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गर्लफ्रेंड को खटिया में लिटा कर चोदा

sex stories दोस्तों मेरे घर के पास एक भाभी रहती थी। सब लोग उनको भाभी भाभी कहते थे।  indiansexkahani.com वो हलवाई थी और मिठाई बनाने का काम करती थी। धीरे धीरे मैं भी उनको भाभी कहकर पुकारने लगा। धीरे धीरे मेरी भाभी की जवान लड़की स्वीटी रानी से दोस्तों हो गयी। वो अब 21 साल की हो गयी थी। बेहद जवान और खूबसूरत थी। रंग भी काफी साफ़ और गोरा था। वो काफी पतली दुबली और छरहरी थी। इस वजह से मैं उसे पसंद करने लगा था। स्वीटी रानी अपनी मम्मी के साथ मिठाई बनाने का काम करती थी। धीरे धीरे मैं उसे लाइन मारने लगा। दोस्तों मेरे मुहल्ले में कुल 4 लड़कियाँ— मोनिका, कश्मीरा, मीनू और ज्योति जवान हो चुकी थी। चारो को मैं चोद चुका था और उनकी रसीली चूत को फाड़ चुका था। अब मुझे स्वीटी रानी की चूत किसी तरह मारनी थी। स्वीटी को देककर मेरा लंड उसे सलूट करने लग जाता था। उसे यादकर मैं बाथरूम में जाकर मुठ मार लेता था।
“स्वीटी!! तुम बहुत सुंदर हो। तुम्हारी जैसी खूबसूरत लड़की मैंने आजतक नही देखी। मुझसे अफेयर करोगी?? बोलो” मैंने पूछा
“तुम झूठ बोलते हो। मोहल्ले की सारी लड़कियों से तुम यही कहते हो” स्वीटी बोली
“नही जान!! सच में तुम्हारी जैसी हॉट लकड़ी मैंने आजतक नही देखी। कोई तुमको अगर एक नजर देख ले तो तुम्हारी तस्वीर दिल में बस जाती है। मिटती ही नही” मैंने स्वीटी से कहा. वो हसने लगी।
“सुधीर!! अगर तुम मुझसे प्यार करते हो तो मेरे लिए क्या कर सकते हो??” स्वीटी सिरिअस होकर बोली
“कुछ भी कर सकता हूँ” मैंने कहा
“अपने हाथ को काटकर मेरा नाम लिख सकते हो??” स्वीटी बोली
उसकी बात सुनकर मैं संकट में आ गया। अगले दिन मैंने अपने हाथ को ब्लेड से काटकर स्वीटी का नाम लिख दिया। मेरा काफी खून बहा। मुझे दर्द भी हुआ।
“ले देख ले!! मैं तुझसे कितना प्यार करता हूँ” मैंने कहा और स्वीटी को अपना हाथ दिखाया। उसके बाद दोस्तों वो मुझपर सेंटी हो गई।
“सुधीर!! मैंने तो मजाक में कहा था। तुम तो सीरियस हो गये” स्वीटी बोली और मेरे सीने से लग गयी।

“आई लव यू सुधीर!! आई लव यू वेरी मच” स्वीटी बोली
मैंने उसे गले से लगा लिया और किस करने लगा। उस दिन उसकी मम्मी घर पर नही थी। दूकान पर स्वीटी के पापा के साथ मिठाई बेच रही थी। मैंने स्वीटी के होठ चुसना शुरू कर दिया। आजतक उसके होठ कुवारे थे। किसी ने नही चूसा था। आज मैं उसके कुवारे होठ पी रहा था। धीरे धीरे मैं स्वीटी को इमरान की तरह किस करने लगा। धीरे धीरे वो गर्म हो गयी। उसने सफ़ेद रंग का सलवार कमीज पहन रखा था। नीचे चूड़ीदार पजामी पहनी थी। मैंने स्वीटी का दुपट्टा हटा दिया। उसके बूब्स 34” के थे। बड़े बड़े और गोल गोल। मैं हाथ से दबाने लगा। स्वीटी “ओह्ह माँ….ओह्ह माँ…उ उ उ उ उ……अअअअअ आआआआ….” करने लगी। धीरे धीरे हम दोनों का चुदाई का दिल करने लगा। ये कहानी आप इंडियन सेक्स कहानी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है। स्वीटी के घर में हाल में हम लोग इश्क लड़ा रहे थे। यहाँ पर चारो ओर तरह तरह की मिठाईयां रखी हुई थी। मैंने खड़ा होकर ही स्वीटी के बूब्स हाथ से मसल रहा था। बार बार हम किस करने लग जाते थे। फिर मैंने अपना हाथ स्वीटी की चूत पर पजामी के उपर रख दिया और चूत को सहलाने लगा। दोस्तों उसकी चूत बहुत गर्म थी। तप रही थी। चूत में जैसे कोई कोयला सुलग रहा हो।
“स्वीटी!! तेरी चूत तो सुलग रही है रे” मैंने कहा
“सारी लड़कियों की चूत इसी तरह गर्म होती है” स्वीटी बोली
उसके बाद दोस्तों मैंने जल्दी जल्दी उसकी बुर सहलाना शुरू कर दिया। स्वीटी की पेंटी का उभार मुझे मिल गया था। खड़े होकर ही मैं उसके साथ प्यार कर रहा था। धीरे धीरे मैं हाथ से जल्दी जल्दी स्वीटी की चूत पजामी के उपर सहलानी शुरू कर दी। वो बार बार “ओहह्ह्ह…ओह्ह्ह्ह…अह्हह्हह…अई..अई. .अई… उ उ उ उ उ…” बोल रही थी। उसे अजीब सा नशा छा रहा था। मैंने 15 मिनट तक खड़े खड़े ही अपनी गर्लफ्रेंड की चुद्दी को इतना घिस दिया की खड़े खड़े की स्वीटी का बदन अकड गया और उसकी चूत ने अपनी ताज़ी और गर्म गर्म फुहार छोड़ दी। स्वीटी की पजामी चूत के रस से भीग गयी।

