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दीदी की चूत देखने के बाद मैं खुद को रोक ना सका और दीदी की जमकर चुदाई की

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हेल्लो दोस्तों मेरा नाम समीर है और मैं मुंबई का रहने वाला हूँ। मेरी उम्र 19 और मैंने देखने में बहुत स्मार्ट हूँ। sex stories मेरे घर में मैं और मेरी बड़ी बहन प्रिया और मम्मी पापा रहते थे। मेरी बड़ी बहन देखने में बहुत सुंदर थी। मेरे मामी और पापा दोनों लोग ही नौकरी करते थे। दोस्तों मुझे बचपन से ही सेक्स स्टोरी पढने का शौक था और मैं इंडियन सेक्स कहानी डॉट कॉम का बहुत सालो से नियमित पाठक रहा हूँ। मुझे इस पर रिस्तो में चुदाई की कहानियां बहुत पसंद थी। जब मैं पढना चाहता तो मैं केवल रिश्ते वाली कहानियां ही पढता था। और उसके भाई और बहन की चुदाई की कहानी तो मुझे बहुत ही मस्त लगती थी। मैंने बहुत दिनों तक भाई और बहन के चुदाई की कहानी पढने के कारण मेरे मन में भी था की मैं भी अपनी बहन की चुदाई करूँ लेकिन मुझे डर लगता था की कहीं पापा को पता चल गया तो मेरे खूब पिटाई होगी लेकिन मेरे चाचा की एक लड़की थी वो भी बहुत हॉट थी दिखने में। मैं और वो दोनों साथ में ही पढ़ते थे और जिससे मैं उसके बहुत करीब आ गया था। एक दिन तो मैंने अपने हाथ को उसके जांघ पर रख दिया और बातें करते हुए अपने हाथ से उसके जांघ को सहलाने लगा और फिर कुछ देर बाद वो जोश में आ गई और मुझे लिपट कर मुझे किस करने लगे और मैंने उसी दिन उसकी चुदाई की जोकी मेरे जिन्दगी की पहली चुदाई थी। उसके बाद मैंने उसको कई बार चोदा। कुछ दिन उसकी चुदाई करने के बाद मैं उसकी चूत से बोर हो गया और किसी दुसरो चूत के तलाश में थे लेकिन उसके बाद मुझे कोई नई चूत चोदने को नहीं मिली।

कुछ दिन पहले की बात है मम्मी और पापा एक हफ्ते के लिए बाहर अपने ऑफिस के काम से गए हुए। उस वक़्त मैं और दीदी दोनों अकेले ही घर में रहते थे। मैं  बहन की चुदाई की कहानी पढ़ रहा था मेरा मन कर रहा था की मैं अपनी दीदी को ही चोद डालूं लेकिन मुझे डर लग रहा था। जिस दिन मम्मी और पापा दोनों चले गए उस रात मुझे नीद नही आ रही थी, मम्मी ने जाने से पहले कहा था दोनों लोग साथ में लेटना और डरना मत। मुझे उस रात नीद नही आ रही थी और दीदी कुछ ही देर में सो गई। मुझे नीद नही आ रही तो मैंने अपने फोन में इंडियन सेक्स कहानी डॉट कॉम खोला और भाई और बहन की चुदाई की कहानी पढने लगा। कुछ देर में मेरा लंड खड़ा हो गया और मरी नजर दीदी की चुचियो की तरफ जाने लगी क्योकि उनकी चूची नाइटी के थोडा सा ऊपर निकली हुई थी। कुछ देर देखने के बद अपने आप को रोक नही पाया और मैंने अपने फोन को बंद कर दिया और दीदी के बगल में लेते हुए अपनी आंखे बंद किये हुए अपने हाथ को धीरे से दीदी के मम्मो के ऊपर रख दिया और जब मैंने अपने हाथ को दीदी के चूची पर रखा तो मेरी धड़कन बहुत तेज हो गई थी। पहले कुछ देर मैंने कुछ नही किया और फिर कुछ देर बाद मैंने अपने हाथ से दीदी के मम्मो को धीरे धीरे दबाने लगा। कुछ देर बाद मैंने अपने हाथ की दीदी के नाइटी के अंदर डाल दिया और उनके मुलायम और कमसिन चूची को दबाने लगा। कुछ देर उनकी चूची दबाने के बाद दीदी ने अपनी करवट बदल दी और दूसरी तरफ मुह कर लिया. लंड बिलकुल खड़ा था मैं बहुत ही कमीना था मैं अपने लंड को दीदी के गांड में लगाने लगा जिससे मुझे बहुत मज़ा आ रहा था। कुछ देर बाद मैं अपने को रोक नहीं पाया और फिर मैं बाथरूम में जेक मुठ मार के चला आया और फिर से दीदी के साथ में लेट गया और मैं सो गया। इंडियन सेक्स कहानी डॉट कॉम

