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जब 30 साल की हुई तब लंड खाने को मिला

sex stories मेरा नाम रोजी है। मैं चेन्नई की रहने वाली हूँ। मेरे पापा नार्थ इंडियन और मम्मी साउथ इडियन इस वजह से मुझे हिंदी और तमिल दोनों भाषा अच्छे से आती है। मैं एक मिडिल क्लास परिवार से हूँ। मम्मी के घर वाले उनकी पापा से शादी के खिलाफ थे इसलिए दोनों से घर से भागकर शादी की। अब मेरी मम्मी के घर वाले उनसे बात नही करते है और सारे रिश्ते तोड़ दिए है। इसलिए पापा और मम्मी दोनों को नौकरी करनी पड़ी। पापा इनकम टैक्स में है और मम्मी एक प्राइवेट स्कूल में पढाती है।
अब मेरी उम्र 32 साल की हो चुकी है पर दोस्तों लाख कोशिश करने के बाद मुझे मुझे 30 साल में लंड खाने को नसीब हुआ। पूरी बात मैं आपको कहानी में आपको सूना रही हूँ। जब मैं स्कूल में पढ़ती थी तो मेरी सहेलियां अपने साथ के लड़कों से चुदवा लिया करती थी। धीरे धीरे संगत का असर मुझ पर होने लगा। मेरा भी चुदने का बड़ा दिल करने लगा। मैं देखने में काफी सेक्सी माल थी। 34 -28- 32 का सेक्सी फिगर था मेरा। दूध बड़े थे। पर मेरा रंग काला था। इस वजह से कोई लड़का मुझे अपनी गर्लफ्रेंड नही बनाता था। मेरे कॉलेज में कई स्मार्ट लड़के थे पर सब गोरी और सुंदर लड़कियों को अपनी प्रेमिका बनाना चाहते थे। इंडियन सेक्स कहानी डॉट कॉम

मैं जब भी किसी लड़के से बात करने की कोशिश करती वो मेरे काले रंग के कारण दूर हो जाता। इस तरह मैं 23 साल की हो गई और मेरा BA का कोर्श भी खत्म हो गया। अब तो मुझे चुदने का बड़ा दिल करने लगा। मैं चूत में ऊँगली, बैगन और डिलडो डालकर जल्दी जल्दी फेट लेती और पानी गिरा देती। धीरे धीरे मुझे में डिलडो, और बैगन करने की बहुत बुरी आदत हो गयी। जब स्मार्ट फोन इंडियन में लांच हो गया तो मैं रोज रात में अपने कमरे में नंगी हो जाती। सब कपड़े निकाल देती और इंटरनेट में ब्लू फिल्म देखती और पूरी पूरी रात मैं देखती थी। और डिलडो डालकर खूब मजा लेती। धीरे धीरे मेरी शादी की बात चलने लगी। मैंने सोचा की अब तो मुझे जल्दी ही लंड के दर्शन हो जाएगे पर ऐसा नही हुआ। जो भी लड़का आता मेरे काले रंग को देखकर भाग जाता। एक बार फिर से मैं प्यासी रह जाती।  इंडियन सेक्स कहानी डॉट कॉम
रात में पापा मम्मी को खूब पेलते। मैं खिड़की से सब देखती। मेरी मम्मी तो काली थी पर पापा गोरे। दुर्भाग्य से मैं मम्मी को पड़ गयी थी। उस रात को जब पापा ने मम्मी को जोर जोर से अपने मोटे लंड से पेला तो मम्मी “आऊ…..आऊ….हमममम अहह्ह्ह्हह…सी सी सी सी..हा हा हा..” की कामुक आवाजे निकाल रही थी। मुझे ये देखकर बड़ा अच्छा लगा। पापा का लंड 7” लम्बा वो जोर जोर से मम्मी को पेल रहे थे। दोनों मजे लूट रहे थे। ये सब देखकर मैं जलने लगी की सारी दुनिया ऐश कर रही है और एक मैं ही बदनसीब हूँ जो चुदने को तरस रही है। हर बार मुझे या तो डिलडो या अपनी ऊँगली की मदद लेनी पड़ती। मैं हर तरह का सामान अपने भोसड़े में डाल लेती थी। टूथब्रश, पेंसिल, पेन जो भी मुझे दिख जाता मैं लेकर चूत में डाल लेती और जल्दी जल्दी अंदर बाहर करने लग जाती थी। इस तरह से मैंने 7 साल काम चलाया। फिर जब मैं 30 साल की हुई तो मुझे मेरे जैसा ही एक लड़का देखने आया। उसका रंग भी मेरी तरह से बहुत काला था।

