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एक बच्चे की माँ भाभी की टाईट चूत चोदी

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दोस्तों मैं रांची के पास एक छोटे से विलेज से हूँ. मेरी हाईट पांच फिट और 7 इंच है. बॉडी अच्छी है और रंग थोड़ा सांवला है.  indiansexkahani.com अब मैं आप को अपनी हिंदी कहानी सुनाता हु. कहानी मेरी पड़ोसन भाभी की है. वो एकदम सिम्पल औरत है और उसकी हाईट नोर्मल ही है. रंग एकदम साफ़ हे उसका, गोरी गोरी है. उसका एक पांच साल का बेटा भी है. लेकिन एक बच्चे की माँ होने के बावजूद भी वो बड़ी ही मस्त लगती है. लेकिन मैं भी एकदम शरीफ लड़का था इसलिए भाभी के बारे में वो गन्दी फिलिंग पहले कभी मेरे दिमाग में नहीं आई थी. एक बार मैं मार्केट से वापस अपने घर आ रहा था. और उसी वक्त वो पड़ोसन भाभी भी अपने बेटे के साथ शोपिंग कर के वापस आ रही थी. भाभी के एक हाथ में उसका बेटा था और दुसरे हाथ में दो बड़े से केरी बेग थे. वो तीसरे फ्लोर पर रही है और मैं पांचवे पर. तो हम दोनों लिफ्ट के पास ऑलमोस्ट एक ही टाइम पर पहुंचे. लिफ्ट देखा तो वो खराब थी. भाभी को खराब हुई लिफ्ट देख के गुस्सा आना जरुरी ही था क्यूंकि बेचारी के पास सामान ही उतना था. आप यह चुदाई स्टोरी इंडियन सेक्स कहानी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है। 
उसकी परेशानी देख के मैंने उसको कहा आप अपना सामान मेरे को दे दो मैं ले लेता हूँ. पहले तो वो मना करने लगी लेकिन बाद में उसने सामान मेरे को दे ही दिया. मैं उसके बेटे और उसके सामान को लेकर उस से पहले ही उसके फ्लेट के बहार जा के रुक गया. वो आई और रूम का लोक खोलकर. मैं वही गेट पर सामान रखा कर वापस आने लगा तो उसने अन्दर आने को बोला. मैंने मना किया तो उसके बेटे ने बोला की अंकल रुक जाओ. तो मैं रुक गया और रूम के अन्दर चला गया.

भाभी ने मुझे कुर्सी दिया और बोली की आप बैठी मैं चाय बना के आती हूँ. और वो चाय बनाने चली गई. और उसका बेटा मुझे अपने खिलोने दिखाने लगा. फिर वो सारे खिलोने वही छोड़ के अपने दोस्तों के साथ बहार खेलने के लिए चला गया. अब फ्लेट में सिर्फ मैं और वो भाभी ही थे. वो चाय गेस पर चढ़ा के मुझसे बातें करने आ रही थी की अचानक उसका एक लेग एक छोटी सी गाडी जो खिलोनो में थी उसके ऊपर आ गया. और भाभी जमीन के ऊपर जा गिरी.
भाभी घर पर भी साडी पहनती थी तो गिरने की वजह से उसका पल्लू उसके बदन से हट गया. उसको चोट भी लगी थी पर मुझे इस हालत में वो एकदम क़यामत लग रही थी क्यूंकि अब मैं उसे ब्लाउज और साड़ी में जमीन पर चित्त लेटे हुए देख रहा था. उसकी गोल फूली हुई नाभि भी मुझे साफ साफ़ दिख रही थी. ये सब देख के मेरा तो मूड ही खराब हो गया. मैं उसकी नाभि को देखता ही रह गया. की तभी भाभी ने भी मुझे नोटिस कर लिया और जल्दी से अपनी साडी को ठीक कर ली और वो उठने की कोशिश करने लगी.
