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जीजा की बहन को चोदकर हिसाब चुकाया

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New Sex Stories जीजा की बहन को चोदकर हिसाब चुकाया,, indiansexkahani.com
मेरा नाम कपिल वर्मा है। इटावा में घर है मेरा। दोस्तों मेरी मीनाक्षी दीदी की शादी हमारे घर की मर्जी से नही हुई थी। उन्होंने लव मैरिज की थी। वो कहने लगी की अगर उनकी शादी उनके बॉयफ्रेंड से नही हुई तो दीदी जहर खाकर जान दे देंगी। मेरे पापा, मम्मी का शादी के लिए बिलकुल मन नही था क्यूंकि हम लोग ब्राह्मण है और दीदी का बॉयफ्रेंड सिंह (*****) जाति का था। इसलिए मेरे पापा मम्मी शादी के लिए तैयार नही हो रहे थे। पर अंत में हम लोग झुक गये और बेमन से अपनी दीदी की शादी उनके बॉयफ्रेंड से कर दी। अब तो वो मेरे जीजा जी लगते थे। मन तो नही करता था पर मजबूरी में मुझे उनको जीजा जी कहना पड़ता था। आप यह स्टोरी इंडियन सेक्स कहानी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है। 
मेरी मीनाक्षी दीदी बहुत सुंदर और सेक्सी लड़की थी। जीजा जी उनको रात में खूब चोदकर मजा लूटते थे। मेरे मन में ये बात सोच सोचकर गुस्सा भर जाता था। मैं अगर वो मेरी बहन को रोज पेलते है तो मैं भी उसकी बहन को चोदकर बदला ले लूँगा। मैं सोचता था। इसलिए मैं हर महीना दीदी के घर चला जाता था। जीजा की बहन का समीरा था। 23 साल की जवान और सेक्सी लड़की थी। फूल जैसी दिखती थी। मेरा उससे चक्कर चलाने का बहुत मन था। मैं उसको लाइन देना शुरू कर दी। शुरुवात बैडमिंटन खेलने से हुई। समीरा को बैडमिंटन खेलना बहुत पसंद था। मैं उसे साथ खेलने लगा। हम दोनों की जोड़ी जम गयी। मैं भी अच्छा खेल लेता था। 1 -1 घंटे हम दोनों चिड़िया को गिरने नही देते थे।

समीरा सलवार सूट, जींस टॉप पहनकर बैडमिंटन खेलती थी। वो उछल उछल कर बैडमिंटन से लम्बे शॉट्स मारती थी। उसके 38” के बड़े बड़े मम्मे थे। समीरा का रंग भी साफ़ था। चेहरे की सूरत मोहनी थी। देखने में देसी और सुंदर लड़की लगती थी वो। जब जब वो उछल उछलकर मारती थी वो उसके मम्मे हिलते हुए मुझे नजर आते थे। मेरा लंड खड़ा हो जाता था। काश उसके साथ सेक्स करने को मिल जाए। यही मैं बार बार सोचता था। मैं उसे हर तरह से पटा रहा था। एक दिन समीरा मेरे जीजा से स्मार्ट फोन मागने लगी।
“भैया!! मेरी सहेलियों के पास फोन है। मुझे भी एक अच्छा सा स्मार्ट फोन दिलवा दो” समीरा ने अपने भैया यानी मेरे जीजा से कहा
“तू पढाई लिखाई में जादा मन लगा। इधर उधर की चीजों में अपना वक़्त बर्बाद मत कर” जीजा से कहा और झिड़क दिया
समीरा मुंह फुलाकर बैठ गयी। अगले हफ्ते मैं फिर से अपनी दीदी के घर गया था। मैं समीरा के रूम गया और उसे **** कम्पनी का एक मस्त सा 16 हजार का मस्त सा फोन गिफ्ट कर दिया। फोन पाकर समीरा मेरे गले से चिपक गयी।
“कपिल!! थैंक यू सो मच!!” वो बोलने लगी और मेरा आभार जताने लगी
“समीरा!! इसमें व्हाट्सअप में मुझे जरुर ऐड करना। देखो भूलना मत” मैंने कहा
धीरे धीरे हमारी रोज रात में व्हाट्सअप पर चैटिंग होने लगी। समीरा मुझे अपने कॉलेज की हर बात बताती। छोटी से छोटी बार मुझे बताती। धीरे धीरे हमारी दोस्ती प्यार में कब बदल गयी पता ही नही चला।
“अगर तेरे जैसे सुंदर लड़की मुझे मिल जाए तो शादी कर लूँ” मैंने कहा
“तो कर लो शादी” समीरा बोली
दोस्तों धीरे धीरे हम सेक्स चैट करने लगे। हर तरह की अच्छी गंदी बात हम करने लगे। समीरा अपनी चूचियों को फोटो खींचकर मुझे व्हाट्सअप करती। मैं अपने लंड की फोटो खीचता और उसे भेज देता। समीरा अपनी चूत में ऊँगली करती और फोटो खीचकर मुझे भेज देती। मैं मुठ मारकर विडियो बना लेता और उसे भेज देता। धीरे धीरे हम सब हदों को पार कर गये। अब मुझे समीरा को चोदना था। 15 दिनों बाद दीपावली का त्यौहार आ गया। मेरी मम्मी से मिठाई, नये कपड़े और दूसरा सामान देकर दीदी के घर भेज दिया। जीजा जी घर में नही थे। अपने ऑफिस गये थे। रात को घर आने वाले थे। मेरे पास पूरा दिन था उनकी बहन समीरा को चोदने का। मेरी दीदी घर का खाना पका रही थी। मैं समीरा को छत पर ले गया। वहां पर एक गेस्ट रूम था। हम दोनों उसी में चले गये और दरवाजा अंदर से बंद कर लिया। समीरा को बाहों में भरके मैं प्यार करने लगा।
“ओह्ह्ह जान!! कहाँ थी तुम?? कितनी याद आई तुम्हारी?” मैंने कहा
“आई लव यू कपिल!!” समीरा मुझसे कहने लगी।

