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दीदी के साथ पहली चुदाई की गर्म कहानी

sex story मेरा नाम जय सिंह है। (यू पी) का रहने वाला हूँ। indiansexkahani.com दोस्तों जब मैं 16 साल का था मुझे सेक्स के बारे में पता चला चुका था। 18 साल तक आते आते मैं मुठ मारने लगा। मेरे दोस्तों ने मुझे इसके बारे में बताया था। धीरे धीरे मैं ब्लू फिल्म देखने लगा और धीरे धीरे मैं सेक्स की कहानी वाली किताबे पढ़ने लगा। धीरे धीरे मुझे मुठ मारने की लत लग गयी थी। मैं रोज रात में कर दिया करता था। बाद में मुझे पछतावा भी होता था की आखिर मैंने ये काम क्यों किया। इससे बात से परेशान होकर मैं डॉक्टर के पास भी गया। उनको बताया की मैं रोज ही मुठ मार देता हूँ। मेरी बात सुनकर डॉक्टर हँसे लगा और कहने लगा की इसमें कोई बुराई नही है। रात में पेंट में नाईट फाल हो जाए इससे अच्छा है की खुद ही माल गिरा दिया करो। दोस्तों डॉक्टर ने मुझे बताया की सभी 18 साल के लड़के ऐसा करते है। इसमें कोई बुराई नही है। धीरे धीरे मैं नार्मल हो गया था।
मेरी सुलेखा दीदी मुझसे 3 साल बड़ी थी। मैं 18 साल का था वो 21 साल की थी। धीरे धीरे अब मेरा दीदी को चोदने का दिल कर रहा था। सुखेला दीदी बड़ी हॉट लड़की थी। उसके बूब्स 34” के थे बहुत ही मस्त मस्त। दीदी का फिगर 34 26 30 का था। इससे आप अंदाजा लगा सकते है की दीदी कितनी हॉट सामान थी। मेरी दीदी को कालोनी के कई लड़के चोद चुके थे। उसके दूध मुंह में लेकर पी चुके थे। धीरे धीरे सुलेखा दीदी को रोज लंड खाने की बुरी आदत हो गयी थी।
एक दिन मेरे पापा ने दीदी को कालोनी के सबसे आवारा लकड़े के साथ चुदाई करते हुए पकड़ लिया। दीदी के बाल पकड़कर खूब मारा। वो लड़का तो भाग निकला। मेरे घर में इस बात को लेकर काफी बवाल हुआ था। अब मुझे मालूम हुआ की असली बात क्या थी। दीदी उस लड़के से साथ चुदाई कर रही थी और पापा ने पकड़ लिया। धीरे धीरे अब मेरा दिल अपनी दीदी के चोदने का कर रहा था। जब दीदी बाथरूम में नहाने जाती मैं छुपकर बाथरूम के दरवाजे में बने छेद से देखता। मुझे बहुत मजा मिलता। सुलेखा दीदी का जिस्म तो बहुत ही सेक्सी और मालदार था। इतनी मस्त मस्त नशीली चूचियां मैंने कभी नही देखी थी। कुछ दिनों बाद मेरे पापा के बड़े भाई जिनको हम लोग ताऊ जी कहकर बुलाते थे उनको अचानक हार्ट अटैक पड़ गया। मम्मी और पापा ताऊ जी को देखने कानपुर चले गये। ये कहानी आप इंडियन सेक्स कहानी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है।
“जय बेटा!! अपनी दीदी का ख्याल रखना। रात में उसे कहीं जाने मत देना” मेरी मम्मी ने मुझसे कहा
“ठीक है मम्मी” मैंने कहा
पापा और मम्मी चले गये। शाम हुई, फिर रात हो गयी। रात को मैं और सुलेखा दीदी खाना खाकर सो रहे थे। जब 12 बजा तो अचानक दीदी ने एक बुरा सपना देखा। शायद कोई भूत प्रेत वाला सपना देखा था। वो मेरे कमरे में आ गयी।
“जय!! मुझे अकेले सोने में बड़ा डर लग रहा है। तुम्हारे साथ सो जाऊं???” दीदी बोली
“सो जाओ दीदी!” मैंने कहा
उस समय दीदी ने एक मस्त लाल रग की नाइटी पहनी हुई थी। वो मेरे ही पास आकर लेट गयी। अब तो मेरा दीदी को चोदने का बड़ा दिल कर रहा था। धीरे धीरे मै उनसे चिपक गया और धीरे धीरे मैंने दूध दबाना शुरू कर दिया। दोस्तों बड़े मुलायम दूध थे मेरी दीदी के। मैंने उनकी नाईटी में गले की तरफ से हाथ अंदर डाल दिया और दूध को हाथो से मसलने लगा। दीदी ने कुछ नही कहा। मैंने आधे घंटे तक दीदी के बूब्स का मर्दन किया। जी भरकर दबा लिया। फिर मेरे अंदर का हैवान जाग गया। मैंने दीदी के दोनों हाथ पकड़ लिए और होठो पर किस करने लगा।

