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जवान भाभी के साथ सम्भोग की रसीली कहानी

sex story मेरी भाभी का नाम मनीषा। मेरे साथ ही रहती थी। मैं और नागेन्द्र भैया अब मुंबई में किराये पर फ्लैट लेकर रहते थे। हम दोनों अलग अलग कम्पनी में मार्केटिंग और सेल्स का काम करते थे। मनीषा भाभी बहुत सुंदर थी। उनको देखकर ही मेरा चोदने का दिल करने लग जाता था। जब वो साड़ी ब्लाउस पहनकर अच्छी तरह से बाल खोलकर तैयार हो जाती थी तो कयामत ढाती थी। मैं मन में सोचता था की कभी मनीषा भाभी की चूत मारने को मिल जाए तो समझो की जिन्दगी स्वर्ग बन गयी। दोस्तों मैं भाभी का पूरा ख्याल रखता था क्यूंकि मैं उनको दिलो जान से चाहता था। नागेन्द्र भैया रात को भाभी को नंगा करके अपने 7” के लौड़े से पेलते थे। भाभी “ओह्ह माँ….ओह्ह माँ…उ उ उ उ उ……अअअअअ आआआआ….” की आवाज निकालकर चिल्लाती थी। उनकी आवाज सुनकर मेरा लंड खड़ा हो जाता था। रोज मैं यही कामना भगवान से करता था किस दिन मनीषा भाभी को चोदने को मिलेगा।
कई बार बाथरूम में मैं जाता था तो भाभी की ब्रा और पेंटी मुझे दिख जाती थी। मैं उसे सूंघने लग जाता था। बार बार सोचता था की जब भाभी इतनी सेक्सी और हॉट माल है तो उसके बूब्स और चूत कैसी होगी। ये सोच सोचकर मैं मुठ मार देता था। इसी तरह से मैंने कई बार मजा लिया। एक दिन मैंने भाभी का मोबाइल हाथ में ले लिया और बाथरूम में चला गया। मनीषा भाभी की अनेक फोटो मोबाईल में थी। मैंने उनकी फोटो देखकर मुठ मार रहा था। इतने में भाभी का आई और उन्होंने देख लिया। अपनी फोटो उन्होंने देख ली। वो तमतमा गयी। बहुत गुस्सा हो गयी। आप यह स्टोरी इंडियन सेक्स कहानी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है। 

“मुरली!! ये सब क्या है?? मेरी तस्वीर देखकर मुठ मार रहे हो?? तुमको शर्म नही आती??” भाभी मुझे आँख दिखाकर बोल रही थी
“भाभी! मैं आपसे प्यार करता हूँ। रात में मेरे सपनों में सिर्फ आप ही आती हो। मैं आपको दिलो जान से चाहता हूँ” मैंने कहा
भाभी ने एक थप्पड़ मेरे गाल पर मार दिया। मेरे हाथ से मोबाइल छीन लिया और चली गयी। कुछ दिनों बाद मेरे नागेन्द्र भैया का अफेयर उनके साथ काम करने वाली लड़की सोफिया से हो गया। नागेन्द्र भैया ने धीरे धीरे सोफिया को अपनी रखेल बना लिया। रोज रात में उसकी चूत मारने लगे। कई बार रात में सोफिया के कमरे पर चले जाते। वही पर सो जाते। सुबह वहीँ से ऑफिस चले जाते। कुछ ही दिनों में नागेन्द्र भैया का राज खोल गया। सोफिया के साथ चुदाई करते हुए कई फोटोज उनके मोबाइल में थी। ये कहानी आप इंडियन सेक्स कहानी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है। जब मनीषा भाभी ने देखा तो उनकी माँ चुद गई। अब उनको पता चला की आखिर क्यों कितने महीने से भैया उनकी चूत नही बजा रहे है। अब भाभी को पता चला।
“नागेन्द्र! ये सब क्या है?? तुम्हारी पराई औरत के साथ चुदाई के मजे लूट रहे हो?? मैं ये सब बिलकुल बर्दास्त नही करुँगी” भाभी तमतमा कर बोली
पर भैया ने कुछ नही कहा। वो बडबडाती रही। पर भैया ने कोई जवाब ही नही दिया। नागेन्द्र भैया सोफिया से चक्कर चलाते रहे। आये दिन उसके कमरे पर चले जाते और वही पर रात बिताते। रोज सोफिया की चुदाई करते। मेरी मनीषा भाभी रोज रात में भैया का वेट करती खाना भी नही खाती। फिर पता चलता की वो सोफिया के रूम पर चले गये है। धीरे धीरे भाभी बहुत परेशान हो गयी। एक रात उन्होंने अपने हाथ की नस चाक़ू से काटने की कोशिश की। उस वक़्त रात के 12 बजे हुए थे। मैं जल्दी से भाभी को पकड़ लिया और हाथ से चाक़ू छिनकर दूर फेंक दिया। 2 -4 चांटे भाभी के गाल पर मार दिया। वो रोने लगी। आप यह स्टोरी इंडियन सेक्स कहानी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है। 
“मुरली!! नागेन्द्र मुझसे प्यार नही करता। अब मैं किसके सहारे जिऊँगी?? बोलो?” भाभी रो रही थी.