मैं भी उसे आई लव यू बोलने लगा। मैंने खड़े खड़े ही उसे सीने से चिपका लिया। जींस टॉप में वो मस्त माल लग रही थी। कितनी गजब की आइटम थी वो। जिस्म बिलकुल भरा हुआ था। मैंने उसकी खूब पप्पी ली। उसके गाल, गले, पर कई बार चुम्मा लिया। उसके कानो के किनारे नीचे की तरह मैं दांत से काटा जिससे तो पूरी तरह से गर्म हो गयी। फिर मैं उसके टॉप के उपर से उसके बूब्स को सहलाने लगा। जीजा की बहन “ओह्ह माँ….ओह्ह माँ…उ उ उ उ उ……अअअअअ आआआआ….” बोलकर सिसकियाँ लेने लगा। मैं उसके अनार को हाथ से दबाने लगा। उसे भी सेक्सी लग रहा था। फिर हम दोनों बिस्तर पर चले गये।
“आज तेरी चूत फाडून्गा। नाटक नही चलेगा” मैंने कहा
उसने कुछ नही कहा
मैंने उसके भरे हुए जिस्म को देखकर पागल हो गया। मैंने उसके टॉप को उपर कर दिया। अंदर उसने लाल रंग की चुस्त ब्रा पहनी हुई थी। उसके दूध खूब बड़े बड़े फुल साइज के थे। मैंने जुगाड़ करके उसकी पीठ में हाथ डाल दिया और ब्रा उतार दी। अब मुझे समीरा के शहद जैसे मीठे और गोल गोल मम्मो के दर्शन होने लगे। ओह्ह कितने सुंदर दूध थे उसके। मैं तो दीवाना हो गया था। अभी वो कुवारी थी और पूरी तरह से अनचुदी माल थी। आज मैं ही उसकी चूत का उदघाटन करने जा रहा था। मैंने अपने हाथ उसके सुंदर दूध पर रख दिए और सहलाने लगा। समीरा “ओहह्ह्ह…ओह्ह्ह्ह…अह्हह्हह…अई..अई. .अई… उ उ उ उ उ…” करने लगी। ये कहानी आप इंडियन सेक्स कहानी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है.   
मैं दबा दबाकर मजा लेने लगा। स्पंज की तरह मुलायम और फुले फुले मम्मे थे उसके। इतने सुंदर की मैं लोगो को बता नही सकता। मैं खूब कस कसके दबा रहा था। सफ़ेद चमकती हुई चूचियां का सौन्दर्य देखते ही बन रहा था। उसकी निपल्स के चारो तरह बड़े बड़े काले गोले बेहद सेक्सी दिख रहे थे। मैं दबा दबाकर मजे लूट रहा था। फिर मैंने चुसना शुरू कर दिया। समीरा ने कुछ नही कहा। मेरा साथ निभा रही थी। वो तेज तेज आवाजे निकाल रही थी। मैं उसकी बायीं चूची को मुंह में लेकर पी रहा था। सब रस पी रहा था। वो कुछ नही कह रही थी। उसे भी खूब आनंद आ रहा था। मैं इक्षा भरकर चूस रहा था। अब जीजा की बहन गर्म हो रही थी। चुदने का मन बना रही थी। मैं मुंह चला चलाकर उसके आम पी रहा था। बहुत आनंद आया दोस्तों।