“चल कपड़े उतार। आज तेरी चूत का सर्वे कर लूँ” मैंने कहा
स्वीटी ने जल्दी जल्दी कपड़े उतार दिए। अपनी ब्रा और पेंटी भी खोल दी। वो पूरी तरह से नंगी थी। पास में एक खटिया पड़ी थी।
“लेट जा” मैंने कहा और खटिया की तरफ इशारा किया
स्वीटी लेट गयी। दोस्तों वो पूरी तरह से नंगी थी और इतनी सेक्सी माल लग रही थी की मैं आपको क्या बताऊं। मैंने जल्दी से अपनी जींस और टी शर्ट उतार दी। चड्डी उतारकर मैं नंगा हो गया। स्वीटी से खुद ही अपने पैर खोल दिए। वो मेरा 6” का लम्बा लंड खाने को मरी जा रही थी।
“आओ सुधीर!! प्लीस चोदो ना..आओ” स्वीटी मिन्नते करने लगी
मैंने जल्दी से उसकी चूत में लंड डाल दिया और उसे पेलने लगा। स्वीटी “आआआअह्हह्हह…..ईईईईईईई….ओह्ह्ह्….अई. .अई..अई…..अई..मम्मी….” बोलने लगी। मैं जल्दी जल्दी उसे चोदने लगा। उसकी चूत की सील आज मैंने तोड़ दी थी। स्वीटी पूरी तरह से कुवारी लड़की थी। वो बार बार मुंह खोलकर गर्म गर्म आहे भर रही थी। उसकी सांसे तनी जा रही थी। अपने 34” की चूचियों की निपल्स को तो ऊँगली से ऐठ रही थी। मैं जल्दी जल्दी लंड उसकी चूत में डाल रहा था। जिस खटिया पर हम दोनों मजे लूट रहे थे तो चें चें की आवाज कर रही थी। मुझे डर था की कहीं खटिया टूट ना जाए। स्वीटी ने अपने पैर और जादा खोल दिए। ये कहानी आप इंडियन सेक्स कहानी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है। “……मम्मी…मम्मी…..सी सी सी सी—सुधीर!! ओह्ह तुम कितनी मस्त चुदाई करते हो….मजा आ गयाहा हा हा …..ऊऊऊ ….ऊँ. .ऊँ…ऊँ…उनहूँ उनहूँ..” स्वीटी चिल्ला रही थी
ये बात सुनकर मैं गदगद हो गया। जल्दी जल्दी स्वीटी को चोदने लगा। उसकी रसीली चुद्दी से जैसे पटाखे फूट रहे थे। स्वीटी का जिस्म अकड रहा था। उसे पसीना छूट गया था। इधर मेरे माथे पर काफी पसीना आ गया था। कोई भी लौंडिया हो चूत लेने में ताकत और उर्जा तो खर्च होती ही है। कुवारी लौंडियों की चूत चोदने में तो जादा पावर खर्च होता है। मैं हा हा करके स्वीटी को पेल रहा था। धीरे धीरे हम दोनों क्लाइमेक्स की तरफ बढ़ रहे थे। मेरी गर्लफ्रेंड स्वीटी बार बार अपना पेट उपर उठा रही थी। मैंने उसके पतले और सेक्सी पेट को सहला रहा था। मैंने 5 -7 मिनट उसे और चोदा और अंत में मैंने जल्दी से स्वीटी के भोसड़े से लौड़ा बाहर निकाल लिया।
“मुंह खोल रंडी!! मुंह खोल” मैंने कहा
स्वीटी ने जल्दी से मुंह खोल दिया। मैंने जल्दी जल्दी अपने लौड़े को फेटने लगा। फिर मेरा लंड पिचकारी छोड़ने लगा। सारा माल मैंने स्वीटी के मुंह में छोड़ दिया। वो सब पी किया। वो बहुत खुश थी।

