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दीदी के ससुराल में उसकी ननद, सास और जेठानी को खूब चोदा Part – 3

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chudai ki kahani मुझे दीदी की सास और जेठानी की चुदाई कर के वैसा मजा नहीं आया जैसे दीदी की ननद रेखा को चोद कर आया था मेरे दिमाग में सिर्फ रेखा थी। आज की रात सिर्फ रेखा के साथ बिताना चाहता था लेकिन दीदी की बुढ़िआ सास और जेठानी को चोदना मेरी मज़बूरी थी। मुझे एक आईडिया आया और मैं पास के मेडिकल स्टोर से वियाग्रा की गोली ले आया क्यों की आज रात मैं जल्दी झड़ना नहीं चाहता था और मेरा प्लान ये था की दीदी की सास और जेठानी को पहले चोद कर छोड़ दूंगा बाद में आराम से रेखा को प्यार से चोदुँगा।

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9 बजे हम सब ने खाना खाया, खाना खाने के बाद दीदी की सास बोली बाबू मुझ में अब वो पहले वाली जोश नहीं रही तुझे भी मेरे साथ मजा नहीं आया होगा मुझे सिर्फ एक बार अपनी 15 साल पुरानी हवस मिटानी थी जो अब शांत हो चुकी है, अब तू रेखा और माया को चोद मैं बुढ़िआ संतुस्ट हो चुकी हूँ। दीदी की सास ललिता सोने चली गयी, मेरी दीदी गीता और माया किचन साफ़ कर रही थी रेखा मेरे पास आ कर बैठ गयी। मैं रेखा से बोला रेखा मुझे तुमसे प्यारो गया है, मैं तुमसे शादी करना चाहता हूँ, रेखा की आखों से खुसी के आंसू निकल गए। रेखा मुझे चूमने लगी और बोली मैं भी तुमसे बहोत प्यार करने लगी हूँ लेकिन शादी कैसे होगा तुम अभी 19 के हो और मैं तुमसे 13 साल बड़ी हूँ, अगर तुमको मुझसे शादी करनी भी है तो 2 साल इन्तजार करना पड़ेगा और घर वाले सायद ही मानेंगे। आप ये स्टोरी इंडियन सेक्स कहानी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है।

मैं बोला ठीक है इन्तजार कर लूंगा और अपने समरे में चला गया, कमरे में पहुँच कर मैंने गोली खा ली और लेट गया 40-45 मिनट में गोली का असर हो गया और मेरा लंड पूरी तरह अकड़ कर खड़ा हो गया था। मैं कण्ट्रोल कर के लेटा रहा थोड़ी देर में रेखा आयी और बोली चलो आज मेरे कमरे में चुदाई करते है माया वही है। मैं रेखा को गोद में उठा कर उसके कमरे में चला गया। पहले रेखा और माया मिल कर मेरे कपडे निकल दी फिर मैं उन दोनों को नंगी कर दिया अभी हम तीनो नंगे थे मेरा लंड लोहे की रॉड की तरफ सख्त खड़ा था, मैं माया को बुरी तरह चोद कर भगाना चाहता था, ताकि मुझे रेखा अकेली मिल जाये।

मैं माया को बेड पर लेटा कर उसके ऊपर चढ़ गया माया के चुत की सील आज ही टूटी थी इसलिए वो थोड़ा दर्द में थी मैं बोला माया दर्द होगा तुम्हे माया बोली नहीं बाबू तुम करो दर्द में भी मजा है और ऐसा मौका बार बार नहीं आएगा। मैं माया की चुत में लंड पूरी ताकत से एक बार धक्का मार के घुसा दिया माया चिल्ला उठी आउच ओह्ह्ह माँ मर गयी मैं बहार निकालो। मैंने चुत में लंड गीली किये बिना ही एक झटके में पेल दिया था . आप ये स्टोरी इंडियन सेक्स कहानी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है। जिससे माया को बहोत दर्द हुआ मैं थोड़ा देर रुका और रेखा मेरा लंड चूसने लगी मैं माया की चुत चाट कर गीली किया और इस बार धीरे धीरे चोदने लगा माया पुरे जोश में थी अह्ह्ह उह्ह्हह्ह उम्मम्मम्मम ओह्ह्ह्हह्हह मैं जोर जोर से धक्के मार के चुदाई कर रहा था रेखा बैठी देख रही थी 15 मिनट लगातार मैं माया की चुदाई करता रहा माया की चुत 2 बार झाड़ चुकी थी माया मुझे लंड बाहर निकलने को बोली और साइड हो कर लेट गयी। माया के चूत से फिर खून निकल रहा था रेखा बोली माया भाभी आप जा कर आराम करो अब 4-5 दिन बाद ही चोदवाना।

