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जतिन अंकल का मोटा लंड देखी

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Sex Stories दोस्तों मेरा नाम संगीता है और मैं दिल्ली से हूँ. मेरी एज 22 साल है और मैं नेचर से एकदम सेक्सी और चुदक्कड किस्म की लड़की हूँ. आज मैं आप को अपनी लाइफ का एक सच्चा अनुभव बताने जा रही हूँ जिसमे मैं मौसी के पडोसी अंकल के लंड को देख के उसके ऊपर मोह गई थी. चलिए आप को अब और वेट न करवाते हुए अपनी चुदाई की स्टोरी बताती हूँ. इंडियन सेक्स कहानी डॉट कॉम
मैं अपनी मौसी के घर पर कुछ दिन रहने के लिए गई थी कोलेज की छुट्टियाँ थी इस वजाह से मौसी के पडोसी है एक और उनका नाम जतिन खन्ना है. मौसा जी और जतिन अंकल की दोस्ती भी है इसलिए वो अक्सर मेरी मौसी के घर पर आते है. उनकी वाइफ शोभा को मेच देखने का सौक नहीं है इसलिए मौसा जी के साथ ही वो क्रिकेट के मेच देखने के लिए आते थे मौसी के घर पर. उनका नेचर एकदम सरल था और वो मेरे से भी खूब सारी बातें करते थे.
एक दिन मेरी मौसी उनके घर से आई. और उसे याद आया की वो अपना मोबाइल वही भूल के आई थी. उसने मेरे को बोला जा देख तो शोभा के वहां मैं अपना मोबाइल छोड़ आई हूँ ले के आ तो.
मैं जतिन अंकल के घर गई और देखा तो शोभा आंटी किचन में आटा गूंद रही थी. मैंने उसे कहा की मौसी अपना मोबाइल यही भूल कर चली गई है तो उसने कहा रुको मैं देती हूँ बेटा.
मैंने कहा आंटी आप के हाथ आटे से सने हुए है मेरे को बताओ मौसी कहाँ थी मैं खोज लुंगी.
तो शोभा आंटी ने बोला की अंदर मेरे बेडरूम में थी तेरी मौसी इसलिए मोबाइल वो कमरे में ही होना चाहिए. अगर ना मिले तो मेरे फोन से मिस कॉल कर लेना. मैंने कहा ठीक है.
मैं किचन से आंटी के बेडरोम की तरफ जाने को निकली. और तब जतिन अंकल नाहा रहे थे. मैं कोरिडोर से निकली तभी बाथरूम का दरवाजा खुला और वो बहार आये. उनके बदन के उपर कपड़ों के नाम पर एक अंडरवियर ही था और उसके अंदर उनका लंड शेप बनाए हुए थे. तब वो लंड टेढा था और उसे देखते ही पता चलता था की कम से कम 7 इंच का लंड होगा इस चड्डी के अंदर. मेरे को देख के वो स्माइल कर गए. मैंने भी अपनी नजरें उस लंड पर से हटा ली. अंकल ने अपने बदन को तौलिये में लपेट लिया. सच कहूँ तो लंड के आकार ने मेरे अंदर की लड़की को जैसे जगा दिया था. मैं चाहती थी की वो लंड मेरे को फिर से देखने को मिले. अंकल भी मेरे साथ कमरे में आ गए और वो कबाट के पास खड़े हो के अपने कपडे निकाल रहे थे. मैंने फोन देख लिया था जो अंकल के पीछे था लेकिन उनके लंड को एक बार फिर से देखने की चाह में मैं इधर उधर फ़ालतू में ही खोजती रही. फिर अंकल ने अपने तौलिये को खोला और पेंट पहनने लगे.

लेकिन मैंने लंड को अंडरवियर में देखने का मौका नहीं जाने दिया. जैसे कोई बड़ा गिरगिट भरा हुआ था उस चड्डी के अंदर. मेरी चूत का पानी निकल पड़ा उसे फिर से देख के.
अंकल ने मेरे को बोला: क्या हुआ संगीता, जो लेने आई हो वो मिला की नहीं?
मैंने एकदम नोटी अंदाज में कहा, हां जो मुझे चाहिए वो तो आप ही छिपा के बैठे हो!
और फिर मैं अंकल के पीछे मौसी का फोन लेने के लिए गई. और जानबूझ के मैंने पाँव को पलंग पर मारा और मैं उनके ऊपर लुडक गई. अंकल ने मेरे को थाम लिया और गिरने से बचा लिया. और इस प्लान किये हुए अकस्मात में मैंने उनके लंड को टच कर लिया जो की बहुत गर्म था. उनके हाथ भी मेरे बड़े बूब्स पर फिसल से गए. फिर मैंने उठ के मौसी का मोबाइल लिया और घर आ गई. मैंने निकलते हुए अंकल को देखा तो वो मेरे को देख के स्माइल कर रहे थे और मैंने भी उन्हें स्माइल दी. उस दिन शाम को ही मैंने अपनी बेग से डिलडो निकाला और अंकल के लंड के बारे में सोच सोच के अपनी चूत का पानी निकाला.
मैं अब अंकल का लंड लेने के लिए सोचने लगी थी. और मेरे को वही हफ्ते मौका भी मिल गया. शोभा आंटी कुछ दिन के लिए मइके गयी थी और जतिन अंकल मेरी मौसी के घर खाना और नास्ता करते थे उन दिनों. मेरे को जब भी मौका मिलता था मैं उनके पेंट के उस हिस्से को देखती थी जहाँ पर लंड होता है. और मेरी इस हरकत को खुद अंकल ने भी काफी बार पकड़ा था. लेकिन वो कुछ नहीं कहते थे और सिर्फ स्माइल कर देते थे मेरे अंदर की अन्तर्वासना कुलबुला रही थी उस लंड को लेने के लिए. मैंने पहले भी सेक्स किया है इसलिए बड़े लंड की शक्ति को महसूस करना चाहती थी.

