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गावं में चाची को चोदकर उनकी चूत को हरा भरा कर दिया

indiansexkahani.com मेरा नाम अखिलेश है और मैं कानपूर का रहने वाला हूँ। और मेरी 22 होगी। आज मैं आप सभी को अपनी जिन्दगी की रसीली चुदाई और टाईट चूत की चुदाई की कहानी सुनाने जा रहा हूँ। और मुझे सबसे ज्यादा अपनी विधवा चाची की चुदाई करके जितना मज़ा आया उतना किसी को चोदने में नही आया। मैंने अपने जिन्दगी में कई लडकियों को चोदा है क्योकि मैं काफी स्मार्ट और हैंडसम हूँ इसीलिए लड़कियां मुझ पर मरती है जिसकी वजह से मुझे कई चूत चोदने का मौका मिला। इंडियन सेक्स कहानी डॉट कॉम 
मैंने अपने जिन्दगी की पहली चुदाई जब की थी जब मैं केवल 18 साल का था। मेरी पहली चुदाई तो बिना मेरे कुछ किये ही हो गया था क्योकि वो लड़की पहले से काफी चुदासी थी और वो मुझसे बड़ी भी थी लेकिन फिर भी उसने मुझसे बड़ी मस्ती से चुदवाया। उस चुदाई के बाद मेरे अंदर का डर ख़त्म हो गया और फिर मैंने बहुत सी लड़कियों को चोदा। मैंने बहुत सी लड़कियों को चोदा तो लेकिन जितना मज़ा मुझे अपनी विधवा चाची को चोदने में आया उतना मज़ा किसी और को चोदने में नही आया।
दोस्तों मैंने तो कभी भी नहीं सोचा था कि मैं अपनी चाची को चोदुंगा लेकिन मेरे साथ कुछ ऐसा हुआ की मुझे उनको चोदना ही पड़ा।
मैं अपने मम्मी, पापा और अपनी बहन के साथ में शहर में रहते है, और बाकि लोग गावं में रहते है। मुझे गावं में बिलकुल भी अच्छा नहीं लगता था क्योकि वहां पर कोई लड़की नहीं है जिसे मैं लाइन मार सकूँ।

कुछ महीने पहले की बात है, पापा और मम्मी के जबरदस्ती करने पर मैं गावं चला गया कुछ दिन के लिए। वहां मेरे दादा, दादी और बड़ी चाची और छोटे चाचा रहते है। मेरे बड़े चाचा आर्मी में थे और उनकी कुछ साल पहले मौत हो गई। जब मेरे चाचा के मौत के बाद चाची बिलकुल अकेली हो गई थी। और उनके जाने के बाद उनकी चूत भी चोदने वाला कोई नही था। उनके एक लड़की और एक लड़का था जो अभी छोटे छोटे थे। जब मैं वहां पंहुचा तो मुझे पहले कुछ भी अच्छा नही लग रहा था और लेकिन फिर भी मैं अपने आप को किसी तरह से वहां पर रोके हुए था।
धीरे धीरे दो दिन बीत गया और मैं धीरे धीरे वहां से बोर हो रहा था लेकिन मैंने सोचा सबसे बात करो तो दिन कट जायेगा। इसलिए मैं सबसे बात करने लगा। और मुझे धीरे धीरे अच्छा लगने लगा। मैंने अपनी विधवा चाची से बहुत देर तक बातें की लेकिन वो थोड़ी खोई खोई रहती थी। लेकिन जब मैं उनसे बात करता तो वो बहुत खुश हो जाती थी। क्योकि मैं बहुत ही मजाकिया था। एक दादा जी ने मुझसे कहा – बेटा जब से तुम आये हो तब से तुम्हारी चाची कुछ हसने लगी है है वरना जल्दी हसंती नही थी।
धीरे धीरे दिन से शाम हुआ चाची अपने कमरे में थी और उनके बच्चे मेरे साथ में खेल रहे थे। कुछ देर बाद मैंने देखा चाची थोड़ी उदास थी मैं तुरंत उनके पास गया और मैंने उनसे पूछा क्या हुआ चाची आप उदास क्यों है। तो पहले तो चची ने कुछ नही कहा लेकिन फिर उनकी आँखों से आंसू निकलने लगे उन्होंने अपने सिर को मेरे हाथ में लगा कर बिलखने लगी। मैंने उनसे कहा – जो हो गया आप उसे भूल जाइये और अपने भविष्य के बारे में सोचिये। मैंने अपने हाथ को उनके सिर पर रखते हुए कहा। वो अभी बहुत ही जवान थी उनकी उम्र लगभग 27 होगी। उनकी चूची तो अभी बिलकुल साइज़ में है, जिसको देखने से लगता है कि किसी 20 साल की लड़की की चूची है। मैंने तो सोचा नही था की चाची मुझसे खुद कहेगी चुदवाने के लिए।
एक दिन मैं कमरे में लेटा हुआ था और घर के अंदर कोई नही था। चाची मुझे जगाने के लिए आई थी, और मैं उस वक़्त चुदाई का सपना देख रहा था जिससे मेरा लंड खड़ा था और चाची मेरे लंड को देखकर मचलने लगी और उनके मन में फिर से चुदाई का ख्याल आने लगा। जब वो मुझे जगा रही थी तो तो उनकी नजर मेरे लंड पर ही थी। जब मैं जगा तो मैंने पहले अपने लंड को अपने हाथो से दबा लिया और फिर मैं उठकर बाहर चला आया।
धीरे धीरे शाम हुई और फिर चाची ने मुझे अपने कमरे में बुलाया और मुझसे कहा – मैं जानती हूँ तुम बहुत अच्छे और समझदार लड़के हो लेकिन तुम्हारे शिवा मुझे कोई समझने वाला भी नही है इसलिए मैंने तुमसे कुछ कहने जा रही हूँ लेकिन पहले तुम मुझसे वादा करो तुम वो काम करने से मना नही करोगे। तो मैंने चाची से कहा – आप जो कहेगी मैं करने के लिए तैयार हूँ मैं आप की खुसही के लिए कोई भी काम कर सकता हूँ।
तो चाची ने कहा – तुम्हे तो पता है जब से तुम्हारे चाचा की मौत हुई है तब से मैं चुदने के लिए तडप रही हूँ और आज जब मैंने तुम्हारे लंड को देखा जा तुम सो रहे थे तो मेरे मन में फिर से चुदाई की खुवाहिश जग उठी। और मैं चाहती हूँ कि तुम मेरी चुदाई करो।

