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किराये के बदले मकान मालिक ने मेरी चूत चुदाई की

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Sex Stories किराये के बदले मकान मालिक ने मेरी चूत चुदाई की

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मैं रीना आपको अपनी कहानी सूना रही,, मैं फरुखाबाद में कमरा लेकर रहती हूँ। मैं इस समय मेडिकल की तैयारी करती हूँ। मेरी उम्र 23 साल है। मेरी फिगर 36,32,38 है। मैं देखने में बेहद खूबसूरत हूँ। कई लड़के मेरी हुस्न के दीवाने हैं। मैं बहुत ही सेक्सी लगती हूँ। मेरी बूब्स भी बड़ी कमाल की हैं। मेरी बूब्स से ही लड़के मेरी तरफ आकर्षित होने लगते हैं। मेरी चूचियों के निप्पल का रंग काला है। लेकिन मेरी पूरी चूची गोरी है। मेरी चूंचियां दूध जैसी गोरी और मक्खन जैसी मुलायम है। मेरी गांड भी बहुत ही मनमोहक है। जो भी मुझे देखता है। वो अपने मन में चोदने की कल्पना जरूर करने लगता है। मेरी रसायन विज्ञान के अध्यापक ही मेरे दीवाने हैं। वो कई बार मुझे चोदने के इच्छा से रोक लिए हैं। लेकिन वो अभी तक मुझे चोद नहीं पाए हैं। उम्मीद है वो भी किसी दिन चोदेंगे। लेकिन वो बाद की बात है। अब तक मैं कई बार अपने बॉयफ्रेंड रोहन से चुदवा चुकी हूँ। दोस्तों अब मैं अपनी कहानी पर आती हूँ।
दोस्तों मेरा घर सीतापुर में है। मै यहाँ रूम लेकर रहती हूँ। मैं मीडियम फैमिली से हूँ। पापा एक प्राइवेट अध्यापक हैं। मम्मी घर पर लड़को को ट्यूशन पढ़ाती हैं। मैं उनकी इकलौती बेटी होने के कारण वो मुझे मेडिकल की तैयारी करने के लिए फरुखाबाद भेज दिया। फरुखाबाद में मै इंद्रानगर में रहती हूँ। मेरा मकान मालिक अभी जवान है। उसके घर फैमिली में कोई नहीं रहता। हर रोज एक नई लड़की लेकर आता है। रोज रात को वो नई नई लड़कियों के साथ सेक्स करके सुबह भेज आता है। मेरा रूम उसके रूम के पास ही है। मैं रोज रात को लड़कियों के चुदने के आवाज को सुनने के लिए, रोज मकान मालिक के कमरे के पास जाकर सुनती थी। चुदने की आवाज सुनने के बाद मैं अपनी चूत में उंगली डाल लेती थी। मेरी चूत में आग लग जाती थी। मै भी चुदवाना चाहती थी।लेकिन मै किससे चुदवाती। जब भी सुबह मकान मालिक घर से निकलता था। तो इसके खड़े लंड को देखकर चूत में उंगली कर लेती थी। मकान मालिक मुझे सुबह देखता तो हँस के चला जाता था। मेरी चूत में आग लगा के चला जाता। मुझे रोज सुबह सुबह अपनी चूत में उंगली करनी पड़ती थी। मै अब चुदने के लिए बहुत उत्सुक थी। इंडियन सेक्स कहानी डॉट कॉम

एक दिन मैं सुबह सुबह उठी। मकान मालिक ने किराया माँगा। मैंने तीन चार महीने का किराया नहीं दिया था। घर से जो पैसा मिला था। वो किसी और काम में खर्च हो गया था। मकान मालिक कई दिन से पैसे मकान माँग रहा था। उस रात को घर अकेला आया। और किराया मांगने के लिए मुझे अपने रूम में बुलाया। मै अंदर गई तो मकान मालिक सिर्फ कच्छा पहने बैठा था। मै गयी तो किराये का बात करने लगे। मै चुपचाप रही। कुछ देर बाद मैंने जब सब कुछ बताया। तो वो भड़कने लगा। मेरी मकान मालिक का नाम राजू है। मैंने कहा कि मैं आपका पैसा दे दूंगी जल्दी ही। उसने नहीं मानी कहने लगा। कल तुम रूम छोड़ देना। कही और ढूंढ लो। मै परेशान हो गई। वो मेरी बड़े बड़े मम्मो को देख रहा था। उस दिन मैंने खूब टाइट टी शर्ट पहनी थी। वो मेरी टी शर्ट के ऊपर मेरी चूचियों को देख रहा था। मै समझ रही थी। वो आज मुझे चोदना चाहता है।
उसने कहा तुम रात को मेरे दरवाजे के पास खड़ी होकर क्या करती हो। मै चौंक गयी। उसने बताया ऊपर के किरायेदार ने बताया था। कुछ दिन पहले वो देर को आया था। उसने कहा आज कोई नहीं आया है। अगर उनकी जगह तुम आ जाओ। तो जो पैसा मै उन्हें देता। उससे तुम्हारा किराया ख़त्म हो जायेगा। मै तो मन ही मन खुश हो रही थी। लेकिन न बोल दिया। उसने कहा कोई दूसरा रास्ता भी तो नहीं है तुम्हारे पास। मैंने हाँ बोल दिया। इतना सुनते ही वो मेरी ऊपर झपट पड़ा। ये कहानी आप इंडियन सेक्स कहानी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है.
