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दिवाली की रात चुदक्कड परिवार की सामूहिक चुदाई का खेल

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Sex Stories हेलो दोस्तों.. मेरा नाम रूपा तिवारी है। दिल्ली, रोहिणी में सेक्टर 5 में रहती हूँ। मेरे घर में सब लोग साथ रहते है। घर में मम्मी, डैडी, दादा, दादी, और मेरे दो भाई नकुल और बिकुल है। मेरी उम्र अभी 25 साल की है। मैं दिखने में जवान और मस्त हूँ। मुझे चुदाई और सेक्स करना बहुत पसंद है। मैं अभी तक 4 लड़को से चुदवा चुकी हूँ। मेरी पूरी फेमिली भी बहुत खुले मिजाज की है। पिछली दिवाली की रात की घटना आपको सूना रही हूँ। घर में त्यौहार का माहोल था। सुबह सुबह ही डैडी ने सबसे कह दिया की आज रात में भंडारा होगा। यानी सामुहिक चुदाई पर हम लोग इसे भंडारा कहकर ही बुलाते है। उनकी बात सुनते ही मेरी मम्मी, मैं, दोनों भाई और दादा दादी मुस्कुरा दिए। आज रात जमकर चुदाई होने वाली थी। सब लोग रात का बेसब्री से इंतजार करने लगे। रात होने पर घर के सभी लोग अच्छी तरह से सज गये और नये नये कपड़े पहनकर बाहर आ गये। फिर सबने खूब पटाखे फोड़े । उसके बाद सबने नॉन वेज खाना खाया। बड़ा आनन्द हुआ।  आप यह स्टोरी इंडियन सेक्स कहानी डॉट कॉम वेबसाइट पर पढ़ रहे है। 
“आज तो दीपावली की रात है। तीन पत्ती का खेल होना चाहिए। और हारने वाला हर बार अपने कपड़े उतारेगा। जीतने वाला उससे कुछ भी करवा सकता है” नकुल भैया बोले
“हाँ!! ये तो मस्त आइडिया है” बिकुल भैया बोले
“ठीक है जब सब नंगे हो जाएगे तब सामूहिक चुदाई की रस्म शुरू होगी” मेरे ठरकी मिजाज डैडी बोले। दोस्तों मेरे डैडी का लंड सबसे लम्बा 8” लम्बा और 3” मोटा। डैडी मुझे और मम्मी को एक साथ नंगा लिटाकर कई बात चोद चुके थे।

मेरे दोनों भाई भी मुझे कई बार चोद चुके थे। इसके अलावा मेरे दादा मेरी मम्मी की चूत नियमित रूप से चोदते थे। हमारा पूरा परिवार ही बहुत सेक्सी था। हम लोग बाहर से हिन्दुस्तानी पर अंदर से अमेरिकी संस्कृति को फालो करते थे। फिर हम लोग हाल में एक साथ फर्श पर बड़ा सा गद्दा बिछाकर बैठ गये। सब मुस्कुरा रहे थे।
“जाओ बेटा!! सबके लिए पेग बना लाओ” डैडी ने नकुल और बिकुल भैया से कहा
सबके लिए पेग बनकर आ गया। मेरे घर में सब लोग शराब पीते थे। डैडी, दोनों भैया, और दादा जी सोडे के साथ शराब पीते थे। जबकि मैं, दादी और मम्मी कोल्ड्रिंक में मिलाकर लगाते थे। हम लोग पीते पीते ताश खेलने लगे। सबको मजा आने लगा।
“बच्चो!! जो हारेगा उसे अपना एक कपड़ा उतारना होगा। आज पैसे से कोई नही खेलेगा। समझ लो की आपके कपड़े ही आपका पैसा है। उसके बाद सब मिलकर सामूहिक चुदाई करेंगे” दादा जी बोले
