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कामवाली ने मेरा लंड पकड़ लिया और मुझसे लिपट गयी

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sex story दोस्तों मेरा नाम विनय गुप्ता है मैं जबलपुर का रहने वाला हूँ, मेरी उम्र 21 साल है। मैंने कभी सेक्स नहीं किया था और सिर्फ बीवी से शादी के बाद सेक्स करने की सोचता था। अपने कॉलेज की पढाई करने के लिए घर से दूर अकेला रहता हूँ। मेरे साथ 2 रूम पार्टनर्स है, वो दोनों स्कूल स्टूडेंट्स है।
हमारे रूम में एक कामवाली झाड़ू पोंछा करने आती है, शादी सुदा मस्त माल है गोरी,, बड़ी चूतड़,, भरा हुआ सरीर और बड़े बाद दूध,, उसके बूब्स कुछ ज्यादा ही बड़े है जो हमेशा ब्लाउज फाड़ कर बाहर निकलने को तैयार रहते है। उसकी उम्र 32 साल है और वो हमारे यहाँ 9 बजे काम करने पहुँच जाती है। मेरे रूम पार्टनर्स 12 वी क्लास में है उनकी सुबह 8 बजे से स्कूल होती है, और मेरे कॉलेज जाने का टाइम 10 बजे है। कामवाली आती है तब मैं अकेला होता हूँ, काम करते हुए हम दोनों की बहोत बात होती है,, मेरी आदत मजाक करने की है इसलिए वो बहोत हंसती और खुस रहती है।

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कामवाली का नाम नीलम है उसने बताया उसकी शादी 18 साल की उम्र में ही हो गयी थी और उसका एक लड़का है, कामवाली हमेशा साड़ी पहन कर काम करने आती है, जब वो झुक कर झाड़ू लगाती है उसके बूब्स हिलते हुए मुझे पुकारने लगते है, मुझ से अब खुद को रोकपाना नामुमकिन था,, मैं कामवाली को चोदने की सोचने लगा लेकिन मेरी हिम्मत नहीं हुई क्यों की कामवाली नीलम मुझे बहोत सरीफ लगती थी और मुझे डर था कही वो बुरा मान गयी तो बहोत प्रॉब्लम हो सकती है।

मैं एक दिन प्लान बनाया और उसको अपना नंगा बदन दिखाना चाहता था जिससे उसके अंदर एक जवान लड़के से चुदने की भूक जाग जाये,, अब यही एक उम्मीद थी।
कामवाली के आने से पहले मैं नहा कर तैयार हो गया और नंगा टॉवल लपेट कर उसके आने का इन्तजार करने लगा काम वाली आयी और मैं उसको अंदर लेकर गेट लॉक कर दिया।  आप ये स्टोरी इंडियन सेक्स कहानी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है। मैं आगे था और कामवाली मेरे पीछे आ रही थी मैं अपना टॉवल खोल दिया,, टॉवल नीचे गिरा और मैं पलट कर उठाने लगा,, अब मैं उसके सामने पूरा नंगा था और मेरा 5.8 इंच का लंड उसके सामने खड़ा था,, मैं जल्दी से टॉवल लपेट लिया। नीलम मुझे देख कर हसने लगी और बोली चड्डी क्यों नहीं पहन लेते ?

मैं अपने रूम में आया लेकिन मुझे लगा मेरा प्लान फ्लॉप हो गया है, दूसरे दिन मैं बैठा था और कामवाली झाड़ू लगा रही थी, आज नीलम मेरा गाल पकड़ कर खींची और मेरे बाल पर हाथ फेर कर काम करने लगी मैं कुछ समझ नहीं पाया।  आप ये स्टोरी इंडियन सेक्स कहानी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है। अगले दिन फिर से झाड़ू लगाते हुए नीचे एक मच्छर मरा पड़ा था वो उठा कर मेरे बाल में डाल कर हसने लगी मैं चुपचाप मुस्कुरा कर बैठा रहा। कामवाली दूसरे कमरे में झाड़ू लगाने चली गयी मैं पीछे गया और वही मछर उसके ऊपर फेंक दिया नीलम बोली अरे कहा डाल दिए? निकाल कहा गया मच्छर ? मैं बोला पता नहीं कपडे के अंदर चला गया होगा, मैं हसने लगा और फिर से अपने कमरे में आ गया नीलम पीछे पीछे आयी और बोली निकाल कहा डाला है? मैं चुपचाप कुर्सी पर बैठा था। मैं कुछ बोल पाता उससे पहले नीलम मेरे गोद में बैठ गयी और एक हाथ से मेरा लंड कपडे के ऊपर से पकड़ कर मुझ से लिपट गयी। मेरे समझ में नहीं आया ये क्या हो गया? मैं सिर्फ एक प्लान बनाया और थोडासा मजाक किया था जिसने आज कामवाली को मेरी गोद में बैठा दिया था। नीलम चुदने को बेताब हो रही थी मेरे लिप्स चूसने लगी,, मेरा लंड खड़ा हो गया लेकिन मेरी चुदाई करने की कोई तैयारी नहीं थी मेरे पास कंडोम नहीं था और मैं बिना कंडोम के चुदाई कर कोई रिस्क नहीं लेना चाहता था।