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फिर 10 मिनट बाद मैं दाई चूची को मुंह में भर लिया और चूसने लगा। समीरा “आआआअह्हह्हह…..ईईईईईईई….ओह्ह्ह्….अई. .अई..अई…..अई..मम्मी….”की कामुक आवजे निकाल रही थी। सबसे अच्छी बात थी की आज जीजा घर पर नही थे। कोई रिस्क नही था। मैंने अपने हाथ से उसकी जींस की बटन खोल दी। उफ्फ्फ कितनी कसी पेंट थी। किसी तरह मैं खीचकर उतार दी। उसने लाल रंग की मस्त सिल्क पेंटी पहन रखी थी। मैंने वो भी निकाल दी। देखा तो चूत का बुरा हाल था। मैं उसे करीब 1 घंटे से जो चुम्मा ले रहा था, उसके दूध चूस रहा था इस वजह से समीरा की चुद्दी पानी पानी होकर बहने लगी थी। मैं इस वक़्त उसके भोसड़े के दर्शन कर रहा था। कितना सुंदर लाल लाल भोसड़ा था उसका। मैं जीभ लगाकर जल्दी जल्दी चाटने लगा। जीजा की बहन मचलने लगी और बल खाने लगी। खूब मस्ती हुई उस दिन दोस्तों। मैं 15 -20 मिनट तक समीरा की चुद्दी का रसपान किया। नमकीन पानी था उसकी चूत का।
“कपिल!! आज मेरी चूत फाड़ फाड़कर इसका भरता बना डालो जाननननन….” वो जोर जोर से कहने लगी। मैं अपने कपड़े उतार दिए। लंड को उसकी चूत पर सेट कर दिया और जोर का धक्का मारा। एक धक्के में उसकी सील टूट गयी। मेरा लंड 3” अंदर घुस गया। मेरे लंड की लम्बाई कुल 7” थी पर सील बंद चूत होने के कारण मेरा लंड सिर्फ 3” अंदर ही घुस पाया था। समीरा को बहुत दर्द हो रहा था। मैंने उसके मुंह पर हाथ रख दिया और आवाज को दबा दिया। मैं रुक गया। कुछ मिनट बाद मैंने एक धक्का और दिया। इस बार जीजा की बहन का भोसड़ा पूरी तरह से फट गया। मेरा 7” लंड पूरी तरह से अंदर घुस गया। समीरा की आँखों से मोटे मोटे आंशु निकल रहे थे।
मुझे उसपर प्यार आ गया। मैंने उसके आशुओं को किस कर लिया और उसकी चुदाई की शुरुवात कर दी। आज कुवारी बुर को मैं चोद रहा था। इसलिए मेरा लंड धीरे धीरे ही अंदर जा रहा था। कुछ देर तक ऐसे ही चलता था। 30 मिनट बाद मैं तेज धक्के देते देते झड़ गया। समीरा को खूब प्यार किया। अगले दिन फिर से जीजा सुबह ही अपने ऑफिस चले गये। मेरी मीनाक्षी दीदी अपना खाना बनाकर और सबको खिलाकर सो गयी। मैं समीरा को फिर से उपर वाले गेस्ट रूम में ले गया। आज हम फिर से प्यार करने लगे। फिर से हम दोनों नंगे हो गये। मैंने अपना लंड उसके हाथ में दे दिया।  आप यह स्टोरी इंडियन सेक्स कहानी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है। 
“चल जान फेट इसको!!” मैने कहा

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समीरा ने पहली बार कोई लंड देखा था। वो थोड़ी डरी हुई लग रही थी। धीरे धीरे वो फेटने लगी। मेरा लंड उसके जनाना स्पर्श को पाकर खड़ा हो गया।
“जानम चलो चूसो इसको!!” मैने कहा
समीरा ने अपनी आँखें बंद कर ली। किसी तरह लंड को मुंह में ले लिया। शुरू शुरू में उसे गंदा लग रहा था। पर बाद में वो मजे लेकर चूसने लगी। उसे भी अच्छा लगने लगा। मैं लेटा हुआ था। वो मेरे बगल की बेड पर बैठी थी और सिर झुकाकर मेरे लंड को चूस रही थी। जल्दी जल्दी उपर नीचे सिर को हिला रही थी। हाथ से जल्दी जल्दी फेट रही थी। फिर मैं उसे कुतिया बना दिया और चूत में पीछे से लंड डाल दिया। उसे गड रहा था। पर मैं नही माना। आखिर मैं उसे पीछे से चोदना शुरू कर दिया। उसकी बुर को मैं बड़े ध्यान से देख रहा था। कितना सुंदर बड़ी सी चूत थी उसकी। खूब चोदा मैं रांड को। फिर 40 मिनट बाद उसकी बुर में पानी गिरा दिया। अब मैंने अपने जीजा से हिसाब चुका लिया था। अगर वो मेरी दीदी को चोदेंगे तो मैं भी उनकी बहन को चोद लूँगा। अब मेरा बदला पूरा हो चुका था। कहानी आपको कैसे लगी  आप यह स्टोरी इंडियन सेक्स कहानी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है।  DMCA.com Protection Status

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