पहले तो मैंने चाची से कहा – आप ये क्या कह रही है, तो चाची ने कहा – तुम भी मेरी भावनाओ को नही समझ रहे हो। तुम्हे पता भी है, मैं लंड के लिए कितना तड़प रही हूँ। जब से तुम्हारे चाचा की मौत हुई है तब से मुझे चुदने का दुबारा मौका नही मिला। तो मैंने चाची से कहा – अच्छा ठीक है लेकिन ये बात किसी को भी पता नही चलना चाहिए। चाची ने मुझसे कहा – ठीक है आज रात को तुम मेरे कमरे में आ जाना और फिर तुम मुझे जमकर चोदना। इंडियन सेक्स कहानी डॉट कॉम 
रात हुई मैं चुपके से चाची की कमरे में चला और चाची भी मुझसे चुदने की उत्सुकता में जाग रही थी। जैसे ही मैं अंदर आया चाची ने दरवाज़ा बंद कर दिया और मुझसे चिपक कर मुझको अपने बाहों में भर लिया और मुझे चूमने लगी। वो इतनी चुदैसी थी कि वो अपने हाथ से मेरे लंड को सहलाने लगी। जब चाची ने मेरे लंड को अपने हाथ से सहलाया तो मेरा लंड भी खड़ा हो गया और मैं भी जोश में आने लगा। मैंने भी चाची की चिकनी कमर की को पकड कर चाची को और भी कसकर अपने भों में जकड लिया और फिर मैंने चाची के गले को चुमते हुए उनके गर्दन को पीने लगा। और अपने हाथ को उनकी चूची के ऊपर फेरते हुए उनके मम्मो को सहलाने लगा। कुछ देर में मैं भी बिलकुल चुदासा हो गया और चाची के गर्दन को पीते हुए मैं उनके गाल को काटते हुए मैं उनके होठ को चूमने लगा। मैं उनके होठ को चुमते हुए उनके निचले होठ को अपने मुह में डाल कर पीने लगा और चाची भी मेरे मुह में अपने जीभ को डाल कर मेरे होठ को पीने लगी थी। चाची बहुत ही जोश में थी और जिससे वो मुझसे चिपकती जा रही थी। मैं उनके होठ को पीते हुए जोश में उनकी चुचियों को मसलने लगा था।
बहुत देर तक उनके चूची को दबाते हुए उनके होठ पीने के बाद मैंने चाची की साडी की खोलने लगा और उनकी साडी निकालने के बाद मैंने उनके ब्लाउस के एक एक बटन को खोल दिया। जिससे उनकी गोरी गोरी चूची उनके फूल वाले ब्रा में दिखने लगा था। मैंने उनके चूची को दबाते हुए उनके ब्रा को भी निकाल दिया और उनके निप्पल को सहलते हुए मैं उनकी चूची को दबाने लगा। कुछ देर तक उनके बूब्स को मसलने के बाद मैंने उनके मम्मो को चुमते हुए पीने लगा। उनकी चूची बहुत ही सॉफ्ट और चिकनी थी और स्थ साथ बिलकुल साइज़ में थी क्योकि उनकी चूची की दबाने वाला कोई नही था। मैं उनकी चूची को अपने हाथ में लेकर दबाते हुए पी रहा था जिससे चाची को भी अच्छा लगा रहा था। और वो बड़े मज़े से अपनी चूची को मुझे पिला रही थी। कुछ देर बाद मैं उनकी चूची को और भी जोर जोर से दबाने लगा और जोश में उनके बूब्स को काटने लगा जिससे चाची सिसकने लगी थी।
लगभग 30 मिनट तक उनकी चूची को पीने के बाद मैं उनके कमर को पीते हुए उनके चूत के तरफ बढ़ने लगा। मैं उनकी चूत को सहलाते हुए उनके पेटीकोट के नारे को खोल कर उनको पूरी तरह से नंगा कर दिया और फिर मैंने भी कपने कपडे निकाल दिए। मैं चाची के चूत को सहला रहा था और चाची मेरे लंड को सहला रही थी जिससे हम लोग और भी जोश में आने लगे थे।