मैं जल्दी से भाग कर पास वाली मेडिकल शॉप पर गया और कंडोम ले आया, तब तक नीलम काम कर के मेरे आने का इन्तजार कर रही थी। मेरे आते ही वो जाने लगी मैं उसका हाथ पकड़ कर बोला कहा जा रही हो? मैं उसको गोद में उठा कर अंदर कमरे में ले आया और बिस्तर पर लेटा दिया। नीलम बोली जाने दे मेरे को देर हो रहा दूसरे घर भी जाना है काम को।  आप ये स्टोरी इंडियन सेक्स कहानी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है। मैं उसके लिप्स चूसने लगा और उसके बड़े बड़े बूब्स को ब्लाउज के ऊपर से मसलने लगा थोड़ी देर में नीलम के अंदर चुदाई की आग भड़क गयी, नीलम मुझे पकड़ कर सहलाने लगी मैं उसके ब्लाउज खोलकर ब्रा ऊपर कर दिया। नीलम के बड़े बड़े दूध बाहर निकलते ही मेरे मुँह में पानी आगया और मैं दोनों दूध दबा दबा कर चूसने लगा,, नीलम मेरे बाल पकड़ कर मुझे प्यार दिखने लगी।
मैं नीलम की पेट को चूम कर उसकी साड़ी निचे से ऊपर खींच लिया,, अंदर नीलम ब्लैक कलर की पेंटी पहनी थी। मैं उसकी पेंटी उतारने के लिए उसकी टांग उठाया और पेंटी निकाल दिया।
नीलम की चुत देखने के लिए उसके पैर फैलाना चाहता था लेकिन नीलम शरमा रही थी और मुझे उसकी चुत देखने नहीं दे रही थी। मैंन नीलम के पैर को जोर से झटका दिया और सीधे उसकी चुत में मुँह डाल कर चाटने लगा।

नीलम के चुत में छोटे छोटे बाल थे जो मुझे चुभ रहे थे, मै चुत को चूसने लगा धीरे से उसकी मोटी गांड को दांत से काट लिया और गांड को चाट चाट कर गीला कर दिया। मुझे अपनी जिन्दी में पहली बार चुत और गांड की खुसबू नसीब हुई थी मेरे लिए ये एक सपने जैसा था। मेरा लंड पूरा खड़ा था मै जल्दी से अपने कपडे उतार कर नंगा हो गया और नीलम के मुँह में लंड डाल कर चुसाने की कोसिस करने लगा,, नीलम मेरा लंड मुँह में नहीं डालने दे रही थी। मैं उसको प्यार से बोला मेरे लिए इतना नहीं कर सकती नीलम? नीलम मेरा लंड खुद से मुँह में ले कर चूसने लगी मेरा लंड पहले से गीला था। नीलम थोड़ा सा चूस कर रुक गयी और जोर जोर से सांस लेने लगी मैं समझ गया ये सास रोक कर मेरा लंड चूस रही थी। आप ये स्टोरी इंडियन सेक्स कहानी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है। मैं नीलम को चूमे लगा और उसके ऊपर चढ़ गया लंड हाथ में ले कर चुत के ऊपर रगड़ रहा था, नीलम की मुलायम चुत का अहसास बड़ा मजेदार था। नीलम निचे से गांड हिलाने लगी और बोली अंदर डाल दे।

