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घर में टाइल्स फिटिंग करने वालो से गांड चुदवाया

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मेरे घर में ऊपर के मजले का काम चालू था. टाइल्स लगाने वाले बन्दे जो शायद राजस्थान से वो आये हुए थे. वो कुल चार लोग थे. सभी एकदम देसी लुक्स वाले और देखने में हट्टे कट्टे. ऐसे बन्दों को देख के एक गे यानी की गांडू के मन पर क्या बीतती हे वो तो एक गे ही समझ सकता हे! एक दिन की बात हे. मेरा एक टॉप पार्टनर हे, चन्दन. वो मुंबई से हे. मैं उसके साथ चैट कर रहा था फेसबुक के ऊपर. उसने कहा अपनी गांड दिखा ना. मैंने कहा अरे यार सोरी मेरे घर में टाइल्स का काम चल रहा हे. इसलिए मैंने उसे कहा की आज गांड नहीं दिखा पाऊंगा.

चंदन बोला, कितने आदमी हे? मैंने कहा कुल मिला के चार बन्दे हे?

वो बोला, अरे गांड क्या मौका हे तेरे पास, चुदवा ले. मजदुर आदमियों के तो लौड़े भी बड़े कड़े होते हे! उसकी बात तो सही थी. मैंने ये पहले सोचा ही नहीं. मैंने सोचा की चन्दन कह रहा हे वो ठीक हे और मुझे सच में टाइल्स वालों से गांड मरवानी चाहिए! मैंने दरवाजे को थोडा खोला ताकि बहार वाला बन्दा चाहे तो अन्दर देख सके. मैंने एक ब्ल्यू फिल्म चला दी और अपने पजामे को खोल के अपनी गांड बहार निकाल ली. मैं एक पिलो यानी की तकिया अपनी गोदी में भर लिया. और अपनी सेक्सी चिकनी शेव की हुई गांड दिखाते हुए मैं पलंग में लम्बा हो गया.

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मेरे सामने ही एक आइना था. और मेरा पूरा ध्यान उसके ऊपर ही था. मैं मन ही मन में सोच रहा था की क्या करूँ ताकि टाइल्स लगाने वालो का ध्यान मेरे ऊपर आये!

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मैंने सामने देखा तो वहां पर मेरी चाय की कप पड़ी हुई थी. मैंने उसे उठा के निचे फर्श पर फेंक दी. ग्लास टूटने की आवाज आई. मेरी सांस की स्पीड बढ़ चुकी थी. मैं आइने में कभी दरवाजे को देखता था तो कभी मेरी नजर अपनी ही एस पर चली जाती थी. तभी मैंने देखा की एक टाइल्स वाल लड़का, जिसका नाम बाबु था वो दरवाजे से छिप के मुझे देख रहा था. मेरी गांड को देख के उसने अपने लंड को हाथ में ले के मसल दिया. उसे पता नहीं था की मैं भी उसे देख रहा था. मैंने अपनी गांड को ट्वेर्क किया यानि की मस्ती में हला दिया.

तभी उसकी नजर आईने के ऊपर पड़ी. उसे पता चल गया की मैं भी उसे देख रहा था. हम दोनों की बातें आँखों ही आँखों में हो गई. मैंने आँखों से ही उसे अन्दर आने के लिए इशारा कर दिया. वो दरवाजे की स्टॉपर को बंध कर के कमरे में घुस आया. वो जैसे ही बिस्तर के पास आया उसने अपने एक हाथ से मेरे कूल्हों को टच किया. मेरे पुरे बदन में शीत लहर सी दौड़ गई. और मेरी आँखे बंध हो गई. वप पलंग के ऊपर चढ़ गया. और मेरे पास ही में लेट भी गया. फिर उसने अपने हाथ को मेरी गांड की फांक पर रखा और उसके छेद को ऊँगली से हिलाने लगा. और फिर उसने अपने एक हाथ को मेरी शर्ट में दो बटन की बिच की गेप से डाला. और वो मेरे मेल बूब्स को हिलाने लगा. मेरे बदन में गर्मी चढ़ी और मैं रुक ही नहीं सका. मैंने उसे अपनी तरफ खिंच के उसके ओंठो के ऊपर अपने ओंठो को लगा दिया और उन्हें किस करने लगा. मैंने उसके पजामे को पकड़ा और नाड़े को खिंच लिया. उसका विक्राळ लोडा बहार आ गया. मैंने अपने हाथ में उसे पकड लिया. वो लंड एकदम गर्म था और लम्बा भी. लेकिन उसके अन्दर उतनी मोटाई नहीं थी. साला ये लोडा तो गांडू लोगो की गांड चोदने के लिए ही बना था जैसे!

उसने मुझे भी एकदम न्यूड कर दिया. तभी डोर के ऊपर नोक हुआ.

उसने मेरी गांड से दूर हट के कहा, कौन हे?

बहार से आवाज आई., मैं राजू बाबु तूने काम क्यूँ रोका हुआ हे?