मुझे तो इस बार भी लग रहा था की वो लड़का मुझे पसंद नही करेगा। उसका नाम डेविड था। मैंने सलवार सूट में उसके सामने गयी थी चाय लेकर। हम दोनों की खामोश थे।
“रोजी बेटी!! शायद तुम दोनों बाते करने में शर्मा रहे हो। इसलिए डेविड को लेकर तुम अपने कमरे में चले जाओ। खुलकर बात कर लो” पापा बोले
डेविड के पापा, मम्मी भी मुझे देखने आये थे। वो भी कहने लगे। इसलिए मैं डेविड को लेकर अपने कमरे में आये। हम दोनों बिस्तर पर ही दूर दूर बैठे हुए थे। ना तो वो बोल रहा था। ना मैं बोल रही थी। दोनों ही चुप थे। डेविड को देखकर लग रहा था की उसने अभी तक कोई बुर नही चोदी थी। वो दूसरी तरह नजरे किये हुए था। शायद शर्म कर रहा था। मैंने सोचा की अगर ये लड़का मुझे पसंद कर ले तो सब काम सेट जो जाए। मेरे कुवारेपन का अंत हो जाए और लंड भी नसीब हो जाए। मैंने ही बात की शुरुवात कर दी।
“क्या मैं आपको पसंद नही जो आप दूसरी तरह देख रहे है” मैंने धीरे से कहा
अब डेविड मेरी तरफ देखने लगा। वो सिर्फ मुझे ही ताड़ रहा था।
“नही ऐसी कोई बात नही है। आप तो परी जैसी है” वो बोला
धीरे धीरे हमारे बीच बाते हो लगी। डेविड ने अपने पापा, मम्मी से कह दिया की मैं उसको बहुत ही जादा पसंद हूँ। फिर 3 महीनो बाद मेरी शादी हो गयी। मैं विदा होकर डेविड के घर आ गयी। रात को हमारी सुहागरात थी। डेविड के आने से पहले मैं बाथरूम में जाकर अपनी चूत की झांटो को अच्छे से शेव कर लिया। कुवारी चूत थी मेरी। रात के 11 बजे डेविड मेरे कमरे में आ गया। धीरे धीरे हम दोनों का किस शुरू हो गया। मैं डेविड की शेरवानी उतार दी। उसके बनियान और कच्छे को भी उतार दिए। फिर डेविड ने मेरे शादी के लहंगे को उतार दिया। धीरे धीरे मुझे नंगा कर दिया। मेरे ब्लाउस को उतार दिया।  इंडियन सेक्स कहानी डॉट कॉम
अब मैं सिर्फ गुलाबी रंग की ब्रा और पेंटी में उसके सामने लेती हुई थी। मेरे दूध 34” के थे। सुंदर और सेक्सी। डेविड ब्रा के उपर हाथ लगाने लगा। फिर तेज तेज दबाने लगा। मैं जाली वाली ब्रा और पेंटी पहनी थी। मैं “….उंह उंह उंह हूँ.. हूँ… हूँ..हमममम अहह्ह्ह्हह..अई…अई…अई…..”करने लगी। फिर डेविड ने मेरी ब्रा को खोल दिया और मेरे दोनों बूब्स के दर्शन करने लगा। दोस्तों मेरा रंग काला जरुर था पर चूचियां इतनी कसी कसी थी की डेविड देखकर पगला गया।