“कहो स्वीटी कैसा लगा??” मैंने हाफ्ते हुए पूछा
“सुधीर!! तुमने तो मेरी माँ चोद दी। मजा आ गया आज तो” स्वीटी किसी छिनाल की तरह अपनी नंगी चूत को सहलाती हुई बोली
“जान मैं तुम्हारी इस चूत को खा जाऊंगा। फाड़ के रख दूंगा इस रसीली चूत को” मैंने कहा
फिर मैं लेट गया और उसकी गुलाबी चूत को चाटने लगा। हम दोनों खटिया पर ही लेते हुए थे। मेरे चोदने से स्वीटी के चूत का छेद अच्छे से खुल गया था। चूत के लब खुल गये थे जैसे प्याज की परते खुल जाती है। आज मैंने स्वीटी जैसी कच्ची कलि लौंडिया को चोद चोदकर फूल जैसा खिला दिया था। मैं अब उसका गुलाबी भोसड़ा पी रहा था। जल्दी जल्दी किसी कुत्ते की तरह चाट रहा था। स्वीटी “…….उई. .उई..उई…….माँ….ओह्ह्ह्ह माँ……अहह्ह्ह्हह…” की आवाजे कर रही थी।
उसकी चुद्दी का स्वाद नमकीन था। मैं मजे लेकर चाट रहा था। स्वीटी तडप रही थी। उसे सनसनी हो रही थी। वो बार बार अपना मुंह खोलकर आहे भर रही थी। गर्म गर्म सांसे छोड़ रही थी। मैं जल्दी जल्दी चाट रहा था। जब मैं स्वीटी के चूत के दाने को पीने लगा तो उसे बहुत नशा चढ़ने लगा।

“चाटो चाटो और चाटो सुधीर!! अच्छा लग रहा है………..अअअअअ आआआआ” स्वीटी बोल रही थी
धीरे धीरे मैंने उसकी चूत में 2 ऊँगली दालने लगा। और इतनी जोर जोर से फेटने लगा की स्वीटी पागल हो गयी। उसे उलटी जैसी आ रही थी। मैं आज उसकी चूत के लिए पागल हो गया था। आज मैं उसका भोसड़ा फाड़ देना चाहता था। जल्दी जल्दी मैं 2 ऊँगली उनकी बुर में अंदर बाहर कर रहा था। स्वीटी की कामुक गोल गोल चूचियां बार बार बड़ी हो जाती। बार बार छोटी हो जाती थी। मैं ऊँगली भी कर रहा था और चाट भी भी रहा था। दोस्तों कुछ देर बाद मेरी गर्लफ्रेंड स्वीटी की कमर आगे पीछे होकर नाचने लगी। मैं समझ गया की उसका पानी छूटने वाला है। मैं रूका नही। अगर मैं एक सेकंड भी रुक जाता तो स्वीटी की चूत से पानी नही निकलता। मैं उसका फव्वारा देखना चाहता था।
मेरे लिए ये बहुत कामुक चीज थी। मैं और जादा मेहनत से उसकी चूत में ऊँगली करता रहा। आखिर 10 मिनट बाद स्वीटी की चूत ने अकड़ते हुए अपना फव्वारा छोड़ दिया। पिच्च पिच्च किसी पिचकारी की तरह स्वीटी का पानी निकल रहा था। लगा रहा था की कोई टोटी अंदर फिट है। मेरे मुंह उसके पानी से भीग गया था। बिलकुल सफ़ेद रंग का साफ पानी था। ये देखकर मेरा लंड खड़ा हो गया था। मैंने 2 -4 मिनट तक उसकी चूत में और ऊँगली कर थी। सारा पानी मैं बाहर निकाल दिया। उसके बाद फिर से उसे चोदा। कहानी आपको कैसे लगीDMCA.com Protection Status

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