सुबह हुई मैंने नाश्ता किया और फिर दीदी की चुदाई की कल्पना करने लगा। मेरा लंड फिर से खड़ा हो गया, कुछ देर बाद दीदी मेरे पास आई और उन्होंने मुझसे कहा – “मैं नहाने जा रही हूँ कहीं जाना मत”। मैंने कहा – ठीक है जाओ। मेरी नजर अचानक से दीदी के ऊपर पड़ी तो मेरे लंड को देख रही थी जो जोकि खड़ा था मैंने जल्दी से अपने लंड की किसी तरह से दबा लिया। और फिर दीदी वहां से चली गई। मेरे दिमाग में आईडिया आया क्यों न मैं दीदी को नहाते हुए देखूं। लेकिन उनको देखने का कोई चांस नही था क्योकि बाथरूम में देखने के लिए कोई जगह नही थी। लेकीन बाथरूम के बगल में टॉयलेट था मैं उसी में घुस गया और फिर अपने फोन से चुपके से दीदी को नहाते हुए  देखने लगा। मैंने देखा दीदी अपने कपड़े निकाल रही थी और कुछ देर बाद वो नंगी हो गई उनकी चूची बहुत ही गोरी थी और उनकी चूत बिलकुल साफ़ थी। मैंने देखा वो अपने मम्मो को दबाते हुए अपने चूत में उंगली करने लगी और फिर नहा कर चली आई। जब मैंने उनकी चूत देखि तो मैं अपने आप को रोक नहीं पाया और मैं दीदी के पास किचन में चला गया जहाँ दीदी खाना बना रहो थी। उन्होंने हाफ लोवर और टी शर्ट पहना था। मैं उनके पास गया और उनको पीछे से पकड लिया और अपने हाथ से उनके मम्मो को दबाने लगा। दीदी ने मेरा विरोध करते हुए कहा – “समीर ये क्या कर रहे हो तुम???

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मैंने उनसे कहा – “दीदी जब से मैंने आप को नहाते हुए देखा है तब से मैं आप को चोदना चाहता हूँ और मैं आप को चोद कर ही रहूँगा”। उन्होंने गैस बंद कर दिया और मेरे हाथ को छुड़ाया, मुझे लगा वो मुझसे चुदने वाली नही है लेकिन जब उन्होंने मुझे अपने बाहों में जकड़ लिया और मुझे किस करने लगी तो मैं समझ गया आज मुझे दीदी की चूत को चोदने को मिल जायेगा। दीदी के होठ बहुत ही पतले थे जो चुमते हुए पीने में बहुत मज़ा आ रहा था। मैंने दीदी को गोदी में उठा लिया और फिर उनको किस करने लगा। मैं किस करते हुए उनको बेडरूम तक ले गया और फिर मैंने उनको बेड पर बिठा दिया और फिर मैंने भी उनके होठ को पीने लगा। मैंने दीदी के मम्मो को पकड कर दबाने लगा और उनके होठ को चुमते हुए पीने लगा। इंडियन सेक्स कहानी डॉट कॉम
कुछ देर बाद दीदी और भी जोश में आ गई और फिर वो मेरे होठ के निचले होठ को अपने मुह के अंदर ले कर चूसने लगी। और मै भी उनके निचले होठ को पीने लगा। मैंने उनके निचने होठ को अपने दांतों से खीचते हुए पी रहा था जिससे दीदी बहुत ही मदहोश हो गई और मुझसे और भी चिपकते हुए मेरे होठ को जोश में पिने लगी।
बहुत देर तक उनके होठ को पीने के बाद मैंने उनको किस करना बंद कर दिया और फिर अपने हाथो से उनके टी शर्ट को को निकाल दिया और जब मैंने टी शर्ट निकला तो उनकी गोरी गोरी चूचियां काले रंग के ब्रा में बंधी हुई बहुत ही अच्छी लग रही थी। मैंने उनके मम्मो को सहलाते हुए उनके ब्रा को खीचने लगा और फिर उनके ब्रा को भी निकाल दिया। और फिर मैंने अपने हाथ को उनके चुचियों के चारो तरफ गोल गोल करने लगा और फिर मैंने उनके चूची को अपने हाथो में लेते हुए दबाने लगा और साथ में पीने भी लगा। दीदी की चूची बहुत ही मुलायम। चिकनी और बहुत ही गोरी थी जिसको दबाने और पीने में बहुत मज़ा आ रहा था। कुछ देर बाद मैं अपने जीभ से उनके निप्पल के चारो तरफ गोल गोल करते हुए उनके चूची के निप्प्प्ल को मुह में लेकर पीते हुए मैं उनको काटने लगा और जोर जोर से उनके मम्मो को भी दबाने लगा।