सब ये बात सुनकर खुश हो गये। खेल शुरू हो गया। मेरे डैडी ताश के महान खिलाडी थे। वो पत्ते पीसने लगे। मैं, मम्मी और दादी एक साथ बैठी हुई थी। मुझे पता था की हम तीनो की चूत आज कसके चुदने वाली है। कोई बाहर वाला हम माँ, बेटी और दादी को चोदे इससे अच्छा है की मजा घर वाला ही उठाये। आज डैडी, दादा जी और दोनों भाई हम तीनो को चोद चोदकर भर्ता करने वाले थे। मैं जानती थी। मेरी दादी अब काफी बुड्ढी हो गयी थी। 70 साल की उम्र थी उसकी पर आज भी लंड की प्यासी रहती थी। मेरी मम्मी 40 साल की थी और देखकर लगता था की अभी 30 साल की नई नई औरत है। मम्मी को चुदने में विशेष आनंद आता है। उनको मर्दों के लौड़े चूस चूसकर चुदना बहुत अच्छा लगता था।

मुझे भी ये करना बहुत पसंद था। आज दीपावली के बहाने मुझे भी सेक्स करने का मौका मिल रहा था। पहली बाजी में मेरी मम्मी हार गयी। अब उनको एक कपड़ा उतारना था।
“बहू!! अब तुमको साड़ी उतारनी होगी” दादा जी हंसकर बोले तो हम सब भी हंसने लगी
मेरी मम्मी खड़ी हो गयी और अपनी गुलाबी रंग की साड़ी गोल गोल करके खोलने लगी। बाकी लोग ताली बजाने लगे। अब मम्मी ब्लाउस और पेटीकोट में थी। स्लीवलेस ब्लाउस में उसकी दोनों बाहे गोरी गोरी दूधियाँ दिख रही थी। दादा जी का मम्मी को चोदने का बड़ा दिल था। वो तो अपनी जीभ निकालकर ललचाने लगे। मम्मी ने पीछे पीठे खुला वाला डोरी वाला ब्लाउस पहना था। मेरे दोनों भाई भी आज मम्मी को चोदने के मूड में थे। फिर से डैडी पत्ती फेटने लगे। इस बार नकुल भैया हार गये। उन्होंने अपनी टी शर्ट और जींस उतार दी। इस तरह से हर कोई बारी बारी से हारता चला गया। 2 घंटे के खेल में घर के सब लोग नंगे हो गये थे। डैडी किचेन में गये और व्हिस्की की 2 बोतल और ले आए। सभी मर्दों से 2- 2 पेग नीट व्हिस्की पी। सब नशे में आ गये।
इधर मैं भी पूरी तरह से नंगी हो गयी। तीन पत्ती के खेल में मैं कई बार हार गयी थी इसलिए मेरा सलवार सूट, ब्रा और पेंटी सब उतर गया था। मैं दोनों हाथों से अपनी चूत की ढँक कर बैठी थी। मेरी दादी भी पूरी तरह से नंगी हो गयी थी। उनके दूध लटके हुए थे पर चुदने का मन उनका भी था। मेरी मम्मी पूरी तरह से नंगी थी और उनकी ब्रा और पेंटी उतर गयी थी। दादा जी अगली चाल में जीत गये।  आप यह स्टोरी इंडियन सेक्स कहानी डॉट कॉम वेबसाइट पर पढ़ रहे है। 
“बहु!! अब मैं तुम्हारी चूत सबके सामने चोदूंगा” दादा जी बोले