सुलेखा दीदी जाग गयी और मेरे लब चूसने लगी। धीरे धीरे हम दोनों भाई बहन मुंह चला चला कर एक दुसरे के लब चूसने लगे। धीरे धीरे हम दोनों गरमा गये। मैंने चादर फेक दी।
“दीदी नाईटी उतारो!!” मैंने कहा
दीदी भी चुदने के मूड में थी। वो बैठ गयी। दोनों हाथ उपर किये और अपनी नाईटी उतार दी। मैंने अपना लोअर और टी शर्ट उतार दिया। अपना अंडरवियर मैंने उतार दिया। फिर दीदी ने अपनी ब्रा के हुक खोलकर अपने बड़े बड़े कबूतरों को आजाद कर दिया। लगे हाथों अपनी पेंटी भी उन्होंने उतार दी। मैंने दीदी के उपर लेट गया। मैंने उनके जिस्म को हर जगह छू रहा था। वो बड़ी सेक्सी माल थी। मैने अपनी सगी दीदी के दूध पर हाथ घुमाना शुरू कर दिया। वो “..अहहह्ह्ह्हह स्सीईईईइ….अअअअअ….आहा …हा हा हा” करने लगी। धीरे धीरे मैंने उनके आम को हाथो से दबाना शुरू कर दिया। दीदी कसकने लगी। उनको मजा आ रहा था। दोस्तों दीदी के दूध की मैं क्या तारीफ़ करूं। इतनी खूबसूरत और तनी हुई चूचियां मैंने आजतक नही देखी थी। मैं हैरान होकर दीदी के मम्मे का दर्शन कर रहा था। हाथ से जोर जोर से दबा रहा था।
“भाई!! दबाओ….और दबाओ मजा आ रहा है अहह्ह्ह्हह उहह्ह्ह्हह….. उ उ उ— इस तरह से दीदी सिसकियाँ भर रही थी। मैं और तेज तेज उनके कबूतर दबा रहा था। धीरे धीरे मैंने मुंह में लेकर चुसना शुरू कर दिया। दीदी की रसीली चूचियां कुदरत का अनूठा तोहफा थी। इतनी सेक्सी चूचियां मैंने कभी नही देखी थी। मैं तेज तेज दबा रहा था। मुंह में लेकर जल्दी जल्दी चूस रहा था। मुझे बड़ा मजा मिल रहा था। दीदी को भी काफी सेक्सी फील हो रहा था। कुछ देर बाद दीदी का बदन बहुत जादा गर्म हो गया जैसे उनको बुखार आ गया हो।
“दीदी तुमको बुखार है क्या???” मैंने पूछा
“नही भाई!! जब कोई लड़की चुदाती है तो उससे पहले उसका जिस्म जलने लग जाता है” दीदी ने कहा
धीरे धीरे मै मन करके उसके कबूतर मुंह में लेकर चूस लिए। दीदी अब पूरी तरह से गर्म हो गयी थी। अब चुदने के फुल मूड में थी। उनकी चूचियां सफ़ेद थी पर निपल्स गुलाबी रंग की थी जो अब खड़ी हो गयी थी। निपल्स के चारो तरह गोल गोल काले काले छल्ले थे जो बेहद सेक्सी दिख रहे थे। मैं तो चूसता ही रहा था। मेरा सेक्सी अहसास पाकर दीदी अपनी चूत में खुद ही ऊँगली करने लगी। धीरे धीरे उनकी ऊँगली पूरी की पूरी चूत में अंदर चली गयी। दीदी जल्दी जल्दी अपनी चूत को खुद ही जल्दी जल्दी फेट रही थी। “……अई…अई….अई……अई….इसस्स्स्स्स्स्स्स्…….उहह्ह्ह्ह…..ओह्ह्ह्हह्ह….” की सेक्सी आवाजे दीदी निकाल रही थी।
वो बार बार किसी छिनाल की तरह अपना मुंह खोल देती थी। उनको बड़ा सेक्सी महसूस हो रहा था। गर्म गर्म सांसे दीदी निकाल रही थी।