“रोजी!! यू आर फकिंग गुड!!” वो बोला और मेरे दोनों मम्मो पर टूट पड़ा। वो अपने दोनों हाथो से मेरे दोनों मम्मे किसी हॉर्न की तरह दबाने लगा। आज जिन्दगी में पहली बार मुझे इतना आनंद आया था। मेरे काले रंग के कारण किसी लड़के ने आज तक मेरे दूध को हाथ तक नही लगाया था इसलिए मैं उस सुख से वंचित रह गयी थी। आज मेरा पति डेविड मेरे दोनों दूध को अपने हाथो से मसल रहा था। मैं “उ उ उ उ उ……अअअअअ आआआआ… सी सी सी सी….. ऊँ—ऊँ…ऊँ….”कर रही थी। मेरी चूचियां बेहद कसी और गर्व से तनी हुई कलश जैसी दिख रही थी। डेविड तो मजे से खेल रहा था। फिर वो मेरी बाई निपल को मुंह में लेकर जल्दी जल्दी चूसने लगा। खूब मजे लेकर पागल होकर दबा दबाकर चूस रहा था।
मुझे तो जैसे आज जिन्दगी का असली सुख मिल रहा था। मैं अपने डेविड के कन्धो पर हाथ रखकर उसे अपनी दूध पर दबा रही थी। जिससे वो और कस कसके चूसे। वो मेरी मुलायम चूची पर दांत गडा देता था। इस तरह से हम दोनों भरपूर प्रेम क्रीडा करने लगे। डेविड ने 20 मिनट मेरी दोनों दूध को चूस चूसकर लाल कर दिया। मुझे नंगा करके अब मेरी चूत जल्दी जल्दी पीने लगा।
“रोजी जान!! तुम तो कुवारी हो” डेविड बोला
“हां जानू!! अपने पति परमेशवर के लिए मैंने अपने कुवारेपन को बचा कर रखा था। मुझे चोदने का हक़ सिर्फ मेरे पति का है” मैंने कहा
ये बात सुनकर मेरा पति डेविड बहुत खुश हुआ। अब तो वो और जादा जोश से मेरी चूत चाटने लगा। मेरी चूत के दोनों होठ लम्बे लम्बे और बेहद सेक्सी थे। डेविड उनको अपने दांत से काट रहा था और चूस रहा था। फिर वो चूत में जल्दी जल्दी ऊँगली करने लगा। मैं “हूँउउउ हूँउउउ हूँउउउ ….ऊँ—ऊँ…ऊँ सी सी सी सी… हा हा हा.. ओ हो हो….”की सेक्सी आवाज निकालकर उसे अपनी चूत चटवा रही थी। मुझे सनसनी हो रही थी। मैं किसी भट्टी की तरह काम की अग्नि में जल रही थी। डेविड अपने काम पर लगा हुआ था। जल्दी जल्दी मेरी चूत को पी रहा था। बड़ी देर तक ऐसा हुआ।
“रोजी जान!! कुतिया बनो” डेविड बोला
“क्यों?? क्या बिस्तर पर लिटाकर नही चोदोगे??” मैंने पूछा
“अरे जान!! तुम कितनो भोली हो। जो मजा कुतिया बनाकर चोदने में आता है वो लेटकर पेलने में नही आता” डेविड बोला

अपने दोनों हाथो और घुटनों को मोड़कर मैं फिर मैं कुतिया बन गई। अब डेविड मेरे चूतडों को किस करने लगा। मेरे पुट्ठो काफी सेक्सी, चिकने और सपाट थे। मेरा पति डेविड उनपर बार बार अपने हाथ फेर रहे थे। चुम्मा तो बार बार ले रहे थे। फिर उन्होंने मेरे चूतडों के बीच में अपना मुंह डाल दिया और पीछे से किसी कुत्ते की तरह मेरी चूत जल्दी जल्दी चाटने लगे। काफी देर तक वो ऐसा करता था। मेरे चूत के होठो को वो बार बार किस कर रहा था। अपनी जीभ की नोंक को चूत के दाने से घिस रहा था। फिर उसने पीछे से मेरी चुद्दी में लंड डाल दिया और जल्दी जल्दी चोदने लगा। मैं “…….उई. .उई..उई…….माँ….ओह्ह्ह्ह माँ……अहह्ह्ह्हह…”की सेक्सी आवाजे निकाल रही थी। इंडियन सेक्स कहानी डॉट कॉम
आज पहली बार मैं कुतिया बनकर चुद रही थी। डेविड जल्दी जल्दी मुझे पेल रहा था। मेरी चूत का ताला आज उसने ही तोड़ा था। मेरी चूत से खून निकला और बूंद बिस्तर की सफ़ेद चादर पर जा गिरी। डेविड इस बात से बहुत खुश था की मैं पूरी तरह से सील बंद माल थी। वो जल्दी जल्दी मुझे पेलने लगा। मेरी चूत में डेविड का लंड धमाल मचा रहा था। खूब मजा मुझे दे रहा था। मेरे पति का लंड 6” लम्बा था। मुझे अजीब सा सेक्सी नशा मिल रहा था। मेरी चूत बहुत कसी थी। इसलिए डेविड को भी भरपूर आनंद मिल रहा था। वो मेहनत से मुझे पेल रहा था। बार बार मेरे चूतड़ों पर हाथ से सहला रहा था। मेरे पीछे खड़े होकर किसी कुत्ते की तरह जल्दी जल्दी चोद रहा था। मेरा तो बुरा हाल हो रहा था। आज पहली बार चुद रही थी। इसलिए दर्द भी हो रहा था।
“आराम से जान!!” मैंने डेविड से कहा
अब वो आराम आराम से लंड अंदर डालने लगा। पर 10-12 मिनट बाद वो फिर से जोश में आ गया और हूँ हूँ हूँ की आवाज निकलाकर मेरी चूत का चुकंदर करने लगा। 15 मिनट बिना झड़े मेरे पति डेविड ने मुझे पेला। फिर चूत में सारा रस निकाल दिया।

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