मुझसे उनको रोते हुए देखा न गया। मैंने उसको सीने से लगा लिया।
“भैया आपने प्यार नही करते पर मैं करता हूँ। मैं आपको प्यार दूंगा” मैंने कहा और सीने से लगा लिया। आधे घंटे तक फफक फफक कर मनीषा भाभी रो रही थी। किसी तरह चुप हो गयी। मैंने उसको बिस्तर पर लिटा दिया और उसके लब चूसने लगा। उन्होंने कुछ नही कहा। दोस्तों धीरे धीरे मैंने अपने साड़े कपड़े उतार दिए। मेरा लंड तो किसी काले नाग की तरह फुफकार रहा था। धीरे धीरे मैंने अपनी सगी भाभी के ब्लाउस के बटन खोल दिए।
ब्लाउस उतार दिया और ब्रा भी उतार दी। आज खुदा मेरे साथ था। भाभी भी आज चुदना चाहती थी। क्यूंकि अब उनसे प्यार करने वाला इस दुनिया में सिर्फ मैं था। मैंने जल्दी जल्दी उसकी 36” की रसीली चूची दबाना शुरू कर दी। धीरे धीरे वो नोर्मल हो गयी। अपने गम को भूल गयी। दोस्तों भाभी के दूध का क्या कहना था। इतने खूबसूरत मम्मे मैंने आजतक नही देखे थे। मैं तेज तेज हाथ से पकड़कर दबाने लगा। मनीषा भाभी “ओहह्ह्ह…ओह्ह्ह्ह…अह्हह्हह…अई..अई. .अई… उ उ उ उ उ…” की तेज तेज आवाजे निकालने लगी।
धीरे धीरे मैने उसके बूब्स मुंह में लेकर चुसना शुरू कर दिया। दोस्तों आज मुझे जिन्दगी का असली मजा मिल रहा था। मैं जल्दी जल्दी अपनी सगी मनीषा भाभी के दूध चूस रहा था। उसके दूध 36” के सफ़ेद सफ़ेद थे। बेहद सॉफ्ट और नशीले दूध थे। बड़े ही चिकने और गर्व से तने हुए। आज तो कायनात मेरे सामने थी। धीरे धीरे मुझे भाभी की चूचियां चूसने का नशा हो गया था। मैं दीवाना होकर चूसता जा रहा था। एक सेकंड को मैं नही रुक रहा था। जल्दी जल्दी भाभी के अनार चूस रहा था। धीरे धीरे मनीषा भाभी चुदासी हो गयी। वो मुझे प्यार करनी लगी। उसकी दोनों रसीली चूची को चूसकर मैंने और टाईट बना दिया।
“मुरली! अब मेरी साड़ी और पेटीकोट उतार दो। मुझे चोदो मुरली!! मुझे जल्दी चोदो” इस तरह से मनीषा भाभी चिल्ला रही थी… आप यह स्टोरी इंडियन सेक्स कहानी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है। 
मैं उसके आदेश को मैंने अनसुना कर सकता था। वो बिस्तर पर पसरी रही। मैंने ही जुगाड़ करके उसकी साड़ी खोल दी। फिर पेटीकोट के नारे को चूम लिया। धीरे धीरे कामुक अंदाज में मैंने अपने मुंह से भाभी के पेटीकोट का नारा खोल दिया। ये नारा आज मुझे स्वर्ग की सैर करवाने जा रहा था। मैं जानता था। मैं फिर पेटीकोट उतार दिया। देखा की भाभी की लाल चड्डी अब पूरी तरह से गीली हो गयी थी। मैंने चड्ढी के उपर से भाभी की चूत मुंह लगाकर चाटने लगा। वो मरी जा रही थी। लम्बी लम्बी सांसे भर रही थी। दोस्तों 10 मिनट तक मैंने मनीषा भाभी की चूत चड्ढी के उपर से चाटी, फिर उतार दी। ये कहानी आप इंडियन सेक्स कहानी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है।
उन्होंने खुद ही अपने पैर खोल दिए। खुले बालों में वो मेनका जैसी दिख रही थी। आज उपर वाला मुझ पर मेहरबान था।