सब लोग खुश हो गये। वही फर्श पर बिछे गद्दे पर मम्मी लेट गयी और दादा जी उनके उपर आकर लेट गये और प्यार करने लगे। वो मम्मी के होठो पर किस करने लगे। उनको बाहों में भर लिया। मेरे दादा जी 75” के उपर थे पर अभी भी उनका लंड खड़ा हो जाता था। आज भी किसी हसीन औरत को चोदने की ताकत उसके लंड में थी। दादा जी कुछ देर तक मम्मी के ओठो पर किस करते रहे। फिर दूध मुंह में लेकर चूसने लगे। मम्मी के बूब्स 36” के बड़े बड़े और फुल साइज के थे। दादा जी जल्दी जल्दी मुंह में लेकर चूसते जा रहे थे। मम्मी “..अहहह्ह्ह्हह स्सीईईईइ….अअअअअ….आहा …हा हा हा”कर रही थी। खूब चूसा उन्होंने। फिर मम्मी के दोनों पैर खोल दिए और चूत को चाटने लगे।

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“डैडी जी!! आराम आराम से। जल्दी क्या है??” मम्मी बोली तो सब लोग हंस दिए
दादा जी बड़े ठरकी स्वभाव के आदमी थे। जब मम्मी की नई नई शादी डैडी से हुई थी तो दादा जी ने उनको सुहागरात पर ही चोद दिया था। उसके बाद तो सिलसिला ही बन गया। मेरे डैडी भी कभी मना नही करते थे। जब भी दादा जी का मन करता था मम्मी को उनके कमरे में भेज देते थे। आज तो सबके सामने ही काण्ड हो रहा था। मेरी मम्मी पूरी तरह से नंगी थी और दादा जी इस वक़्त उनकी चिकनी साफ चूत को पी रहे थे। चूत के होठो को मुंह में लेकर जोर जोर से चूस लेते थे। फिर दादा का लंड 6” लम्बा और 2” मोटा हो गया। उन्होंने मम्मी की चुद्दी में लंड पकड़कर डाल दिया और जल्दी जल्दी चोदने लगे। मम्मी “……अई…अई….अई……अई….इसस्स्स्स्स्…….उहह्ह्ह्ह…..ओह्ह्ह्हह्ह….”की सेक्सी आवाज निकाल रही थी। दादा जी जल्दी जल्दी धक्के देने लगे और 5 मिनट में ही झड़ गए। फिर वो हट गये। फिर नकुल भैया मम्मी के उपर सवार हो गये। दोनों निपल्स को मुंह में लेकर जल्दी जल्दी चूसने लगी। मम्मी फिर से तैयार हो गयी। कुछ देर बाद नकुल भैया ने अपना 7” लम्बा लौड़ा मम्मी की चूत में डाल दिया और जल्दी जल्दी चोदने लगे।  आप यह स्टोरी इंडियन सेक्स कहानी डॉट कॉम वेबसाइट पर पढ़ रहे है। 
“शाबाश बेटा!!” डैडी दूसरी तरफ से बोले और एक शेम्पेन की बोतल उन्होंने खोल दी। मम्मी की हिलती चूचियों पर डैडी ने बोतल से ही शेम्पेम उड़ेल दी। नकुल भैया सब पी गये। फिर डैडी ने मम्मी के मुंह में 2 घूंट शेम्पेन डाली। वो जल्दी से चिल्ड शराब को गटक गयी। डैडी दूसरी तरफ चले गये। नकुल भैया मम्मी को जल्दी जल्दी ले रहे थे। फिर एक सेकंड के लिए रुक गये और लौड़ा चूत से बाहर निकाल लिया। डैडी ने चिल्ड ठंडी शेम्पेन मम्मी की चूत पर उड़ेल थी और उपर तक भर दी और जल्दी जल्दी चूत से शराब पीने लगे। कुछ देर ऐसा होता रहा। फिर नकुल भैया आ गये और मम्मी की चूत में लंड दुबारा से डाल दिया। जल्दी जल्दी चोदने लगे। मम्मी तो आज ऐश कर रही थी।

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वो “अई…..अई….अई… अहह्ह्ह्हह…..सी सी सी सी….हा हा हा…”की सेक्सी आवाजे निकाल रही थी। नकुल भैया का माल 10 मिनट बाद निकल गया। अब डैडी आ गये और मम्मी के भोसड़े के लौड़ा डाल दिया। कुछ देर बाद डैडी भी झड़ गये। फिर बिकुल भैया ने मम्मी की चूत मारी। अगली बाजी में मैं हार गयी। डैडी के पत्ते मजबूत थे। उनको इक्का, राजा और रानी मिले थे। अब चुदने का नम्बर मेरा था।