लेकिन वो उठ नहीं सकी उसके लेग में मोच आ गई थी उस वजह से. फिर मौके का फायदा उठाया आर भाभी को बोला की आप रुको. और फिर मैंने उसके पीठ से होते हुए एक हाथ को रखा और एक हाथ से उसके लेग्स को फोल्ड किये. और फिर उसे मैंने अपने हाथो से उठा लिया. और उसे बेडरूम में ले जाते हुए मुझे अच्छा चांस मिल गया. मेरे हाथ से उसके बूब्स टच हो रहे थे जिस से बहुत मजा आ गया मेरे को. मेरा तो लंड ही खड़ा हो गया था अब! और मेरा लंड खड़ा हो के भाभी की गांड को टच होने लगा था.
भाभी जी भी अब समझ चुकी थी तो वो बोली जल्दी कीजिये या फिर मेरे को यही पर उतार दीजिये. तो फिर मैंने जल्दी से उसे बेड पर छोड़ दिया और हाथ हटाने के वक्त उसके बूब्स को एक बार और टच भी कर लिया. मैं तुरंत अपने कमरे पर आ गया उसके बाद में. और भाभी के सेक्सी बदन के बारे में सोच सोच के अपने लंड को हिला लिया!
अब तो मैं बस एक बहाना खोजता था भाभी जी के करीब जाने के लिए. अब मेरे अन्दर उसको चोदने की अन्तर्वासना जागी हुई थी. एक दिन उसके पति कही बहार गए हुए थे. और ये बात मेरे को भाभी के बेटे ने ही बताई थी. तो भाभी जी ने मुझसे कहा की छोटू के स्कुल जाना है तो क्या आप मेरे को वहां छोड़ दोगे? भाभी जी भी अब मुझसे खुल चुकी थी. तो मैं भी झट से रेडी हुआ और उसे हाँ कहा. और मैंने बोला की भाभी जी आप के लिए तो कुछ भी और ये सुन के वो हंस पड़ी. और मैं उसे स्कुल ले गया और वापस भी ले आया.
और आज भी रात को भाभी के बदन से आती हुई खुसबू ने मेरे दिमाग को घेर लिया रात में. और मैंने एक बार फिर से भाभी के नाम की ही मुठ मारी. और फिर मैं अगले दिन की वेट करने लगा. सुबह जल्दी उठ गया और फ्रेश हो के भाभी के वहां चला गया. तो वो बोली इतनी सुबह! तो मैंने कहा हां! तो उसने अंदर आने को बोला और बोली की आप बैठो यहाँ पर मैं नाहा के आती हूँ. और वो नहाने चली गई. कास की मैं भी भाभी के साथ नहा सकता! मेरे मन में तो यही सोच चल रही थी!

तभी भाभी के बेटा खेलते खेलते मेरे पास आया. और वो मस्ती कर रहा था तो गिर गया और रोने लगा. मैं फट से उसके पास गया लेकिन उसकी रोने की आवाज सुन के भाभी भी खुद को तोवेल में लपेट के बहार आ गई बाप रे क्या माल लग रही थी वो इस सेक्सी नजारें में!
भाभी की चिकनी टाँगे और उसके भीगे हुए बाल देखकर मेरा लंड फिर से एक बार खड़ा हो गया. उसके बेटे को देख के वो मुझे बोली चलो इसे रूम में ले चलते है. मैंने उसके बेटे को उठाया और तब भाभी को पकड़ा हुआ था उसके बेटे ने. मैं जैसे ही उसके बेटे को उठाने लगा तो भाभी का तोवेल खुल गया!!!!