मै नीलम की गीली मुलायम चुत पर लंड रख कर अंदर डालने लगा जोर से धक्का दिया फिर भी अंदर नहीं गया नीलम हंसी और बोली कहा डाल रहा छेद देख कर डाल, नीलम मेरे लंड को अपने हाथ से पकड़ कर चुत की छेद पर ले गयी, मैं पूरा जोर लगा कर झटका दिया मेरा लंड चुत के अंदर पूरा चला गया नीलम की चुत किसी भट्ठी की तरह गरम थी मुझे ऐसा आनंद मिला जो मैं आप लोगो को बता नहीं सकता। मैं अपने गांड हिला कर नीलम की चुदाई करने लगा चुत में लंड अंदर बाहर हो रहा था। 2 मिनट में नीलम पागलों की तरह मेरे सरीर को सहलाने लगी और मेरे गांड को दबाने लगी मैं नीलम के ऊपर पूरा लेट गया और उसकी लिप्स को चूसने लगा नीचे से नीलम धक्के दे रही थी। मैं उठा और नीलम को गांड उठा कर झुकने को बोला। नीलम उठ गयी और गांड खोल कर चुदने के लिए मचलने लगी, मैं नीलम की गांड पर तेल डाल कर ऊँगली अंदर घुसा दिया और हिलाने लगा नीलम बोली गांड में मत डाल मैं गांड कभी नहीं चुदवायी हूँ।

मैं रुका नहीं और नीलम की गांड को दोनों हाथों से पकड़ कर लंड गांड की छेद में डाल दिया नीलम की चीख निकल गयी, मैं थोड़ी देर रुका और धक्के मारने लगा नीलम मस्ती में आ गयी और खुद आगे पीछे हो कर धक्के पे धक्के लेने लगी उसकी गांड में लंड इतनी तेजी से अंदर बाहर हो रहा था पॉच पॉच पोर पोर की आवाज मेरी कानो को बड़ा सुख दे रहे थे। मैं नीलम को गोद में उठा कर खड़े खड़े चोदने लगा नीलम मोटी और वजन दार है लेकिन चुदाई के जोश में मेरे अंदर अचानक ताकत आ गयी थी। नीलम मेरे कन्धों को पकड़ कर लिपटी थी और अह्ह्ह्ह अह्ह्ह अह्ह्ह्ह अह्ह्ह एहहहहह एहहहहहह कर रही थी इस बार तप तप तप तप की आवाज ने मेरा जोश और बढ़ा दिया और मैं बिना रुके चोदता रहा नीलम झड़ गयी और उसकी चुत का पानी मेरे लंड से हो कर मेरे अंडकोष तक जा रहा था। थोड़ी देर चुदाई के बाद नीलम की चुत के अंदर मेरा गरम वीर्य निकल कर भर गया। मैं नीलम को खड़ा किया नीलम चुत से टपकती वीर्य को अपने रुमाल से साफ़ करके मुझ से लिपट गयी और बोली तुमने मुझे आज जो प्यार दिया है मेरी पूरी जिंदगी में नहीं मिला। मुझे याद आया मैं नीलम की चुदाई बिना कंडोम कर दिया था मेरी गांड फट गयी डर से ,, नीलम बोली कोई बात नहीं मैं मेडिकल से दवाई ले लुंगी और मुझे कोई बीमारी नहीं है डर मत,, मेरे पति के बाद तू मुझे चोदा है और किसी की हिम्मत नहीं जो मेरी गांड तक छू सके। आप ये स्टोरी इंडियन सेक्स कहानी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है।

मैं नीलम को 500 रूपए निकाल कर दिया लेकिन वो लेने से मना करते हुए चली गयी।
अगले दिन हम दोनो ने फिर से चुदाई की चुदाई के बाद मैं नीलम के साथ लिपट कर नंगा सोया था और मेरे दिमाग में कुछ सवाल चल रहे थे। मैं नीलम से पूछा तुम उस दिन खुद से मेरे ऊपर क्यों लिपट गयी थी? नीलम बोली तुमने जान बुझ कर अपना लंड जो दिखा दिया था,, मैं समझ गया नीलम बड़ी होशियार है और इसके अंदर चुदाई की प्यास भरी हुई है,, उस दिन से आज तक हम दोनों की चुदाई चल रही है,, अब मैं झाड़ू पोंछा खुद करता हूँ। नीलम आती है उसको थोड़ा आराम करने देता हूँ उसके बाद रगड़ कर चुदाई करता हूँ।
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