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दोस्त के साथ बीवियों की अदला बदली

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Hindi Sex दोस्त के साथ बीवियों की अदला बदली Stories

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हेलो दोस्तों मैं गुरु एक शादी शुदा मर्द हूँ। मेरी शादी को अभी 3 साल ही हुए है। मैं काफी हट्टा कट्टा जवान मर्द हूँ और देखने में जॉन जैसा किसी हीरो की तरह दिखता हूँ। मैं काफी हैंडसम और स्मार्ट मर्द हूँ। मुझे सेक्स करना बहुत पसंद है। रोज रात में मैं अपनी बीबी के साथ चुदाई करता हूँ मुझे लंड चुसाना बहुत पसंद है। जब तक मैं अपनी बीबी से रोज रात में लंड ना चुसवा लूँ मुझे मजा नही आता है। मेरा लंड 7” लम्बा है और काफी तगड़ा है। इससे मैं कितनी ही चूत चोद चुका हूँ। मुझे औरतों को पोज बदल बदलकर चोदने में विशेष आनंद आता है। मुझे औरतों की रसीली चूत को पीना और चाटने का भी बहुत शौक है। दोस्तों आजतक जितनी भी लड़कियाँ मैंने चोदी है सबकी बुर चाटी है फिर उनका गेम बजाया है। मैं सेक्स और चुदाई के बिना जिन्दा नही रह सकता हूँ।
मेरे घर के पास ही मेरा जिगरी दोस्त जीतू रहता था। उसकी भी शादी हो चुकी थी और जीतू की बीवी क्या झक्कास माल है। उसकी बीवी का नाम तृप्ति है और क्या मस्त पटाखा थी दोस्तों की देखने से ही दिल को चैन आ जाए। शाम को मैं रोज रात में डिनर करने के बाद जीतू के घर पहुच जाता था और हम दोनों बैठकर शराब पीते थे। जीतू मेरा बचपन का यार है। हम दोनों खुलकर सेक्स की बाते करते थे। एक दिन मैंने कुछ जादा ही पी ली थी।
“भाई जीतू!! आजकल सारे मर्द बीवियों की अदला बदली करके मजे ले रहे है। क्यों ना हम दोनों अपनी अपनी बीवियों की अदला बदली करके मजा ले??” मैंने पीते पीते शराब के नशे में कह दिया

“गुरु भाई! तू बिलकुल सही कह रहा है। मैं आज अपनी बीवी तृप्ति से इस बारे में बात करूंगा” मेरा दोस्त जीतू बोला
फिर मैं भी इस मिशन पर लग गया। रात में जब मेरी चुदासी और सेक्सी बीबी सुगंधा मुझसे बार बार लंड की फर्माइश कर रही थी तो मैंने बीवियों की अदला बदली वाली कह दी। पर मेरी खूबसूरत बीवी नाराज हो गयी। पर कुछ दिन में वो मान गयी। मुझे खुशी इस बात की थी मेरे दोस्त जीतू की बीवी भी इसके लिए रेडी हो गयी थी। अगले संडे को मैंने और सुगंधा ने शाम को खूब मल मलकर नहाया और अपने अपने गुप्तांगो की झांटे अच्छी तरह साफ़ कर ली। सुगंधा ने तो अपनी चूत को बिलकुल सफाचट कर दिया फिर साबुन से मल मलकर नहा लिया। जब वो नई लाल रंग की साडी पहनकर घर से बाहर निकली तो बिलकुल सेक्सी माल लग रही थी।
उधर मेरा दोस्त और उसकी बीवी तृप्ति भी अच्छी तरह से तैयार गयी थी। हम दोनों जब जीतू के घर पहुच गए तो तृप्ति ने हम दोनों का अच्छा स्वागत किया। रात का डिनर हम चारो से साथ में किया। फिर हम चारो की बेडरूम की तरह चले गये। मेरी चुदासी बीवी सुगंधा थोडा शर्म कर रही थी इसलिए तृप्ति ने बड़ी लाईट बंद कर दी और नाईट लैप जला दिए। फिर मेरा मजाकिया दोस्त जीतू मेरी खूबसूरत बीवी सुगंधा के पास चला गया। मैं तृप्ति के पास चला गया। आपने सामने दो बेड पड़े हुए थे। मैंने तृप्ति को लेकर एक बेड पर चला गया। मेरे सामने वाले बेड पर मेरा दोस्त जीतू मेरी सुंदर सजीली बीबी सुगंधा के पास चला गया। ये कहानी आप इंडियन सेक्स कहानी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है।
दोस्तों मैं आप लोगो से झूठ नही बोलूँगा। हम दोनों की बीवियां बहुत शरमा रही थी। पर धीरे धीरे मैंने तृप्ति को और जीतू ने सुगंधा को किस करना शुरू कर दिया। फिर हम दोनों एक दुसरे की बिवियों के दूध ब्लाउस के उपर से ही हल्का हल्का दबाने लगे। जीतू की बीवी तृप्ति बहुत कांटीला माल थी। मैंने उसे बाहों में भर लिया और उसके ब्लाउस के उपर से उसकी रसीली चूचियों दबाने लगा। तृप्ति “उ उ उ उ उ……अअअअअ आआआआ… सी सी सी सी….. ऊँ—ऊँ…ऊँ….” की आवाजे करने लगी। आज पहली बार मैं तृप्ति की चूत बजाने जा रहा था। कितने दिनों बाद आज कोई नई चूत नसीब होने वाली थी।