मेरा प्लान बिलकुल सही निशाने पर लगा था, अब मैं और रेखा अकेले थे और पूरी रात पड़ी थी चोदने के लिए, मैं उठा और रेखा पर पागलों की तरफ टूट पड़ा और उसके सरीर के हर हिस्से को चाटने और चुसने लगा रेखा सिसकारियां लेने लगी आह्ह्ह्हह उम्मम्मम्मम्म आह आह मैं रेखा के लिप्स से लेकर उसकी गांड चूत बूब्स पेट कमर को चाट कर साफ़ कर दिया रेखा जोश से छटपटाने लगी और मुझे बेड में लेटा कर मेरा लंड चूसने लगी 5 मिनट लंड चूसने के बाद रेखा मेरे लंड पर बैठ गयी और जोर जोर से धक्के लगा कर चोदने लगी मैं रेखा को अपने ऊपर लेटा लिया और निचे से धक्के मारने लगा फच फच फच की आवाज से कमरा एक बार फिर गूंज गया। रेखा मुझे काटने लगी मेरे शरीर में फिर से नाख़ून गड़ा डाली मैं जोश से पागल हुआ जा रहा था और रेखा को कस कर पकड़ लिया और अपनी सब से तेज स्पीड से चोदने लगा फच फच फच ,,, रेखा उम्म्म्म उम्मम्मम्मम अह्ह्ह्हह ओह्ह्ह्हह्ह अह्ह्ह्ह चोदो बाबू और जोर से और जोर से मेरी जान और जोर से अहह अह्ह्ह्ह 20 मिनट मैंने रेखा को चोदा मेरा लंड पानी छोड़ दिया और रेखा पहले ही ४ बार झाड़ गयी थी हम दोनों एक दूसरे से लिपटे सोये रहे लंड और चुत का पानी बाहर निकल कर बिस्तर में जा रहा था लेकिन हम दोनों इसकी परवाह किये बिना दो जिस्म एक जान बन कर लिपटे सोये रहे अभी भी मेरा लंड रेखा की चूत में था। आप ये स्टोरी इंडियन सेक्स कहानी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है।

रात के 1 बज रहे थे हम दोनों 30-35 मिनट ऐसे ही लेटे रहे मैं रेखा को उठाया और कपडे से उसकी चूत को साफ़ किया और लंड को रेखा चूसने लगी मेरा लंड फिर से एक बार खड़ा हो गया मैं खड़ा हुआ और रेखा को गोद में उठा लिया रेखा मेरे कंधे पकड़ कर मुझ से लिपट गयी अब मैं रेखा की चुत में लंड घुसाया और खड़े खड़े चोदने लगा 5 मिनट चोदने के बाद मैं थक गया और रेखा को ऐसे उठा कर बहार डाइनिंग टेबल पर लेता दिया और खड़े हो कर चोदने की जगह बना लिया रेखा की दोनों टांगो को अपने कंधे पर रखा और चूत में लंड डाल कर चोदने लगा 4-5 मिनट बाद रेखा को उल्टा किया और उसकी गांड में लण्ड डाल कर खड़े खड़े चोदने लगा रेखा ममममममम अह्ह्ह्हह अह्ह्ह्हह्हह अह्ह्ह्ह ओह्ह्ह्हह्ह करने लगी चुदाई से फोच फोच की आवाझ बहोत आ रही थी मैं पुरे स्पीड में चोदने लगा मेरा लंड झड़ गया और रेखा की गांड में पूरा माल भर गया।

मैं रेखा को उठाया और हम दोनों कुर्सी में बैठ गए मैं जैसे पलटा मेरी दीदी गीता अपने कमरे के दरवाजे पर खड़ी सब देख रही थी और अपनी चूत खुजाते हुए बोली बाबू यहाँ चुदाई क्यों कर रहा है इतने आवाज से मेरी नींद खुल गयी। मैं बोला दीदी हम लोग मेरे कमरे में जा रहे है सॉरी आप सो जाओ। दीदी मेरे लंड को घुर घुर कर देख रही थी। मैं और रेखा मेरे कमरे में आ गए और रात में 3 बार चुदाई की सुबह 4 बजे हम दोनों थक चुके थे रेखा बोली चलो जान अब सो जाते है है मैं बोला रुको मैं आता हूँ।

मैं ऐसे ही नंगा दीदी के कमरे में गया और सिंदूर की डिब्बी निकाल कर ले आया। रेखा बोली ये क्या कर रहा है तू ? मैं बोला तुमको अपनी बीवी बना रहा हूँ रेखा बोली लेकिन तुम्हारे घर वाले ? मैं बोला जो होगा देखा जायेगा। मैंने रेखा की मांग में सिंदूर डाल दिया। आप ये स्टोरी इंडियन सेक्स कहानी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है। अब वो मेरी बीवी थी मैंने रेखा से वादा लिया तुम किसी को कुछ मत बोलना मैं 21 का होते ही हम दोनों कोर्ट मैरिज कर लेंगे। उस रात रेखा बहोत खुस थी मेरी भी खुसी का कोई ठिकाना नहीं था। हम दोनों पति पत्नी थे और नंगे एक दूसरे से लिपटे सोये हुए थे। दूसरे दिन मैं दीदी की जेठानी माया को चोदने से मना कर दिया। रेखा हर रात मेरे कमरे में आती और हम लोग चुदाई करते।

कुछ दिनों बाद मैं वापस अपने घर आ गया अब रेखा की याद में रात गुजार रहा हूँ, मैं 21 साल का होते ही कही कोई जॉब कर लूँगा और फिर माया से शादी । घर वाले माने या न माने ये उनकी मर्जी है। मुझे मेरा सच्चा प्यार मिल गया है अब उसके बिना कुछ भी अच्छा नहीं लगता।
दोस्तों ये थी मेरे प्यार की सच्ची कहानी, मेरी कहानी कैसी लगी sexbook में जा कर जरूर लिखें।
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