अब वो मेरे सामने बिलकुल नंगी थी. मेरा तो मन किया की वही उसे चोद लूँ! लेकिन वो तुरंत वाशरूम में चली गई. मैंने उसके रूम में उसकी ब्रा और पेंटी को देखा और हाथ में उठा के सुंघा भी. मैं अपने लंड को सूंघते हुए सहला ही रहा था की पीछे से भाभी आ गई. और उसने मुझे देख लिया. मैंने फट से उसकी ब्रा को वही पर छोड़ दिया और बहार आ गया. तो उसने बोला की मेरी पेंटी को तो छोड़ दो. मैंने कहा की मैं साफ़ कर दूंगा तो वो बोली की रहने दो अभी गंदी कहाँ हुई है! मैं एकदम सहमा हुआ था. वो मेरे पास आई और बोली इतना क्यूँ डर रहे हो! इस उम्र में ये सब नोर्मल है और वो मैं समझती हूँ. आप यह चुदाई स्टोरी इंडियन सेक्स कहानी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है। 
फिर भाभी ने मेरे को पूछा की तुम्हारी गर्लफ्रेंड है तो मैंने बोला की नहीं मैं शरीफ हूँ! तो उसने बोला की हां देख लिया की तुम कितने शरीफ हो. वो बोली की तुम मेरे को अपना फ्रेंड बना लो. तो मैंने बोला ठीक है तो क्या फिर मेरे को एक लिप किस मिलेगा? तो बोली ठीक है लेकिन जल्दी नहीं तो छोटी आ जाएगा. बस और क्या था!
मैं स्टार्ट हो गया और पांच मिनिट तक हम दोनों लिप किस करते रहे. फिर धीरे से अपने हाथो को उसकी पीठ से होते हुए उसकी गांड पर ले गया और सहलाने लगा. फिर एक हाथ से उसके बूब्स को भी दबाने लगा. वो मुझे धीरे से धक्का दे के अलग हुई और बोली बाद में जब छोटू स्कुल में रहेगा तब, अभी वो आ सकता है.
मैं बोला ठीक है और मैं अपने कमरे पर आ गया. फिर वो बेटे को स्कुल छोड़ आई तो मैं उसके पास आ गया. वो बोली की आराम से करना कोई जल्दबाजी नहीं है. फिर हम दोनों कमरे में आये और जैसे ही उसने लोक किया मैं पीछे से ही दिवार से चिपका के उसे लिपट के उसे प्यार करने लगा. उसकी साडी को खोलकर उसके बदन से दूर कर दिया उसे. और अब वो सिर्फ ब्लाउज और पेटीकोट में थी मेरे सामने. फिर मैं उसके ब्लाउज और पेटीकोट को भी खोलने लगा. ब्लेक ब्रा और पेंटी को देख कर मेरा बाबा खड़ा हो गया एकदम से!
मैने उसे बोला भाभी अब आप मेरे कपडे खोलो तो उसने बोला की भाभी नहीं रजनी बोलो. मैं बोला ओके आप मेरे कपडे निकालो. मेरे मेरे शर्ट और पेंट को खोल दी. अब मैं उसके सामने अंडरवियर में था जिस से लंड बहार आने को तड़प रहा था.

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रजनी ने लंड बहार निकाला और उसको ध्यान से देखने लगी. तो मैंने पूछा की तुम ऐसे क्या देख रही हो? तो वो बोली इतना बड़ा है ये! मैं बोला की मतलब क्या है? वो बोली कुछ नहीं और मेरे लंड को प्यार से सहलाने लगी. लंड और भी बड़ा हो गया और कडक भी. मैंने उसे लंड मुहं में लेने को बोला तो पहले उसने मना किया लेकिन बाद में फिर उसे चूसने लगी. मेरे लंड को मुहं में ले लिया और उसे मस्त सक कर रही थी थी. मुझे भी लंड चटाने में बड़ा मजा आ रहा था.