वो मुझे अपनी गोद में बैठा लिया। उसका लंड मेरी गांड में चुभ रहा था। मै चुपचाप उसके लंड पर बैठी थी। वो मेरी गुलाब जैसे होंठ को चूस रहा था। मेरी होंठ को चूस चूस कर बीच बीच में काट रहा था। मै कुछ देर बाद साथ देने लगी। हम दोनों एक दूसरे की होंठ को बारी बारी चूस रहे थे। वो अब मेरी होंठो को काट काट कर चूस रहा था। मैं भी उनके होंठो को जैसा वो करता वैसे कर रही थी। वो मुझे कुछ देर किस करते करते। वो मेरी चूंचियों को मसलने लगा। मकान मालिक-उफ़्फ़ ये कितने मुलायम चूंचियां है तुम्हारी। जी करता है इन्हें मै काट के खा जाऊं। मै- काट डालो मेरी होंठो को सी—सी—ई चूसो और चूसो। उसने मेरी टी शर्ट निकाल दी। अब मुझे ब्रा में देख कर पागल होने लगा।
क्या चूची है तुम्हारी बिल्कुल मुसम्मी जैसी आज तो मैं इनका सारा जूस पी लूँगा। इतना कहकर वो मेरी ब्रा की पट्टी को सरका दिया। मैंने भी उनके कच्छे पर हाथ रख कर उनका लंड मसलने लगी। बाप रे इतना बड़ा लौडा मैंने नहीं छुआ था। मैं लौड़े को देखकर चौक गयी। मैंने कहा- आपका लौड़ा बहुत बड़ा है। मै इससे नहीं चुदवाऊंगी। ये मेरी चूत को सत्यानाश कर देगा। मुझे नहीं चुदवाना। मकान मालिक- डरो मत मेरी जान आज मेरा लौड़ा तुम्हे और तुम्हारी चूत को बहुत ही मजा देगा। उसने मेरी ब्रा खोलकर बिस्तर पर फेंकते हुए। मुझे अपनी बाहों में भर लिया। वो मेरी चूचियों को दबाने लगे। मै धीरे धीरे गरम होने लगी। मकान मालिक- कितने सुन्दर मम्मे हैं तुम्हारे। इतना कहकर वो मेरी चूचियों को पीने लगा। मेरे निप्पल को बच्चो की तरह पी पी कर काट रहा था। इंडियन सेक्स कहानी डॉट कॉम

मै गरम हो चुकी थी। “ओह्ह्ह्ह माँ— अहह्ह्ह्हह उहह्ह्ह्हह—- उ उ उ—चूसो चूसो—-और चूसो—मेरे मम्मो को—अच्छे से चूसो। अब वो और जोर से चूसने लगा। वो मेरी निप्पल को काटता तो मैं सिसक जाती। वो मेरी चूचियों को बहुत ही मजे लेकर चूस रहा था। मैंने भी अब उसके गोद से उठकर उसके कच्छे को निकाल दिया। उफ्फ्फ ये लौड़ा—–बाप रे मै तो इससे सच में चुदवा के मर जाऊंगी। मकान मालिक- नही जान कुछ नहीं होगा मई तुम्हे बहुत आराम से चोदूंगा। कुछ नहीं होगा तुम्हारी चूत का। उसने अपने लंड को मेरी हाथ में दे दिया। मैने उतने बड़े लंड को डरते हुए छू रही थी। वो बोला कुछ नहीं होगा। उसने अपने लंड को मेरी हाथों में पकड़ा कर चूसने को कहा। मै- न बाबा ना मुझे लंड नहीं चूसना। मुझे लंड चूसना बिल्कुल भी अच्छा नहीं लगता। उसने अपना लंड मेरी मुँह में लगा दिया। अब मुझे उसका लंड चूसना पड रहा था। मैं उसके लंड को बिना मन के चूसने लगी। अपनी जीभ को मै उसके सुपारे पर लगा कर चाट रही थी।
