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एक बच्चे की चुदासी माँ को चोदने का मौका मिला

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sexy stories दोस्तों मेर नाम किट्टू है और मैं लखनऊ से हु. आज मैं आप लोगो को एक सच्ची घटना से रूबरू करवाने जा रहा हूँ. ये बात तब की है जब मैं अपना कोलेज ख़तम कर के अपने घर वापस आया था और गवर्नमेंट जॉब की तैयारी कर रहा था. मेरे सारे दोस्त कही न कही प्राइवेट जॉब कर रहे थे और मैं अकेला रह गया था. दिनभर मैं पढता था और फिर शाम को लॉन्ग ड्राइव करता था अपनी बाइक पर.
एक दिन मैं ऐसे ही ड्राइव कर रहा था तो मुझे एक पार्क दिखा मैं वही बाइक खड़ी कर ली और अंदर टहलने के लिए चला गया. वहां पर कुछ बच्चे खेल रहे थे मैं उनके साथ मस्ती करने लगा.
और फिर मुझे वहां मजा आया इसलिए मैं अब डेली वहां आने लगा. और एक बच्चे के साथ मेरी अच्छी बन गई जिसे मैं छोटू काह के बुलाता था, वो वही नजदीक में ही एक बिल्डिंग में रहता था.
एक दिन वो लोग घूमचक्की पर खेल रहे थे और वो फिसल के गिर गया. और उसे थोड़ी चोट लगी. उसके घाव से खून निकल रहा था. मैं उसे नजदीक के क्लिनिक पर ले गया और उसकी पट्टी लार्वाई और मैंने उसे कहा की चल अब मुझे अपना घर दिखा मैं तुझे छोड़ के आता हूँ. मैंने दरवाजा नोक किया और उसकी माँ ने दरवाजा खोला. उसको देख के वो डर गई और कैसे चोट लगी वो सब पूछने लगी. मैंने उसे बताया की कैसे चोट आई थी. और उन्होंने फिर मुझे अपने घर में बुलाया. मैं अंदर गया तो वो अब थोड़ी नार्मल थी. उन्होंने मुझे मदद के लिए थेंक्स बोला और मेरे लिए पानी ले के आई.  इंडियन सेक्स कहानी डॉट कॉम
उनकी एज 35 साल के आसपास की होगी. देखने में वो एकदम मस्त लग रही थी. मैंने कहा के ये जो पास में क्लिनिक है वहां पट्टी करवा दी है और ले लो दवा, कल वापस डॉक्टर को दिखा देना. मैंने छोटू से कहा अब चुपचाप घर में रह और पढाई करना. मैंने कहा मैं चलता हूँ और परचा और दवा दे दी. परचे पर छोटू का नाम मेरा मोबाइल नम्बर लिखा हुआ था.

रोज की तरह अगले दिन मैं वैसे ही गार्डन में टहल रहा था. मैंने सोचा की चलो छोटू को देख आते है. मैं उसके घर चल दिया. घर पहुंचा बेल बजाई. उसके पापा ने दरवाज खोला. मैंने कहा छोटू कैसा है, कल उसको चोट लग गई थी. मैं इधर से निकल रहा था तो सोचा की छोटू को देख के जाऊं.
वो बोला अच्छा तो तुम हो आओ अंदर आओ. और वो मेरे को बोला थेंक्स तुमने दवा करा दी. मैंने कहा अरे कोई बात नहीं. ऐसे ही हम बातें करने लगा. पता चला की वो एक बिजनेशमेन है. और फिर कुछ देर बात करने के बाद मैंने कहा चलो मैं निकलता हूँ. फिर मैंने उसको और छोटू को बाय बोला.
उन्होंने मेरे को पूछा क्लिनिक की पर्ची पर आप का नम्बर है. मैंने कहा हां वो मेरे पास आप का नम्बर था नहीं इसलिए मैंने अपना ही नम्बर दे दिया था वहां पर. एक दो दिन के बाद छोटू गार्डन खेलने आने लगा. ऐसे ही कुछ दिन निकल गए. उसने बोला मुझे बाइक पर घर छोड़ दो. बच्चो को बाइक पर बैठने का शौक खूब होता है.
एक दिन छोटू की मम्मी आई और बोली कल इसका बर्थ डे है आप भी जरुर आना. मैंने कहा ओके मैं आ जाऊँगा. और फिर अगले दिन मैं शाम को 4 बजे के आसपास घर पहुंचा उसके. उसकी मम्मी ने बोला अच्छा हुआ आप आ गए इसके पापा आज यहाँ नहीं है इसलिए ये सब मुझे ही करना पड़ रहा है. क्या आप मेरे को ये बलून लगा दोगे? मैंने कहा ओके और मैं बलून लगाने लगा. वो नास्ता बनाने चली गई. फिर हम दोनों ने साथ में मिल के कमरे को सजाया.
फिर वो एक कुर्सी पर चढ़ कर और बलून लगाने लगी. और उतरते टाइम उसकी साड़ी फंस गई. और वो मेरे तरफ झुकने लगी. मैंने उनका हाथ पकड़ा और उन्हें संभाला. पहली बार उनकी मेरी नजर मिली वो एक स्माइल दे रही थी. इसी बिच में उनका पल्लू भी निचे गिर गया और मेरी नजर उनके डीप क्लीवेज के ऊपर पड़ी. वो जल्दी से संभल कर मेरे को थेंक्स बोली. छोटू भी वही था. फिर सजाने के बाद मेरे लिए वो एक ग्लास कोक ले के आई जिसे मैंने पी लिया.   इंडियन सेक्स कहानी डॉट कॉम
फिर केक वाले को फोन किया. उसने कहा की डिलीवरी बोल आया नहीं आज खुद ही ले के जाना पड़ेगा आप को. उन्होंने मुझे बोला क्या आप छोटू ले आओगे? मैंने कहा ओके और मैं छोटू को ले के बाइक पर केक लेने चला गया.