चाची मेरे लंड को सहलते हुए मेरे लंड को चूसने लगी। और मेरे लंड को अपने मुह में लेकर अपने जीभ से मेरे लंड को चाटने लगी थी। और मैं उनकी चूची को अपने दोनों हाथो से जोश में मसल रहा था। चाची मेरे लंड को हर तरफ से चूस रही थी और वो मेरे दोनों गोली को भी अपने मुह में लेकर चूस रही थी।
कुछ देर बाद मैंने अपने लंड को चाची के मुह से निकाल कर जोश में उनको लिटा दिया और फिर उनके चिकने जांघ को चुमते हुए मैं अपने मुह को उनकी चूत कुत्ते की तरह से चाटने लगा। मेरे खुरदुरी जीभ से उनकी चूत सुकड जाती थी और चाची अपने चूची को मसलते हुए सिसकने लगती। बहुत देर तक उनकी चूत पीने के बाद मैंने उनके जांघ को फैला दिया और उनकी चूत को मसलते हुए अपनि उंगलियो को उनकी चूत में डालने लगा और फिर धीरे धीरे मैंने अपनी दो और तीन उंगलियो को उनकी चूत में डालने लगा और अपने उंगली को उनकी चूत में डालने के बाद अपने उंगली को उनकी चूत के अंदर ही टेढ़ी कर देता जिससे चाची पूरी तरह से मचल जाती थी। कुछ देर लगत्सर उनकी चूत में उंगली करने पर उनकी चूत पूरी तरह से गीली हो गई और उनकी चूत से पानी की जोर से निकलने लगा और चाची जोर जोर से ….अह्ह्ह आह्ह ह्ह्ह हां ….उफ्फ्फ उफ़ ओह्ह ओह्ह… करके सिसकने लगी थी। इंडियन सेक्स कहानी डॉट कॉम 

कुछ देर बाद चाची बहुत ही चुदासी हो गई और मेरे लंड को दबाने लगी, मैंने अपने लंड को चाची के चूत में लगाकर उनकी चूत को अपने लंड से सहलाने लगी। और फिर मैंने अपने लंड को एक ही झटके में में चाची की चूत के अंदर डाल दिया। उनकी चूत बहुत ही टाईट थी ऐसा लग रहा था जैसे किसी की कुवारी चूत हो। मेरा लंड को तो बहुत जोश में उनकी चूत में लगातार जा रहा था और मैं उनकी चुदाई के साथ साथ उनके मम्मो को भी मसल रहा था और चाची जोश में हल्का हल्का सिसकते हुए अपने चूत को मसल रही थी। धीरे धीरे मैं अपने चुदाई की रफ़्तार बढाने लगा तो चाची और भी जोश में मुझसे चुदवाने लगी। कुछ देर लगातार उनकी चुदाई करने से उनकी धीरे धीरे थोड़ी ढीली हुई और वो अपने कमर को उठा कर मुझसे चुदवाने लगी थी। मुझे भी चाची की चूत को चोदने में बहुत मज़ा आ रहा था क्योकि मुझे कभी इतनी टाईट चूत चोदने को नही मिली थी। कुछ देर बाद जब मैं तेजी से उनकी चूत को चोदने लगा तो चाची की फुद्दी सिकुड़ और फ़ैल रही थी लगातार और चाची जोर जोर से ………. आआआआअह्हह्हह…..ईईईईईईई….ओह्ह्ह्हह्ह….अई….अई… उ उ उ ऊऊऊ ….ऊँ….ऊँ…ऊँ अहह्ह्ह्हह सी सी सी सी….. हा हा….. आऊ……हमममम अहह्ह्ह्हह……..सी सी सी सी…. हा हा हा…. अई….अई….अई…..अई….इसस्स्स्स्स्स्स्स्….उहह्ह्ह्ह…..ओह्ह्ह्हह्ह….चोदोदोदो…..मुझे और कसकर चोदोदो दो दो दो…… कहने लगी थी जिससे मैं और भी तेजी से उनकी चुदाई करने लगा, जिससे कुछ देर बाद मैंने अपने लंड को उनकी चूत से बहार निकाल लिया और मुठ मरने लगा। मुठ मारने के बाद मैंने बहुत देर तक चाची के साथ में लेटा रहा। उस दिन के बाद मैंने बहुत दिनों तक चाची को अपने लंड का स्वाद देता रहा। और जब भी मैं गावं आता तो बिना चाची को चोदे नही जाता।

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