहीं जीजा का लंड चूत से होकर मेरे पेट में ना पहुच जाए। दोस्तों मुझे ऐसा लग रहा था की जीजा का लंड मेरे पेट में घुसने की कोशिश कर रहा है। वो बिना रुके मेरी चूत ले रही थी। मैं तो हांफ रही थी। जीजा ने मेरी टांग उठाकर 50 मिनट चुदाई कर डाली। पानी चूत में ही निकाल दिया। बाद में जीजा ने बताया की उनका उनकी मॉडल्स और कई फ़िल्मी हिरोइन से अफेयर चल रहा है। जब भी उनको मौक़ा मिल जाता है वो उनको चोद लेते है और मजे लूट लेते है। दोस्तों अब मैं जीजा से सेट हो गयी हूँ और अक्सर चुदवा लेती हूँ।DMCA.com Protection Status

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