उनने कहा- मेरी जान चूसो मेरे लंड को। मैंने उसका लंड पूरा अब अपनी मुँह में रख लिया। अब मैं उसके लंड को ब्लू फिल्मो की तरह चूसने लगी। वो कहता चूस मेरे लौड़े को चूस—– चूस और चूस। मै उनके लौड़े को आइसक्रीम की तरह चूसने लगी। उसने मुझे उठाया और मेरी सलवार का नाड़ा खोल दिया। मेरी सलवार को निकाल कर उसने मुझे नंगी कर दिया। अब वो खड़ा होकर मेरी पैंटी पर ही लंड को लगाने लगे। मै अब उससे चिपक गई। वो बार बार अपने लंड को चूत में लगाकर। मेरी चूत में आग लगा देता था। मै अब उसके मोटे लंड से चुदवाने के लिए बहुत ही बेकरार होने लगी। उसने मुझे लिटा दिया। उसने मेरी पैंटी को निकाला। वो मेरी पैंटी को नाक से लगाकर उसकी खुशबू का आनन्द लेने लगा। अब वो मेरी टांगो को फैलाकर मेरी चूत के दर्शन करने लगा। उसने मेरी एकदम साफ चिकनी चूत को देख कर कहने लगा।
मैंने इतनी चिकनी चूत आज तक नहीं चोदी। इतना कह कर मेरी चूत पर अपने मुँह को लगा दिया। मेरी चूत को अपने मुँह में भरने लगा। मेरी चूत को चाटने लगा। मुझे बहुत अच्छा लग रहा था। मै पता नहीं क्या क्या गालियां देने लगी। बोलने लगी- “माँ के लौड़े—-तेरी बहन की चूत—-तेरी माँ की चूत—-चाट और चाट मेरी चूत को!!! और अच्छे से पी मेरी चूत!!”
वो और जोर जोर से मेरी चूत चाटने लगता। मेरी चूत के दाने को बार बार काट रहा था। चूत के दाने को काटते ही मेरी चूत में आग लग जाती। मै अब बहुत जल्द ही चुदवाने को तड़प रही थी। मैं – “राजू —-प्लीस जल्दी से मेरी गर्म में अपना मोटा लौड़ा डाल दो वरना मैं मर जाउंगी!!”। वो मेरी चूत को चाट कर तड़पा रहा था। मेरे कहने पर वो अपने 9 इंच के लौड़े को मेरी चूत पे रगड़ने लगा। मेरी चूत एकदम लाल लाल हो गई। देखने में बिल्कुल गर्म लोहे की तरह लग रही थी। मैं अब और भी तड़प रही थी। वो मेरी चूत पर रगड़ते ही जा रहा था। मेरी मुँह से ““——अई—अई—-अई——अई—-इसस्स्स्स्स्स्स्स्——-उहह्ह्ह्ह—–ओह्ह्ह्हह्ह—-राजू प्लीस मुझे जल्दी चोदो. अब मुझसे नही रहा जा रहा है!!”। अब वो अपने लंड को मेरी चूत में डालने को तैयार हो गया था। मेरी चूत भी अब बिल्कुल अंदर तक लेने को तैयार थी। अब मुझे भी अपनी चूत को फटने का डर नही लग रहा था। ये कहानी आप इंडियन सेक्स कहानी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है.