वापस आये तब तक देखा की वो रेडी हो चुकी थी और अब एकदम सेक्सी माल लग रही थी. मैं उसे देखता ही रह गया. मैंने केक दिया छोटू भाग के अंदर नहाने गया. मुझसे रहा नहीं गया मैंने बोला भाभी सच में आज बहुत ब्यूटीफुल लग रही हो.
उसने थेंक्स बोला और कहा सब आप की वजह से. मैं डाउट में आया और वो बोली अगर आप मदद नहीं करते तो इतना टाइम नहीं मिलता. फिर छोटू आ गया. सभी लोग आ गए. फिर केक काटा महमान आने के बाद. फिर सब चले गए और छोटू भी थक गया और सोने के लिए दुसरे कमरे में चला गया. मैं भी निकलने लगा और वो बोली और रुको खाना खा लो. मैंने कहा नहीं खाना है, थेंक्स. वो बोली अरे रुक जाओ मेरे को भी कम्पनी मिल जायेगी.
मैंने कहा ओके. फिर खाना खाने बैठे. ऐसे ही बात करने लगे पता चला की उनकी अरेंज मेरेज है, घरवालो की मर्जी से उनका मन नहीं था करने को बोली. ऐसे ही उसके पापा गायब रहते है. अकेला ही रहना पड़ता है. मैंने कहा की कोई बात नहीं सब अच्छा होगा. खाना खा के हम थोड़ी देर बैठे. मैंने कहा चलता हूँ. वो बोली ओके पर आते रहना मैंने बोला ओके जब कभी टाइम मिलेगा आता रहूँगा. और उसे कहा की आप को कोई काम हो तो मेरे को फोन करना.
ऐसे ही फिर एक दिन उनका व्हाटसएप्प आया. हम बातें करने लगे. वो बोली छोटू को ट्यूशन लगवाना है. मैंने कहा लगवा दो. वो बोली अगर टाइम हो तो तुम ही पढ़ा दो. मैंने सोचा अच्छा है की कुछ पैसे कमा लूँगा. मैं रोज उसे ट्यूशन पढ़ाने लगा. शाम को रोज मैं जाता था छोटू को पढ़ाने के लिए. ऐसे ही एक महिना निकल गया. वो मुझसे लगभग रोज बात करती थी. एक दिन वो काफी सेड थी. मैंने पूछा बोली कल मेरा बर्थडे है और फिर इसके पापा गायब हो गए!
मैंने कुछ नहीं कहा, बस इतना कहा की कोई बात नहीं छोटू है ना. फिर नेक्स्ट डे जब मैं ट्यूशन पढ़ाने गया. उन्हें विश किया. वो अपना काम करने लगी. मैंने छोटू को कुछ काम दिया और मैं जा के केक ले के आया और चुपके से अन्दर गया और उनकी आँख बंद की. छोटू के साथ मिल के हम उन्हें रूम में आये और केक के सामने बैठा के हेप्पी बर्थ डे बोलते हुए आँख खोल दी. वो ख़ुशी से पागल हो गई और छोटू को किस करने लगी.
मैंने कहा छोटू का आइडिया था. वो थेंक्स बोली. हमने केक काटा फिर मैं उस से पढ़ाने लगा. वो खाना बनाने लग गई. फिर मैंने बोला मैं चलता हूँ वो आई तैयार हो के. मैं उसे देखता ही रह गया वो एकदम मस्त लग रही थी. उसने लो वेस्ट साड़ी पहन रखी थी. उसकी गोरी नाभि को देख के मेरी नजर उसके ऊपर ही अटक गई.
वो बोली खाना खा लो मेरे बर्थडे पर मुझसे मना नहीं करना. और स्माइल दे के खाना लगाने चली गई. मैं भी फ्रेश हो के बैठा. खाया और फिर मैं चलने लगा तो वो बोली अरे मुहे कोई गिफ्ट तो दिया ही नहीं तुमने. मैंने कहा सोरी यार आज तो नहीं लाया वैसे आप को क्या चाहिए? वो बोली मैं सोच के बताती हूँ.  इंडियन सेक्स कहानी डॉट कॉम
मैं चला गया. और रात में मेरे को उसका मेसेज आया की फ्री हो तो मुझे कुछ सामान लेना है. और तुमसे गिफ्ट भी लेना है. मैंने कहा ओके आता हूँ. सुबह में 10 बजे के आसपास घर गया तो वो बोली मुझे मार्केट ले चलो. वहां उन्होंने कुछ घर का सामान लिया. फिर मैंने बोला आप को क्या गिफ्ट चाहिए?