धीरे धीरे तृप्ति के बूब्स को दबाने से वो गर्म हो गयी और खुद ही उसने अपना ब्लाउस खोल दिया और अपनी ब्रा भी उतार दी। जीतू की सेक्सी बीवी तृप्ति बेड पर लेट गयी। मैं उसके उपर लेट गया और उसके बूब्स को हाथ में लेकर सहलाने लगा। ओह्ह गॉड!! कितनी नर्म चूचियां थी। 34” की सफ़ेद दुधिया चूचियां बड़ी सुंदर लग रही थी। मैंने हल्का हल्का दबाना शुरू कर दिया। तृप्ति को मजा आने लगा। मैं उसकी कड़ी कड़ी निपल्स को ऊँगली से ऐठने लगा। तृप्ति “ हूँउउउ हूँउउउ हूँउउउ ….ऊँ—ऊँ…ऊँ सी सी सी सी… हा हा हा.. ओ हो हो….” की कामुक आवाजे निकाल रही थी। उसे अच्छा लग रहा था। मैंने तृप्ति के बूब्स को मुंह में ले लिया और मजे से चूसने लगा। इतनी मुलायम चूचियां मैंने आजतक नही पी थी।
मैंने दूसरी तरह नजर दौडाई तो मेरे दोस्त जीतू ने मेरी बीवी के दूध जल्दी जल्दी चूस रहा था। सुगंधा तडप रही थी। सिसक रही थी। जीतू तो मेरी बीबी के साथ मजे कर रहा था। वो जल्दी जल्दी मेरी चुदासी बीबी के स्तन पी रहा था। आज पहली बार मेरी पति व्रता बीबी किसी गैर मर्द का मोटा लंड खाने जा रही थी। मुझे इस बात की खुशी थी। कितने दिनों से मैं अपनी बीबी को किसी गैर मर्द से चुदते देखना चाहता था। आज मेरी इक्षा पूरी होने वाली थी। जीतू सुगंधा की रसीली चूचियां चूस रहा था और उसकी चूत में जल्दी जल्दी ऊँगली कर रहा था। ये सब देखकर मेरा लंड खड़ा हो गया था। अब मैं फिर से तृप्ति के दूध पीने लगा। कुछ ही देर में वो गर्म हो गयी।
“तृप्ति भाभी!! आओ लंड चूसो” मैंने कहा
वो मना करने लगी। पर मैं जबरन उसके मुंह में अपना लंड दे दिया। मजबूर होकर तृप्ति को मेरा 7” का लंड चूसना पड़ा। दोस्तों फिर वो मुझसे खुल गयी और अपनी पतली पतली हाथ की उँगलियों से मेरा लंड पकड़कर फेटने लगी। मैं उ उ उ उ उ……अअअअअ आआआआ—करने लगा। तृप्ति पूरी तरह से गर्म हो गयी और जल्दी जल्दी मेरा लंड मुंह में लेकर चूसने लगी। मुझे तो दोस्तों जन्नत मिली जा रही थी। तृप्ति जल्दी जल्दी मेरे लंड को फेट रही थी और अंदर गले तक मुंह में ले लेती थी। मैं रोमांचित हो जाता था। इस तरह से खूब मजा हुआ। फिर वो मेरी गोलियां चूसने लगी। दोस्तों अब तो मैं पूरी तरह से सेक्सी फील कर रहा था। मेरा लंड अब लोहे की तरह सख्त हो चूका था। जीतू की सेक्सी बीवी अब भी बिना रुके मेरे लंड चूस रही थी। वो बार बार अपना सिर उपर नीचे करके चूस रही थी।
मैंने सोचा की लाओ देखू की जीतू मेरी खूबसूरत बीबी के साथ क्या कर रहा है। मैंने देखा की वो दोनों 69 में लेते हुए थे। जीतू सुगन्धा की सेक्सी बुर को जल्दी जल्दी चाट रहा था। किसी कुत्ते की तरह पी रहा था। और मेरी बीबी सुगंधा उसके लंड को जल्दी जल्दी चूस रही थी। अब मेरी बीबी किसी तरह की शर्म नही कर रही थी और खुलकर सेक्स का मजा ले रही थी। दोनों 69 में मजे कर रहे थे। जीतू को मेरी बीबी बहुत हॉट और सेक्सी माल लग रही थी। वो किसी आवारा कुत्ते की तरह उसकी बुर पी रहा था। फिर मैंने तृप्ति को सीधा लिटा दिया और उसके पैर खोल दिए। उसकी चूत पूरी तरह से चिकनी थी। पूरी तरह से साफ़ और चिकनी थी।
उसकी बुर वकई में बहुत खूबसूरत थी। मैं जीभ लगाकर उसकी चूत पीने लगा। उफ्फ्फ्फ़…कितनी नर्म चूत थी वो। हल्की सी नमकीन और अदरक जैसा कसैला स्वाद। मेरी जीभ किसी कुत्ते की तरह उसकी गुलाबी चूत पर नाचने लगी। मैं एक आदर्श प्रेमी साबित होना चाहता था, इसलिए उसकी चूत पीना जरूरी था। कुछ देर में मुझे फुल मजा मिलने लगा। मैं गहराई से तृप्ति का भोसड़ा पी रहा था। ये कहानी आप इंडियन सेक्स कहानी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है। उसका मूतने वाला छेद तो ठीक मेरे सामने था।