“भाई!! तुम लेट जाओ। अगर मैं तुम्हारा लंड नही चूसूंगी तो मर जाउंगी” सुलेखा दीदी बोली
उन्होंने मुझे बिस्तर पर लिटा दिया। दीदी ने जल्दी से कूदकर मेरे लंड को पकड़ लिया और जल्दी जल्दी उपर नीचे करके फेटने लगी। दोस्तों आज पहली बार कोई लड़की मेरा लंड फेट रही थी। इससे पहले तो मैं ही अपना लंड फेटता था। धीरे धीरे मुझे बड़ा हॉट महसूस हो रहा था। दीदी लेट गयी और जल्दी से मेरे गोरे रंग के लंड को मुंह में भर लिया और जल्दी जल्दी चूसने लगी। मैं ……अ अ अ अ .अहह्ह्ह्हह उहह्ह्ह्हह….. उ उ उ…” की आवाजे निकाल रहा था। मेरा लंड 8” लम्बा था। धीरे धीरे दीदी ने पूरा 8” अंदर मुंह में भर लिया और ऐसी चूस रही थी जैसे कोई रंडी चुस्ती है। ये कहानी आप इंडियन सेक्स कहानी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है।
मुझे बड़ा कामुक अहसास हो रहा था। लग रहा था की माल अभी छूट जाएंगा। पर ऐसा हुआ नही। दीदी जल्दी जल्दी चुस्ती चली गयी। मैं आज जिन्दगी के मजे लुट रहा था। इस वक़्त रात के 1 बजे हुए थे। हम भाई बहन चुदाई करने वाले थे। दीदी के सेक्सी होठ मेरे लंड पर बड़ी तीव्रता से जल्दी जल्दी उपर नीचे दौड़ रहे थे। बड़ा सुखद अहसास था वो। कैसे आप लोगो को शब्दों में बयाँ करूं। बड़ा मीठा मीठा लग रहा था। दीदी अपने हाथ से जल्दी जल्दी मेरा लंड फेट रही थी। 15 मिनट बाद तो मेरा लंड पत्थर ले लंड की तरह सख्त हो चुका था। अब मैं किसी भी चूत को चोद सकता था।

“भाई!! आओ मुझे जल्दी से चोद डालो!! देखो गहराई से चोदना” सुलेखा दीदी का अगला आदेश था
वो लेट गयी। दोनों पैर किसी रंडी की तरह खोल दिए। मैंने लेटकर उसकी बुर चाटने लगा। दीदी “अई…..अई….अई… अहह्ह्ह्हह…..सी सी सी सी….हा हा हा…” की तेज आवाजे निकाल रही थी। मैं जल्दी जल्दी जीभ लगाकर बुर चाट रहा था। मैंने उनकी चूत को ऊँगली से खोलकर देखा तो दीदी की चूत किसी रांड की तरह फटी हुई थी। दीदी को कई लड़कों ने चोदा था इसी वजह से उसकी चूत फट चुकी थी। चूत का चुंकदर बन चुका था। ऐसा लग रहा था की 2 -2 मोटे लंड एक साथ उनकी चूत में घूसे हो। यही लग रहा था। मैं जल्दी जल्दी चूत पीने लगा। कुछ ही देर में दीदी की चूत गीली हो गयी।
मैं ये देखकर और जादा खुश हो गया और जल्दी जल्दी चूत को चाटने लगा। धीरे धीरे दीदी का गुलाबी भोसड़ा अपना मक्खन छोड़ने लगा। मैं तो चूसता ही चला गया। 10 मिनट तक मैंने दीदी के चूत के दाने को पी रहा था। दोस्तों दीदी की चूत का दाना बहुत सुंदर था। मैं बार बार जीभ लगाकर चाट रहा था। बड़ा मजा मिला मुझे। अंत में मैंने अपना 8” लम्बा लंड दीदी की चूत पर रख दिया और हल्का सा धक्का मारा। लंड अंदर चला गया। मैंने अब सुलेखा दीदी को चोदना शुरू कर दिया।
“आऊ…..आऊ….हमममम अहह्ह्ह्हह…सी सी सी सी..हा हा हा..” की सेक्सी आवाजे वो निकालने लगी। उनकी हालत बड़ी सेक्सी लग रही थी। मैंने अपनी रफ्तार बढ़ाना शुरू कर दी। कुछ ही देर में मेरे लंड की दोस्तों दीदी की चूत से हो गयी। वो मजे से चुदने लगी। मेरा लंड आराम से दीदी की चिकनी चूत में सरक रहा था। दौड़ रहा था।

दीदी गर्म गर्म सांसे छोड़ रही थी। मेरे मुंह तक दीदी की सांसों की हवा आ रही थी। हम भाई बहन गरमा गर्म सम्भोग का मजा उठा रहे थे। आज से पहले दीदी कालोनी के लड़कों से चुदाती थी। आज मुझसे चुदा रही थी। मैं सोच रहा था की अगर आज दीदी मेरी चुदाई से संतुस्ट हो जाए तो वो मुझसे ही सेट हो जाएंगी। फिर किसी बाहरी मर्द से नही चुदाएंगी। मैंने दीदी की फुद्दी को जमकर रगड़ा फिर अपना माल छोड़ दिया। कहानी आपको कैसे लगी.DMCA.com Protection Status

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