क्या मस्त चूस रही थी वो! मैं उसके मुहं में ही झड़ गया दो मिनिट के अन्दर. और वो मेरा सब पानी पी गई. मैंने उसे उठाया और उसकी ब्रा और पेंटी को खोल दिया. और उसके बूब्स को जोर जोर से दबाने लगा. वो बोली आराम से करो प्लीज़ अभी मैं तुम्हारी ही तो हूँ! लेकिन मैं अब मानने के मूड में नै था. उसे उठा के बेड पर पटक दिया और उसके ऊपर चढ़ गया. एक हाथ से बूब्स दबा रहा था और एक हाथ की ऊँगली को उसकी चूत में दे के हिला रहा था. वो मस्त सेक्सी आवाजें निकाल रही थी अह्ह्ह अह्ह्ह्ह उईईई अह्ह्हह्ह्ह्ह!
आवाजें सुनकर मेरा लंड फिर से खड़ा हो गया. मैंने अपने लंड को एक हाथ से पकड़ा और रजनी भाभी की चूत पर लगा दिया. धक्का तो दिया मैंने लेकिन मेरा लंड फिसल गया क्यूंकि उसकी चूत काफी टाईट थी. तो फिर मैंने उसकी गांड के पीछे तकिया लगाया और उसकी गांड को ऊपर की और खिंचा. और फिर अपनी ऊँगली से उसकी चूत के छेद को थोडा हिलाया और उसे चिकना कर दिया.
और फिर से एक बाद मैंने अपने लंड को उसकी चूत पर लगाया. और एक ताकत वाला झटका लगाया. मेरे लंड का सुपाड़ा अंदर चला गया. उसकी आँखों से आंसू आ गए. एक बच्चे की माँ थी फिर भी चूत काफी टाईट थी उसकी. मैंने पूछा की इतनी टाईट कैसे आप की वजाइना तो वो बोली की मेरे पति का बहुत छोटा है और वो अब कुछ करते भी नहीं है! मैंने कहा की कोई बात नहीं मेरी रानी अब मैं हूँ ना अब मैं तुम्हें प्यार और सेक्स दोनों करूँगा!

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उसने मेरे को स्माइल दी और मैंने फिर से जोर से ताकत लगाईं और इस बार मेरा लंड पूरा उसकी चूत में घुस गया. वो चीखने ही वाली थी लेकिन मैंने उसके मुहं को दबा दिया. उसे दर्द हो रहा था. मैं उसके होंठो को चूस रहा था और उसके बूब्स को भी सहला रहा था. धीरे धीरे उसका दर्द कम हुआ तो उसने अपनी गांड को उठाया तो मैंने समझ गया की अब वो लंड के झटके खाने के लिए रेडी है!  आप यह चुदाई स्टोरी इंडियन सेक्स कहानी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है। 
अब वो नोर्मल चुदाई करवा रही थी और मेरा पूरा साथ दे रही थी. कुछ देर के बाद मैं झड़ने वाला था और वो भी तो मैंने बोला की मैं झड़ने वाला हूँ कहा डालूं? तो उसने बोला की अंदर ही निकाल दो. वो अपनी टांगो से मुझे कसकर पकड ली और मैं उसकी चूत में ही झड़ गया. और वो भी मेरे साथ में ही झड़ गई.
मैं उस से अलग हुआ और वही साथ में लेटा रहा. मेरा लंड दो तिन मिनिट के बाद फिर से खड़ा हो गया. तो उसने बोला की बाप रे ये तो कितनी जल्दी फिर से रेडी भी हो गया! मैंने उसे घोड़ी बनने को कहा और फिर एक ही झटके में पूरा लंड उसकी चूत में डाल कर घमाशान चुदाई कर दी.
उस दिन अलग अलग स्टाइल में हमने चुदाइ की. फिर थक कर साथ में ही सो गए. नींद खुली तो कपडे पहने और फिर एक दुसरे को किस किया और फिर वापस चुदाई करने का वादा कर के मैं वहाँ से अपने कमरे पर आ गया! आज भी इस सेक्सी भाभी रजनी के साथ मेरे सबंध है. और अब तो हम चुदाई में नित नए दाव लेते है और मजे लुटते है!

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