मैंने अपनी उँगलियों की मदद से उसकी चूत खोल दी और उसका चूत का दाना, मूतने वाला छेद, और योनी को मैं पीने लगा। तृप्ति मचल रही थी। हाथ पाँव पटक रही थी। उसके जिस्म में वासना और काम की आग भड़क रही थी। वो “……उई..उई..उई…. माँ….माँ….ओह्ह्ह्ह माँ…. .अहह्ह्ह्हह..” चिल्ला रही थी। मेरा सिर उसकी गोरी और गदराई जांघो को पूरी तरह से दफन हो चुका था। तृप्ति किसी जंगली बिल्ली के तरह मेरे सिर के बालों को नोच रही थी। मुझे इतनी उतेज्जना अच्छी लग रही थी। चुदाई के वक़्त ठंडी लड़कियां मुझे जरा भी पसंद नही था। मैं तेज तेज उसकी बुर पीने में मस्त था। आज मैं उसकी चूत को पूरी तरह से खा जाना चाहता था। मैं खुद को एक आदर्श प्रेमी साबित कर रहा था।
दोस्तों फिर मैंने जीतू की बीवी के पैर खोल दिए। मैंने तृप्ति की चूत में लंड लगाकर अंदर डाल दिया। फिर मैं उसकी चूत मारने लगा। चुदते वक़्त तृप्ति के दूध बिलकुल तन गये और नारियल जैसे नुकीले नुकीले हो गये। मैं उसे घप घप पेलने लगा। तृप्ति की एक एक पसली मुझे साफ साफ दिख रही थी। मैं उसको दोनों भरी भरी सफ़ेद चिकनी जांघ को पकड़ कर उसे चोद रहा था। तृप्ति की पसलियाँ और कमर उपर नीचे जा रही थी। उसकी कमर की एक एक हड्डी मुझे दिख रही थी। डर लगा रहा था की कही मेरा 7” का लंड उसकी कमर के अंदर ना घुस जाए। जैसे जैसे मैं उसे चोद रहा था, उसकी पतली सधी हुई कमर नाचने लगी। फिर मैंने सर को नीचे किया और सीधा तृप्ति की बुर में थूक दिया। इससे उसकी चूत और चिकनी हो गयी और मेरा लौड़ा सट सट उसकी बुर में फिसलने लगा। मैं जोर जोर से चूत में तेज धक्के मार रहा था। तृप्ति के चुतड मेरे धक्के से थर थरा रहे थे। फिर मैंने उसे 40 मिनट किसी रांड की तरह चोदा और माल चूत में ही छोड़ दिया।

उधर जीतू मेरी औरत के साथ सम्भोग कर रहा था। सुगंधा इस वक़्त कुतिया बनी हुई थी। मेरा दोस्त पीछे से उसकी चूत ले रहा था। वो बार बार सुगंधा के मांसल पुट्ठो पर चांटे कस कसके चिपका देता था। मेरी सेक्सी बीबी “…….उई. .उई..उई…….माँ….ओह्ह्ह्ह माँ……अहह्ह्ह्हह…” की कामुक आवाजे निकाल रही थी। जीतू उसे किसी डोगी की तरह जल्दी जल्दी चोद रहा था। लग रहा था की सुगंधा पर पीछे से कोई कुत्ता चढ़ गया है और जल्दी जल्दी उसे ले रहा है। मेरी खूबसूरत चुदासी बीबी के 36” के दूध नीचे को आम की तरह लटके हुए थे। सुगंधा “……मम्मी…मम्मी…..सी सी सी सी.. हा हा हा …..ऊऊऊ ….ऊँ. .ऊँ…ऊँ…उनहूँ उनहूँ..” बोलकर मेरे जिगरी दोस्त जीतू का मोटा लंड खा रही थी। उसे मजा आ रहा था। वो अपने हाथों और घुटनों को मोडकर कुतिया बनी हुई थी। जीतू ने मेरी बीबी को 40 मिनट किसी छिनाल रंडी की तरह चोदा फिर उसकी योनी में ही स्खलित हो गया। दोस्तों उस रात में मैंने तृप्ति को 3 बार लिया। जबकि मेरे दोस्त जीतू ने 5 बार मेरी औरत सुगंधा की बुर चोदी। फिर हम दोनों अक्सर बीवियों की अदला बदली करते रहते है। कहानी आपको कैसे लगी ?

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