मैं लेट गया और जल्दी जल्दी भाभी का भोसड़ा मुंह लगाकर पीने लगा। भाभी “आआआअह्हह्हह…..ईईईईईईई….ओह्ह्ह्….अई. .अई..अई…..अई..मम्मी….” की सेक्सी आवाजे निकाल रही थी। मैं जल्दी जल्दी जीभ लगाकर उसकी चिकनी चूत का रस पी रहा था। आज मेरी जिन्दगी का यादगार दिन था। कभी मैंने सोचा नही था की मनीषा भाभी की चूत पीने को मिलेगी। मैं जल्दी जल्दी चाट रहा था। उसकी चूत बार बार अपना सफ़ेद मक्खन छोड़ रही थी। मैं बार बार चाट जाता था।
इस तरह मैंने मैंने खूब मजा लिया। फिर अपना लंड पकड़कर भाभी की चूत में डाल दिया। मैं उनको चोदने लगा। वो नंगी किसी रंडी की तरह दिख रही थी। बार बार मुंह खोलकर “……मम्मी…मम्मी…..सी सी सी सी.. हा हा हा …..ऊऊऊ ….ऊँ. .ऊँ…ऊँ…उनहूँ उनहूँ..” आवाजे निकाल रही थी। भाभी को मस्ती चढ़ रही थी। जल्दी जल्दी चुदा रही थी। मैं तो उसकी चिकनी चमेली चूत का आशिक बन गया था। कमर मटका मटकाकर मैं अपनी सगी भाभी को चोद रहा था। वो बार बार अपना पेट उपर को उठा रही थी। बार बार अपना मुंह किसी छिनाल की तरह खोल देती थी। मुझे भी अत्यधिक मजा मिल रहा था।
करीब 16 -17 मिनट बाद मैं झड गया। अंत में पानी उनकी चूत में ही छोड़ दिया। अब मैं थक कर भाभी के उपर ही पसर गया। लेट गया। वो मुझे बार बार किस कर रही थी। भाभी भी हांफ रही थी। चुदाई में हम दोनों की ताकत खर्च हुई थी।   आप यह स्टोरी इंडियन सेक्स कहानी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है। 
“…….उई. .उई..उई……. मुरली! आज तो तूने मुझे जन्नत दिखा दी। अब तुम्हारे भैया अपनी माँ चुदाले। मैं तो रोज तुम्हारा लंड की खाऊँगी……..अहह्ह्ह्हह…” भाभी बोली
उन्होंने मुझे सीने से चिपका लिया। मैंने उनको बाहों में भर लिया। काफी देर तक हम दोनों प्यार करते रहे।
“भाभी! तुम्हारे जैसी सेक्सी माल मैंने आजतक नही देखी है। मैं तुमको रोज अपना प्यार दूंगा। रोज तुम्हारी चूत बजाऊँगा। पर प्रोमिस करो तुम अब रोओगी नही” मैंने कहा
भाभी ने सिर हिला दिया। करीब 1 घंटे तक हम एक दूसरे को बाहों में भरे रहे।
“भाभी!! अपनी गांड दो ना प्लीस!!” मैंने कहा

शुरू शुरू में वो इनकार कर रही थी। पर मान मनौवल के बाद वो मान गयी और बेड पर ही कुतिया बन गयी। वो इस पोज में बड़ी हॉट लग रही थी। मैंने भाभी के पुट्ठो को हाथ से सहलाने लगा। ओह्ह क्या मस्त मस्त गांड थी मनीषा भाभी की। मैंने हाथ से मस्त मस्त मुलायम पुट्ठो को सहला रहा था। मुझे बड़ा मजा आ रहा था। भाभी ने अपना सिर बिस्तर पर रख दिया था। अपनी गांड पीछे से उठा दी थी। मैं बार बार हाथ से उनके नर्म नर्म पुट्ठो को दबा देता था। मुजको बड़ा सुख मिल रहा था।
दोस्तों धीरे धीरे मैं मनीषा भाभी की गांड का पूरी तरह दीवाना हो गया। उनके मस्त मस्त खरबूज की तरह दिखने वाले पुट्ठो को मैं सहला रहा था, चूम रहा था। धीरे धीरे मैंने उसकी गांड पीना शुरू कर दिया। मेरी जीभ इस वक़्त भाभी की गांड चूस रही थी। मेरे नागेन्द्र भैया ने कसके गांड चोदी थी मनीषा भाभी की। इस वजह से उनकी गांड फटी हुई थी। 1” मोटा छेद था भाभी की गांड का। मैं इस वक़्त किस कर रहा था। जीभ लगाकर पी रहा था। भाभी “हूँउउउ हूँउउउ हूँउउउ ….ऊँ—ऊँ…ऊँ सी सी सी सी… हा हा हा.. ओ हो हो….” की सेक्सी आवाजे निकाल रही थी।   आप यह स्टोरी इंडियन सेक्स कहानी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है। 
मैंने 15 मिनट तक उसकी गुलाबी गांड को पिया। फिर लंड डालकर मारने लगा। अब भाभी कसमसा रही थी। मेरा लंड उसकी गांड में 6” अंदर तक घुस गया था। अच्छे से गांड के छेद को चोद रहा था। आधे घंटे मैंने भाभी की गांड चोदी। फिर माल उसी में गिरा दिया। अब रोज मनीषा भाभी मुझसे चुदाती है, कहानी आपको कैसे लगी DMCA.com Protection Status

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