उसने मेरी चूत की छेद पर अपने सुपारे को रख दिया। उसने अपने सुपारे को मेरी चूत में डालने की कोशिश की। मेरी चूत अभी बहुत टाइट थी। उसने थूक लगाया अपने लंड पर और मेरी चूत की छेद में भी थोड़ा सा डाल दिया। अब उसने जोरदार धक्का मारा। उनके लंड का थोड़ा हिस्सा अंदर चला गया। मेरी चूत तो फट गई।मै जोर जोर से चिल्लाने लगी। “ओह्ह माँ—-ओह्ह माँ—आह आह उ उ उ उ उ——अअअअअ आआआआ—-”। पूरा कमरा मेरी शोर से भर गया। वो अपनी लंड को मेरी चूत में लगातार धक्के पर धक्का मार रहा था। मेरी चूत की तो जान ही निकाल ली उसकी लंड ने। मै बोलती रही“—-उंह उंह उंह—–अई—अई—-अई राजू आराम से चोदू. दर्द हो रहा है. जल्दी क्या है. पूरी रात अपनी है—आराम से”। लेकिन वो धक्के पे धक्का मार रहा था।
मुझे बहुत दर्द हो रहा था।मै बस चिल्ला रही थी।“ओहह्ह्ह—ओह्ह्ह्ह आआआअह्हह्हह—अई–अई- -अई— उ उ उ उ उ—” धीरे धीरे चोदो बहुत दर्द हो रहा है। मकान मालिक- किराये के पैसे पर चुदने वाली साली रंडी। आज तो तुम्हारा पैसा दुगना है। आज तुझे खूब चोदूंगा। आज तेरी बुर को फाड़ डालूंगा। मै डर गयी। उससे कहने लगी मेरी नाजुक सी चूत को थोड़ा आराम आराम से चोदो। बड़ी नाजुक है फट जायेगी। उसने मेरी एक न सुनी और अपने जोश में ही मस्त। मेरी चूत को फाड़ता रहा। मेरी चूत अब अपना पानी धीरे धीरे छोड़ रही थी। उससे मेरी चूत गीली हो गई। उसका लंड भी भीग गया। उसका गर्म गर्म लंड मेरी चूत की दर्द की सिकाई कर रहा था। उसका पूरा लंड मेरी चोट में समा जाता। वो मेरी दोनों टांगो को उठाकर गपा गप मेरी चूत में अपना लंड डाल रहा था।
मेरा दर्द अब कुछ कम होने लगा। अब मुझे अपनी चुदाई का पूरा मजा आ रहा था। वो मुझे कसकर चोद रहा था। अब मुझे दर्द में भी मजा आने लगा। मेरी चूत भी अब इसके लंड को पूरा अंदर तक ले रही थी। उसका लेंड बिना कुछ समय लगाये मेरी चूत को लगातार फाड़ता जा रहा था। मै भी अब अपनी चूत को घुमाने लगी। और मै बहुत गर्म हो गई। मुझे बहुत मजा आ रहा था।“हूँउउउ हूँउउउ हूँउउउ —-ऊँ—ऊँ—ऊँ सी सी सी सी— चोदो चोदो—- आज मेरी चूत फाड़ फाड़कर इसका भरता बना डालो जाननननन—-”। अब वो मुझे और जोर जोर से चोदने लगा। मकान मालिक- चोदता हूँ आज तुझे खूब चोदूँगा। आज के बाद तू अपनी चूत मुझी से चुदवायेगी। तू अब और किसी से चुदवाने का नाम नहीं लगी। स्पीड बढ़ाते हुए ले खा साली रंडी मेरा लंड। तुझे बहुत कमर मटकाने का शौक है। तुझे कितने दिन से चोदना चाहता था। आज तुझे चोदने की इच्छा पूरी हुई। चोदो और चोदो मै भी तुझसे चुदवाने को परेशान थी। फाड़ डालो मेरी चूत। “ हूँउउउ हूँउउउ हूँउउउ —-ऊँ—ऊँ—ऊँ सी सी सी सी— हा हा हा– ओ हो हो—-”। अब वो मुझे स्पीड में चोदने लगा। उसकी रफ़्तार ने तो मेरी चूत की हालत खराब कर दी। मै बहुत जोर जोर से चिल्ला रही थी। तो उसने अपना होठ मेरी होंठ पर रख के चूसने लगा। इंडियन सेक्स कहानी डॉट कॉम

उसने उठकर मेरी कमर पकड़ी। मुझे घोड़ी बना दिया। कहने लगा आज तुझे घोड़ी बना के चोदूँगा। रंडी साली अब देख चुदाई क्या होती है। इतना कहकर वो अपना लंड मेरी चूत में डालकर चोदने लगा। मेरी कमर पकड़ कर धक्के मारने लगा। मै भी उछल उछल के चुदवाने लगी। वो मुझे गालियां दे दे कर चोद रहा था। वो कह रहा था। आज तू मिल गई चोदने को नहीं तो मेरे लंड को आज भूखा सोना पड़ता। आज मैं तुम्हारी गांड भी मारूंगा। इतना कहकर अपना लैंड मेरी गांड में डालने लगा। मैंने कहा मेरी गांड ना मारना। बहुत दर्द करता है। वो मेरी गांड में जबरदस्ती अपना लंड घुसाने लगा। जबरदस्ती अपना लंड घुसा के मेरी गांड फाड़ दी। मुझे बहुत दर्द हो रहा था। मैं रोने लगी। लेकिन उसने स्पीड बढ़ा के जोर जोर से गांड मारने लगा। कुछ देर गांड मारने के बाद। वो मेरी गांड में ही झड़ गया। उस रात कई बार मेरी चुदाई की। अब वो मुझसे किराया नहीं लेता है। मैं रोज रात को उसके साथ सोती हूँ। हमे वो रोज चोदता है। मैं भी खूब मजे लेती हूँ। अब मुझे उसके लंड से रोज खेलने का मौका मिलता है। मुझे बहुत मजा आता है। इंडियन सेक्स कहानी डॉट कॉम
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