एक दिन शाम को अंकल डिनर के लिए नहीं आये. पहले तो मौसी ने वेट की लेकिन 9 बजने लगे तो मेरे को बोला जाओ जतिन अंकल को डिनर के लिए बुला के लाओ.
तो मैं जतिन अंकल के घर गई तो देखा की वो अपने लेपटोप के ऊपर बैठे हुए कुछ देख रहे थे. मैंने उन्हें कहा अंकल चलो मौसी खाने के लिए बुला रही है.
अंकल ने बोला संगीता आज कुछ काम ज्यादा है, या मेरे लिए खाना यही पर ला दो गी तुम?
मैंने कहा, क्यूँ नहीं अभी ले के आती हूँ.
और मैं एक थाली में अंकल के लिए खाना ले के चली गई. जब मैं थाली को रख के निकलने को ही थी तो अंकल ने मेरी कलाई पकड ली. और बोले उस दिन जब मैं नहा के निकला तो तुम इतने ध्यान से मेरी चड्डी में क्यूँ देख रही थी?
मैंने कहा अंकल आप भी तो बड़े खुश थे तब. मैंने आप को पहले कभी ऐसे नहीं देखा था चड्डी में इसलिए मैं ध्यान से देख रही थी बस. और आप की चड्डी में वो इतना बड़ी और मोटी चीज क्या थी?
जतिन अंकल ने हाथ पकडे ही रखा था. और वो बोले, वो मेरा पेनिस है संगीता!
मैंने कहा अच्छा, लेकिन वो इतना मोटा और लम्बा तो नहीं होता ना!
तो जतिन अंकल ने मेरे को आँख मारी और बोले, मेरे वाला ज्यादा विटामिन वाला है, देखना है तुमको?
मैंने हां में मुंडी हिला दी अपनी तो अंकल ने जल्दी से अपनी पतलून को और चड्डी को निकाल दिया निचे सरका के. और तब उनका लंड उतना फुला नहीं था क्यूंकि वो अभी आधा सोया था. मैंने कहा अंकल ये उस दिन के जितना तो नहीं है अंकल. आप कहीं जूठ तो नहीं बोल रहे न.
अंकल ने मेरे को आँख मारी और बोली एक बार इसे टच कर लो फिर देखो उस दिन के जैसा होता है की नहीं.
और सच में ऐसा ही हुआ उस लंड को हाथ का टच होते ही वो खड़ा होने लगा और उसकी मोटाई भी बढ़ने लगी थी. मैं अंकल के लोडे को हाथ से सहला रही थी और उन्होंने मुझे अपनी बाहों में ले लिया और मेरे लिप्स को किस करने लगे. मैं भी कितने दिनों से यही सब चाहती थी इसलिए मैंने भी अंकल के होंठो को कस के चुसना चालू कर दिया. फिर मैंने उनसे दूर होते हुए कहा, आज कुछ भी नहीं अंकल, मौसी बुलाने आ जायेगी देर हो गई तो.
तो अंकल ने अब एकदम धड़ल्ले से मेरे को पूछा, क्या तुम मेरा लंड लेना चाहती हो संगीता?
मैंने कहा, हाँ अंकल लेकिन आज उसके लिए सही मौका नहीं है. इंडियन सेक्स कहानी डॉट कॉम
तो अंकल ने मेरे को बोला एक काम करता हूँ कल ऑफिस से ऑफ़ ले लेता हूँ, दिन में कर सकते है ना हम?
मैंने कहा हां दिन में कोई प्रॉब्लम नहीं होगी.
और फिर मैं अंकल के लंड के सपने बुनते हुए अपनी मौसी के वहां आ गई. अब मुझे कल की वेट थी जब मैं अंकल का लंड लेनेवाली थी.
अगले दिन मैंने मौसी को कहा, मैं पड़ोस में अपनी सहेली के पास जाती हूँ.
और इस तरह जूठ बोल के मैं जतिन अंकल के घर में घुस गई.
अंकल ने तब सिर्फ चड्डी पहनी हुई थी मेरे को देख के वो बोले, चलो सीधे बेडरूम में ही चलें.
बेडरूम में अंकल ने मुझे टाईट हग दे दी और मेरे लिप्स को सक करने लगी. मैं भी उनके सेक्सी टच से हॉट होने लगी थी. अंकल ने अब मेरे को खड़ा कर के मेरी जींस और टी शर्ट को निकाल फेंका और मेरे बूब्स को दबाने लगे और निपल्स को मुहं में भर के चाटने लगे. मैंने उनके चहरे को अपने बूब्स के ऊपर दबा दिया. अंकल के लंड में जोश आने लगा था और मैंने देखा की वो चड्डी से बहार आने के लिए बेताब होने लगा था. मैंने अंकल की चड्डी को खिंच दी. अंकल ने बोला, चलो इसको अपने हाथ से और मुहं से प्यार दो मेरी जान.
मैंने कहा जतिन अंकल जब आप आंटी को इस मोटे लोडे से चोदते हो तो वो कैसे रिएक्ट करती है?