मैंने अपने बदन पर चद्दर को लपेट लिया. और वो साले ने उठ के दरवाजे को खोला.

राजू ने मुझे देखा और बोला, साला तुम लोग बंध दरवाजे में ये नंगा हो के क्या कर रहे हो?

बाबु बोला, साला ये गांडू हे राजू मैं थोड़े मजे कर रहा था इसके साथ. चिकनी गांड हे साले की!

राजू बोला, साले तू अकेले अकेले ही प्रसाद ले रहा था हमें बोला भी नहीं.

बाबु बोला, साले अभी तो चालु भी नहीं किया.

मैंने उन दोनों से कहा, अरे तुम लोग जो करना हे जल्दी करो कुछ देर में मम्मी आ जायेगी.

राजू ने भी अपनी लुंगी निकाल के फेंक दी. उसका लोडा भी मेरी गांड मारने की बात सुनके ही मोटा हो गया था. मैंने हाथ आगे कर के चड्डी में छिपे हुए उसके लंड को पकड़ के दबाया. उसका लंड काले नाग के जैसा था. मैं खुद को रोक नहीं सका और मैंने राजू के लौड़े को अपने मुहं में भर लिया. वो अपनी कमर को हिला के मेरे मुहं को चोदने लगा. मैंने बाबु को अपने पास बुला लिया और उसने मुझे अपने पेनिस को हाथ में पकड़ा दिया.

मैंने दोनों को ब्लोव्जोब और हेंडजॉब दे के ऐसा पागल कर दिया की साले सिसकियों पर स्सिस्कियां मार रहे थे,

फिर राजू बोला, चल अब निकाल लंड को मुहं से और लेट जा कुत्ते के जैसे. मैं गांड मारूंगा तेरी.

मैं उसने कहा था वैसे अपनी गांड को पीछे से उपर कर के लेट गया. बाबु अब आगे आया गया. और उसने अपना पेनिस मुझ में ठूंस दिया. राजू पीछे गांड पर थूंक निकाल के अपने लौड़े से घिस रहा था. थूंक की वजह से फटाक से मेरी गांड गीली और अन्दर से भी चिकनी हो गई. लेकिन मैंने उसे कहा. डायरेक्ट लंड मत डालना पहले ऊँगली से चोदना.

राजू ने कहा, ठीक हे मेरी बुलबुल.

और उसने थूंक से गीली कर के दो उंगलियाँ मेरी गांड के अन्दर डाल दी. मैं सिहर उठा क्यूंकि उसने बड़े बेपरवाह हो के पूरी उंगलियाँ एक ही झटके में अन्दर कर दी थी. फिर वो निचे झुक के मेरी गांड पर थुंका. फिर बोला, अब डालूं मेरी जान इसे अन्दर! मैंने आँखों से उसे हां कह दिया. उसने लंड को गांड पर टिका के झटके से अन्दर डाला. थोड़ी सी चुभन के बाद वो मुझे आराम से चोदने लगा. राजू अपनी कमर हिला के मुझे मस्त थोक रहा था. मैंने तो इस से पहले भी बहुत गांड मरवाई हे इसलिए मैं तो मस्ती से ले रहा था लौड़े को. राजू का लंड मेरी गांड की गुफा की हिट को ज्यादा नहीं झेल पाया. उसने दो झटके एकदम कस के लगाए और फिर मेरी कमर पर माथा रख के गिर गया. उसके लंड की गर्म गर्म क्रीम मेरे पिछवाड़े से बहार लीक होने लगी. मेरी गांड की खुजली को कम कर दिया राजू के लंड ने.

उधर बाबु भी अभी अधूरा था. वो राजू के हटने के बाद मेरे पास आ गया. और उसने अपना लंड मेरी गांड के छेद पर लगा दिया. वो ज्यादा गर्म था. और उसने तो मेरी गांड कम से कम 20 मिनिट तक मारी. साले का निकल ही नहीं रहा था. मैंने कहा, अबे कितनी मारेगा दुख रही हे अब तो.

उसने कहा आज सुबह ही लंड हिला के उसका पानी छुड़ाया हे.

मैंने कहा साले मुझे कह देता.

वो बोला हमें पहले पता नहीं था की तू गांडू हे.

और फिर वो कस कस के मेरी गांड चोदने लगा. दूसरी पांच मिनिट के एनाल सेक्स के बाद उसका भी पानी मेरी गांड में चूत गया. मैंने आहाअह्हह्हह्हह्हह कर दिया.

उसने लंड को बहार निकाला और फिर मेरी शर्ट से ही पोंछ लिया. फिर वो दोनों कमरे से चले गए.

लेकिन उन दोनों को मेरी गांड में लंड पार्क करने की मस्त जगह मिल गई थी. घर में जब तक टाइल्स का काम चला वो रोज दोपहर को मेरी गांड मारते थे. और उनके साथ में काम करनेवाले दो और बन्दे नवीन और सोनू ने भी मुझे मजे करवाए थे.

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