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बहुत देर तक उनके मम्मो को पीने के बाद मैंने अपने कपडे निकाल दिए और फिर दीदी के हाफ लोवर को भी निकाल दिया। दीदी केवल पैंटी में बहुत ही हॉट लग रही थी। मैंने अपने उनकी पैंटी भी निकाल दी। फिर दीदी ने खुद ही मेरे लंड को सहलाते हुए निकला और फिर सहलाते हुए अपने मुह में ले लिया और चूसने लगे। दीदी मेरे लंड को चूसते हुए अपने एक हाथ से मेरे दोनो गोलियों को भी सहला रही थी जिससे मुझे बहुत मज़ा आ था। पहले कुछ देर दीदी ने मेरे लंड को चूसा और फिर मैंने अपने लंड को उनके मुह से निकाल दिया और उनको बेड पर लिटा दिया और फिर मैंने उनके जन्घो को को सहलाते और चुमते हुए मैंने उनके चूत के पास पहुंचा और उनकी चूत को सहलाते हुए अपने मुह को उनकी चूत में लगा कर उनकी चूत को पीने लगा और उनकी चूत को जोर जोर से खीचने लगा। जिससे दीदी बहुत ही कामुक होने लगी और अपने बदन को ऐंठने लगी। मैंने उनके चूत में अपने जीभ को डाल कर कुत्ते की तरह जल्दी जल्दी चाटता तो दीदी को बहुत मज़ा आता था।

दीदी के चूत को कुछ देर तक चटने के बाद मैंने अपने उनके चूत को चाटना बंद कर दिया और फिर मैंने अपने लंड को दीदी के चूत पर रख दिया और दीदी के चूत पर पटकने लगा जिससे दीदी अपने चूत को सहलने लगी। और मेरे लंड को पकड कर अपने चूत में बड़े जोश से लगाने लगी। मैं भी बहुत जोश में था मैंने भी अपने लंड को दीदी की चूत में लगा कर जल्दी जल्दी से उनकी चूत में डालने लगा। मेरा मोटे लंड से दीदी की धीरे धीरे चीख निकलने लगी। मैंने दीदी की चूत को चोदने लगा था। पहले कुछ देर तो दीदी को भी मज़ा आ रहा था लेकिन फिर मैं अपने लंड को दीदी के चूत में हच्च हच्च करके डालने लगा तो दीदी अपने चूत को मसलने लगी और फिर कुछ ही देर में दीदी की चूत में अपने लंड को मशीन की तरह से हच्च हच्च हच्च करके डालने लगा। मैंने अपने लंड को जोर से दीदी के चूत में डालता तो दीदी 2 इंच पीछे की ओर खिसक जाती और जब मैं अपने लंड को बाहर निकालता तो वो आगे आ जाती। बहुत देर तक यही सिलसिला चलता रहा। इंडियन सेक्स कहानी डॉट कॉम
कुछ देर बाद मैंने दीदी को चोदना बंद कर दिया और फिर मैं नीचे लेट गया और दीदी को ऊपर बिठा लिया और फिर अपने लंड को उनके चूत में डाल कर फिर से उनकी चुदाई करने लगा। पहले कुछ देर दीदी खुद ही ऊपर नीचे हो रही थी लेकीन कुछ देर बाद मैंने उनके कमर को पकड लिया और जल्दी जल्दी ऊपर नीचे करने लगा जिससे मेरा पूरा लंड दीदी के चूत के अंदर चला जाता। कुछ देर ऐसा करना पर दीदी दर्द से अपने मम्मो को दबाते हुए… बड़े दर्द से….. “….मम्मी..,..मम्मी….सी सी सी सी….. हा हा हा …….ऊऊऊ ….ऊँ….ऊँ….ऊँ….उनहूँ उनहू……ऊँ….ऊँ……ऊँ अहह्ह्ह्हह सी सी सी सी….. हा हा हा… ओ हो हो ईईईईईईई….ओह्ह्ह्हह्ह…. ओह्ह्ह्हह्ह…..चोदोदोदो…….मुझे और कसकर चोदोदो दो दो दो……… करके चीखने लगी। उनकी बात सुनकर मैं उनकी और भी तेजी से चुदाई करने लगा और कुछ देर बाद मैंने अपने लंड को उनकी उनकी चूत से बाहर निकाल लिया और फिर मुठ मरने लगा।

दीदी की उस दिन चुदाई करने के बाद जब तक मम्मी और पापा नही आये मैंने दीदी को खूब चोदा। कभी कभी तो एक दिन कई बार उनकी चुदाई करता था। मम्मी पापा के आने के बाद भी जब भी मेरा मन करता मैं दीदी के कमरे में चला जाता था और उनकी खूब चुदाई करता था। मैंने दीदी को इतना चोदा था कि उनकी चूत पूरी तरह से फ़ैल गई थी।

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