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अंकल ने कहा, तू चुदेगी कुछ देर में इस से तो खुद सब कुछ समझ जायेगी!
और फिर उन्होंने मेरी पेंटी को निकाल दिया. मैं पहली बार उनके सामने पूरी नंगी खड़ी थी इसलिए मेरे को शर्म आ रही थी. मैं बार बार अपनी चूत को हाथ से छिपा रही थी. लेकिन अंकल ने फिर मेरे हाथ हटाये और अपने होंठो से मेरी चूत को प्यार करने लगे, वाऊ क्या मजा आ गया!
और फिर उन्होंने मेरी एक जांघ को पकड के अपने कंधे पर रख दी. और चूत को चाटने के लिए अपनी जगह बनाई. वो अपने होंठो को मेरी चूत के दाने पर और लिप्स पर घुमा के मुझे सेक्स की जर्नी का मज़ा दे रहे थे. मेरी चूत पानी पानी होने लगी थी और वो उसे और भी जोर जोर से लिक करते ही गए. फिर मैंने जतिन अंकल के बालों को मरोड़ा और बोली, चाट लो इसको और जोर से अंकल, मेरी आग को बुझा दो अपने मोटे लोडे से.
अंकल खड़े हुए और उन्होंने मेरी मुठ्ठी में अपना लंड पकड़ा दिया और बोले, अब इस लंड के धक्के लेने के लिए रेडी हो जाओ मेरी जान!
मैं बिस्तर में लेट गई और उन्होंने मेरी चूत को प्यार से खोला और अपने लंड के सुपाडे को उसके ऊपर रख दिया. और फिर वो मेरे छेद में लंड को अंदर करने की कोशिश में थे. मैंने अंकल को कहा, मेरे को दर्द हो रहा है अंकल प्लीज़ धीरे से डालो ना!
अंकल ने ये सुन के मेरे होंठो को प्यार से किस कर दिया और बोले, मेरी जान थोड़ा दर्द तो होगा ही लेकिन फिर तो तुम्हें भी मजे ही मजे आयेंगे. और फिर वो मेरे होंठो को किस करते हुए अपने मोटे लंड को अंदर करने लगे. और उन्होंने अपना लंड आधा अंदर कर ही दिया. इंडियन सेक्स कहानी डॉट कॉम
मेरे को बहुत दर्द हो रहा था तो अंकल ने रोमांस को और भी बढ़ा दिया. वो कभी मेरे को किस करते कंधे पर तो कभी होंठो पर. और कभी मेरे निपल्स को सक करते तो कभी उन्हें दबाते थे. और फिर जब मेरी चूत का दर्द कम हुआ तो वो फिर मेरे को धक्के देने लगे. और अब उन्होंने अपनी चुदाई की स्पीड को बढ़ा दिया था.

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पांच मिनिट की चुदाई में ही वो मोटे लंड ने मेरी चूत का पानी छुडवा दिया. लेकिन अंकल का नहीं हुआ था. उन्होंने मेरी चूत से अपने लंड को बहार निकाल दिया और वो मेरी चूत को जबान अंदर डाल डाल के चाटने लगे. मैं बिस्तर के ऊपर की चद्दर मरोड़ के पड़ा रहा. और फिर अंकल ने मेरे दोनों बूब्स को दबा के अपने लंड को बिच में घुसा दिया. अब उन्होंने मेरे बूब्स की मस्त चुदाई की. उनके बूब्स चोदने से मैं फिर से गरम हो गई. वो देख के अंकल फिर से मेरी चूत की चुदाई के लिए आ गए और मेरे को जोर जोर से चुदाई करने लगे.
अंकल ने मेरे को कम से कम 10 मिनिट तक चोदा और फिर उनके लंड का पानी भी चूत गया. वो दिन मेरे लिए काफी अच्छा था. अंकल ने अपने लेपटोप के ऊपर मेरे को ब्ल्यू फिल्म भी दिखाई. और फिर हमने दो घंटे में और 3 बार चुदाई की.
जतिन अंकल ने आज तक मेरे को ना जाने कितनी बार चोदा है. मैं जब भी मौसी के घर जाती हूँ तो उनका लंड कम से कम एक बार तो लेती ही हूँ!

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