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वो हंस के बोली की तुम मेरे लिए आ गई वही मेरे लिए एक बड़ा गिफ्ट है. मैं अब उसे उसके घर  के लिए चला गया. फिर वो मुझे पानी दे के वो चेंज करने के लिए चली गई. मैं हॉल में बैठ के न्यूसपेपर पढ़ रहा था. वो आई और बोली ठनके. हम ऐसे ही बातें कर रहे थे. वो बोली तुम कितने केरिंग हो, जिस लड़की की भी तुमसे शादी होगी वो बड़ी ही लकी होगी और हमेशा खुश रहेगी.
मैंने कहा मैं तो सब को खुश करता हूँ. और हंसने लगा वो भी फिर कुछ बातों पर वो सेड हो गई. मैंने उनके कंधे पर हाथ रखा और सहलाने लगा. वो जैसे बस इसी का इन्तजार कर रही थी. तो और रोना स्टार्ट कर दिया. मैं उन्हें चुप करने लगा.
वो बोली आजतक कोई मिला नहीं जिसने इतनी केयर की हो तो थेंक्स बोलते हुए गले लग गई. मेरे से भी रहा नहीं गया और मैंने उन्हें हग कर लिया. हम हग कर के जैसे भूल ही गए. उनकी चूचियां मेरी छाती से लगी तो मेरे दिमाग में उनके लिए जो फिलिंग थी सब चेंज हो गई. फिर उन्हें होश आया वो अलग हुई और उठ के अन्दर चली गई. मुझे लगा शायद ये गलत हो गया. मैं भी उठा और अंदर चला गया. उनको सोरी बोला और वहां से जाने लगा इतने में उन्होंने मेरा हाथ पकड लिया बोली प्लीज तुम सोरी मत बोली. वो बोली थोडा प्यार मिला तो वो खुद को रोक नहीं पाई. और वो बोली प्लीज मत जाओ. मैंने उन्हें फिर खिंच के गले लगा लिया. इसबार टाईटली हग किया और वो मुझमे समा गई.
फिर वो अलग हुई और मैंने होंठ पर अपने होंठ रख दिए. हम किस में खो गए और तभी याद आया की दरवाजा खुला है. मैंने किस करते हुए ही मैंने गेट बंद कर दिया. फिर बेड रूम में आ गए गेट बंद कर के मैं उनका चहरा अपने हाथो में ले के बोला आप चाहो तो मैं आप को खुश कर सकता हूँ. वो मेरे से लिपट गई. मैंने उनका पल्लू हटाया ब्लाउज के ऊपर से ही उनके बिग बूब्स लगा फिर ब्लाउज साडी निकाल दी. वो पेटीकोट में रेड कप वाली ब्रा में मेरे सामने थी. मैं उनके बूब्स को ब्रा के ऊपर से सक करने लगा वो मेरी पेंट उतार दी. और वो मेरा लंड हाथ में ले के बोली बड़ा अच्छा है ये!  
फिर मैंने ब्रा पेटीकोट और पेंटी को भी उतार दिया. और अब हम 69 पोजीशन में एक दुसरे को बेड पर सक करने लगा. वो बोली प्लीज अब ना रुकना. मैंने लंड को चूत के मुहं पर रख कर अन्दर घुसेड दिया. वो अह्ह्ह अह्ह्ह्ह अह्ह्ह्हह की आवाजें निकालने लगी.

करीब 12 -15 मिनिट के बाद मेरा पानी उनकी चूत में ही निकल गया. वो मेरे को किस कर के बोली, मुझे तुम्हारे जैसा ही एक बच्चा चाहिए! फिर थक के हम बेड पर लेट गए. वो बोली थेंक्स. मैंने उन्हें किस किया और कपडे पहनने लगी. वो नहाने चली गई. मैं भी तैयार हो गया. वो आई और बोली शाम को मुझे भी ट्यूशन पढ़ा देना. मैंने बोला छोटू के सामने? वो बोली छोटू को कमरे में और मेरे को किचन में. और ऐसा कह के उसने मुझे आँख मार दी.   इंडियन सेक्स कहानी डॉट कॉम
मैंने भी किस की और घर निकल आया क्यूंकि छोटू भी आनेवाला था. अब हमने जब मन करता था हम सेक्स कर लेटे है. यहाँ तक उन्होंने मुझे बताया की और भी दोस्त है कुछ मेरी और वो भी सेक्स की प्यासी है. और उसने मुझे कहा की जब मौका मिला तो मैं अपनी दोस्तों को भी तुम्हारे लंड से चुदवाउंगी!

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