“आओ रूपा बेटी!! अब तुमको हम चारो मर्दों के लंड बारी बारी से चूसना है” डैडी बोले और उनके साथ में दादा जी, नकुल और बिकुल भैया भी एक लाइन से लेट गये। शुरुवात डैडी से हुई। क्यूंकि मैं उसके कई बार चुद चुकी थी इसलिए मैं बिना किसी शर्म के डैडी के लौड़े को जल्दी जल्दी फेटने लगी। 8” का शानदार लौड़ा था उनका। मैं मन लगाकर हाथो से जल्दी जल्दी फेटने लगी। कुछ ही मिनट में डैडी का लौड़ा लोहे जैसा सख्त हो गया। टोपा तो बहुत गुलाबी, सुंदर और शानदार दिख रहा था। फिर मैंने मुंह खोला और डैडी का लंड मुंह में ले लिया। जल्दी जल्दी चूसने लगी। वो अ अ अ अ .अहह्ह्ह्हह उहह्ह्ह्हह….. उ उ उ…” करने लगे। दोस्तों डैडी का लंड इतना मोटा था की जल्दी मेरे मुंह में ही नही घुस रहा था। खूब चूसा मैंने। गले के अंदर तक लेकर चूसा।
डैडी लेट गये और मुझे अपनी कमर पर बिठा लिया। मैंने खुद उनके लौड़े को चूत के छेद में डाल दिया। अब डैडी जी मुझे चोदने लगे। मैं भी अपनी कमर को उपर नीचे धक्के देने लगी। शानदार चुदाई होने लगी। मेरे 34” के बड़े नाजुक नाजुक दूध थे जो बहुत मासूम दिख रहे थे। डैडी मेरी चूचियों को दोनों हाथो से मसलने लगे। और नीचे से फटके मारने लगा। मैं “आऊ…..आऊ….हमममम अहह्ह्ह्हह…सी सी सी सी..हा हा हा..”कहकर चिल्ला रही थी क्यूंकि लंड सीधा चूत में जा रहा था। मैं ठीक उपर थी इसलिए बच भी नही सकती थी। कुछ देर में मेरी चूत की सेटिंग डैडी के लौड़े से हो गयी। मेरी कमर को पकड़कर वो मुझे उछाल उछालकर पेलने लगे। फिर कुछ मिनट बाद झड़ गए। अब दादा जी ने मुझे अपने लंड पर बिठा लिया और आराम आराम से करके 20 मिनट चोदा। फिर नकुल और बिकुल भैया ने मुझे सबसे सामने कुतिया बनाकर मेरी चूत और गांड के दोनों छेदों को चोद डाला। मैं आज पहली बार दीपावली को 4 मर्दों से चुदी थी। मेरी गांड में काफी दर्द हो रहा था।  आप यह स्टोरी इंडियन सेक्स कहानी डॉट कॉम वेबसाइट पर पढ़ रहे है। 
अगली चाल में दादी हार गयी। पहले दादा जी का हक बनता था। उन्होंने दादी की चूत में लंड देकर धीरे धीरे सेक्स किया। फिर डैडी और दोनों भाई ने भी सेक्स कर डाला। इस तरह से हम सब फेमिली मेमबर्स ने दीपावली पर सामूहिक चुदाई का मजा लिया और रात भर पेग पर पेग चलता रहा। सुबह 11 बजे हम लोग जगे तो देखा की सब के सब पूरी तरह से नंगे थे।  आप यह स्टोरी इंडियन सेक्स कहानी डॉट कॉम वेबसाइट पर पढ़ रहे है।  DMCA.com Protection Status

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